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Thazhecode, केरल का पंचांग मंगल 16 अगस्त 2033

केरल, भारत

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय IST में

सप्तमी

कृष्ण पक्ष · 04:06 बुध तक

फिर अष्टमी · 02:26 गुरु तक

नई दिल्ली से अलग तिथि कारण जानें

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:43 06:15 18:44अगला सूर्योदय 06:15 बुध

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 06:15–07:49रोगअशुभ
  • 07:49–09:22उद्वेगअशुभ
  • 09:22–10:56चरसामान्य
  • 10:56–12:30लाभशुभ
  • 12:30–14:03अमृतगुलिक काल में
  • 14:03–15:37कालअशुभ
  • 15:37–17:11शुभराहु काल में
  • 17:11–18:44रोगअशुभ

रात का चौघड़िया

  • 18:44–20:11कालअशुभ
  • 20:11–21:37लाभशुभ
  • 21:37–23:03उद्वेगअशुभ
  • 23:03–00:30 बुधशुभ
  • 00:30–01:56 बुधअमृतशुभ
  • 01:56–03:23 बुधचरसामान्य
  • 03:23–04:49 बुधरोगअशुभ
  • 04:49–06:15 बुधकालअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, मंगल 16 अगस्त: ब्रह्म मुहूर्त, 04:43–05:29, शुभ
  • रोग, अशुभ, 06:15–07:49
  • उद्वेग, अशुभ, 07:49–09:22
  • चर, सामान्य, 09:22–10:56
  • लाभ, शुभ, 10:56–12:30
  • अमृत, शुभ, 12:30–14:03
  • काल, अशुभ, 14:03–15:37
  • शुभ, 15:37–17:11
  • रोग, अशुभ, 17:11–18:44
  • काल, अशुभ, 18:44–20:11
  • लाभ, शुभ, 20:11–21:37
  • उद्वेग, अशुभ, 21:37–23:03
  • शुभ, 23:03–00:30 बुध
  • अमृत, शुभ, 00:30–01:56 बुध
  • चर, सामान्य, 01:56–03:23 बुध
  • रोग, अशुभ, 03:23–04:49 बुध
  • काल, अशुभ, 04:49–06:15 बुध
  • दुर्मुहूर्त, 08:45–09:35, अशुभ
  • यमगण्ड, 09:22–10:56, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 12:05–12:55, शुभ
  • गुलिक काल, 12:30–14:03, अशुभ
  • राहु काल, 15:37–17:11, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 23:21–00:07 बुध, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:43–05:29 बुध

हर मान कैसे निकलता है

मंगल 16 अगस्त को कौन सी तिथि है? कृष्ण सप्तमी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 252° आगे था: कृष्ण सप्तमी।

सूर्य अमावस्या 0° 252.0° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल सप्तमी 252°–264° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 252.0° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल सप्तमी 252°–264° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 252°–264° बाईसवीं है, कृष्ण सप्तमी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:15। षष्ठी उससे पहले 06:10 पर समाप्त हुई। सप्तमी 04:06 बुध को समाप्त होगी, जब बढ़त 264° होगी। बढ़त 10 अगस्त की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

नई दिल्ली में षष्ठी क्यों है?

नई दिल्ली में षष्ठी है, Thazhecode में सप्तमी।

षष्ठी सप्तमी सप्तमी अष्टमी मंगल 16 अगस्त सुबह बुध 17 अगस्त सुबह नई दिल्ली IST Thazhecode IST 06:10 06:10 04:06 04:06 05:51 षष्ठी 05:51 अष्टमी 06:15 सप्तमी 06:15 अष्टमी
षष्ठी सप्तमी सप्तमी अष्टमी मंगल 16 अगस्त सुबह बुध 17 अगस्त सुबह नई दिल्ली IST Thazhecode IST 06:10 06:10 04:06 04:06 05:51 षष्ठी 05:51 अष्टमी 06:15 सप्तमी 06:15 अष्टमी
समय नीचे की ओर, दोनों स्तंभों में एक ही क्षण · हर स्थान अपनी घड़ी में · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।

नई दिल्ली · IST

यहाँ सूर्योदय, 05:51, षष्ठी की समाप्ति 06:10 से पहले हुआ: यह दिन षष्ठी है। सप्तमी अगले सूर्योदय से पहले, 04:06 बुध को, समाप्त होती है, इसलिए यहाँ कोई दिन सप्तमी नहीं होता: वह क्षय है।

Thazhecode · IST

यहाँ सूर्योदय, 06:15, षष्ठी की समाप्ति 06:10 के बाद हुआ: यह दिन सप्तमी है।

मंगल 16 अगस्त को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:43–05:29

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:43–05:29।

सूर्यास्त 18:45 सोम सूर्योदय 06:15 मंगल समय, ऊँचाई नहीं सोम 15 अगस्त का दिन 14 1
सूर्यास्त 18:45 सोम सूर्योदय 06:15 मंगल समय, ऊँचाई नहीं सोम 15 अगस्त का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · सोमवार का दिन धुँधला

सोम 15 अगस्त की रात सूर्यास्त 18:45 सोम से सूर्योदय 06:15 तक थी, 11 घं 30 मि। इसे 46 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

मंगल 16 अगस्त को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:05–12:55

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:05–12:55।

मंगल 16 अगस्त को दुर्मुहूर्त कब है? 08:45–09:35

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:45–09:35, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:21–00:07 बुध।

मंगल 16 अगस्त को दुर्मुहूर्त कब है? 23:21–00:07 बुध

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:45–09:35, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:21–00:07 बुध।

सूर्योदय 06:15 सूर्यास्त 18:44 सूर्योदय 06:15 बुध समय, ऊँचाई नहीं 8 4 7 1 1
सूर्योदय 06:15 सूर्यास्त 18:44 सूर्योदय 06:15 बुध समय, ऊँचाई नहीं 8 4 7 1 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 4, 7

यहाँ दिन, 06:15 से 18:44, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 49 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 08:45–09:35 और 23:21–00:07 बुध।

मंगल 16 अगस्त का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

06:15–07:49 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।

सूर्योदय 06:15 सूर्यास्त 18:44 सूर्योदय 06:15 बुध समय, ऊँचाई नहीं रोग
सूर्योदय 06:15 सूर्यास्त 18:44 सूर्योदय 06:15 बुध समय, ऊँचाई नहीं रोग
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:15 से 18:44, 1 घं 33 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 18:44 से 06:15 बुध, 1 घं 26 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

मंगल 16 अगस्त को राहुकाल कब है? 15:37–17:11

राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:37–17:11।

मंगल 16 अगस्त को यमगंड कब है? 09:22–10:56

यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:22–10:56।

मंगल 16 अगस्त को गुलिक काल कब है? 12:30–14:03

गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:30–14:03।

सूर्योदय 06:15 सूर्यास्त 18:44 सूर्योदय 06:15 बुध समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 06:15 सूर्यास्त 18:44 सूर्योदय 06:15 बुध समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 3, गुलिक काल 5

यहाँ दिन 06:15 से 18:44 तक है, 12 घं 29 मि। इसे 1 घं 33 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।

सूर्योदय और सूर्यास्त

मंगल 16 अगस्त को सूर्योदय कितने बजे है? 06:15

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:15, सूर्यास्त 18:44, 12 घं 29 मि का दिन।

मंगल 16 अगस्त को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:44

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:15, सूर्यास्त 18:44, 12 घं 29 मि का दिन।

सूर्योदय 06:15 सूर्यास्त 18:44 सूर्योदय 06:15 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 11:23 चंद्रोदय 23:29
सूर्योदय 06:15 सूर्यास्त 18:44 सूर्योदय 06:15 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 11:23 चंद्रोदय 23:29
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 29 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 31 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 29 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 31 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

मंगल 16 अगस्त को कौन सा नक्षत्र है? अश्विनी

सूर्योदय पर चंद्रमा 11.2° पर था: अश्विनी, पद 4।

चंद्रमा सूर्य 0° अश्विनी चंद्रमा 11.2° अगला: भरणी पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° अश्विनी चंद्रमा 11.2° अगला: भरणी पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। अश्विनी 0°00′–13°20′ तक है; चंद्रमा 10° पर उसके पद 4 में आया। वह 09:50 को निकलेगा, भरणी में।

मंगल 16 अगस्त को कौन सा योग है? गण्ड

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 130.4° थे: गण्ड।

सूर्य 119.2° + चंद्रमा 11.2° = 130.4° गण्ड 120°00′–133°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 119.2° + चंद्रमा 11.2° = 130.4° गण्ड 120°00′–133°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 119.2° + 11.2° = 130.4°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 120°00′–133°20′ दसवाँ है, गण्ड। यह 10:56 को समाप्त होता है, फिर वृद्धि।

मंगल 16 अगस्त को कौन सा करण है? विष्टि

सूर्योदय पर बढ़त 252° थी: सप्तमी का पहला आधा, विष्टि।

सूर्य अमावस्या 0° 252.0° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल सप्तमी 252°–264° विष्टि 252°–258° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 252.0° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल सप्तमी 252°–264° विष्टि 252°–258° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए सप्तमी का पहला आधा विष्टि है और दूसरा बव। विष्टि 17:05 तक है, जब बढ़त 258° होगी; बव 04:06 बुध तक।

मंगल 16 अगस्त को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार

यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 06:15, पर शुरू हुआ: मंगलवार।

मंगलवार सूर्योदय 06:15 सूर्यास्त 18:44 सूर्योदय 06:15 बुध समय, ऊँचाई नहीं 00:00 बुध अब भी मंगलवार
मंगलवार सूर्योदय 06:15 सूर्यास्त 18:44 सूर्योदय 06:15 बुध समय, ऊँचाई नहीं 00:00 बुध अब भी मंगलवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:15 से 06:15 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।

मंगल 16 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? श्रावण

यह मास 26 जुलाई की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कर्क में था: श्रावण।

1 2 3 सिंह 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी कर्क
1 2 3 सिंह 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी कर्क
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कर्क से श्रावण। सूर्य 17 अगस्त को, मास के भीतर, सिंह में जाता है। अगली अमावस्या, 25 अगस्त, उसे सिंह में पाती है और भाद्रपद शुरू करती है।

मंगल 16 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? भाद्रपद

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष भाद्रपद का है।

अमान्त भाद्रपद पूर्णिमान्त श्रावण कृष्ण शुक्ल मंगल 16 अगस्त अमावस्या 26 जुल॰ पूर्णिमा 10 अग॰ अमावस्या 25 अग॰ पूर्णिमा 9 सित॰
अमान्त भाद्रपद पूर्णिमान्त श्रावण कृष्ण शुक्ल मंगल 16 अगस्त अमावस्या 26 जुल॰ पूर्णिमा 10 अग॰ अमावस्या 25 अग॰ पूर्णिमा 9 सित॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 25 अगस्त की अमावस्या, सूर्य सिंह में, भाद्रपद शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ भाद्रपद है, और अमान्त गणना में श्रावण।

मंगल 16 अगस्त को कौन सा संवत है? विक्रम 2090 · शक 1955

विक्रम संवत 2090 30 मार्च 2033 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 30 मार्च 2033 23:21 · सूर्य मीन में सूर्योदय, मंगल 16 अगस्त सूर्य 119.2° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 30 मार्च 2033 23:21 · सूर्य मीन में सूर्योदय, मंगल 16 अगस्त सूर्य 119.2° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 30 मार्च 2033, 23:21 बुध। तब से सूर्य तारों के बीच 133.2° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2090 गिनता है; शक संवत 1955।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

मंगल 16 अगस्त को चंद्रोदय कितने बजे है? 23:29

चंद्रमा यहाँ 23:29 पर उदय होता है।

मंगल 16 अगस्त को चंद्रास्त कितने बजे है? 11:23

सूर्योदय 06:15 सूर्यास्त 18:44 सूर्योदय 06:15 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 11:23 चंद्रोदय 23:29
सूर्योदय 06:15 सूर्यास्त 18:44 सूर्योदय 06:15 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 11:23 चंद्रोदय 23:29
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 11:23 पर अस्त हुआ; वह फिर 23:29 पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 11:23 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 23:29 पर उदय होगा।