Thazhecode, केरल का पंचांग रवि 9 अगस्त 2026
केरल, भारत
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय IST में
व्रत
कामिका एकादशी
कामिका एकादशी रवि 9 अगस्त को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है। रवि 9 अगस्त क्यों?
कामिका एकादशी: Thazhecode में हर तारीख़9 अगस्त का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, रवि 9 अगस्त
- 04:43–05:29ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:15 से
-
06:42–08:10अमृत कालमृगशिरा में
- 09:23–10:57लाभ चौघड़िया
- 10:57–12:31अमृत चौघड़िया
- 12:06–12:31अभिजीत मुहूर्तयमगण्ड छोड़कर
- 14:05–15:39शुभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 18:47 के बाद
- 18:47–20:13शुभ चौघड़िया
- 20:13–21:39अमृत चौघड़िया
- 01:57–03:23 सोमलाभ चौघड़िया
-
03:24–04:50 सोमअमृत कालआर्द्रा में
- 04:49–06:15 सोमशुभ चौघड़िया
- 04:43–05:29 सोमअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:15–07:49उद्वेगअशुभ
- 07:49–09:23चरसामान्य
- 09:23–10:57लाभशुभ
- 10:57–12:31अमृतशुभ
- 12:31–14:05कालअशुभ
- 14:05–15:39शुभ
- 15:39–17:13रोगअशुभ
- 17:13–18:47उद्वेगअशुभ
रात का चौघड़िया
- 18:47–20:13शुभ
- 20:13–21:39अमृतशुभ
- 21:39–23:05चरसामान्य
- 23:05–00:31 सोमरोगअशुभ
- 00:31–01:57 सोमकालअशुभ
- 01:57–03:23 सोमलाभशुभ
- 03:23–04:49 सोमउद्वेगअशुभ
- 04:49–06:15 सोमशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, रवि 9 अगस्त: ब्रह्म मुहूर्त, 04:43–05:29, शुभ
- उद्वेग, अशुभ, 06:15–07:49
- चर, सामान्य, 07:49–09:23
- लाभ, शुभ, 09:23–10:57
- अमृत, शुभ, 10:57–12:31
- काल, अशुभ, 12:31–14:05
- शुभ, 14:05–15:39
- रोग, अशुभ, 15:39–17:13
- उद्वेग, अशुभ, 17:13–18:47
- शुभ, 18:47–20:13
- अमृत, शुभ, 20:13–21:39
- चर, सामान्य, 21:39–23:05
- रोग, अशुभ, 23:05–00:31 सोम
- काल, अशुभ, 00:31–01:57 सोम
- लाभ, शुभ, 01:57–03:23 सोम
- उद्वेग, अशुभ, 03:23–04:49 सोम
- शुभ, 04:49–06:15 सोम
- अभिजीत मुहूर्त, 12:06–12:56, शुभ
- यमगण्ड, 12:31–14:05, अशुभ
- गुलिक काल, 15:39–17:13, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 17:07–17:57, अशुभ
- राहु काल, 17:13–18:47, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:43–05:29 सोम
हर मान कैसे निकलता है
Thazhecode में कामिका एकादशी रवि 9 अगस्त को क्यों है?
कामिका एकादशी रवि 9 अगस्त को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल रवि 9 अगस्त को सूर्योदय पर है, 06:15: रवि 9 अगस्त। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 13:59 शनि पर, उससे (04:39–06:15) पहले, समाप्त हुई।
रवि 9 अगस्त को कौन सी तिथि है? कृष्ण एकादशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 309.2° आगे था: कृष्ण एकादशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 300°–312° छब्बीसवीं है, कृष्ण एकादशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:15। दशमी उससे पहले 13:59 शनि पर समाप्त हुई। एकादशी 11:05 को समाप्त होगी, जब बढ़त 312° होगी। बढ़त 29 जुलाई की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
रवि 9 अगस्त को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:43–05:29
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:43–05:29।
शनि 8 अगस्त की रात सूर्यास्त 18:48 शनि से सूर्योदय 06:15 तक थी, 11 घं 27 मि। इसे 45 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
रवि 9 अगस्त को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:06–12:56
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:06–12:56।
रवि 9 अगस्त को दुर्मुहूर्त कब है? 17:07–17:57
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 17:07–17:57।
यहाँ दिन, 06:15 से 18:47, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 50 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। रविवार को दुर्मुहूर्त चौदहवाँ है, 17:07–17:57।
रवि 9 अगस्त का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:15–07:49 उद्वेग है, जिसके स्वामी सूर्य हैं, रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:15 से 18:47, 1 घं 34 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:47 से 06:15 सोम, 1 घं 26 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
रवि 9 अगस्त को राहुकाल कब है? 17:13–18:47
राहु काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से आठवाँ है: 17:13–18:47।
रवि 9 अगस्त को यमगंड कब है? 12:31–14:05
यमगण्ड रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:31–14:05।
रवि 9 अगस्त को गुलिक काल कब है? 15:39–17:13
गुलिक काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:39–17:13।
यहाँ दिन 06:15 से 18:47 तक है, 12 घं 32 मि। इसे 1 घं 34 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: रविवार को राहु काल आठवाँ भाग है, यमगण्ड पाँचवाँ और गुलिक काल सातवाँ।
सूर्योदय और सूर्यास्त
रवि 9 अगस्त को सूर्योदय कितने बजे है? 06:15
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:15, सूर्यास्त 18:47, 12 घं 32 मि का दिन।
रवि 9 अगस्त को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:47
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:15, सूर्यास्त 18:47, 12 घं 32 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 32 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 28 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 32 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 28 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
रवि 9 अगस्त को कौन सा नक्षत्र है? मृगशिरा
सूर्योदय पर चंद्रमा 61.5° पर था: मृगशिरा, पद 3।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। मृगशिरा 53°20′–66°40′ तक है; चंद्रमा 60° पर उसके पद 3 में आया। वह 14:43 को निकलेगा, आर्द्रा में।
रवि 9 अगस्त को कौन सा योग है? हर्षण
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 173.7° थे: हर्षण।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 112.2° + 61.5° = 173.7°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 173°20′–186°40′ चौदहवाँ है, हर्षण। यह 02:04 सोम को समाप्त होता है, फिर वज्र।
रवि 9 अगस्त को कौन सा करण है? बालव
सूर्योदय पर बढ़त 309.2° थी: एकादशी का दूसरा आधा, बालव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए एकादशी का पहला आधा बव है और दूसरा बालव। बव 00:34 पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 306° हुई; बालव 11:05 तक है।
रवि 9 अगस्त को कौन सा वार है, और कब से? रविवार
यह दिन रविवार को सूर्योदय, 06:15, पर शुरू हुआ: रविवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:15 से 06:15 सोम तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी रविवार के हैं।
रवि 9 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? आषाढ़
यह मास 14 जुलाई की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मिथुन में था: आषाढ़।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मिथुन से आषाढ़। सूर्य 16 जुलाई को, मास के भीतर, कर्क में जाता है। अगली अमावस्या, 12 अगस्त, उसे कर्क में पाती है और श्रावण शुरू करती है।
रवि 9 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? श्रावण
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष श्रावण का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 12 अगस्त की अमावस्या, सूर्य कर्क में, श्रावण शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ श्रावण है, और अमान्त गणना में आषाढ़।
रवि 9 अगस्त को कौन सा संवत है? विक्रम 2083 · शक 1948
विक्रम संवत 2083 19 मार्च 2026 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 19 मार्च 2026, 06:53 गुरु। तब से सूर्य तारों के बीच 138° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2083 गिनता है; शक संवत 1948।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
रवि 9 अगस्त को चंद्रोदय कितने बजे है? 03:28 सोम
चंद्रमा यहाँ 03:28 सोम पर उदय होता है।
रवि 9 अगस्त को चंद्रास्त कितने बजे है? 15:44
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 15:44 पर अस्त हुआ; वह फिर 03:28 सोम पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 15:44 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 03:28 सोम पर उदय होगा।