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Thazhecode, केरल का पंचांग शुक्र 17 मार्च 2017

केरल, भारत

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय IST में

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:56 06:32 18:36अगला सूर्योदय 06:31 शनि

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 06:32–08:02चरसामान्य
  • 08:02–09:33लाभगुलिक काल में
  • 09:33–11:03अमृतशुभ
  • 11:03–12:34कालअशुभ
  • 12:34–14:04शुभ
  • 14:04–15:35रोगअशुभ
  • 15:35–17:06उद्वेगअशुभ
  • 17:06–18:36चरसामान्य

रात का चौघड़िया

  • 18:36–20:06रोगअशुभ
  • 20:06–21:35कालअशुभ
  • 21:35–23:04लाभशुभ
  • 23:04–00:34 शनिउद्वेगअशुभ
  • 00:34–02:03 शनिशुभ
  • 02:03–03:32 शनिअमृतशुभ
  • 03:32–05:02 शनिचरसामान्य
  • 05:02–06:31 शनिरोगअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, शुक्र 17 मार्च: ब्रह्म मुहूर्त, 04:56–05:44, शुभ
  • चर, सामान्य, 06:32–08:02
  • लाभ, शुभ, 08:02–09:33
  • अमृत, शुभ, 09:33–11:03
  • काल, अशुभ, 11:03–12:34
  • शुभ, 12:34–14:04
  • रोग, अशुभ, 14:04–15:35
  • उद्वेग, अशुभ, 15:35–17:06
  • चर, सामान्य, 17:06–18:36
  • रोग, अशुभ, 18:36–20:06
  • काल, अशुभ, 20:06–21:35
  • लाभ, शुभ, 21:35–23:04
  • उद्वेग, अशुभ, 23:04–00:34 शनि
  • शुभ, 00:34–02:03 शनि
  • अमृत, शुभ, 02:03–03:32 शनि
  • चर, सामान्य, 03:32–05:02 शनि
  • रोग, अशुभ, 05:02–06:31 शनि
  • गुलिक काल, 08:02–09:33, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 08:57–09:45, अशुभ
  • राहु काल, 11:03–12:34, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 12:10–12:58, शुभ
  • दुर्मुहूर्त, 12:58–13:46, अशुभ
  • यमगण्ड, 15:35–17:06, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:56–05:43 शनि

हर मान कैसे निकलता है

शुक्र 17 मार्च को कौन सी तिथि है? कृष्ण पञ्चमी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 230.5° आगे था: कृष्ण पञ्चमी।

सूर्य अमावस्या 0° 230.5° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल पञ्चमी 228°–240° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 230.5° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल पञ्चमी 228°–240° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 228°–240° बीसवीं है, कृष्ण पञ्चमी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:32। चतुर्थी उससे पहले 01:11 पर समाप्त हुई। पञ्चमी 03:26 शनि को समाप्त होगी, जब बढ़त 240° होगी। बढ़त 12 मार्च की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

शुक्र 17 मार्च को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:56–05:44

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:56–05:44।

सूर्यास्त 18:36 गुरु सूर्योदय 06:32 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं गुरु 16 मार्च का दिन 14 1
सूर्यास्त 18:36 गुरु सूर्योदय 06:32 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं गुरु 16 मार्च का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · गुरुवार का दिन धुँधला

गुरु 16 मार्च की रात सूर्यास्त 18:36 गुरु से सूर्योदय 06:32 तक थी, 11 घं 56 मि। इसे 47 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

शुक्र 17 मार्च को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:10–12:58

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:10–12:58।

शुक्र 17 मार्च को दुर्मुहूर्त कब है? 08:57–09:45

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा और नौवाँ है: 08:57–09:45 और 12:58–13:46।

शुक्र 17 मार्च को दुर्मुहूर्त कब है? 12:58–13:46

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा और नौवाँ है: 08:57–09:45 और 12:58–13:46।

सूर्योदय 06:32 सूर्यास्त 18:36 सूर्योदय 06:31 शनि समय, ऊँचाई नहीं 8 4 9 1
सूर्योदय 06:32 सूर्यास्त 18:36 सूर्योदय 06:31 शनि समय, ऊँचाई नहीं 8 4 9 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 4, 9

यहाँ दिन, 06:32 से 18:36, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 48 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शुक्रवार को दुर्मुहूर्त चौथा और नौवाँ है, 08:57–09:45 और 12:58–13:46।

शुक्र 17 मार्च का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

06:32–08:02 चर है, जिसके स्वामी शुक्र हैं, शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, सामान्य माना जाता है।

सूर्योदय 06:32 सूर्यास्त 18:36 सूर्योदय 06:31 शनि समय, ऊँचाई नहीं चर
सूर्योदय 06:32 सूर्यास्त 18:36 सूर्योदय 06:31 शनि समय, ऊँचाई नहीं चर
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:32 से 18:36, 1 घं 30 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 18:36 से 06:31 शनि, 1 घं 29 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

शुक्र 17 मार्च को राहुकाल कब है? 11:03–12:34

राहु काल शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 11:03–12:34।

शुक्र 17 मार्च को यमगंड कब है? 15:35–17:06

यमगण्ड शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:35–17:06।

शुक्र 17 मार्च को गुलिक काल कब है? 08:02–09:33

गुलिक काल शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 08:02–09:33।

सूर्योदय 06:32 सूर्यास्त 18:36 सूर्योदय 06:31 शनि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 06:32 सूर्यास्त 18:36 सूर्योदय 06:31 शनि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: गुलिक काल 2, यमगण्ड 7

यहाँ दिन 06:32 से 18:36 तक है, 12 घं 4 मि। इसे 1 घं 30 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शुक्रवार को राहु काल चौथा भाग है, यमगण्ड सातवाँ और गुलिक काल दूसरा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

शुक्र 17 मार्च को सूर्योदय कितने बजे है? 06:32

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:32, सूर्यास्त 18:36, 12 घं 4 मि का दिन।

शुक्र 17 मार्च को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:36

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:32, सूर्यास्त 18:36, 12 घं 4 मि का दिन।

सूर्योदय 06:32 सूर्यास्त 18:36 सूर्योदय 06:31 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 09:46 चंद्रोदय 22:31
सूर्योदय 06:32 सूर्यास्त 18:36 सूर्योदय 06:31 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 09:46 चंद्रोदय 22:31
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 4 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 55 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 4 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 55 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

शुक्र 17 मार्च को कौन सा नक्षत्र है? विशाखा

सूर्योदय पर चंद्रमा 203° पर था: विशाखा, पद 1।

चंद्रमा सूर्य 0° विशाखा चंद्रमा 203.0° अगला: अनुराधा पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° विशाखा चंद्रमा 203.0° अगला: अनुराधा पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। विशाखा 200°00′–213°20′ तक है; चंद्रमा 200° पर उसके पद 1 में आया। वह 03:18 शनि को निकलेगा, अनुराधा में।

शुक्र 17 मार्च को कौन सा योग है? हर्षण

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 535.5° थे, एक चक्कर और 175.5°: हर्षण।

सूर्य 332.5° + चंद्रमा 203.0° = 535.5° एक चक्कर + 175.5° हर्षण 173°20′–186°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 332.5° + चंद्रमा 203.0° = 535.5° एक चक्कर + 175.5° हर्षण 173°20′–186°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 332.5° + 203° = 535.5°, एक पूरा चक्कर और 175.5°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 173°20′–186°40′ चौदहवाँ है, हर्षण। यह 03:12 शनि को समाप्त होता है, फिर वज्र।

शुक्र 17 मार्च को कौन सा करण है? कौलव

सूर्योदय पर बढ़त 230.5° थी: पञ्चमी का पहला आधा, कौलव।

सूर्य अमावस्या 0° 230.5° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल पञ्चमी 228°–240° कौलव 228°–234° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 230.5° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल पञ्चमी 228°–240° कौलव 228°–234° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए पञ्चमी का पहला आधा कौलव है और दूसरा तैतिल। कौलव 14:16 तक है, जब बढ़त 234° होगी; तैतिल 03:26 शनि तक।

शुक्र 17 मार्च को कौन सा वार है, और कब से? शुक्रवार

यह दिन शुक्रवार को सूर्योदय, 06:32, पर शुरू हुआ: शुक्रवार।

शुक्रवार सूर्योदय 06:32 सूर्यास्त 18:36 सूर्योदय 06:31 शनि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शनि अब भी शुक्रवार
शुक्रवार सूर्योदय 06:32 सूर्यास्त 18:36 सूर्योदय 06:31 शनि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शनि अब भी शुक्रवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:32 से 06:31 शनि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शुक्रवार के हैं।

शुक्र 17 मार्च को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? फाल्गुन

यह मास 26 फ़रवरी की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कुंभ में था: फाल्गुन।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 कुंभ मीन 0° पृथ्वी
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 कुंभ मीन 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कुंभ से फाल्गुन। सूर्य 14 मार्च को, मास के भीतर, मीन में जाता है। अगली अमावस्या, 28 मार्च, उसे मीन में पाती है और चैत्र शुरू करती है।

शुक्र 17 मार्च को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? चैत्र

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष चैत्र का है।

अमान्त चैत्र पूर्णिमान्त फाल्गुन कृष्ण शुक्ल शुक्र 17 मार्च अमावस्या 26 फ़र॰ पूर्णिमा 12 मार्च अमावस्या 28 मार्च पूर्णिमा 11 अप्रैल
अमान्त चैत्र पूर्णिमान्त फाल्गुन कृष्ण शुक्ल शुक्र 17 मार्च अमावस्या 26 फ़र॰ पूर्णिमा 12 मार्च अमावस्या 28 मार्च पूर्णिमा 11 अप्रैल
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 28 मार्च की अमावस्या, सूर्य मीन में, चैत्र शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ चैत्र है, और अमान्त गणना में फाल्गुन।

शुक्र 17 मार्च को कौन सा संवत है? विक्रम 2073 · शक 1938

विक्रम संवत 2073 7 अप्रैल 2016 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 7 अप्रैल 2016 16:53 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शुक्र 17 मार्च सूर्य 332.5° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 7 अप्रैल 2016 16:53 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शुक्र 17 मार्च सूर्य 332.5° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 7 अप्रैल 2016, 16:53 गुरु। तब से सूर्य तारों के बीच 338.5° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2073 गिनता है; शक संवत 1938।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

शुक्र 17 मार्च को चंद्रोदय कितने बजे है? 22:31

चंद्रमा यहाँ 22:31 पर उदय होता है।

शुक्र 17 मार्च को चंद्रास्त कितने बजे है? 09:46

सूर्योदय 06:32 सूर्यास्त 18:36 सूर्योदय 06:31 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 09:46 चंद्रोदय 22:31
सूर्योदय 06:32 सूर्यास्त 18:36 सूर्योदय 06:31 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 09:46 चंद्रोदय 22:31
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 09:46 पर अस्त हुआ; वह फिर 22:31 पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 09:46 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 22:31 पर उदय होगा।