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Thazhecode, केरल का पंचांग सोम 18 नवंबर 2024

केरल, भारत

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय IST में

तृतीया

कृष्ण पक्ष · 18:56 तक

फिर चतुर्थी · 17:28 मंगल तक

व्रत

संकष्टी चतुर्थी

चंद्रोदय
20:25

संकष्टी चतुर्थी सोम 18 नवंबर को है: उस रात चंद्रोदय पर चतुर्थी है। सोम 18 नवंबर क्यों?

संकष्टी चतुर्थी: Thazhecode में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:44 06:23 17:58अगला सूर्योदय 06:24 मंगल

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 06:23–07:50अमृतशुभ
  • 07:50–09:17कालअशुभ
  • 09:17–10:44शुभ
  • 10:44–12:11रोगअशुभ
  • 12:11–13:38उद्वेगअशुभ
  • 13:38–15:04चरसामान्य
  • 15:04–16:31लाभशुभ
  • 16:31–17:58अमृतशुभ

रात का चौघड़िया

  • 17:58–19:31चरसामान्य
  • 19:31–21:05रोगअशुभ
  • 21:05–22:38कालअशुभ
  • 22:38–00:11 मंगललाभशुभ
  • 00:11–01:44 मंगलउद्वेगअशुभ
  • 01:44–03:17 मंगलशुभ
  • 03:17–04:50 मंगलअमृतशुभ
  • 04:50–06:24 मंगलचरसामान्य

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, सोम 18 नवंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 04:44–05:33, शुभ
  • अमृत, शुभ, 06:23–07:50
  • काल, अशुभ, 07:50–09:17
  • शुभ, 09:17–10:44
  • रोग, अशुभ, 10:44–12:11
  • उद्वेग, अशुभ, 12:11–13:38
  • चर, सामान्य, 13:38–15:04
  • लाभ, शुभ, 15:04–16:31
  • अमृत, शुभ, 16:31–17:58
  • चर, सामान्य, 17:58–19:31
  • रोग, अशुभ, 19:31–21:05
  • काल, अशुभ, 21:05–22:38
  • लाभ, शुभ, 22:38–00:11 मंगल
  • उद्वेग, अशुभ, 00:11–01:44 मंगल
  • शुभ, 01:44–03:17 मंगल
  • अमृत, शुभ, 03:17–04:50 मंगल
  • चर, सामान्य, 04:50–06:24 मंगल
  • राहु काल, 07:50–09:17, अशुभ
  • यमगण्ड, 10:44–12:11, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 11:47–12:34, शुभ
  • दुर्मुहूर्त, 12:34–13:20, अशुभ
  • गुलिक काल, 13:38–15:04, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 14:53–15:39, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:44–05:34 मंगल

हर मान कैसे निकलता है

Thazhecode में संकष्टी चतुर्थी सोम 18 नवंबर को क्यों है?

संकष्टी चतुर्थी सोम 18 नवंबर को है: उस रात चंद्रोदय पर चतुर्थी है।

तृतीया चतुर्थी 18:56 17:00 21:00 23:00 सोम 18 नवंबर स्मार्त · वैष्णव चंद्रोदय 20:25
तृतीया चतुर्थी 18:56 17:00 21:00 23:00 सोम 18 नवंबर स्मार्त · वैष्णव चंद्रोदय 20:25
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (IST)। पट्टी: तिथि। रेखा: चंद्रोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

संकष्टी का व्रत चंद्रोदय पर खोला जाता है। चतुर्थी सोम 18 नवंबर को 18:56 से मंगल 19 नवंबर को 17:28 तक है, इसलिए चंद्रोदय पर वह केवल सोम 18 नवंबर को है, 20:25 पर। संकष्टी चतुर्थी का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; चंद्रोदय Tithika की परिपाटी है।

संकष्टी चतुर्थी: Thazhecode में हर तारीख़

सोम 18 नवंबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण तृतीया

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 209.1° आगे था: कृष्ण तृतीया।

सूर्य अमावस्या 0° 209.1° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल तृतीया 204°–216° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 209.1° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल तृतीया 204°–216° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 204°–216° अठारहवीं है, कृष्ण तृतीया। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:23। द्वितीया उससे पहले 21:06 रवि पर समाप्त हुई। तृतीया 18:56 को समाप्त होगी, जब बढ़त 216° होगी। बढ़त 16 नवंबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

सोम 18 नवंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:44–05:33

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:44–05:33।

सूर्यास्त 17:58 रवि सूर्योदय 06:23 सोम समय, ऊँचाई नहीं रवि 17 नवंबर का दिन 14 1
सूर्यास्त 17:58 रवि सूर्योदय 06:23 सोम समय, ऊँचाई नहीं रवि 17 नवंबर का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · रविवार का दिन धुँधला

रवि 17 नवंबर की रात सूर्यास्त 17:58 रवि से सूर्योदय 06:23 तक थी, 12 घं 25 मि। इसे 49 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

सोम 18 नवंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:47–12:34

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:47–12:34।

सोम 18 नवंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 12:34–13:20

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 12:34–13:20 और 14:53–15:39।

सोम 18 नवंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 14:53–15:39

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 12:34–13:20 और 14:53–15:39।

सूर्योदय 06:23 सूर्यास्त 17:58 सूर्योदय 06:24 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 8 9 12 1
सूर्योदय 06:23 सूर्यास्त 17:58 सूर्योदय 06:24 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 8 9 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 9, 12

यहाँ दिन, 06:23 से 17:58, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 46 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। सोमवार को दुर्मुहूर्त नौवाँ और बारहवाँ है, 12:34–13:20 और 14:53–15:39।

सोम 18 नवंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

06:23–07:50 अमृत है, जिसके स्वामी चंद्र हैं, सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 06:23 सूर्यास्त 17:58 सूर्योदय 06:24 मंगल समय, ऊँचाई नहीं अमृत
सूर्योदय 06:23 सूर्यास्त 17:58 सूर्योदय 06:24 मंगल समय, ऊँचाई नहीं अमृत
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:23 से 17:58, 1 घं 26 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 17:58 से 06:24 मंगल, 1 घं 33 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

सोम 18 नवंबर को राहुकाल कब है? 07:50–09:17

राहु काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:50–09:17।

सोम 18 नवंबर को यमगंड कब है? 10:44–12:11

यमगण्ड सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:44–12:11।

सोम 18 नवंबर को गुलिक काल कब है? 13:38–15:04

गुलिक काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:38–15:04।

सूर्योदय 06:23 सूर्यास्त 17:58 सूर्योदय 06:24 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 06:23 सूर्यास्त 17:58 सूर्योदय 06:24 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 4, गुलिक काल 6

यहाँ दिन 06:23 से 17:58 तक है, 11 घं 35 मि। इसे 1 घं 26 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: सोमवार को राहु काल दूसरा भाग है, यमगण्ड चौथा और गुलिक काल छठा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

सोम 18 नवंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 06:23

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:23, सूर्यास्त 17:58, 11 घं 35 मि का दिन।

सोम 18 नवंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:58

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:23, सूर्यास्त 17:58, 11 घं 35 मि का दिन।

सूर्योदय 06:23 सूर्यास्त 17:58 सूर्योदय 06:24 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 08:44 चंद्रोदय 20:25
सूर्योदय 06:23 सूर्यास्त 17:58 सूर्योदय 06:24 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 08:44 चंद्रोदय 20:25
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 35 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 26 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 35 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 26 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सोम 18 नवंबर को कौन सा नक्षत्र है? मृगशिरा

सूर्योदय पर चंद्रमा 61.1° पर था: मृगशिरा, पद 3।

चंद्रमा सूर्य 0° मृगशिरा चंद्रमा 61.1° अगला: आर्द्रा पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° मृगशिरा चंद्रमा 61.1° अगला: आर्द्रा पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। मृगशिरा 53°20′–66°40′ तक है; चंद्रमा 60° पर उसके पद 3 में आया। वह 15:48 को निकलेगा, आर्द्रा में।

सोम 18 नवंबर को कौन सा योग है? सिद्ध

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 273.1° थे: सिद्ध।

सूर्य 212.0° + चंद्रमा 61.1° = 273.1° सिद्ध 266°40′–280°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 212.0° + चंद्रमा 61.1° = 273.1° सिद्ध 266°40′–280°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 212° + 61.1° = 273.1°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 266°40′–280°00′ इक्कीसवाँ है, सिद्ध। यह 17:21 को समाप्त होता है, फिर साध्य।

सोम 18 नवंबर को कौन सा करण है? वणिज

सूर्योदय पर बढ़त 209.1° थी: तृतीया का पहला आधा, वणिज।

सूर्य अमावस्या 0° 209.1° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल तृतीया 204°–216° वणिज 204°–210° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 209.1° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल तृतीया 204°–216° वणिज 204°–210° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए तृतीया का पहला आधा वणिज है और दूसरा विष्टि। वणिज 07:56 तक है, जब बढ़त 210° होगी; विष्टि 18:56 तक।

सोम 18 नवंबर को कौन सा वार है, और कब से? सोमवार

यह दिन सोमवार को सूर्योदय, 06:23, पर शुरू हुआ: सोमवार।

सोमवार सूर्योदय 06:23 सूर्यास्त 17:58 सूर्योदय 06:24 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 00:00 मंगल अब भी सोमवार
सोमवार सूर्योदय 06:23 सूर्यास्त 17:58 सूर्योदय 06:24 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 00:00 मंगल अब भी सोमवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:23 से 06:24 मंगल तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी सोमवार के हैं।

सोम 18 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? कार्तिक

यह मास 1 नवंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य तुला में था: कार्तिक।

1 2 3 4 5 6 तुला वृश्चिक 9 10 11 12 0° पृथ्वी
1 2 3 4 5 6 तुला वृश्चिक 9 10 11 12 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: तुला से कार्तिक। सूर्य 16 नवंबर को, मास के भीतर, वृश्चिक में जाता है। अगली अमावस्या, 1 दिसंबर, उसे वृश्चिक में पाती है और मार्गशीर्ष शुरू करती है।

सोम 18 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? मार्गशीर्ष

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष मार्गशीर्ष का है।

अमान्त मार्गशीर्ष पूर्णिमान्त कार्तिक कृष्ण शुक्ल सोम 18 नवंबर अमावस्या 1 नव॰ पूर्णिमा 16 नव॰ अमावस्या 1 दिस॰ पूर्णिमा 15 दिस॰
अमान्त मार्गशीर्ष पूर्णिमान्त कार्तिक कृष्ण शुक्ल सोम 18 नवंबर अमावस्या 1 नव॰ पूर्णिमा 16 नव॰ अमावस्या 1 दिस॰ पूर्णिमा 15 दिस॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 1 दिसंबर की अमावस्या, सूर्य वृश्चिक में, मार्गशीर्ष शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ मार्गशीर्ष है, और अमान्त गणना में कार्तिक।

सोम 18 नवंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2081 · शक 1946

विक्रम संवत 2081 8 अप्रैल 2024 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 8 अप्रैल 2024 23:50 · सूर्य मीन में सूर्योदय, सोम 18 नवंबर सूर्य 212.0° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 8 अप्रैल 2024 23:50 · सूर्य मीन में सूर्योदय, सोम 18 नवंबर सूर्य 212.0° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 8 अप्रैल 2024, 23:50 सोम। तब से सूर्य तारों के बीच 216.8° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2081 गिनता है; शक संवत 1946।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

सोम 18 नवंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 20:25

चंद्रमा यहाँ 20:25 पर उदय होता है।

सोम 18 नवंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 08:44

सूर्योदय 06:23 सूर्यास्त 17:58 सूर्योदय 06:24 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 08:44 चंद्रोदय 20:25
सूर्योदय 06:23 सूर्यास्त 17:58 सूर्योदय 06:24 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 08:44 चंद्रोदय 20:25
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 08:44 पर अस्त हुआ; वह फिर 20:25 पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 08:44 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 20:25 पर उदय होगा।