Thazhecode, केरल का पंचांग मंगल 7 सितंबर 2032
केरल, भारत
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय IST में
शुक्ल पक्ष · 07:08 तक
फिर तृतीया · 09:10 बुध तक
द्वितीया यहाँ दो सूर्योदयों तक है कारण जानें7 सितंबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, मंगल 7 सितंबर
- 04:42–05:28ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:15 से
- 10:51–12:23लाभ चौघड़िया
- 11:59–12:23अभिजीत मुहूर्तगुलिक काल छोड़कर
- 12:23–13:55अमृत चौघड़ियागुलिक काल में
- 15:27–16:59शुभ चौघड़ियाराहु काल में
-
17:45–19:31अमृत कालहस्त में
- सूर्यास्त 18:31 के बाद
- 19:59–21:27लाभ चौघड़िया
- 22:55–23:13शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 00:00–00:23 बुधशुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 00:23–01:51 बुधअमृत चौघड़िया
- 04:41–05:28 बुधअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:15–07:47रोगअशुभ
- 07:47–09:19उद्वेगअशुभ
- 09:19–10:51चरसामान्य
- 10:51–12:23लाभशुभ
- 12:23–13:55अमृतगुलिक काल में
- 13:55–15:27कालअशुभ
- 15:27–16:59शुभराहु काल में
- 16:59–18:31रोगअशुभ
रात का चौघड़िया
- 18:31–19:59कालअशुभ
- 19:59–21:27लाभशुभ
- 21:27–22:55उद्वेगअशुभ
- 22:55–00:23 बुधशुभ
- 00:23–01:51 बुधअमृतशुभ
- 01:51–03:19 बुधचरसामान्य
- 03:19–04:47 बुधरोगअशुभ
- 04:47–06:15 बुधकालअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, मंगल 7 सितंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 04:42–05:28, शुभ
- रोग, अशुभ, 06:15–07:47
- उद्वेग, अशुभ, 07:47–09:19
- चर, सामान्य, 09:19–10:51
- लाभ, शुभ, 10:51–12:23
- अमृत, शुभ, 12:23–13:55
- काल, अशुभ, 13:55–15:27
- शुभ, 15:27–16:59
- रोग, अशुभ, 16:59–18:31
- काल, अशुभ, 18:31–19:59
- लाभ, शुभ, 19:59–21:27
- उद्वेग, अशुभ, 21:27–22:55
- शुभ, 22:55–00:23 बुध
- अमृत, शुभ, 00:23–01:51 बुध
- चर, सामान्य, 01:51–03:19 बुध
- रोग, अशुभ, 03:19–04:47 बुध
- काल, अशुभ, 04:47–06:15 बुध
- दुर्मुहूर्त, 08:43–09:32, अशुभ
- यमगण्ड, 09:19–10:51, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:59–12:48, शुभ
- गुलिक काल, 12:23–13:55, अशुभ
- राहु काल, 15:27–16:59, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 23:13–00:00 बुध, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:41–05:28 बुध
हर मान कैसे निकलता है
मंगल 7 सितंबर को कौन सी तिथि है? शुक्ल द्वितीया
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 23.6° आगे था: शुक्ल द्वितीया।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 12°–24° दूसरी है, शुक्ल द्वितीया। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:15। प्रतिपदा उससे पहले 04:51 सोम पर समाप्त हुई। द्वितीया 07:08 को समाप्त होगी, जब बढ़त 24° होगी। बढ़त 5 सितंबर की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
द्वितीया दो सूर्योदयों पर क्यों है?
द्वितीया यहाँ सोम 6 और मंगल 7 सितंबर दोनों के सूर्योदय पर है।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। द्वितीया 04:51 सोम को, सूर्योदय 06:15 सोम से पहले, शुरू हुई और 07:08 को, अगले सूर्योदय 06:15 के बाद, समाप्त होगी। दोनों दिन द्वितीया है: यह यहाँ वृद्धि तिथि है।
मंगल 7 सितंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:42–05:28
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:42–05:28।
सोम 6 सितंबर की रात सूर्यास्त 18:32 सोम से सूर्योदय 06:15 तक थी, 11 घं 43 मि। इसे 46 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
मंगल 7 सितंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:59–12:48
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:59–12:48।
मंगल 7 सितंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 08:43–09:32
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:43–09:32, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:13–00:00 बुध।
मंगल 7 सितंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 23:13–00:00 बुध
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:43–09:32, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:13–00:00 बुध।
यहाँ दिन, 06:15 से 18:31, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 49 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 08:43–09:32 और 23:13–00:00 बुध।
मंगल 7 सितंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:15–07:47 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:15 से 18:31, 1 घं 32 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:31 से 06:15 बुध, 1 घं 28 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
मंगल 7 सितंबर को राहुकाल कब है? 15:27–16:59
राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:27–16:59।
मंगल 7 सितंबर को यमगंड कब है? 09:19–10:51
यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:19–10:51।
मंगल 7 सितंबर को गुलिक काल कब है? 12:23–13:55
गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:23–13:55।
यहाँ दिन 06:15 से 18:31 तक है, 12 घं 16 मि। इसे 1 घं 32 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।
सूर्योदय और सूर्यास्त
मंगल 7 सितंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 06:15
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:15, सूर्यास्त 18:31, 12 घं 16 मि का दिन।
मंगल 7 सितंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:31
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:15, सूर्यास्त 18:31, 12 घं 16 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 16 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 44 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 16 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 44 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
मंगल 7 सितंबर को कौन सा नक्षत्र है? हस्त
सूर्योदय पर चंद्रमा 164.2° पर था: हस्त, पद 2।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। हस्त 160°00′–173°20′ तक है; चंद्रमा 163°20′ पर उसके पद 2 में आया। वह 00:25 बुध को निकलेगा, चित्रा में।
मंगल 7 सितंबर को कौन सा योग है? शुभ
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 304.8° थे: शुभ।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 140.6° + 164.2° = 304.8°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 293°20′–306°40′ तेईसवाँ है, शुभ। यह 09:32 को समाप्त होता है, फिर शुक्ल।
मंगल 7 सितंबर को कौन सा करण है? कौलव
सूर्योदय पर बढ़त 23.6° थी: द्वितीया का दूसरा आधा, कौलव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए द्वितीया का पहला आधा बालव है और दूसरा कौलव। बालव 18:01 सोम पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 18° हुई; कौलव 07:08 तक है।
मंगल 7 सितंबर को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार
यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 06:15, पर शुरू हुआ: मंगलवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:15 से 06:15 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।
मंगल 7 सितंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? भाद्रपद
यह मास 5 सितंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य सिंह में था: भाद्रपद।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: सिंह से भाद्रपद। सूर्य 16 सितंबर को, मास के भीतर, कन्या में जाता है। अगली अमावस्या, 4 अक्टूबर, उसे कन्या में पाती है और आश्विन शुरू करती है।
मंगल 7 सितंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? भाद्रपद
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष भाद्रपद का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 5 सितंबर की अमावस्या ने, सूर्य सिंह में, भाद्रपद शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में भाद्रपद है।
मंगल 7 सितंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2089 · शक 1954
विक्रम संवत 2089 10 अप्रैल 2032 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 10 अप्रैल 2032, 08:09 शनि। तब से सूर्य तारों के बीच 144.1° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2089 गिनता है; शक संवत 1954।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
मंगल 7 सितंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 07:55
चंद्रमा यहाँ 07:55 पर उदय होता है।
मंगल 7 सितंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 20:05
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 07:55 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 20:05 पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 07:55 पर उदय हुआ; वह फिर 20:05 पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।