Thazhecode, केरल का पंचांग बुध 4 अगस्त 2027
केरल, भारत
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय IST में
त्योहार
हरियाली तीज
हरियाली तीज बुध 4 अगस्त को है: तृतीया किसी सूर्योदय पर नहीं है, और उसी दिन मानी जाती है जिस दिन वह चलती है। बुध 4 अगस्त क्यों?
हरियाली तीज: Thazhecode में हर तारीख़4 अगस्त का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, बुध 4 अगस्त
- 04:43–05:28ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:14 से
- 06:14–07:48लाभ चौघड़िया
- 07:48–09:23अमृत चौघड़ियायमगण्ड में
-
09:28–10:54अमृत कालमघा में
- 10:57–12:32शुभ चौघड़ियागुलिक काल में
- 17:15–18:49लाभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 18:49 के बाद
- 20:15–21:41शुभ चौघड़िया
- 21:41–23:06अमृत चौघड़िया
- 03:23–04:48 गुरुलाभ चौघड़िया
-
03:32–04:59 गुरुअमृत कालपूर्वाफाल्गुनी में
- 04:43–05:28 गुरुअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:14–07:48लाभशुभ
- 07:48–09:23अमृतयमगण्ड में
- 09:23–10:57कालअशुभ
- 10:57–12:32शुभगुलिक काल में
- 12:32–14:06रोगअशुभ
- 14:06–15:41उद्वेगअशुभ
- 15:41–17:15चरसामान्य
- 17:15–18:49लाभशुभ
रात का चौघड़िया
- 18:49–20:15उद्वेगअशुभ
- 20:15–21:41शुभ
- 21:41–23:06अमृतशुभ
- 23:06–00:32 गुरुचरसामान्य
- 00:32–01:57 गुरुरोगअशुभ
- 01:57–03:23 गुरुकालअशुभ
- 03:23–04:48 गुरुलाभशुभ
- 04:48–06:14 गुरुउद्वेगअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, बुध 4 अगस्त: ब्रह्म मुहूर्त, 04:43–05:28, शुभ
- लाभ, शुभ, 06:14–07:48
- अमृत, शुभ, 07:48–09:23
- काल, अशुभ, 09:23–10:57
- शुभ, 10:57–12:32
- रोग, अशुभ, 12:32–14:06
- उद्वेग, अशुभ, 14:06–15:41
- चर, सामान्य, 15:41–17:15
- लाभ, शुभ, 17:15–18:49
- उद्वेग, अशुभ, 18:49–20:15
- शुभ, 20:15–21:41
- अमृत, शुभ, 21:41–23:06
- चर, सामान्य, 23:06–00:32 गुरु
- रोग, अशुभ, 00:32–01:57 गुरु
- काल, अशुभ, 01:57–03:23 गुरु
- लाभ, शुभ, 03:23–04:48 गुरु
- उद्वेग, अशुभ, 04:48–06:14 गुरु
- यमगण्ड, 07:48–09:23, अशुभ
- गुलिक काल, 10:57–12:32, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 12:06–12:57, अशुभ
- राहु काल, 12:32–14:06, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:43–05:28 गुरु
हर मान कैसे निकलता है
Thazhecode में हरियाली तीज बुध 4 अगस्त को क्यों है?
हरियाली तीज बुध 4 अगस्त को है: तृतीया किसी सूर्योदय पर नहीं है, और उसी दिन मानी जाती है जिस दिन वह चलती है।
हरियाली तीज सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। तृतीया बुध 4 अगस्त को 08:20 पर, उस सूर्योदय के बाद, लगती है और गुरु 5 अगस्त को 05:09 पर, अगले सूर्योदय से पहले, समाप्त होती है: वह किसी सूर्योदय पर नहीं है। ऐसी तिथि उसी दिन मानी जाती है जिस दिन वह चलती है: बुध 4 अगस्त। हरियाली तीज का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।
बुध 4 अगस्त को कौन सी तिथि है? शुक्ल द्वितीया
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 22.8° आगे था: शुक्ल द्वितीया।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 12°–24° दूसरी है, शुक्ल द्वितीया। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:14। प्रतिपदा उससे पहले 11:51 मंगल पर समाप्त हुई। द्वितीया 08:20 को समाप्त होगी, जब बढ़त 24° होगी। बढ़त 2 अगस्त की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
तृतीया क्षय क्यों है?
तृतीया एक सूर्योदय के बाद शुरू हुई और अगले से पहले समाप्त, इसलिए यहाँ कोई दिन तृतीया नहीं होता।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। तृतीया 08:20 को शुरू हुई और 05:09 गुरु को समाप्त, 06:14 और 06:14 गुरु के सूर्योदयों के बीच। बुधवार को द्वितीया है और गुरुवार को चतुर्थी: तृतीया यहाँ क्षय तिथि है।
बुध 4 अगस्त को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:43–05:28
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:43–05:28।
मंगल 3 अगस्त की रात सूर्यास्त 18:50 मंगल से सूर्योदय 06:14 तक थी, 11 घं 24 मि। इसे 45 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
बुध 4 अगस्त को दुर्मुहूर्त कब है? 12:06–12:57
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है: 12:06–12:57।
यहाँ दिन, 06:14 से 18:49, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 50 मि का। बुधवार को दुर्मुहूर्त आठवाँ है, 12:06–12:57: वह आठवाँ, बीच वाला, मुहूर्त लेता है, इसलिए बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं होता।
बुध 4 अगस्त का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:14–07:48 लाभ है, जिसके स्वामी बुध हैं, बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:14 से 18:49, 1 घं 34 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:49 से 06:14 गुरु, 1 घं 25 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
बुध 4 अगस्त को राहुकाल कब है? 12:32–14:06
राहु काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:32–14:06।
बुध 4 अगस्त को यमगंड कब है? 07:48–09:23
यमगण्ड बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:48–09:23।
बुध 4 अगस्त को गुलिक काल कब है? 10:57–12:32
गुलिक काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:57–12:32।
यहाँ दिन 06:14 से 18:49 तक है, 12 घं 35 मि। इसे 1 घं 34 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: बुधवार को राहु काल पाँचवाँ भाग है, यमगण्ड दूसरा और गुलिक काल चौथा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
बुध 4 अगस्त को सूर्योदय कितने बजे है? 06:14
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:14, सूर्यास्त 18:49, 12 घं 35 मि का दिन।
बुध 4 अगस्त को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:49
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:14, सूर्यास्त 18:49, 12 घं 35 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 35 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 25 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 35 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 25 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
बुध 4 अगस्त को कौन सा नक्षत्र है? मघा
सूर्योदय पर चंद्रमा 129.9° पर था: मघा, पद 3।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। मघा 120°00′–133°20′ तक है; चंद्रमा 126°40′ पर उसके पद 3 में आया। वह 11:36 को निकलेगा, पूर्वाफाल्गुनी में।
बुध 4 अगस्त को कौन सा योग है? वरीयान्
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 237.1° थे: वरीयान्।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 107.2° + 129.9° = 237.1°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 226°40′–240°00′ अठारहवाँ है, वरीयान्। यह 10:27 को समाप्त होता है, फिर परिघ।
बुध 4 अगस्त को कौन सा करण है? कौलव
सूर्योदय पर बढ़त 22.8° थी: द्वितीया का दूसरा आधा, कौलव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए द्वितीया का पहला आधा बालव है और दूसरा कौलव। बालव 22:04 मंगल पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 18° हुई; कौलव 08:20 तक है।
बुध 4 अगस्त को कौन सा वार है, और कब से? बुधवार
यह दिन बुधवार को सूर्योदय, 06:14, पर शुरू हुआ: बुधवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:14 से 06:14 गुरु तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी बुधवार के हैं।
बुध 4 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? श्रावण
यह मास 2 अगस्त की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कर्क में था: श्रावण।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कर्क से श्रावण। सूर्य 17 अगस्त को, मास के भीतर, सिंह में जाता है। अगली अमावस्या, 31 अगस्त, उसे सिंह में पाती है और भाद्रपद शुरू करती है।
बुध 4 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? श्रावण
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष श्रावण का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 2 अगस्त की अमावस्या ने, सूर्य कर्क में, श्रावण शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में श्रावण है।
बुध 4 अगस्त को कौन सा संवत है? विक्रम 2084 · शक 1949
विक्रम संवत 2084 7 अप्रैल 2027 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 7 अप्रैल 2027, 05:21 बुध। तब से सूर्य तारों के बीच 114.5° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2084 गिनता है; शक संवत 1949।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
बुध 4 अगस्त को चंद्रोदय कितने बजे है? 07:56
चंद्रमा यहाँ 07:56 पर उदय होता है।
बुध 4 अगस्त को चंद्रास्त कितने बजे है? 20:30
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 07:56 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 20:30 पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 07:56 पर उदय हुआ; वह फिर 20:30 पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।