Thazhecode, केरल का पंचांग गुरु 8 अप्रैल 2027
केरल, भारत
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय IST में
8 अप्रैल का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, गुरु 8 अप्रैल
- 04:45–05:32ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:18 से
- 06:18–07:51शुभ चौघड़ियायमगण्ड में
-
11:14–12:29अमृत कालगुलिक काल, दुर्मुहूर्त छोड़कर · अश्विनी में
- 12:03–12:52अभिजीत मुहूर्त
- 12:28–14:00लाभ चौघड़िया
- 14:00–15:32अमृत चौघड़ियाराहु काल में
- 17:04–18:37शुभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 18:37 के बाद
- 18:37–20:04अमृत चौघड़िया
- 00:27–01:55 शुक्रलाभ चौघड़िया
- 03:23–04:50 शुक्रशुभ चौघड़िया
- 04:50–06:18 शुक्रअमृत चौघड़िया
- 04:44–05:31 शुक्रअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:18–07:51शुभयमगण्ड में
- 07:51–09:23रोगअशुभ
- 09:23–10:55उद्वेगअशुभ
- 10:55–12:28चरसामान्य
- 12:28–14:00लाभशुभ
- 14:00–15:32अमृतराहु काल में
- 15:32–17:04कालअशुभ
- 17:04–18:37शुभ
रात का चौघड़िया
- 18:37–20:04अमृतशुभ
- 20:04–21:32चरसामान्य
- 21:32–23:00रोगअशुभ
- 23:00–00:27 शुक्रकालअशुभ
- 00:27–01:55 शुक्रलाभशुभ
- 01:55–03:23 शुक्रउद्वेगअशुभ
- 03:23–04:50 शुक्रशुभ
- 04:50–06:18 शुक्रअमृतशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, गुरु 8 अप्रैल: ब्रह्म मुहूर्त, 04:45–05:32, शुभ
- शुभ, 06:18–07:51
- रोग, अशुभ, 07:51–09:23
- उद्वेग, अशुभ, 09:23–10:55
- चर, सामान्य, 10:55–12:28
- लाभ, शुभ, 12:28–14:00
- अमृत, शुभ, 14:00–15:32
- काल, अशुभ, 15:32–17:04
- शुभ, 17:04–18:37
- अमृत, शुभ, 18:37–20:04
- चर, सामान्य, 20:04–21:32
- रोग, अशुभ, 21:32–23:00
- काल, अशुभ, 23:00–00:27 शुक्र
- लाभ, शुभ, 00:27–01:55 शुक्र
- उद्वेग, अशुभ, 01:55–03:23 शुक्र
- शुभ, 03:23–04:50 शुक्र
- अमृत, शुभ, 04:50–06:18 शुक्र
- यमगण्ड, 06:18–07:51, अशुभ
- गुलिक काल, 09:23–10:55, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 10:25–11:14, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 12:03–12:52, शुभ
- राहु काल, 14:00–15:32, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 15:20–16:09, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:44–05:31 शुक्र
हर मान कैसे निकलता है
गुरु 8 अप्रैल को कौन सी तिथि है? शुक्ल द्वितीया
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 13° आगे था: शुक्ल द्वितीया।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 12°–24° दूसरी है, शुक्ल द्वितीया। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:18। प्रतिपदा उससे पहले 04:29 पर समाप्त हुई। द्वितीया 03:10 शुक्र को समाप्त होगी, जब बढ़त 24° होगी। बढ़त 7 अप्रैल की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
गुरु 8 अप्रैल को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:45–05:32
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:45–05:32।
बुध 7 अप्रैल की रात सूर्यास्त 18:37 बुध से सूर्योदय 06:18 तक थी, 11 घं 41 मि। इसे 46 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
गुरु 8 अप्रैल को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:03–12:52
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:03–12:52।
गुरु 8 अप्रैल को दुर्मुहूर्त कब है? 10:25–11:14
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 10:25–11:14 और 15:20–16:09।
गुरु 8 अप्रैल को दुर्मुहूर्त कब है? 15:20–16:09
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 10:25–11:14 और 15:20–16:09।
यहाँ दिन, 06:18 से 18:37, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 49 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। गुरुवार को दुर्मुहूर्त छठा और बारहवाँ है, 10:25–11:14 और 15:20–16:09।
गुरु 8 अप्रैल का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:18–07:51 शुभ है, जिसके स्वामी गुरु (बृहस्पति) हैं, गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:18 से 18:37, 1 घं 32 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:37 से 06:18 शुक्र, 1 घं 27 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
गुरु 8 अप्रैल को राहुकाल कब है? 14:00–15:32
राहु काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 14:00–15:32।
गुरु 8 अप्रैल को यमगंड कब है? 06:18–07:51
यमगण्ड गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 06:18–07:51।
गुरु 8 अप्रैल को गुलिक काल कब है? 09:23–10:55
गुलिक काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:23–10:55।
यहाँ दिन 06:18 से 18:37 तक है, 12 घं 19 मि। इसे 1 घं 32 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: गुरुवार को राहु काल छठा भाग है, यमगण्ड पहला और गुलिक काल तीसरा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
गुरु 8 अप्रैल को सूर्योदय कितने बजे है? 06:18
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:18, सूर्यास्त 18:37, 12 घं 19 मि का दिन।
गुरु 8 अप्रैल को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:37
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:18, सूर्यास्त 18:37, 12 घं 19 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 19 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 41 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 19 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 41 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
गुरु 8 अप्रैल को कौन सा नक्षत्र है? अश्विनी
सूर्योदय पर चंद्रमा 6.7° पर था: अश्विनी, पद 3।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। अश्विनी 0°00′–13°20′ तक है; चंद्रमा 6°40′ पर उसके पद 3 में आया। वह 17:59 को निकलेगा, भरणी में।
गुरु 8 अप्रैल को कौन सा योग है? विष्कम्भ
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 360.4° थे, एक चक्कर और 0.4°: विष्कम्भ।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 353.7° + 6.7° = 360.4°, एक पूरा चक्कर और 0.4°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 0°00′–13°20′ पहला है, विष्कम्भ। यह 03:25 शुक्र को समाप्त होता है, फिर प्रीति।
गुरु 8 अप्रैल को कौन सा करण है? बालव
सूर्योदय पर बढ़त 13° थी: द्वितीया का पहला आधा, बालव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए द्वितीया का पहला आधा बालव है और दूसरा कौलव। बालव 15:52 तक है, जब बढ़त 18° होगी; कौलव 03:10 शुक्र तक।
गुरु 8 अप्रैल को कौन सा वार है, और कब से? गुरुवार
यह दिन गुरुवार को सूर्योदय, 06:18, पर शुरू हुआ: गुरुवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:18 से 06:18 शुक्र तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी गुरुवार के हैं।
गुरु 8 अप्रैल को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? चैत्र
यह मास 7 अप्रैल की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मीन में था: चैत्र।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मीन से चैत्र। सूर्य 14 अप्रैल को, मास के भीतर, मेष में जाता है। अगली अमावस्या, 6 मई, उसे मेष में पाती है और वैशाख शुरू करती है।
गुरु 8 अप्रैल को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? चैत्र
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष चैत्र का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 7 अप्रैल की अमावस्या ने, सूर्य मीन में, चैत्र शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में चैत्र है।
गुरु 8 अप्रैल को कौन सा संवत है? विक्रम 2084 · शक 1949
विक्रम संवत 2084 7 अप्रैल 2027 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 7 अप्रैल 2027, 05:21 बुध। तब से सूर्य तारों के बीच 1° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2084 गिनता है; शक संवत 1949।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
गुरु 8 अप्रैल को चंद्रोदय कितने बजे है? 06:58
चंद्रमा यहाँ 06:58 पर उदय होता है।
गुरु 8 अप्रैल को चंद्रास्त कितने बजे है? 19:53
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 06:58 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 19:53 पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 06:58 पर उदय हुआ; वह फिर 19:53 पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।