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Thazhecode, केरल का पंचांग गुरु 2 अक्टूबर 2025

केरल, भारत

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय IST में

दशमी

शुक्ल पक्ष · 19:11 तक

फिर एकादशी · 18:33 शुक्र तक

त्योहार

दशहरा

अपराह्न पूजा मुहूर्त
13:27⁠–⁠15:51
अपराह्न 13:27⁠–⁠15:51

दशहरा गुरु 2 अक्टूबर को है: उस दिन पूरे अपराह्न में दशमी है, और किसी दिन नहीं। गुरु 2 अक्टूबर क्यों?

दशहरा: Thazhecode में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:39 06:14 18:15अगला सूर्योदय 06:14 शुक्र

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 06:14–07:44शुभयमगण्ड में
  • 07:44–09:15रोगअशुभ
  • 09:15–10:45उद्वेगअशुभ
  • 10:45–12:15चरसामान्य
  • 12:15–13:45लाभशुभ
  • 13:45–15:15अमृतराहु काल में
  • 15:15–16:45कालअशुभ
  • 16:45–18:15शुभ

रात का चौघड़िया

  • 18:15–19:45अमृतशुभ
  • 19:45–21:15चरसामान्य
  • 21:15–22:45रोगअशुभ
  • 22:45–00:15 शुक्रकालअशुभ
  • 00:15–01:45 शुक्रलाभशुभ
  • 01:45–03:15 शुक्रउद्वेगअशुभ
  • 03:15–04:44 शुक्रशुभ
  • 04:44–06:14 शुक्रअमृतशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, गुरु 2 अक्टूबर: ब्रह्म मुहूर्त, 04:39–05:26, शुभ
  • शुभ, 06:14–07:44
  • रोग, अशुभ, 07:44–09:15
  • उद्वेग, अशुभ, 09:15–10:45
  • चर, सामान्य, 10:45–12:15
  • लाभ, शुभ, 12:15–13:45
  • अमृत, शुभ, 13:45–15:15
  • काल, अशुभ, 15:15–16:45
  • शुभ, 16:45–18:15
  • अमृत, शुभ, 18:15–19:45
  • चर, सामान्य, 19:45–21:15
  • रोग, अशुभ, 21:15–22:45
  • काल, अशुभ, 22:45–00:15 शुक्र
  • लाभ, शुभ, 00:15–01:45 शुक्र
  • उद्वेग, अशुभ, 01:45–03:15 शुक्र
  • शुभ, 03:15–04:44 शुक्र
  • अमृत, शुभ, 04:44–06:14 शुक्र
  • यमगण्ड, 06:14–07:44, अशुभ
  • गुलिक काल, 09:15–10:45, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 10:15–11:03, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 11:51–12:39, शुभ
  • राहु काल, 13:45–15:15, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 15:03–15:51, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:38–05:26 शुक्र

हर मान कैसे निकलता है

Thazhecode में दशहरा गुरु 2 अक्टूबर को क्यों है?

दशहरा गुरु 2 अक्टूबर को है: उस दिन पूरे अपराह्न में दशमी है, और किसी दिन नहीं।

नवमी 12:00 13:00 14:00 15:00 16:00 17:00 बुध 1 अक्टूबर अपराह्न 13:27–15:51
नवमी 12:00 14:00 16:00 बुध 1 अक्टूबर अपराह्न 13:27–15:51
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (IST)। पट्टी: तिथि। खाना: अपराह्न। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

दशहरे का पूजन अपराह्न में होता है, दिन का चौथा पाँचवाँ भाग। दशमी बुध 1 अक्टूबर को 19:01 से गुरु 2 अक्टूबर को 19:11 तक है, इसलिए केवल गुरुवार का अपराह्न (13:27–15:51) उसके भीतर है।

दशहरा: Thazhecode में हर तारीख़

गुरु 2 अक्टूबर को कौन सी तिथि है? शुक्ल दशमी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 113.5° आगे था: शुक्ल दशमी।

सूर्य अमावस्या 0° 113.5° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण दशमी 108°–120° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 113.5° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण दशमी 108°–120° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 108°–120° दसवीं है, शुक्ल दशमी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:14। नवमी उससे पहले 19:01 बुध पर समाप्त हुई। दशमी 19:11 को समाप्त होगी, जब बढ़त 120° होगी। बढ़त 22 सितंबर की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

गुरु 2 अक्टूबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:39–05:26

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:39–05:26।

सूर्यास्त 18:16 बुध सूर्योदय 06:14 गुरु समय, ऊँचाई नहीं बुध 1 अक्टूबर का दिन 14 1
सूर्यास्त 18:16 बुध सूर्योदय 06:14 गुरु समय, ऊँचाई नहीं बुध 1 अक्टूबर का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · बुधवार का दिन धुँधला

बुध 1 अक्टूबर की रात सूर्यास्त 18:16 बुध से सूर्योदय 06:14 तक थी, 11 घं 58 मि। इसे 47 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

गुरु 2 अक्टूबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:51–12:39

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:51–12:39।

गुरु 2 अक्टूबर को दुर्मुहूर्त कब है? 10:15–11:03

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 10:15–11:03 और 15:03–15:51।

गुरु 2 अक्टूबर को दुर्मुहूर्त कब है? 15:03–15:51

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 10:15–11:03 और 15:03–15:51।

सूर्योदय 06:14 सूर्यास्त 18:15 सूर्योदय 06:14 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 8 6 12 1
सूर्योदय 06:14 सूर्यास्त 18:15 सूर्योदय 06:14 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 8 6 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 6, 12

यहाँ दिन, 06:14 से 18:15, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 48 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। गुरुवार को दुर्मुहूर्त छठा और बारहवाँ है, 10:15–11:03 और 15:03–15:51।

गुरु 2 अक्टूबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

06:14–07:44 शुभ है, जिसके स्वामी गुरु (बृहस्पति) हैं, गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 06:14 सूर्यास्त 18:15 सूर्योदय 06:14 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं शुभ
सूर्योदय 06:14 सूर्यास्त 18:15 सूर्योदय 06:14 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं शुभ
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:14 से 18:15, 1 घं 30 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 18:15 से 06:14 शुक्र, 1 घं 29 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

गुरु 2 अक्टूबर को राहुकाल कब है? 13:45–15:15

राहु काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:45–15:15।

गुरु 2 अक्टूबर को यमगंड कब है? 06:14–07:44

यमगण्ड गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 06:14–07:44।

गुरु 2 अक्टूबर को गुलिक काल कब है? 09:15–10:45

गुलिक काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:15–10:45।

सूर्योदय 06:14 सूर्यास्त 18:15 सूर्योदय 06:14 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 06:14 सूर्यास्त 18:15 सूर्योदय 06:14 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 1, गुलिक काल 3

यहाँ दिन 06:14 से 18:15 तक है, 12 घं 1 मि। इसे 1 घं 30 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: गुरुवार को राहु काल छठा भाग है, यमगण्ड पहला और गुलिक काल तीसरा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

गुरु 2 अक्टूबर को सूर्योदय कितने बजे है? 06:14

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:14, सूर्यास्त 18:15, 12 घं 1 मि का दिन।

गुरु 2 अक्टूबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:15

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:14, सूर्यास्त 18:15, 12 घं 1 मि का दिन।

सूर्योदय 06:14 सूर्यास्त 18:15 सूर्योदय 06:14 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 02:29 शुक्र चंद्रोदय 14:41
सूर्योदय 06:14 सूर्यास्त 18:15 सूर्योदय 06:14 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 02:29 शुक्र चंद्रोदय 14:41
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 1 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 59 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 1 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 59 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

गुरु 2 अक्टूबर को कौन सा नक्षत्र है? उत्तराषाढा

सूर्योदय पर चंद्रमा 278.4° पर था: उत्तराषाढा, पद 4।

चंद्रमा सूर्य 0° उत्तराषाढा चंद्रमा 278.4° अगला: श्रवण पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° उत्तराषाढा चंद्रमा 278.4° अगला: श्रवण पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। उत्तराषाढा 266°40′–280°00′ तक है; चंद्रमा 276°40′ पर उसके पद 4 में आया। वह 09:13 को निकलेगा, श्रवण में।

गुरु 2 अक्टूबर को कौन सा योग है? सुकर्मा

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 443.3° थे, एक चक्कर और 83.3°: सुकर्मा।

सूर्य 164.9° + चंद्रमा 278.4° = 443.3° एक चक्कर + 83.3° सुकर्मा 80°00′–93°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 164.9° + चंद्रमा 278.4° = 443.3° एक चक्कर + 83.3° सुकर्मा 80°00′–93°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 164.9° + 278.4° = 443.3°, एक पूरा चक्कर और 83.3°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 80°00′–93°20′ सातवाँ है, सुकर्मा। यह 23:28 को समाप्त होता है, फिर धृति।

गुरु 2 अक्टूबर को कौन सा करण है? तैतिल

सूर्योदय पर बढ़त 113.5° थी: दशमी का पहला आधा, तैतिल।

सूर्य अमावस्या 0° 113.5° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण दशमी 108°–120° तैतिल 108°–114° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 113.5° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण दशमी 108°–120° तैतिल 108°–114° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए दशमी का पहला आधा तैतिल है और दूसरा गर। तैतिल 07:12 तक है, जब बढ़त 114° होगी; गर 19:11 तक।

गुरु 2 अक्टूबर को कौन सा वार है, और कब से? गुरुवार

यह दिन गुरुवार को सूर्योदय, 06:14, पर शुरू हुआ: गुरुवार।

गुरुवार सूर्योदय 06:14 सूर्यास्त 18:15 सूर्योदय 06:14 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शुक्र अब भी गुरुवार
गुरुवार सूर्योदय 06:14 सूर्यास्त 18:15 सूर्योदय 06:14 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शुक्र अब भी गुरुवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:14 से 06:14 शुक्र तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी गुरुवार के हैं।

गुरु 2 अक्टूबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? आश्विन

यह मास 22 सितंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कन्या में था: आश्विन।

1 2 3 4 5 कन्या तुला 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
1 2 3 4 5 कन्या तुला 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कन्या से आश्विन। सूर्य 17 अक्टूबर को, मास के भीतर, तुला में जाता है। अगली अमावस्या, 21 अक्टूबर, उसे तुला में पाती है और कार्तिक शुरू करती है।

गुरु 2 अक्टूबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? आश्विन

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष आश्विन का है।

अमान्त आश्विन पूर्णिमान्त आश्विन कृष्ण शुक्ल गुरु 2 अक्टूबर पूर्णिमा 7 सित॰ अमावस्या 22 सित॰ पूर्णिमा 7 अक्टू॰ अमावस्या 21 अक्टू॰
अमान्त आश्विन पूर्णिमान्त आश्विन कृष्ण शुक्ल गुरु 2 अक्टूबर पूर्णिमा 7 सित॰ अमावस्या 22 सित॰ पूर्णिमा 7 अक्टू॰ अमावस्या 21 अक्टू॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 22 सितंबर की अमावस्या ने, सूर्य कन्या में, आश्विन शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में आश्विन है।

गुरु 2 अक्टूबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2082 · शक 1947

विक्रम संवत 2082 29 मार्च 2025 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 29 मार्च 2025 16:27 · सूर्य मीन में सूर्योदय, गुरु 2 अक्टूबर सूर्य 164.9° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 29 मार्च 2025 16:27 · सूर्य मीन में सूर्योदय, गुरु 2 अक्टूबर सूर्य 164.9° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 29 मार्च 2025, 16:27 शनि। तब से सूर्य तारों के बीच 180.1° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2082 गिनता है; शक संवत 1947।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

गुरु 2 अक्टूबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 14:41

चंद्रमा यहाँ 14:41 पर उदय होता है।

गुरु 2 अक्टूबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 02:29 शुक्र

सूर्योदय 06:14 सूर्यास्त 18:15 सूर्योदय 06:14 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 02:29 शुक्र चंद्रोदय 14:41
सूर्योदय 06:14 सूर्यास्त 18:15 सूर्योदय 06:14 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 02:29 शुक्र चंद्रोदय 14:41
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 14:41 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 02:29 शुक्र पर अस्त होगा।

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 14:41 पर उदय हुआ; वह फिर 02:29 शुक्र पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।