Thazhecode, केरल का पंचांग बुध 6 सितंबर 2017
केरल, भारत
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय IST में
त्योहार
पितृ पक्ष आरंभ
पितृ पक्ष आरंभ बुध 6 सितंबर को है: उस दिन पूरे अपराह्न में प्रतिपदा है, और किसी दिन नहीं। बुध 6 सितंबर क्यों?
पितृ पक्ष आरंभ: Thazhecode में हर तारीख़व्रत
पूर्णिमा
पूर्णिमा बुध 6 सितंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर पूर्णिमा है। बुध 6 सितंबर क्यों?
पूर्णिमा: Thazhecode में हर तारीख़6 सितंबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, बुध 6 सितंबर
- 04:42–05:29ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:15 से
- 06:15–07:47लाभ चौघड़िया
- 07:47–09:20अमृत चौघड़ियायमगण्ड में
- 10:52–12:24शुभ चौघड़ियागुलिक काल में
- 17:00–18:32लाभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 18:32 के बाद
- 20:00–21:28शुभ चौघड़िया
- 21:28–22:56अमृत चौघड़िया
- 03:20–04:47 गुरुलाभ चौघड़िया
-
04:57–06:15 गुरुअमृत कालयमगण्ड छोड़कर · पूर्व भाद्रपद में
- 04:42–05:28 गुरुअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:15–07:47लाभशुभ
- 07:47–09:20अमृतयमगण्ड में
- 09:20–10:52कालअशुभ
- 10:52–12:24शुभगुलिक काल में
- 12:24–13:56रोगअशुभ
- 13:56–15:28उद्वेगअशुभ
- 15:28–17:00चरसामान्य
- 17:00–18:32लाभशुभ
रात का चौघड़िया
- 18:32–20:00उद्वेगअशुभ
- 20:00–21:28शुभ
- 21:28–22:56अमृतशुभ
- 22:56–00:24 गुरुचरसामान्य
- 00:24–01:52 गुरुरोगअशुभ
- 01:52–03:20 गुरुकालअशुभ
- 03:20–04:47 गुरुलाभशुभ
- 04:47–06:15 गुरुउद्वेगअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, बुध 6 सितंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 04:42–05:29, शुभ
- लाभ, शुभ, 06:15–07:47
- अमृत, शुभ, 07:47–09:20
- काल, अशुभ, 09:20–10:52
- शुभ, 10:52–12:24
- रोग, अशुभ, 12:24–13:56
- उद्वेग, अशुभ, 13:56–15:28
- चर, सामान्य, 15:28–17:00
- लाभ, शुभ, 17:00–18:32
- उद्वेग, अशुभ, 18:32–20:00
- शुभ, 20:00–21:28
- अमृत, शुभ, 21:28–22:56
- चर, सामान्य, 22:56–00:24 गुरु
- रोग, अशुभ, 00:24–01:52 गुरु
- काल, अशुभ, 01:52–03:20 गुरु
- लाभ, शुभ, 03:20–04:47 गुरु
- उद्वेग, अशुभ, 04:47–06:15 गुरु
- यमगण्ड, 07:47–09:20, अशुभ
- गुलिक काल, 10:52–12:24, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 11:59–12:48, अशुभ
- राहु काल, 12:24–13:56, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:42–05:28 गुरु
हर मान कैसे निकलता है
Thazhecode में पितृ पक्ष आरंभ बुध 6 सितंबर को क्यों है?
पितृ पक्ष आरंभ बुध 6 सितंबर को है: उस दिन पूरे अपराह्न में प्रतिपदा है, और किसी दिन नहीं।
पितृ पक्ष का पहला श्राद्ध अपराह्न में होता है, दिन का चौथा पाँचवाँ भाग। प्रतिपदा बुध 6 सितंबर को 12:32 से गुरु 7 सितंबर को 11:52 तक है, इसलिए केवल बुधवार का अपराह्न (13:37–16:05) उसके भीतर है। पितृ पक्ष आरंभ का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; अपराह्न Tithika की परिपाटी है।
Thazhecode में पूर्णिमा बुध 6 सितंबर को क्यों है?
पूर्णिमा बुध 6 सितंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर पूर्णिमा है।
पूर्णिमा सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। पूर्णिमा मंगल 5 सितंबर को 12:41 से बुध 6 सितंबर को 12:32 तक है, इसलिए वह केवल बुध 6 सितंबर के सूर्योदय (06:15) पर है। पूर्णिमा का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।
बुध 6 सितंबर को कौन सी तिथि है? शुक्ल पूर्णिमा
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 176.8° आगे था: शुक्ल पूर्णिमा।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 168°–180° पंद्रहवीं है, शुक्ल पूर्णिमा। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:15। चतुर्दशी उससे पहले 12:41 मंगल पर समाप्त हुई। पूर्णिमा 12:32 को समाप्त होगी, जब बढ़त 180° होगी। बढ़त 22 अगस्त की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
बुध 6 सितंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:42–05:29
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:42–05:29।
मंगल 5 सितंबर की रात सूर्यास्त 18:33 मंगल से सूर्योदय 06:15 तक थी, 11 घं 42 मि। इसे 46 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
बुध 6 सितंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 11:59–12:48
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है: 11:59–12:48।
यहाँ दिन, 06:15 से 18:32, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 49 मि का। बुधवार को दुर्मुहूर्त आठवाँ है, 11:59–12:48: वह आठवाँ, बीच वाला, मुहूर्त लेता है, इसलिए बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं होता।
बुध 6 सितंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:15–07:47 लाभ है, जिसके स्वामी बुध हैं, बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:15 से 18:32, 1 घं 32 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:32 से 06:15 गुरु, 1 घं 27 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
बुध 6 सितंबर को राहुकाल कब है? 12:24–13:56
राहु काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:24–13:56।
बुध 6 सितंबर को यमगंड कब है? 07:47–09:20
यमगण्ड बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:47–09:20।
बुध 6 सितंबर को गुलिक काल कब है? 10:52–12:24
गुलिक काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:52–12:24।
यहाँ दिन 06:15 से 18:32 तक है, 12 घं 17 मि। इसे 1 घं 32 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: बुधवार को राहु काल पाँचवाँ भाग है, यमगण्ड दूसरा और गुलिक काल चौथा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
बुध 6 सितंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 06:15
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:15, सूर्यास्त 18:32, 12 घं 17 मि का दिन।
बुध 6 सितंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:32
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:15, सूर्यास्त 18:32, 12 घं 17 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 17 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 43 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 17 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 43 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
बुध 6 सितंबर को कौन सा नक्षत्र है? शतभिषा
सूर्योदय पर चंद्रमा 316.3° पर था: शतभिषा, पद 3।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। शतभिषा 306°40′–320°00′ तक है; चंद्रमा 313°20′ पर उसके पद 3 में आया। वह 12:56 को निकलेगा, पूर्व भाद्रपद में।
बुध 6 सितंबर को कौन सा योग है? धृति
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 455.8° थे, एक चक्कर और 95.8°: धृति।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 139.5° + 316.3° = 455.8°, एक पूरा चक्कर और 95.8°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 93°20′–106°40′ आठवाँ है, धृति। यह 00:31 गुरु को समाप्त होता है, फिर शूल।
बुध 6 सितंबर को कौन सा करण है? बव
सूर्योदय पर बढ़त 176.8° थी: पूर्णिमा का दूसरा आधा, बव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए पूर्णिमा का पहला आधा विष्टि है और दूसरा बव। विष्टि 00:41 पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 174° हुई; बव 12:32 तक है।
बुध 6 सितंबर को कौन सा वार है, और कब से? बुधवार
यह दिन बुधवार को सूर्योदय, 06:15, पर शुरू हुआ: बुधवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:15 से 06:15 गुरु तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी बुधवार के हैं।
बुध 6 सितंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? भाद्रपद
यह मास 22 अगस्त की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य सिंह में था: भाद्रपद।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: सिंह से भाद्रपद। सूर्य 17 सितंबर को, मास के भीतर, कन्या में जाता है। अगली अमावस्या, 20 सितंबर, उसे कन्या में पाती है और आश्विन शुरू करती है।
बुध 6 सितंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? भाद्रपद
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष भाद्रपद का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 22 अगस्त की अमावस्या ने, सूर्य सिंह में, भाद्रपद शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में भाद्रपद है।
बुध 6 सितंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2074 · शक 1939
विक्रम संवत 2074 28 मार्च 2017 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 28 मार्च 2017, 08:27 मंगल। तब से सूर्य तारों के बीच 156° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2074 गिनता है; शक संवत 1939।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
बुध 6 सितंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 18:45
चंद्रमा यहाँ 18:45 पर उदय होता है।
चंद्रमा 18:45 पर, रात में, उदय होता है और अगले सूर्योदय से पहले अस्त नहीं होता।
चंद्रमा इस सूर्योदय और अगले के बीच अस्त नहीं होता।