आज का शुभ मुहूर्त, बुकावु, दक्षिण कीवू प्रान्त, कांगो (डीआरसी) गुरु 5 नवंबर: 11:23 से 9 शुभ समय
आज सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय CAT में
आज का शुभ मुहूर्त, गुरु 5 नवंबर
- सूर्योदय 05:42 से
- 05:42–07:13शुभ चौघड़ियायमगण्ड में
- 11:23–12:12अभिजीत मुहूर्त
- 11:48–13:19लाभ चौघड़िया
- 13:19–14:51अमृत चौघड़ियाराहु काल में
- 16:23–17:54शुभ चौघड़िया
-
17:06–18:44अमृत कालउत्तराफाल्गुनी में
- सूर्यास्त 17:54 के बाद
- 17:54–19:23अमृत चौघड़िया
- 23:48–01:16 शुक्रलाभ चौघड़िया
- 02:45–04:13 शुक्रशुभ चौघड़िया
- 04:13–05:42 शुक्रअमृत चौघड़िया
- 04:07–04:54 शुक्रअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
कल का शुभ मुहूर्त, शुक्र 6 नवंबर
- सूर्योदय से पहले, शुक्र 6 नवंबर
- 04:07–04:54ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 05:42 से
- 07:13–08:45लाभ चौघड़ियागुलिक काल में
- 08:57–10:16अमृत चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 11:48–12:12अभिजीत मुहूर्तराहु काल छोड़कर
- 11:48–12:12शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 13:01–13:20शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- सूर्यास्त 17:54 के बाद
-
19:01–20:40अमृत कालहस्त में
- 20:51–22:20लाभ चौघड़िया
- 23:48–01:16 शनिशुभ चौघड़िया
- 01:16–02:45 शनिअमृत चौघड़िया
- 04:07–04:54 शनिअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
आज के शुभ समय कहाँ से आते हैं?
समय ऊपर से नीचे, सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक। भरा: शुभ समय। कटा: वह शुभ समय जिसे कोई काल ढक लेता है।
आज के शुभ समय के स्रोत
दिन का चौघड़िया
यहाँ दिन, 05:42 से 17:54, 1 घं 31 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
रात का चौघड़िया
यहाँ रात, 17:54 से 05:42 शुक्र, 1 घं 28 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
ब्रह्म मुहूर्त
गुरु 5 नवंबर की रात सूर्यास्त 17:54 गुरु से सूर्योदय 05:42 तक थी, 11 घं 48 मि। इसे 47 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
अभिजीत मुहूर्त
यहाँ दिन, 05:42 से 17:54, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 48 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। गुरुवार को दुर्मुहूर्त छठा और बारहवाँ है, 09:46–10:35 और 14:39–15:28।
अमृत काल
उत्तराफाल्गुनी 00:00 से 00:26 शुक्र तक है, 24 घं 26 मि। इसे 60 घटियों में बाँटने पर अमृत काल 42 घटी बाद शुरू होकर 4 घटी चलता है: 17:06–18:44।