Thazhecode, केरल का पंचांग बुध 8 नवंबर 2034
केरल, भारत
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय IST में
त्योहार
धनतेरस
धनतेरस बुध 8 नवंबर को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं। बुध 8 नवंबर क्यों?
धनतेरस: Thazhecode में हर तारीख़व्रत
प्रदोष व्रत
प्रदोष व्रत बुध 8 नवंबर को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं। बुध 8 नवंबर क्यों?
प्रदोष व्रत: Thazhecode में हर तारीख़8 नवंबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, बुध 8 नवंबर
- 04:41–05:30ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:19 से
- 06:19–07:47लाभ चौघड़िया
- 07:47–09:14अमृत चौघड़ियायमगण्ड में
-
09:50–10:42अमृत कालगुलिक काल छोड़कर · हस्त में
- 10:42–12:09शुभ चौघड़ियागुलिक काल में
- 16:32–17:59लाभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 17:59 के बाद
- 19:32–21:04शुभ चौघड़िया
- 21:04–22:37अमृत चौघड़िया
- 03:14–04:47 गुरुलाभ चौघड़िया
- 04:41–05:30 गुरुअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:19–07:47लाभशुभ
- 07:47–09:14अमृतयमगण्ड में
- 09:14–10:42कालअशुभ
- 10:42–12:09शुभगुलिक काल में
- 12:09–13:37रोगअशुभ
- 13:37–15:04उद्वेगअशुभ
- 15:04–16:32चरसामान्य
- 16:32–17:59लाभशुभ
रात का चौघड़िया
- 17:59–19:32उद्वेगअशुभ
- 19:32–21:04शुभ
- 21:04–22:37अमृतशुभ
- 22:37–00:09 गुरुचरसामान्य
- 00:09–01:42 गुरुरोगअशुभ
- 01:42–03:14 गुरुकालअशुभ
- 03:14–04:47 गुरुलाभशुभ
- 04:47–06:20 गुरुउद्वेगअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, बुध 8 नवंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 04:41–05:30, शुभ
- लाभ, शुभ, 06:19–07:47
- अमृत, शुभ, 07:47–09:14
- काल, अशुभ, 09:14–10:42
- शुभ, 10:42–12:09
- रोग, अशुभ, 12:09–13:37
- उद्वेग, अशुभ, 13:37–15:04
- चर, सामान्य, 15:04–16:32
- लाभ, शुभ, 16:32–17:59
- उद्वेग, अशुभ, 17:59–19:32
- शुभ, 19:32–21:04
- अमृत, शुभ, 21:04–22:37
- चर, सामान्य, 22:37–00:09 गुरु
- रोग, अशुभ, 00:09–01:42 गुरु
- काल, अशुभ, 01:42–03:14 गुरु
- लाभ, शुभ, 03:14–04:47 गुरु
- उद्वेग, अशुभ, 04:47–06:20 गुरु
- यमगण्ड, 07:47–09:14, अशुभ
- गुलिक काल, 10:42–12:09, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 11:46–12:32, अशुभ
- राहु काल, 12:09–13:37, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:41–05:30 गुरु
हर मान कैसे निकलता है
Thazhecode में धनतेरस बुध 8 नवंबर को क्यों है?
धनतेरस बुध 8 नवंबर को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं।
धनतेरस की पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। त्रयोदशी बुध 8 नवंबर को 00:03 से गुरु 9 नवंबर को 02:04 तक है, इसलिए केवल बुधवार का प्रदोष काल (17:59–20:27) उसके भीतर है। धनतेरस का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रदोष काल Tithika की परिपाटी है।
धनतेरस पूजा मुहूर्त: प्रदोष काल, 17:59–20:27। इसमें स्थिर लग्न वृषभ पूर्व में 18:27 से 20:27 तक उदित रहता है।
Thazhecode में प्रदोष व्रत बुध 8 नवंबर को क्यों है?
प्रदोष व्रत बुध 8 नवंबर को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं।
प्रदोष की शिव पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। त्रयोदशी बुध 8 नवंबर को 00:03 से गुरु 9 नवंबर को 02:04 तक है, इसलिए केवल बुधवार का प्रदोष काल (17:59–20:27) उसके भीतर है। प्रदोष व्रत का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रदोष काल Tithika की परिपाटी है।
बुध 8 नवंबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण त्रयोदशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 326.9° आगे था: कृष्ण त्रयोदशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 324°–336° अट्ठाईसवीं है, कृष्ण त्रयोदशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:19। द्वादशी उससे पहले 00:03 पर समाप्त हुई। त्रयोदशी 02:04 गुरु को समाप्त होगी, जब बढ़त 336° होगी। बढ़त 27 अक्टूबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
बुध 8 नवंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:41–05:30
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:41–05:30।
मंगल 7 नवंबर की रात सूर्यास्त 17:59 मंगल से सूर्योदय 06:19 तक थी, 12 घं 20 मि। इसे 49 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
बुध 8 नवंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 11:46–12:32
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है: 11:46–12:32।
यहाँ दिन, 06:19 से 17:59, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 46 मि का। बुधवार को दुर्मुहूर्त आठवाँ है, 11:46–12:32: वह आठवाँ, बीच वाला, मुहूर्त लेता है, इसलिए बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं होता।
बुध 8 नवंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:19–07:47 लाभ है, जिसके स्वामी बुध हैं, बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:19 से 17:59, 1 घं 27 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 17:59 से 06:20 गुरु, 1 घं 32 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
बुध 8 नवंबर को राहुकाल कब है? 12:09–13:37
राहु काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:09–13:37।
बुध 8 नवंबर को यमगंड कब है? 07:47–09:14
यमगण्ड बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:47–09:14।
बुध 8 नवंबर को गुलिक काल कब है? 10:42–12:09
गुलिक काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:42–12:09।
यहाँ दिन 06:19 से 17:59 तक है, 11 घं 40 मि। इसे 1 घं 27 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: बुधवार को राहु काल पाँचवाँ भाग है, यमगण्ड दूसरा और गुलिक काल चौथा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
बुध 8 नवंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 06:19
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:19, सूर्यास्त 17:59, 11 घं 40 मि का दिन।
बुध 8 नवंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:59
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:19, सूर्यास्त 17:59, 11 घं 40 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 40 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 21 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 40 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 21 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
बुध 8 नवंबर को कौन सा नक्षत्र है? हस्त
सूर्योदय पर चंद्रमा 168.2° पर था: हस्त, पद 3।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। हस्त 160°00′–173°20′ तक है; चंद्रमा 166°40′ पर उसके पद 3 में आया। वह 16:26 को निकलेगा, चित्रा में।
बुध 8 नवंबर को कौन सा योग है? विष्कम्भ
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 369.5° थे, एक चक्कर और 9.5°: विष्कम्भ।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 201.3° + 168.2° = 369.5°, एक पूरा चक्कर और 9.5°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 0°00′–13°20′ पहला है, विष्कम्भ। यह 13:12 को समाप्त होता है, फिर प्रीति।
बुध 8 नवंबर को कौन सा करण है? गर
सूर्योदय पर बढ़त 326.9° थी: त्रयोदशी का पहला आधा, गर।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए त्रयोदशी का पहला आधा गर है और दूसरा वणिज। गर 13:02 तक है, जब बढ़त 330° होगी; वणिज 02:04 गुरु तक।
बुध 8 नवंबर को कौन सा वार है, और कब से? बुधवार
यह दिन बुधवार को सूर्योदय, 06:19, पर शुरू हुआ: बुधवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:19 से 06:20 गुरु तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी बुधवार के हैं।
बुध 8 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? आश्विन
यह मास 12 अक्टूबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कन्या में था: आश्विन।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कन्या से आश्विन। सूर्य 17 अक्टूबर को, मास के भीतर, तुला में जाता है। अगली अमावस्या, 11 नवंबर, उसे तुला में पाती है और कार्तिक शुरू करती है।
बुध 8 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? कार्तिक
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष कार्तिक का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 11 नवंबर की अमावस्या, सूर्य तुला में, कार्तिक शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ कार्तिक है, और अमान्त गणना में आश्विन।
बुध 8 नवंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2091 · शक 1956
विक्रम संवत 2091 20 मार्च 2034 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 20 मार्च 2034, 15:44 सोम। तब से सूर्य तारों के बीच 225.8° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2091 गिनता है; शक संवत 1956।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
बुध 8 नवंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 04:51 गुरु
चंद्रमा यहाँ 04:51 गुरु पर उदय होता है।
बुध 8 नवंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 16:19
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 16:19 पर अस्त हुआ; वह फिर 04:51 गुरु पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 16:19 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 04:51 गुरु पर उदय होगा।