Split, क्रोएशिया का पंचांग मंगल 4 जुलाई 2034
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय CEST में
व्रत
संकष्टी चतुर्थी
संकष्टी चतुर्थी मंगल 4 जुलाई को है: उस रात चंद्रोदय पर चतुर्थी है। मंगल 4 जुलाई क्यों?
संकष्टी चतुर्थी: Split में हर तारीख़4 जुलाई का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, मंगल 4 जुलाई
- 04:09–04:44ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 05:19 से
-
07:51–08:22अमृत कालयमगण्ड, दुर्मुहूर्त छोड़कर · श्रवण में
- 11:03–12:58लाभ चौघड़िया
- 12:28–12:58अभिजीत मुहूर्तगुलिक काल छोड़कर
- 12:58–14:53अमृत चौघड़ियागुलिक काल में
- 16:48–18:43शुभ चौघड़ियाराहु काल में
- सूर्यास्त 20:38 के बाद
- 21:43–22:48लाभ चौघड़िया
- 23:53–00:06 बुधशुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 00:41–00:59 बुधशुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 00:59–02:04 बुधअमृत चौघड़िया
- 04:10–04:44 बुधअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 05:19–07:13रोगअशुभ
- 07:13–09:08उद्वेगअशुभ
- 09:08–11:03चरसामान्य
- 11:03–12:58लाभशुभ
- 12:58–14:53अमृतगुलिक काल में
- 14:53–16:48कालअशुभ
- 16:48–18:43शुभराहु काल में
- 18:43–20:38रोगअशुभ
रात का चौघड़िया
- 20:38–21:43कालअशुभ
- 21:43–22:48लाभशुभ
- 22:48–23:53उद्वेगअशुभ
- 23:53–00:59 बुधशुभ
- 00:59–02:04 बुधअमृतशुभ
- 02:04–03:09 बुधचरसामान्य
- 03:09–04:14 बुधरोगअशुभ
- 04:14–05:19 बुधकालअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, मंगल 4 जुलाई: ब्रह्म मुहूर्त, 04:09–04:44, शुभ
- रोग, अशुभ, 05:19–07:13
- उद्वेग, अशुभ, 07:13–09:08
- चर, सामान्य, 09:08–11:03
- लाभ, शुभ, 11:03–12:58
- अमृत, शुभ, 12:58–14:53
- काल, अशुभ, 14:53–16:48
- शुभ, 16:48–18:43
- रोग, अशुभ, 18:43–20:38
- काल, अशुभ, 20:38–21:43
- लाभ, शुभ, 21:43–22:48
- उद्वेग, अशुभ, 22:48–23:53
- शुभ, 23:53–00:59 बुध
- अमृत, शुभ, 00:59–02:04 बुध
- चर, सामान्य, 02:04–03:09 बुध
- रोग, अशुभ, 03:09–04:14 बुध
- काल, अशुभ, 04:14–05:19 बुध
- दुर्मुहूर्त, 08:22–09:24, अशुभ
- यमगण्ड, 09:08–11:03, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 12:28–13:29, शुभ
- गुलिक काल, 12:58–14:53, अशुभ
- राहु काल, 16:48–18:43, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 00:06–00:41 बुध, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:10–04:44 बुध
हर मान कैसे निकलता है
Split में संकष्टी चतुर्थी मंगल 4 जुलाई को क्यों है?
संकष्टी चतुर्थी मंगल 4 जुलाई को है: उस रात चंद्रोदय पर चतुर्थी है।
संकष्टी का व्रत चंद्रोदय पर खोला जाता है। चतुर्थी मंगल 4 जुलाई को 20:45 से बुध 5 जुलाई को 20:20 तक है, इसलिए चंद्रोदय पर वह केवल मंगल 4 जुलाई को है, 22:14 पर। संकष्टी चतुर्थी का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; चंद्रोदय Tithika की परिपाटी है।
मंगल 4 जुलाई को कौन सी तिथि है? कृष्ण तृतीया
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 208.2° आगे था: कृष्ण तृतीया।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 204°–216° अठारहवीं है, कृष्ण तृतीया। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:19। द्वितीया उससे पहले 20:48 सोम पर समाप्त हुई। तृतीया 20:45 को समाप्त होगी, जब बढ़त 216° होगी। बढ़त 1 जुलाई की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
मंगल 4 जुलाई को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:09–04:44
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:09–04:44।
सोम 3 जुलाई की रात सूर्यास्त 20:38 सोम से सूर्योदय 05:19 तक थी, 8 घं 41 मि। इसे 34 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
मंगल 4 जुलाई को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:28–13:29
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:28–13:29।
मंगल 4 जुलाई को दुर्मुहूर्त कब है? 08:22–09:24
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:22–09:24, और रात के 15 में से सातवाँ, 00:06 बुध–00:41 बुध।
मंगल 4 जुलाई को दुर्मुहूर्त कब है? 00:06–00:41 बुध
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:22–09:24, और रात के 15 में से सातवाँ, 00:06 बुध–00:41 बुध।
यहाँ दिन, 05:19 से 20:38, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 1 घं 1 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 08:22–09:24 और 00:06 बुध–00:41 बुध।
मंगल 4 जुलाई का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
05:19–07:13 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 05:19 से 20:38, 1 घं 54 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 20:38 से 05:19 बुध, 1 घं 5 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
मंगल 4 जुलाई को राहुकाल कब है? 16:48–18:43
राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 16:48–18:43।
मंगल 4 जुलाई को यमगंड कब है? 09:08–11:03
यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:08–11:03।
मंगल 4 जुलाई को गुलिक काल कब है? 12:58–14:53
गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:58–14:53।
यहाँ दिन 05:19 से 20:38 तक है, 15 घं 19 मि। इसे 1 घं 54 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।
सूर्योदय और सूर्यास्त
मंगल 4 जुलाई को सूर्योदय कितने बजे है? 05:19
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:19, सूर्यास्त 20:38, 15 घं 19 मि का दिन।
मंगल 4 जुलाई को सूर्यास्त कितने बजे है? 20:38
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:19, सूर्यास्त 20:38, 15 घं 19 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 15 घं 19 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 8 घं 41 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 15 घं 19 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 8 घं 41 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
मंगल 4 जुलाई को कौन सा नक्षत्र है? श्रवण
सूर्योदय पर चंद्रमा 286.2° पर था: श्रवण, पद 2।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। श्रवण 280°00′–293°20′ तक है; चंद्रमा 283°20′ पर उसके पद 2 में आया। वह 18:33 को निकलेगा, धनिष्ठा में।
मंगल 4 जुलाई को कौन सा योग है? विष्कम्भ
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 364.1° थे, एक चक्कर और 4.1°: विष्कम्भ।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 77.9° + 286.2° = 364.1°, एक पूरा चक्कर और 4.1°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 0°00′–13°20′ पहला है, विष्कम्भ। यह 21:12 को समाप्त होता है, फिर प्रीति।
मंगल 4 जुलाई को कौन सा करण है? वणिज
सूर्योदय पर बढ़त 208.2° थी: तृतीया का पहला आधा, वणिज।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए तृतीया का पहला आधा वणिज है और दूसरा विष्टि। वणिज 08:49 तक है, जब बढ़त 210° होगी; विष्टि 20:45 तक।
मंगल 4 जुलाई को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार
यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 05:19, पर शुरू हुआ: मंगलवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:19 से 05:19 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।
मंगल 4 जुलाई को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? आषाढ़ (अधिक)
16 जून और 15 जुलाई की अमावस्याओं के बीच कोई संक्रांति नहीं: अधिक आषाढ़।
सामान्यतः एक मास में एक संक्रांति होती है, सूर्य का नई राशि में प्रवेश। 16 जून 12:25 शुक्र से 15 जुलाई 20:15 शनि तक सूर्य मिथुन में रहा; कर्क में वह अमावस्या के बाद 16 जुलाई 21:17 रवि को गया। बिना संक्रांति का मास अधिक आषाढ़ है, जो आषाढ़ से पहले आता है।
मंगल 4 जुलाई को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? आषाढ़ (अधिक)
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष आषाढ़ (अधिक) का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 15 जुलाई की अमावस्या, सूर्य मिथुन में, आषाढ़ (अधिक) शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ आषाढ़ (अधिक) है, और अमान्त गणना में आषाढ़ (अधिक)।
मंगल 4 जुलाई को कौन सा संवत है? विक्रम 2091 · शक 1956
विक्रम संवत 2091 20 मार्च 2034 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 20 मार्च 2034, 11:14 सोम। तब से सूर्य तारों के बीच 102.4° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2091 गिनता है; शक संवत 1956।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
मंगल 4 जुलाई को चंद्रोदय कितने बजे है? 22:14
चंद्रमा यहाँ 22:14 पर उदय होता है।
मंगल 4 जुलाई को चंद्रास्त कितने बजे है? 08:04
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 08:04 पर अस्त हुआ; वह फिर 22:14 पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 08:04 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 22:14 पर उदय होगा।