आज का शुभ मुहूर्त, Rustavi, केवोमो कार्टली, जॉर्जिया गुरु 5 नवंबर: 12:22 से 9 शुभ समय
आज सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC+4 में
आज का शुभ मुहूर्त, गुरु 5 नवंबर
- सूर्योदय 07:36 से
- 07:36–08:53शुभ चौघड़ियायमगण्ड में
- 12:22–13:03अभिजीत मुहूर्त
- 12:43–14:00लाभ चौघड़िया
- 14:00–15:16अमृत चौघड़ियाराहु काल में
- 16:33–17:50शुभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 17:50 के बाद
- 17:50–19:33अमृत चौघड़िया
-
19:06–20:44अमृत कालउत्तराफाल्गुनी में
- 00:43–02:27 शुक्रलाभ चौघड़िया
- 04:10–05:54 शुक्रशुभ चौघड़िया
- 05:54–07:37 शुक्रअमृत चौघड़िया
- 05:47–06:42 शुक्रअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
कल का शुभ मुहूर्त, शुक्र 6 नवंबर
- सूर्योदय से पहले, शुक्र 6 नवंबर
- 05:47–06:42ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 07:37 से
- 08:54–10:10लाभ चौघड़ियागुलिक काल में
- 10:20–11:26अमृत चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 12:43–13:03अभिजीत मुहूर्तराहु काल छोड़कर
- 12:43–13:03शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 13:44–13:59शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- सूर्यास्त 17:49 के बाद
-
21:01–22:40अमृत कालहस्त में
- 21:16–23:00लाभ चौघड़िया
- 00:43–02:27 शनिशुभ चौघड़िया
- 02:27–04:11 शनिअमृत चौघड़िया
- 05:48–06:43 शनिअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
आज के शुभ समय कहाँ से आते हैं?
समय ऊपर से नीचे, सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक। भरा: शुभ समय। कटा: वह शुभ समय जिसे कोई काल ढक लेता है।
आज के शुभ समय के स्रोत
दिन का चौघड़िया
यहाँ दिन, 07:36 से 17:50, 1 घं 16 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
रात का चौघड़िया
यहाँ रात, 17:50 से 07:37 शुक्र, 1 घं 43 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
ब्रह्म मुहूर्त
गुरु 5 नवंबर की रात सूर्यास्त 17:50 गुरु से सूर्योदय 07:37 तक थी, 13 घं 47 मि। इसे 55 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
अभिजीत मुहूर्त
यहाँ दिन, 07:36 से 17:50, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 40 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। गुरुवार को दुर्मुहूर्त छठा और बारहवाँ है, 11:01–11:41 और 15:06–15:47।
अमृत काल
उत्तराफाल्गुनी 02:00 से 02:26 शुक्र तक है, 24 घं 26 मि। इसे 60 घटियों में बाँटने पर अमृत काल 42 घटी बाद शुरू होकर 4 घटी चलता है: 19:06–20:44।