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वापी, गुजरात का पंचांग शुक्र 5 जुलाई 2024

गुजरात, भारत

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय IST में

अमावस्या

कृष्ण पक्ष · 04:27 शनि तक

फिर प्रतिपदा · 04:26 रवि तक

व्रत

अमावस्या

अमावस्या शुक्र 5 जुलाई को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है। शुक्र 5 जुलाई क्यों?

अमावस्या: वापी में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:37 06:03 19:22अगला सूर्योदय 06:03 शनि

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 06:03–07:43चरसामान्य
  • 07:43–09:23लाभगुलिक काल में
  • 09:23–11:03अमृतशुभ
  • 11:03–12:43कालअशुभ
  • 12:43–14:22शुभ
  • 14:22–16:02रोगअशुभ
  • 16:02–17:42उद्वेगअशुभ
  • 17:42–19:22चरसामान्य

रात का चौघड़िया

  • 19:22–20:42रोगअशुभ
  • 20:42–22:03कालअशुभ
  • 22:03–23:23लाभशुभ
  • 23:23–00:43 शनिउद्वेगअशुभ
  • 00:43–02:03 शनिशुभ
  • 02:03–03:23 शनिअमृतशुभ
  • 03:23–04:43 शनिचरसामान्य
  • 04:43–06:03 शनिरोगअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, शुक्र 5 जुलाई: ब्रह्म मुहूर्त, 04:37–05:20, शुभ
  • चर, सामान्य, 06:03–07:43
  • लाभ, शुभ, 07:43–09:23
  • अमृत, शुभ, 09:23–11:03
  • काल, अशुभ, 11:03–12:43
  • शुभ, 12:43–14:22
  • रोग, अशुभ, 14:22–16:02
  • उद्वेग, अशुभ, 16:02–17:42
  • चर, सामान्य, 17:42–19:22
  • रोग, अशुभ, 19:22–20:42
  • काल, अशुभ, 20:42–22:03
  • लाभ, शुभ, 22:03–23:23
  • उद्वेग, अशुभ, 23:23–00:43 शनि
  • शुभ, 00:43–02:03 शनि
  • अमृत, शुभ, 02:03–03:23 शनि
  • चर, सामान्य, 03:23–04:43 शनि
  • रोग, अशुभ, 04:43–06:03 शनि
  • गुलिक काल, 07:43–09:23, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 08:43–09:36, अशुभ
  • राहु काल, 11:03–12:43, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 12:16–13:09, शुभ
  • दुर्मुहूर्त, 13:09–14:02, अशुभ
  • यमगण्ड, 16:02–17:42, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:38–05:20 शनि

हर मान कैसे निकलता है

वापी में अमावस्या शुक्र 5 जुलाई को क्यों है?

अमावस्या शुक्र 5 जुलाई को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है।

चतुर्दशी अमावस्या 04:58 04:00 06:00 07:00 08:00 शुक्र 5 जुलाई स्मार्त · वैष्णव सूर्योदय 06:03
चतुर्दशी अमावस्या 04:58 04:00 06:00 07:00 08:00 शुक्र 5 जुलाई स्मार्त · वैष्णव सूर्योदय 06:03
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (IST)। पट्टी: तिथि। रेखा: सूर्योदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

अमावस्या सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। अमावस्या शुक्र 5 जुलाई को 04:58 से शनि 6 जुलाई को 04:27 तक है, इसलिए वह केवल शुक्र 5 जुलाई के सूर्योदय (06:03) पर है। अमावस्या का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।

अमावस्या: वापी में हर तारीख़

शुक्र 5 जुलाई को कौन सी तिथि है? कृष्ण अमावस्या

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 348.6° आगे था: कृष्ण अमावस्या।

सूर्य अमावस्या 0° 348.6° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल अमावस्या 348°–360° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 348.6° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल अमावस्या 348°–360° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 348°–360° तीसवीं है, कृष्ण अमावस्या। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:03। चतुर्दशी उससे पहले 04:58 पर समाप्त हुई। अमावस्या 04:27 शनि को समाप्त होगी, जब बढ़त 360° होगी। बढ़त 22 जून की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

शुक्र 5 जुलाई को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:37–05:20

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:37–05:20।

सूर्यास्त 19:22 गुरु सूर्योदय 06:03 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं गुरु 4 जुलाई का दिन 14 1
सूर्यास्त 19:22 गुरु सूर्योदय 06:03 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं गुरु 4 जुलाई का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · गुरुवार का दिन धुँधला

गुरु 4 जुलाई की रात सूर्यास्त 19:22 गुरु से सूर्योदय 06:03 तक थी, 10 घं 41 मि। इसे 42 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

शुक्र 5 जुलाई को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:16–13:09

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:16–13:09।

शुक्र 5 जुलाई को दुर्मुहूर्त कब है? 08:43–09:36

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा और नौवाँ है: 08:43–09:36 और 13:09–14:02।

शुक्र 5 जुलाई को दुर्मुहूर्त कब है? 13:09–14:02

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा और नौवाँ है: 08:43–09:36 और 13:09–14:02।

सूर्योदय 06:03 सूर्यास्त 19:22 सूर्योदय 06:03 शनि समय, ऊँचाई नहीं 8 4 9 1
सूर्योदय 06:03 सूर्यास्त 19:22 सूर्योदय 06:03 शनि समय, ऊँचाई नहीं 8 4 9 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 4, 9

यहाँ दिन, 06:03 से 19:22, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 53 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शुक्रवार को दुर्मुहूर्त चौथा और नौवाँ है, 08:43–09:36 और 13:09–14:02।

शुक्र 5 जुलाई का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

06:03–07:43 चर है, जिसके स्वामी शुक्र हैं, शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, सामान्य माना जाता है।

सूर्योदय 06:03 सूर्यास्त 19:22 सूर्योदय 06:03 शनि समय, ऊँचाई नहीं चर
सूर्योदय 06:03 सूर्यास्त 19:22 सूर्योदय 06:03 शनि समय, ऊँचाई नहीं चर
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:03 से 19:22, 1 घं 39 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 19:22 से 06:03 शनि, 1 घं 20 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

शुक्र 5 जुलाई को राहुकाल कब है? 11:03–12:43

राहु काल शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 11:03–12:43।

शुक्र 5 जुलाई को यमगंड कब है? 16:02–17:42

यमगण्ड शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 16:02–17:42।

शुक्र 5 जुलाई को गुलिक काल कब है? 07:43–09:23

गुलिक काल शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:43–09:23।

सूर्योदय 06:03 सूर्यास्त 19:22 सूर्योदय 06:03 शनि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 06:03 सूर्यास्त 19:22 सूर्योदय 06:03 शनि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: गुलिक काल 2, यमगण्ड 7

यहाँ दिन 06:03 से 19:22 तक है, 13 घं 19 मि। इसे 1 घं 39 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शुक्रवार को राहु काल चौथा भाग है, यमगण्ड सातवाँ और गुलिक काल दूसरा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

शुक्र 5 जुलाई को सूर्योदय कितने बजे है? 06:03

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:03, सूर्यास्त 19:22, 13 घं 19 मि का दिन।

शुक्र 5 जुलाई को सूर्यास्त कितने बजे है? 19:22

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:03, सूर्यास्त 19:22, 13 घं 19 मि का दिन।

सूर्योदय 06:03 सूर्यास्त 19:22 सूर्योदय 06:03 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 19:09
सूर्योदय 06:03 सूर्यास्त 19:22 सूर्योदय 06:03 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 19:09
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 19 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 41 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 19 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 41 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

शुक्र 5 जुलाई को कौन सा नक्षत्र है? आर्द्रा

सूर्योदय पर चंद्रमा 67.9° पर था: आर्द्रा, पद 1।

चंद्रमा सूर्य 0° आर्द्रा चंद्रमा 67.9° अगला: पुनर्वसु पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° आर्द्रा चंद्रमा 67.9° अगला: पुनर्वसु पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। आर्द्रा 66°40′–80°00′ तक है; चंद्रमा 66°40′ पर उसके पद 1 में आया। वह 04:06 शनि को निकलेगा, पुनर्वसु में।

शुक्र 5 जुलाई को कौन सा योग है? ध्रुव

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 147.2° थे: ध्रुव।

सूर्य 79.3° + चंद्रमा 67.9° = 147.2° ध्रुव 146°40′–160°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 79.3° + चंद्रमा 67.9° = 147.2° ध्रुव 146°40′–160°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 79.3° + 67.9° = 147.2°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 146°40′–160°00′ बारहवाँ है, ध्रुव। यह 03:48 शनि को समाप्त होता है, फिर व्याघात।

शुक्र 5 जुलाई को कौन सा करण है? चतुष्पाद

सूर्योदय पर बढ़त 348.6° थी: अमावस्या का पहला आधा, चतुष्पाद।

सूर्य अमावस्या 0° 348.6° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल अमावस्या 348°–360° चतुष्पाद 348°–354° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 348.6° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल अमावस्या 348°–360° चतुष्पाद 348°–354° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए अमावस्या का पहला आधा चतुष्पाद है और दूसरा नाग। चतुष्पाद 16:39 तक है, जब बढ़त 354° होगी; नाग 04:27 शनि तक।

शुक्र 5 जुलाई को कौन सा वार है, और कब से? शुक्रवार

यह दिन शुक्रवार को सूर्योदय, 06:03, पर शुरू हुआ: शुक्रवार।

शुक्रवार सूर्योदय 06:03 सूर्यास्त 19:22 सूर्योदय 06:03 शनि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शनि अब भी शुक्रवार
शुक्रवार सूर्योदय 06:03 सूर्यास्त 19:22 सूर्योदय 06:03 शनि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शनि अब भी शुक्रवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:03 से 06:03 शनि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शुक्रवार के हैं।

शुक्र 5 जुलाई को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? ज्येष्ठ

यह मास 6 जून की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य वृषभ में था: ज्येष्ठ।

1 वृषभ 4 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी मिथुन
1 वृषभ 4 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी मिथुन
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: वृषभ से ज्येष्ठ। सूर्य 15 जून को, मास के भीतर, मिथुन में जाता है। अगली अमावस्या, 6 जुलाई, उसे मिथुन में पाती है और आषाढ़ शुरू करती है।

शुक्र 5 जुलाई को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? आषाढ़

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष आषाढ़ का है।

अमान्त पूर्णिमान्त आषाढ़ ज्येष्ठ कृष्ण शुक्ल शुक्र 5 जुलाई अमावस्या 6 जून पूर्णिमा 22 जून अमावस्या 6 जुल॰ पूर्णिमा 21 जुल॰
अमान्त पूर्णिमान्त आषाढ़ ज्येष्ठ कृष्ण शुक्ल शुक्र 5 जुलाई अमावस्या 6 जून पूर्णिमा 22 जून अमावस्या 6 जुल॰ पूर्णिमा 21 जुल॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 6 जुलाई की अमावस्या, सूर्य मिथुन में, आषाढ़ शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ आषाढ़ है, और अमान्त गणना में ज्येष्ठ।

शुक्र 5 जुलाई को कौन सा संवत है? विक्रम 2081 · शक 1946

विक्रम संवत 2081 8 अप्रैल 2024 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 8 अप्रैल 2024 23:50 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शुक्र 5 जुलाई सूर्य 79.3° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 8 अप्रैल 2024 23:50 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शुक्र 5 जुलाई सूर्य 79.3° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 8 अप्रैल 2024, 23:50 सोम। तब से सूर्य तारों के बीच 84.1° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2081 गिनता है; शक संवत 1946।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

शुक्र 5 जुलाई को चंद्रास्त कितने बजे है? 19:09

चंद्रमा यहाँ 19:09 पर अस्त होता है।

सूर्योदय 06:03 सूर्यास्त 19:22 सूर्योदय 06:03 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 19:09
सूर्योदय 06:03 सूर्यास्त 19:22 सूर्योदय 06:03 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 19:09
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा इस सूर्योदय और अगले के बीच उदय नहीं होता।

चंद्रमा 19:09 पर, दिन में, अस्त होता है और अगले सूर्योदय से पहले उदय नहीं होता।