Thazhecode, केरल का पंचांग बुध 20 अगस्त 2025
केरल, भारत
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय IST में
व्रत
प्रदोष व्रत
प्रदोष व्रत बुध 20 अगस्त को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं। बुध 20 अगस्त क्यों?
प्रदोष व्रत: Thazhecode में हर तारीख़व्रत का पारण
अजा एकादशी
20 अगस्त का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, बुध 20 अगस्त
- 04:43–05:29ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:15 से
- 06:15–07:49लाभ चौघड़िया
- 07:49–09:22अमृत चौघड़ियायमगण्ड में
- 10:55–12:29शुभ चौघड़ियागुलिक काल में
- 17:09–18:42लाभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 18:42 के बाद
- 20:09–21:36शुभ चौघड़िया
- 21:36–23:02अमृत चौघड़िया
-
22:07–23:40अमृत कालपुनर्वसु में
- 03:22–04:49 गुरुलाभ चौघड़िया
- 04:43–05:29 गुरुअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:15–07:49लाभशुभ
- 07:49–09:22अमृतयमगण्ड में
- 09:22–10:55कालअशुभ
- 10:55–12:29शुभगुलिक काल में
- 12:29–14:02रोगअशुभ
- 14:02–15:36उद्वेगअशुभ
- 15:36–17:09चरसामान्य
- 17:09–18:42लाभशुभ
रात का चौघड़िया
- 18:42–20:09उद्वेगअशुभ
- 20:09–21:36शुभ
- 21:36–23:02अमृतशुभ
- 23:02–00:29 गुरुचरसामान्य
- 00:29–01:55 गुरुरोगअशुभ
- 01:55–03:22 गुरुकालअशुभ
- 03:22–04:49 गुरुलाभशुभ
- 04:49–06:15 गुरुउद्वेगअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, बुध 20 अगस्त: ब्रह्म मुहूर्त, 04:43–05:29, शुभ
- लाभ, शुभ, 06:15–07:49
- अमृत, शुभ, 07:49–09:22
- काल, अशुभ, 09:22–10:55
- शुभ, 10:55–12:29
- रोग, अशुभ, 12:29–14:02
- उद्वेग, अशुभ, 14:02–15:36
- चर, सामान्य, 15:36–17:09
- लाभ, शुभ, 17:09–18:42
- उद्वेग, अशुभ, 18:42–20:09
- शुभ, 20:09–21:36
- अमृत, शुभ, 21:36–23:02
- चर, सामान्य, 23:02–00:29 गुरु
- रोग, अशुभ, 00:29–01:55 गुरु
- काल, अशुभ, 01:55–03:22 गुरु
- लाभ, शुभ, 03:22–04:49 गुरु
- उद्वेग, अशुभ, 04:49–06:15 गुरु
- यमगण्ड, 07:49–09:22, अशुभ
- गुलिक काल, 10:55–12:29, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 12:04–12:54, अशुभ
- राहु काल, 12:29–14:02, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:43–05:29 गुरु
हर मान कैसे निकलता है
Thazhecode में प्रदोष व्रत बुध 20 अगस्त को क्यों है?
प्रदोष व्रत बुध 20 अगस्त को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं।
प्रदोष की शिव पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। त्रयोदशी बुध 20 अगस्त को 13:59 से गुरु 21 अगस्त को 12:45 तक है, इसलिए केवल बुधवार का प्रदोष काल (18:42–21:01) उसके भीतर है। प्रदोष व्रत का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रदोष काल Tithika की परिपाटी है।
बुध 20 अगस्त को कौन सी तिथि है? कृष्ण द्वादशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 319.9° आगे था: कृष्ण द्वादशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 312°–324° सत्ताईसवीं है, कृष्ण द्वादशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:15। एकादशी उससे पहले 15:33 मंगल पर समाप्त हुई। द्वादशी 13:59 को समाप्त होगी, जब बढ़त 324° होगी। बढ़त 9 अगस्त की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
बुध 20 अगस्त को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:43–05:29
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:43–05:29।
मंगल 19 अगस्त की रात सूर्यास्त 18:43 मंगल से सूर्योदय 06:15 तक थी, 11 घं 32 मि। इसे 46 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
बुध 20 अगस्त को दुर्मुहूर्त कब है? 12:04–12:54
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है: 12:04–12:54।
यहाँ दिन, 06:15 से 18:42, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 49 मि का। बुधवार को दुर्मुहूर्त आठवाँ है, 12:04–12:54: वह आठवाँ, बीच वाला, मुहूर्त लेता है, इसलिए बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं होता।
बुध 20 अगस्त का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:15–07:49 लाभ है, जिसके स्वामी बुध हैं, बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:15 से 18:42, 1 घं 33 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:42 से 06:15 गुरु, 1 घं 26 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
बुध 20 अगस्त को राहुकाल कब है? 12:29–14:02
राहु काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:29–14:02।
बुध 20 अगस्त को यमगंड कब है? 07:49–09:22
यमगण्ड बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:49–09:22।
बुध 20 अगस्त को गुलिक काल कब है? 10:55–12:29
गुलिक काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:55–12:29।
यहाँ दिन 06:15 से 18:42 तक है, 12 घं 27 मि। इसे 1 घं 33 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: बुधवार को राहु काल पाँचवाँ भाग है, यमगण्ड दूसरा और गुलिक काल चौथा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
बुध 20 अगस्त को सूर्योदय कितने बजे है? 06:15
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:15, सूर्यास्त 18:42, 12 घं 27 मि का दिन।
बुध 20 अगस्त को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:42
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:15, सूर्यास्त 18:42, 12 घं 27 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 27 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 33 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 27 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 33 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
बुध 20 अगस्त को कौन सा नक्षत्र है? पुनर्वसु
सूर्योदय पर चंद्रमा 83° पर था: पुनर्वसु, पद 1।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। पुनर्वसु 80°00′–93°20′ तक है; चंद्रमा 80° पर उसके पद 1 में आया। वह 00:27 गुरु को निकलेगा, पुष्य में।
बुध 20 अगस्त को कौन सा योग है? सिद्धि
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 206.1° थे: सिद्धि।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 123.1° + 83° = 206.1°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 200°00′–213°20′ सोलहवाँ है, सिद्धि। यह 18:13 को समाप्त होता है, फिर व्यतीपात।
बुध 20 अगस्त को कौन सा करण है? तैतिल
सूर्योदय पर बढ़त 319.9° थी: द्वादशी का दूसरा आधा, तैतिल।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए द्वादशी का पहला आधा कौलव है और दूसरा तैतिल। कौलव 02:43 पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 318° हुई; तैतिल 13:59 तक है।
बुध 20 अगस्त को कौन सा वार है, और कब से? बुधवार
यह दिन बुधवार को सूर्योदय, 06:15, पर शुरू हुआ: बुधवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:15 से 06:15 गुरु तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी बुधवार के हैं।
बुध 20 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? श्रावण
यह मास 25 जुलाई की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कर्क में था: श्रावण।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कर्क से श्रावण। सूर्य 17 अगस्त को, मास के भीतर, सिंह में जाता है। अगली अमावस्या, 23 अगस्त, उसे सिंह में पाती है और भाद्रपद शुरू करती है।
बुध 20 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? भाद्रपद
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष भाद्रपद का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 23 अगस्त की अमावस्या, सूर्य सिंह में, भाद्रपद शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ भाद्रपद है, और अमान्त गणना में श्रावण।
बुध 20 अगस्त को कौन सा संवत है? विक्रम 2082 · शक 1947
विक्रम संवत 2082 29 मार्च 2025 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 29 मार्च 2025, 16:27 शनि। तब से सूर्य तारों के बीच 138.3° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2082 गिनता है; शक संवत 1947।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
बुध 20 अगस्त को चंद्रोदय कितने बजे है? 04:19 गुरु
चंद्रमा यहाँ 04:19 गुरु पर उदय होता है।
बुध 20 अगस्त को चंद्रास्त कितने बजे है? 16:34
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 16:34 पर अस्त हुआ; वह फिर 04:19 गुरु पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 16:34 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 04:19 गुरु पर उदय होगा।