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Thazhecode, केरल का पंचांग मंगल 30 मई 2017

केरल, भारत

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय IST में

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:31 06:01 18:45अगला सूर्योदय 06:01 बुध

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 06:01–07:37रोगअशुभ
  • 07:37–09:12उद्वेगअशुभ
  • 09:12–10:48चरसामान्य
  • 10:48–12:23लाभशुभ
  • 12:23–13:59अमृतगुलिक काल में
  • 13:59–15:34कालअशुभ
  • 15:34–17:10शुभराहु काल में
  • 17:10–18:45रोगअशुभ

रात का चौघड़िया

  • 18:45–20:10कालअशुभ
  • 20:10–21:34लाभशुभ
  • 21:34–22:59उद्वेगअशुभ
  • 22:59–00:23 बुधशुभ
  • 00:23–01:48 बुधअमृतशुभ
  • 01:48–03:12 बुधचरसामान्य
  • 03:12–04:37 बुधरोगअशुभ
  • 04:37–06:01 बुधकालअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, मंगल 30 मई: ब्रह्म मुहूर्त, 04:31–05:16, शुभ
  • रोग, अशुभ, 06:01–07:37
  • उद्वेग, अशुभ, 07:37–09:12
  • चर, सामान्य, 09:12–10:48
  • लाभ, शुभ, 10:48–12:23
  • अमृत, शुभ, 12:23–13:59
  • काल, अशुभ, 13:59–15:34
  • शुभ, 15:34–17:10
  • रोग, अशुभ, 17:10–18:45
  • काल, अशुभ, 18:45–20:10
  • लाभ, शुभ, 20:10–21:34
  • उद्वेग, अशुभ, 21:34–22:59
  • शुभ, 22:59–00:23 बुध
  • अमृत, शुभ, 00:23–01:48 बुध
  • चर, सामान्य, 01:48–03:12 बुध
  • रोग, अशुभ, 03:12–04:37 बुध
  • काल, अशुभ, 04:37–06:01 बुध
  • दुर्मुहूर्त, 08:34–09:25, अशुभ
  • यमगण्ड, 09:12–10:48, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 11:58–12:49, शुभ
  • गुलिक काल, 12:23–13:59, अशुभ
  • राहु काल, 15:34–17:10, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 23:15–00:01 बुध, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:31–05:16 बुध

हर मान कैसे निकलता है

मंगल 30 मई को कौन सी तिथि है? शुक्ल पञ्चमी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 58.5° आगे था: शुक्ल पञ्चमी।

सूर्य अमावस्या 0° 58.5° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण पञ्चमी 48°–60° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 58.5° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण पञ्चमी 48°–60° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 48°–60° पाँचवीं है, शुक्ल पञ्चमी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:01। चतुर्थी उससे पहले 11:07 सोम पर समाप्त हुई। पञ्चमी 08:47 को समाप्त होगी, जब बढ़त 60° होगी। बढ़त 26 मई की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

मंगल 30 मई को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:31–05:16

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:31–05:16।

सूर्यास्त 18:45 सोम सूर्योदय 06:01 मंगल समय, ऊँचाई नहीं सोम 29 मई का दिन 14 1
सूर्यास्त 18:45 सोम सूर्योदय 06:01 मंगल समय, ऊँचाई नहीं सोम 29 मई का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · सोमवार का दिन धुँधला

सोम 29 मई की रात सूर्यास्त 18:45 सोम से सूर्योदय 06:01 तक थी, 11 घं 16 मि। इसे 45 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

मंगल 30 मई को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:58–12:49

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:58–12:49।

मंगल 30 मई को दुर्मुहूर्त कब है? 08:34–09:25

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:34–09:25, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:15–00:01 बुध।

मंगल 30 मई को दुर्मुहूर्त कब है? 23:15–00:01 बुध

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:34–09:25, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:15–00:01 बुध।

सूर्योदय 06:01 सूर्यास्त 18:45 सूर्योदय 06:01 बुध समय, ऊँचाई नहीं 8 4 7 1 1
सूर्योदय 06:01 सूर्यास्त 18:45 सूर्योदय 06:01 बुध समय, ऊँचाई नहीं 8 4 7 1 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 4, 7

यहाँ दिन, 06:01 से 18:45, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 50 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 08:34–09:25 और 23:15–00:01 बुध।

मंगल 30 मई का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

06:01–07:37 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।

सूर्योदय 06:01 सूर्यास्त 18:45 सूर्योदय 06:01 बुध समय, ऊँचाई नहीं रोग
सूर्योदय 06:01 सूर्यास्त 18:45 सूर्योदय 06:01 बुध समय, ऊँचाई नहीं रोग
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:01 से 18:45, 1 घं 35 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 18:45 से 06:01 बुध, 1 घं 24 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

मंगल 30 मई को राहुकाल कब है? 15:34–17:10

राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:34–17:10।

मंगल 30 मई को यमगंड कब है? 09:12–10:48

यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:12–10:48।

मंगल 30 मई को गुलिक काल कब है? 12:23–13:59

गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:23–13:59।

सूर्योदय 06:01 सूर्यास्त 18:45 सूर्योदय 06:01 बुध समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 06:01 सूर्यास्त 18:45 सूर्योदय 06:01 बुध समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 3, गुलिक काल 5

यहाँ दिन 06:01 से 18:45 तक है, 12 घं 44 मि। इसे 1 घं 35 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।

सूर्योदय और सूर्यास्त

मंगल 30 मई को सूर्योदय कितने बजे है? 06:01

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:01, सूर्यास्त 18:45, 12 घं 44 मि का दिन।

मंगल 30 मई को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:45

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:01, सूर्यास्त 18:45, 12 घं 44 मि का दिन।

सूर्योदय 06:01 सूर्यास्त 18:45 सूर्योदय 06:01 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 23:21 चंद्रोदय 10:29
सूर्योदय 06:01 सूर्यास्त 18:45 सूर्योदय 06:01 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 23:21 चंद्रोदय 10:29
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 44 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 16 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 44 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 16 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

मंगल 30 मई को कौन सा नक्षत्र है? पुष्य

सूर्योदय पर चंद्रमा 103.2° पर था: पुष्य, पद 3।

चंद्रमा सूर्य 0° पुष्य चंद्रमा 103.2° अगला: अश्लेशा पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° पुष्य चंद्रमा 103.2° अगला: अश्लेशा पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। पुष्य 93°20′–106°40′ तक है; चंद्रमा 100° पर उसके पद 3 में आया। वह 11:57 को निकलेगा, अश्लेशा में।

मंगल 30 मई को कौन सा योग है? ध्रुव

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 147.9° थे: ध्रुव।

सूर्य 44.7° + चंद्रमा 103.2° = 147.9° ध्रुव 146°40′–160°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 44.7° + चंद्रमा 103.2° = 147.9° ध्रुव 146°40′–160°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 44.7° + 103.2° = 147.9°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 146°40′–160°00′ बारहवाँ है, ध्रुव। यह 01:32 बुध को समाप्त होता है, फिर व्याघात।

मंगल 30 मई को कौन सा करण है? बालव

सूर्योदय पर बढ़त 58.5° थी: पञ्चमी का दूसरा आधा, बालव।

सूर्य अमावस्या 0° 58.5° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण पञ्चमी 48°–60° बालव 54°–60° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 58.5° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण पञ्चमी 48°–60° बालव 54°–60° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए पञ्चमी का पहला आधा बव है और दूसरा बालव। बव 21:52 सोम पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 54° हुई; बालव 08:47 तक है।

मंगल 30 मई को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार

यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 06:01, पर शुरू हुआ: मंगलवार।

मंगलवार सूर्योदय 06:01 सूर्यास्त 18:45 सूर्योदय 06:01 बुध समय, ऊँचाई नहीं 00:00 बुध अब भी मंगलवार
मंगलवार सूर्योदय 06:01 सूर्यास्त 18:45 सूर्योदय 06:01 बुध समय, ऊँचाई नहीं 00:00 बुध अब भी मंगलवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:01 से 06:01 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।

मंगल 30 मई को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? ज्येष्ठ

यह मास 26 मई की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य वृषभ में था: ज्येष्ठ।

1 वृषभ 4 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी मिथुन
1 वृषभ 4 5 6 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी मिथुन
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: वृषभ से ज्येष्ठ। सूर्य 15 जून को, मास के भीतर, मिथुन में जाता है। अगली अमावस्या, 24 जून, उसे मिथुन में पाती है और आषाढ़ शुरू करती है।

मंगल 30 मई को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? ज्येष्ठ

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष ज्येष्ठ का है।

अमान्त ज्येष्ठ पूर्णिमान्त ज्येष्ठ कृष्ण शुक्ल मंगल 30 मई पूर्णिमा 11 मई अमावस्या 26 मई पूर्णिमा 9 जून अमावस्या 24 जून
अमान्त ज्येष्ठ पूर्णिमान्त ज्येष्ठ कृष्ण शुक्ल मंगल 30 मई पूर्णिमा 11 मई अमावस्या 26 मई पूर्णिमा 9 जून अमावस्या 24 जून
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 26 मई की अमावस्या ने, सूर्य वृषभ में, ज्येष्ठ शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में ज्येष्ठ है।

मंगल 30 मई को कौन सा संवत है? विक्रम 2074 · शक 1939

विक्रम संवत 2074 28 मार्च 2017 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 28 मार्च 2017 08:27 · सूर्य मीन में सूर्योदय, मंगल 30 मई सूर्य 44.7° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 28 मार्च 2017 08:27 · सूर्य मीन में सूर्योदय, मंगल 30 मई सूर्य 44.7° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 28 मार्च 2017, 08:27 मंगल। तब से सूर्य तारों के बीच 61.2° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2074 गिनता है; शक संवत 1939।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

मंगल 30 मई को चंद्रोदय कितने बजे है? 10:29

चंद्रमा यहाँ 10:29 पर उदय होता है।

मंगल 30 मई को चंद्रास्त कितने बजे है? 23:21

सूर्योदय 06:01 सूर्यास्त 18:45 सूर्योदय 06:01 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 23:21 चंद्रोदय 10:29
सूर्योदय 06:01 सूर्यास्त 18:45 सूर्योदय 06:01 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 23:21 चंद्रोदय 10:29
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 10:29 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 23:21 पर अस्त होगा।

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 10:29 पर उदय हुआ; वह फिर 23:21 पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।