Thazhecode, केरल का पंचांग बुध 13 जून 2018
केरल, भारत
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय IST में
व्रत
अमावस्या
अमावस्या बुध 13 जून को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है। बुध 13 जून क्यों?
अमावस्या: Thazhecode में हर तारीख़13 जून का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, बुध 13 जून
- 04:32–05:17ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:02 से
- 06:02–07:38लाभ चौघड़िया
- 07:38–09:14अमृत चौघड़ियायमगण्ड में
- 10:50–12:26शुभ चौघड़ियागुलिक काल में
-
14:01–15:16अमृत कालराहु काल छोड़कर · रोहिणी में
- 17:13–18:49लाभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 18:49 के बाद
- 20:13–21:37शुभ चौघड़िया
- 21:37–23:01अमृत चौघड़िया
- 03:14–04:38 गुरुलाभ चौघड़िया
- 04:32–05:17 गुरुअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:02–07:38लाभशुभ
- 07:38–09:14अमृतयमगण्ड में
- 09:14–10:50कालअशुभ
- 10:50–12:26शुभगुलिक काल में
- 12:26–14:01रोगअशुभ
- 14:01–15:37उद्वेगअशुभ
- 15:37–17:13चरसामान्य
- 17:13–18:49लाभशुभ
रात का चौघड़िया
- 18:49–20:13उद्वेगअशुभ
- 20:13–21:37शुभ
- 21:37–23:01अमृतशुभ
- 23:01–00:26 गुरुचरसामान्य
- 00:26–01:50 गुरुरोगअशुभ
- 01:50–03:14 गुरुकालअशुभ
- 03:14–04:38 गुरुलाभशुभ
- 04:38–06:02 गुरुउद्वेगअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, बुध 13 जून: ब्रह्म मुहूर्त, 04:32–05:17, शुभ
- लाभ, शुभ, 06:02–07:38
- अमृत, शुभ, 07:38–09:14
- काल, अशुभ, 09:14–10:50
- शुभ, 10:50–12:26
- रोग, अशुभ, 12:26–14:01
- उद्वेग, अशुभ, 14:01–15:37
- चर, सामान्य, 15:37–17:13
- लाभ, शुभ, 17:13–18:49
- उद्वेग, अशुभ, 18:49–20:13
- शुभ, 20:13–21:37
- अमृत, शुभ, 21:37–23:01
- चर, सामान्य, 23:01–00:26 गुरु
- रोग, अशुभ, 00:26–01:50 गुरु
- काल, अशुभ, 01:50–03:14 गुरु
- लाभ, शुभ, 03:14–04:38 गुरु
- उद्वेग, अशुभ, 04:38–06:02 गुरु
- यमगण्ड, 07:38–09:14, अशुभ
- गुलिक काल, 10:50–12:26, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 12:00–12:51, अशुभ
- राहु काल, 12:26–14:01, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:32–05:17 गुरु
हर मान कैसे निकलता है
Thazhecode में अमावस्या बुध 13 जून को क्यों है?
अमावस्या बुध 13 जून को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है।
अमावस्या सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। अमावस्या बुध 13 जून को 04:34 से गुरु 14 जून को 01:13 तक है, इसलिए वह केवल बुध 13 जून के सूर्योदय (06:02) पर है। अमावस्या का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।
बुध 13 जून को कौन सी तिथि है? कृष्ण अमावस्या
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 348.9° आगे था: कृष्ण अमावस्या।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 348°–360° तीसवीं है, कृष्ण अमावस्या। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:02। चतुर्दशी उससे पहले 04:34 पर समाप्त हुई। अमावस्या 01:13 गुरु को समाप्त होगी, जब बढ़त 360° होगी। बढ़त 29 मई की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
बुध 13 जून को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:32–05:17
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:32–05:17।
मंगल 12 जून की रात सूर्यास्त 18:49 मंगल से सूर्योदय 06:02 तक थी, 11 घं 13 मि। इसे 44 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
बुध 13 जून को दुर्मुहूर्त कब है? 12:00–12:51
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है: 12:00–12:51।
यहाँ दिन, 06:02 से 18:49, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 51 मि का। बुधवार को दुर्मुहूर्त आठवाँ है, 12:00–12:51: वह आठवाँ, बीच वाला, मुहूर्त लेता है, इसलिए बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं होता।
बुध 13 जून का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:02–07:38 लाभ है, जिसके स्वामी बुध हैं, बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:02 से 18:49, 1 घं 35 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:49 से 06:02 गुरु, 1 घं 24 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
बुध 13 जून को राहुकाल कब है? 12:26–14:01
राहु काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:26–14:01।
बुध 13 जून को यमगंड कब है? 07:38–09:14
यमगण्ड बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:38–09:14।
बुध 13 जून को गुलिक काल कब है? 10:50–12:26
गुलिक काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:50–12:26।
यहाँ दिन 06:02 से 18:49 तक है, 12 घं 47 मि। इसे 1 घं 35 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: बुधवार को राहु काल पाँचवाँ भाग है, यमगण्ड दूसरा और गुलिक काल चौथा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
बुध 13 जून को सूर्योदय कितने बजे है? 06:02
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:02, सूर्यास्त 18:49, 12 घं 47 मि का दिन।
बुध 13 जून को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:49
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:02, सूर्यास्त 18:49, 12 घं 47 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 47 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 13 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 47 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 13 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
बुध 13 जून को कौन सा नक्षत्र है? रोहिणी
सूर्योदय पर चंद्रमा 46.7° पर था: रोहिणी, पद 3।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। रोहिणी 40°00′–53°20′ तक है; चंद्रमा 46°40′ पर उसके पद 3 में आया। वह 16:43 को निकलेगा, मृगशिरा में।
बुध 13 जून को कौन सा योग है? धृति
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 104.6° थे: धृति।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 57.9° + 46.7° = 104.6°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 93°20′–106°40′ आठवाँ है, धृति। यह 09:12 को समाप्त होता है, फिर शूल।
बुध 13 जून को कौन सा करण है? चतुष्पाद
सूर्योदय पर बढ़त 348.9° थी: अमावस्या का पहला आधा, चतुष्पाद।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए अमावस्या का पहला आधा चतुष्पाद है और दूसरा नाग। चतुष्पाद 14:55 तक है, जब बढ़त 354° होगी; नाग 01:13 गुरु तक।
बुध 13 जून को कौन सा वार है, और कब से? बुधवार
यह दिन बुधवार को सूर्योदय, 06:02, पर शुरू हुआ: बुधवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:02 से 06:02 गुरु तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी बुधवार के हैं।
बुध 13 जून को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? ज्येष्ठ (अधिक)
15 मई और 14 जून की अमावस्याओं के बीच कोई संक्रांति नहीं: अधिक ज्येष्ठ।
सामान्यतः एक मास में एक संक्रांति होती है, सूर्य का नई राशि में प्रवेश। 15 मई 17:17 मंगल से 14 जून 01:13 गुरु तक सूर्य वृषभ में रहा; मिथुन में वह अमावस्या के बाद 15 जून 11:36 शुक्र को गया। बिना संक्रांति का मास अधिक ज्येष्ठ है, जो ज्येष्ठ से पहले आता है।
बुध 13 जून को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? ज्येष्ठ (अधिक)
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष ज्येष्ठ (अधिक) का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 14 जून की अमावस्या, सूर्य वृषभ में, ज्येष्ठ (अधिक) शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ ज्येष्ठ (अधिक) है, और अमान्त गणना में ज्येष्ठ (अधिक)।
बुध 13 जून को कौन सा संवत है? विक्रम 2075 · शक 1940
विक्रम संवत 2075 17 मार्च 2018 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 17 मार्च 2018, 18:41 शनि। तब से सूर्य तारों के बीच 85.1° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2075 गिनता है; शक संवत 1940।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
बुध 13 जून को चंद्रास्त कितने बजे है? 18:25
चंद्रमा यहाँ 18:25 पर अस्त होता है।
चंद्रमा इस सूर्योदय और अगले के बीच उदय नहीं होता।
चंद्रमा 18:25 पर, दिन में, अस्त होता है और अगले सूर्योदय से पहले उदय नहीं होता।