Thazhecode, केरल का पंचांग बुध 10 अप्रैल 2030
केरल, भारत
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय IST में
10 अप्रैल का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, बुध 10 अप्रैल
- 04:44–05:30ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:17 से
- 06:17–07:50लाभ चौघड़िया
- 07:50–09:22अमृत चौघड़ियायमगण्ड में
- 10:54–12:27शुभ चौघड़ियागुलिक काल में
- 17:04–18:37लाभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 18:37 के बाद
- 20:04–21:32शुभ चौघड़िया
- 21:32–22:59अमृत चौघड़िया
- 03:22–04:49 गुरुलाभ चौघड़िया
- 04:43–05:30 गुरुअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:17–07:50लाभशुभ
- 07:50–09:22अमृतयमगण्ड में
- 09:22–10:54कालअशुभ
- 10:54–12:27शुभगुलिक काल में
- 12:27–13:59रोगअशुभ
- 13:59–15:32उद्वेगअशुभ
- 15:32–17:04चरसामान्य
- 17:04–18:37लाभशुभ
रात का चौघड़िया
- 18:37–20:04उद्वेगअशुभ
- 20:04–21:32शुभ
- 21:32–22:59अमृतशुभ
- 22:59–00:27 गुरुचरसामान्य
- 00:27–01:54 गुरुरोगअशुभ
- 01:54–03:22 गुरुकालअशुभ
- 03:22–04:49 गुरुलाभशुभ
- 04:49–06:17 गुरुउद्वेगअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, बुध 10 अप्रैल: ब्रह्म मुहूर्त, 04:44–05:30, शुभ
- लाभ, शुभ, 06:17–07:50
- अमृत, शुभ, 07:50–09:22
- काल, अशुभ, 09:22–10:54
- शुभ, 10:54–12:27
- रोग, अशुभ, 12:27–13:59
- उद्वेग, अशुभ, 13:59–15:32
- चर, सामान्य, 15:32–17:04
- लाभ, शुभ, 17:04–18:37
- उद्वेग, अशुभ, 18:37–20:04
- शुभ, 20:04–21:32
- अमृत, शुभ, 21:32–22:59
- चर, सामान्य, 22:59–00:27 गुरु
- रोग, अशुभ, 00:27–01:54 गुरु
- काल, अशुभ, 01:54–03:22 गुरु
- लाभ, शुभ, 03:22–04:49 गुरु
- उद्वेग, अशुभ, 04:49–06:17 गुरु
- यमगण्ड, 07:50–09:22, अशुभ
- गुलिक काल, 10:54–12:27, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 12:02–12:52, अशुभ
- राहु काल, 12:27–13:59, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:43–05:30 गुरु
हर मान कैसे निकलता है
बुध 10 अप्रैल को कौन सी तिथि है? शुक्ल सप्तमी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 77.8° आगे था: शुक्ल सप्तमी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 72°–84° सातवीं है, शुक्ल सप्तमी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:17। षष्ठी उससे पहले 17:41 मंगल पर समाप्त हुई। सप्तमी 19:41 को समाप्त होगी, जब बढ़त 84° होगी। बढ़त 3 अप्रैल की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
बुध 10 अप्रैल को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:44–05:30
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:44–05:30।
मंगल 9 अप्रैल की रात सूर्यास्त 18:37 मंगल से सूर्योदय 06:17 तक थी, 11 घं 40 मि। इसे 46 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
बुध 10 अप्रैल को दुर्मुहूर्त कब है? 12:02–12:52
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है: 12:02–12:52।
यहाँ दिन, 06:17 से 18:37, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 49 मि का। बुधवार को दुर्मुहूर्त आठवाँ है, 12:02–12:52: वह आठवाँ, बीच वाला, मुहूर्त लेता है, इसलिए बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं होता।
बुध 10 अप्रैल का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:17–07:50 लाभ है, जिसके स्वामी बुध हैं, बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:17 से 18:37, 1 घं 32 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:37 से 06:17 गुरु, 1 घं 27 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
बुध 10 अप्रैल को राहुकाल कब है? 12:27–13:59
राहु काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:27–13:59।
बुध 10 अप्रैल को यमगंड कब है? 07:50–09:22
यमगण्ड बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:50–09:22।
बुध 10 अप्रैल को गुलिक काल कब है? 10:54–12:27
गुलिक काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:54–12:27।
यहाँ दिन 06:17 से 18:37 तक है, 12 घं 20 मि। इसे 1 घं 32 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: बुधवार को राहु काल पाँचवाँ भाग है, यमगण्ड दूसरा और गुलिक काल चौथा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
बुध 10 अप्रैल को सूर्योदय कितने बजे है? 06:17
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:17, सूर्यास्त 18:37, 12 घं 20 मि का दिन।
बुध 10 अप्रैल को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:37
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:17, सूर्यास्त 18:37, 12 घं 20 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 20 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 40 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 20 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 40 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
बुध 10 अप्रैल को कौन सा नक्षत्र है? आर्द्रा
सूर्योदय पर चंद्रमा 73.7° पर था: आर्द्रा, पद 3।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। आर्द्रा 66°40′–80°00′ तक है; चंद्रमा 73°20′ पर उसके पद 3 में आया। वह 18:45 को निकलेगा, पुनर्वसु में।
बुध 10 अप्रैल को कौन सा योग है? अतिगण्ड
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 429.6° थे, एक चक्कर और 69.6°: अतिगण्ड।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 355.9° + 73.7° = 429.6°, एक पूरा चक्कर और 69.6°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 66°40′–80°00′ छठा है, अतिगण्ड। यह 01:13 गुरु को समाप्त होता है, फिर सुकर्मा।
बुध 10 अप्रैल को कौन सा करण है? गर
सूर्योदय पर बढ़त 77.8° थी: सप्तमी का पहला आधा, गर।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए सप्तमी का पहला आधा गर है और दूसरा वणिज। गर 06:45 तक है, जब बढ़त 78° होगी; वणिज 19:41 तक।
बुध 10 अप्रैल को कौन सा वार है, और कब से? बुधवार
यह दिन बुधवार को सूर्योदय, 06:17, पर शुरू हुआ: बुधवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:17 से 06:17 गुरु तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी बुधवार के हैं।
बुध 10 अप्रैल को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? चैत्र
यह मास 3 अप्रैल की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मीन में था: चैत्र।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मीन से चैत्र। सूर्य 14 अप्रैल को, मास के भीतर, मेष में जाता है। अगली अमावस्या, 2 मई, उसे मेष में पाती है और वैशाख शुरू करती है।
बुध 10 अप्रैल को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? चैत्र
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष चैत्र का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 3 अप्रैल की अमावस्या ने, सूर्य मीन में, चैत्र शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में चैत्र है।
बुध 10 अप्रैल को कौन सा संवत है? विक्रम 2087 · शक 1952
विक्रम संवत 2087 3 अप्रैल 2030 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 3 अप्रैल 2030, 03:32 बुध। तब से सूर्य तारों के बीच 7° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2087 गिनता है; शक संवत 1952।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
बुध 10 अप्रैल को चंद्रोदय कितने बजे है? 11:40
चंद्रमा यहाँ 11:40 पर उदय होता है।
बुध 10 अप्रैल को चंद्रास्त कितने बजे है? 00:39 गुरु
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 11:40 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 00:39 गुरु पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 11:40 पर उदय हुआ; वह फिर 00:39 गुरु पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।