Thazhecode, केरल का पंचांग बुध 14 अगस्त 2030
केरल, भारत
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय IST में
14 अगस्त का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, बुध 14 अगस्त
- 04:43–05:29ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:15 से
- 06:15–07:49लाभ चौघड़िया
- 07:49–09:23अमृत चौघड़ियायमगण्ड में
- 10:56–12:30शुभ चौघड़ियागुलिक काल में
- 17:12–18:45लाभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 18:45 के बाद
- 20:12–21:38शुभ चौघड़िया
- 21:38–23:04अमृत चौघड़िया
-
02:12–03:46 गुरुअमृत कालशतभिषा में
- 03:23–04:49 गुरुलाभ चौघड़िया
- 04:43–05:29 गुरुअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:15–07:49लाभशुभ
- 07:49–09:23अमृतयमगण्ड में
- 09:23–10:56कालअशुभ
- 10:56–12:30शुभगुलिक काल में
- 12:30–14:04रोगअशुभ
- 14:04–15:38उद्वेगअशुभ
- 15:38–17:12चरसामान्य
- 17:12–18:45लाभशुभ
रात का चौघड़िया
- 18:45–20:12उद्वेगअशुभ
- 20:12–21:38शुभ
- 21:38–23:04अमृतशुभ
- 23:04–00:30 गुरुचरसामान्य
- 00:30–01:56 गुरुरोगअशुभ
- 01:56–03:23 गुरुकालअशुभ
- 03:23–04:49 गुरुलाभशुभ
- 04:49–06:15 गुरुउद्वेगअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, बुध 14 अगस्त: ब्रह्म मुहूर्त, 04:43–05:29, शुभ
- लाभ, शुभ, 06:15–07:49
- अमृत, शुभ, 07:49–09:23
- काल, अशुभ, 09:23–10:56
- शुभ, 10:56–12:30
- रोग, अशुभ, 12:30–14:04
- उद्वेग, अशुभ, 14:04–15:38
- चर, सामान्य, 15:38–17:12
- लाभ, शुभ, 17:12–18:45
- उद्वेग, अशुभ, 18:45–20:12
- शुभ, 20:12–21:38
- अमृत, शुभ, 21:38–23:04
- चर, सामान्य, 23:04–00:30 गुरु
- रोग, अशुभ, 00:30–01:56 गुरु
- काल, अशुभ, 01:56–03:23 गुरु
- लाभ, शुभ, 03:23–04:49 गुरु
- उद्वेग, अशुभ, 04:49–06:15 गुरु
- यमगण्ड, 07:49–09:23, अशुभ
- गुलिक काल, 10:56–12:30, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 12:05–12:55, अशुभ
- राहु काल, 12:30–14:04, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:43–05:29 गुरु
हर मान कैसे निकलता है
बुध 14 अगस्त को कौन सी तिथि है? कृष्ण प्रतिपदा
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 187.6° आगे था: कृष्ण प्रतिपदा।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 180°–192° सोलहवीं है, कृष्ण प्रतिपदा। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:15। पूर्णिमा उससे पहले 16:14 मंगल पर समाप्त हुई। प्रतिपदा 14:29 को समाप्त होगी, जब बढ़त 192° होगी। बढ़त 13 अगस्त की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
बुध 14 अगस्त को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:43–05:29
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:43–05:29।
मंगल 13 अगस्त की रात सूर्यास्त 18:46 मंगल से सूर्योदय 06:15 तक थी, 11 घं 29 मि। इसे 45 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
बुध 14 अगस्त को दुर्मुहूर्त कब है? 12:05–12:55
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है: 12:05–12:55।
यहाँ दिन, 06:15 से 18:45, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 50 मि का। बुधवार को दुर्मुहूर्त आठवाँ है, 12:05–12:55: वह आठवाँ, बीच वाला, मुहूर्त लेता है, इसलिए बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं होता।
बुध 14 अगस्त का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:15–07:49 लाभ है, जिसके स्वामी बुध हैं, बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:15 से 18:45, 1 घं 33 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:45 से 06:15 गुरु, 1 घं 26 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
बुध 14 अगस्त को राहुकाल कब है? 12:30–14:04
राहु काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:30–14:04।
बुध 14 अगस्त को यमगंड कब है? 07:49–09:23
यमगण्ड बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:49–09:23।
बुध 14 अगस्त को गुलिक काल कब है? 10:56–12:30
गुलिक काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:56–12:30।
यहाँ दिन 06:15 से 18:45 तक है, 12 घं 30 मि। इसे 1 घं 33 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: बुधवार को राहु काल पाँचवाँ भाग है, यमगण्ड दूसरा और गुलिक काल चौथा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
बुध 14 अगस्त को सूर्योदय कितने बजे है? 06:15
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:15, सूर्यास्त 18:45, 12 घं 30 मि का दिन।
बुध 14 अगस्त को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:45
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:15, सूर्यास्त 18:45, 12 घं 30 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 30 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 30 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 30 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 30 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
बुध 14 अगस्त को कौन सा नक्षत्र है? धनिष्ठा
सूर्योदय पर चंद्रमा 304.6° पर था: धनिष्ठा, पद 4।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। धनिष्ठा 293°20′–306°40′ तक है; चंद्रमा 303°20′ पर उसके पद 4 में आया। वह 09:48 को निकलेगा, शतभिषा में।
बुध 14 अगस्त को कौन सा योग है? शोभन
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 421.6° थे, एक चक्कर और 61.6°: शोभन।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 117° + 304.6° = 421.6°, एक पूरा चक्कर और 61.6°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 53°20′–66°40′ पाँचवाँ है, शोभन। यह 14:25 को समाप्त होता है, फिर अतिगण्ड।
बुध 14 अगस्त को कौन सा करण है? कौलव
सूर्योदय पर बढ़त 187.6° थी: प्रतिपदा का दूसरा आधा, कौलव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए प्रतिपदा का पहला आधा बालव है और दूसरा कौलव। बालव 03:18 पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 186° हुई; कौलव 14:29 तक है।
बुध 14 अगस्त को कौन सा वार है, और कब से? बुधवार
यह दिन बुधवार को सूर्योदय, 06:15, पर शुरू हुआ: बुधवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:15 से 06:15 गुरु तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी बुधवार के हैं।
बुध 14 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? श्रावण
यह मास 30 जुलाई की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कर्क में था: श्रावण।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कर्क से श्रावण। सूर्य 17 अगस्त को, मास के भीतर, सिंह में जाता है। अगली अमावस्या, 29 अगस्त, उसे सिंह में पाती है और भाद्रपद शुरू करती है।
बुध 14 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? भाद्रपद
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष भाद्रपद का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 29 अगस्त की अमावस्या, सूर्य सिंह में, भाद्रपद शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ भाद्रपद है, और अमान्त गणना में श्रावण।
बुध 14 अगस्त को कौन सा संवत है? विक्रम 2087 · शक 1952
विक्रम संवत 2087 3 अप्रैल 2030 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 3 अप्रैल 2030, 03:32 बुध। तब से सूर्य तारों के बीच 128.1° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2087 गिनता है; शक संवत 1952।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
बुध 14 अगस्त को चंद्रोदय कितने बजे है? 19:23
चंद्रमा यहाँ 19:23 पर उदय होता है।
बुध 14 अगस्त को चंद्रास्त कितने बजे है? 06:48
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 06:48 पर अस्त हुआ; वह फिर 19:23 पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 06:48 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 19:23 पर उदय होगा।