Thazhecode, केरल का पंचांग रवि 7 मार्च 2027
केरल, भारत
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय IST में
7 मार्च का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, रवि 7 मार्च
- 05:01–05:49ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:38 से
- 09:37–11:07लाभ चौघड़िया
- 11:07–12:37अमृत चौघड़िया
- 12:13–12:37अभिजीत मुहूर्तयमगण्ड छोड़कर
- 14:06–15:36शुभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 18:36 के बाद
- 18:36–20:06शुभ चौघड़िया
- 20:06–21:36अमृत चौघड़िया
-
00:49–02:32 सोमअमृत कालशतभिषा में
- 02:07–03:37 सोमलाभ चौघड़िया
- 05:07–06:37 सोमशुभ चौघड़िया
- 05:01–05:49 सोमअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:38–08:07उद्वेगअशुभ
- 08:07–09:37चरसामान्य
- 09:37–11:07लाभशुभ
- 11:07–12:37अमृतशुभ
- 12:37–14:06कालअशुभ
- 14:06–15:36शुभ
- 15:36–17:06रोगअशुभ
- 17:06–18:36उद्वेगअशुभ
रात का चौघड़िया
- 18:36–20:06शुभ
- 20:06–21:36अमृतशुभ
- 21:36–23:06चरसामान्य
- 23:06–00:36 सोमरोगअशुभ
- 00:36–02:07 सोमकालअशुभ
- 02:07–03:37 सोमलाभशुभ
- 03:37–05:07 सोमउद्वेगअशुभ
- 05:07–06:37 सोमशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, रवि 7 मार्च: ब्रह्म मुहूर्त, 05:01–05:49, शुभ
- उद्वेग, अशुभ, 06:38–08:07
- चर, सामान्य, 08:07–09:37
- लाभ, शुभ, 09:37–11:07
- अमृत, शुभ, 11:07–12:37
- काल, अशुभ, 12:37–14:06
- शुभ, 14:06–15:36
- रोग, अशुभ, 15:36–17:06
- उद्वेग, अशुभ, 17:06–18:36
- शुभ, 18:36–20:06
- अमृत, शुभ, 20:06–21:36
- चर, सामान्य, 21:36–23:06
- रोग, अशुभ, 23:06–00:36 सोम
- काल, अशुभ, 00:36–02:07 सोम
- लाभ, शुभ, 02:07–03:37 सोम
- उद्वेग, अशुभ, 03:37–05:07 सोम
- शुभ, 05:07–06:37 सोम
- अभिजीत मुहूर्त, 12:13–13:01, शुभ
- यमगण्ड, 12:37–14:06, अशुभ
- गुलिक काल, 15:36–17:06, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 17:00–17:48, अशुभ
- राहु काल, 17:06–18:36, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:01–05:49 सोम
हर मान कैसे निकलता है
रवि 7 मार्च को कौन सी तिथि है? कृष्ण चतुर्दशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 344.6° आगे था: कृष्ण चतुर्दशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 336°–348° उनतीसवीं है, कृष्ण चतुर्दशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:38। त्रयोदशी उससे पहले 12:04 शनि पर समाप्त हुई। चतुर्दशी 13:46 को समाप्त होगी, जब बढ़त 348° होगी। बढ़त 21 फ़रवरी की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
रवि 7 मार्च को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:01–05:49
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:01–05:49।
शनि 6 मार्च की रात सूर्यास्त 18:36 शनि से सूर्योदय 06:38 तक थी, 12 घं 2 मि। इसे 48 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
रवि 7 मार्च को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:13–13:01
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:13–13:01।
रवि 7 मार्च को दुर्मुहूर्त कब है? 17:00–17:48
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 17:00–17:48।
यहाँ दिन, 06:38 से 18:36, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 47 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। रविवार को दुर्मुहूर्त चौदहवाँ है, 17:00–17:48।
रवि 7 मार्च का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:38–08:07 उद्वेग है, जिसके स्वामी सूर्य हैं, रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:38 से 18:36, 1 घं 29 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:36 से 06:37 सोम, 1 घं 30 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
रवि 7 मार्च को राहुकाल कब है? 17:06–18:36
राहु काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से आठवाँ है: 17:06–18:36।
रवि 7 मार्च को यमगंड कब है? 12:37–14:06
यमगण्ड रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:37–14:06।
रवि 7 मार्च को गुलिक काल कब है? 15:36–17:06
गुलिक काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:36–17:06।
यहाँ दिन 06:38 से 18:36 तक है, 11 घं 58 मि। इसे 1 घं 29 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: रविवार को राहु काल आठवाँ भाग है, यमगण्ड पाँचवाँ और गुलिक काल सातवाँ।
सूर्योदय और सूर्यास्त
रवि 7 मार्च को सूर्योदय कितने बजे है? 06:38
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:38, सूर्यास्त 18:36, 11 घं 58 मि का दिन।
रवि 7 मार्च को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:36
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:38, सूर्यास्त 18:36, 11 घं 58 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 58 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 1 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 58 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 1 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
रवि 7 मार्च को कौन सा नक्षत्र है? धनिष्ठा
सूर्योदय पर चंद्रमा 306.6° पर था: धनिष्ठा, पद 4।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। धनिष्ठा 293°20′–306°40′ तक है; चंद्रमा 303°20′ पर उसके पद 4 में आया। वह 06:42 को निकलेगा, शतभिषा में।
रवि 7 मार्च को कौन सा योग है? सिद्ध
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 628.6° थे, एक चक्कर और 268.6°: सिद्ध।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 322° + 306.6° = 628.6°, एक पूरा चक्कर और 268.6°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 266°40′–280°00′ इक्कीसवाँ है, सिद्ध। यह 03:06 सोम को समाप्त होता है, फिर साध्य।
रवि 7 मार्च को कौन सा करण है? शकुनि
सूर्योदय पर बढ़त 344.6° थी: चतुर्दशी का दूसरा आधा, शकुनि।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए चतुर्दशी का पहला आधा विष्टि है और दूसरा शकुनि। विष्टि 00:59 पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 342° हुई; शकुनि 13:46 तक है।
रवि 7 मार्च को कौन सा वार है, और कब से? रविवार
यह दिन रविवार को सूर्योदय, 06:38, पर शुरू हुआ: रविवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:38 से 06:37 सोम तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी रविवार के हैं।
रवि 7 मार्च को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? माघ
यह मास 6 फ़रवरी की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मकर में था: माघ।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मकर से माघ। सूर्य 13 फ़रवरी को, मास के भीतर, कुंभ में जाता है। अगली अमावस्या, 8 मार्च, उसे कुंभ में पाती है और फाल्गुन शुरू करती है।
रवि 7 मार्च को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? फाल्गुन
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष फाल्गुन का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 8 मार्च की अमावस्या, सूर्य कुंभ में, फाल्गुन शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ फाल्गुन है, और अमान्त गणना में माघ।
रवि 7 मार्च को कौन सा संवत है? विक्रम 2083 · शक 1948
विक्रम संवत 2083 19 मार्च 2026 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 19 मार्च 2026, 06:53 गुरु। तब से सूर्य तारों के बीच 347.8° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2083 गिनता है; शक संवत 1948।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
रवि 7 मार्च को चंद्रोदय कितने बजे है? 06:22 सोम
चंद्रमा यहाँ 06:22 सोम पर उदय होता है।
रवि 7 मार्च को चंद्रास्त कितने बजे है? 17:50
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 17:50 पर अस्त हुआ; वह फिर 06:22 सोम पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 17:50 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 06:22 सोम पर उदय होगा।