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Split, क्रोएशिया का पंचांग शुक्र 14 जनवरी 2033

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय CET में

चतुर्दशी

शुक्ल पक्ष · 13:14 तक

फिर पूर्णिमा · 14:07 शनि तक

त्योहार

मकर संक्रांति

पुण्य काल
07:24⁠–⁠21:39

मकर संक्रांति शुक्र 14 जनवरी को है: सूर्य रात में, 05:39 पर, मकर में प्रवेश करता है। शुक्र 14 जनवरी क्यों?

मकर संक्रांति: Split में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

05:26 07:24 16:42अगला सूर्योदय 07:24 शनि

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 07:24–08:34चरसामान्य
  • 08:34–09:44लाभगुलिक काल में
  • 09:44–10:53अमृतशुभ
  • 10:53–12:03कालअशुभ
  • 12:03–13:13शुभ
  • 13:13–14:23रोगअशुभ
  • 14:23–15:32उद्वेगअशुभ
  • 15:32–16:42चरसामान्य

रात का चौघड़िया

  • 16:42–18:32रोगअशुभ
  • 18:32–20:23कालअशुभ
  • 20:23–22:13लाभशुभ
  • 22:13–00:03 शनिउद्वेगअशुभ
  • 00:03–01:53 शनिशुभ
  • 01:53–03:43 शनिअमृतशुभ
  • 03:43–05:34 शनिचरसामान्य
  • 05:34–07:24 शनिरोगअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, शुक्र 14 जनवरी: ब्रह्म मुहूर्त, 05:26–06:25, शुभ
  • चर, सामान्य, 07:24–08:34
  • लाभ, शुभ, 08:34–09:44
  • अमृत, शुभ, 09:44–10:53
  • काल, अशुभ, 10:53–12:03
  • शुभ, 12:03–13:13
  • रोग, अशुभ, 13:13–14:23
  • उद्वेग, अशुभ, 14:23–15:32
  • चर, सामान्य, 15:32–16:42
  • रोग, अशुभ, 16:42–18:32
  • काल, अशुभ, 18:32–20:23
  • लाभ, शुभ, 20:23–22:13
  • उद्वेग, अशुभ, 22:13–00:03 शनि
  • शुभ, 00:03–01:53 शनि
  • अमृत, शुभ, 01:53–03:43 शनि
  • चर, सामान्य, 03:43–05:34 शनि
  • रोग, अशुभ, 05:34–07:24 शनि
  • गुलिक काल, 08:34–09:44, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 09:16–09:53, अशुभ
  • राहु काल, 10:53–12:03, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 11:45–12:22, शुभ
  • दुर्मुहूर्त, 12:22–12:59, अशुभ
  • यमगण्ड, 14:23–15:32, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:26–06:25 शनि

हर मान कैसे निकलता है

Split में मकर संक्रांति शुक्र 14 जनवरी को क्यों है?

मकर संक्रांति शुक्र 14 जनवरी को है: सूर्य रात में, 05:39 पर, मकर में प्रवेश करता है।

1 2 3 4 5 6 7 8 धनु मकर 11 12 0° 270° पृथ्वी
1 2 3 4 5 6 7 8 धनु मकर 11 12 0° 270° पृथ्वी
वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी; तारे स्थिर (निरयन, लाहिड़ी)। पास से: एक ही घड़ी पर (UTC+1) सूर्य का पथ: ऊपर उसकी राशि, नीचे दिन और रात। सूर्य: हर सूर्योदय पर, अपने भोगांश के साथ, और जहाँ वह प्रवेश करता है। खाना: पुण्य काल।

सूर्य 05:39 पर, सूर्यास्त (16:41 गुरु) के बाद रात में, मकर में प्रवेश करता है। तब धर्मसिंधु पुण्य काल अगले दिन रखता है: शुक्र 14 जनवरी।

मकर संक्रांति: Split में हर तारीख़

शुक्र 14 जनवरी को कौन सी तिथि है? शुक्ल चतुर्दशी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 165.2° आगे था: शुक्ल चतुर्दशी।

सूर्य अमावस्या 0° 165.2° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण चतुर्दशी 156°–168° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 165.2° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण चतुर्दशी 156°–168° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 156°–168° चौदहवीं है, शुक्ल चतुर्दशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 07:24। त्रयोदशी उससे पहले 12:46 गुरु पर समाप्त हुई। चतुर्दशी 13:14 को समाप्त होगी, जब बढ़त 168° होगी। बढ़त 1 जनवरी की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

शुक्र 14 जनवरी को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:26–06:25

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:26–06:25।

सूर्यास्त 16:41 गुरु सूर्योदय 07:24 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं गुरु 13 जनवरी का दिन 14 1
सूर्यास्त 16:41 गुरु सूर्योदय 07:24 शुक्र समय, ऊँचाई नहीं गुरु 13 जनवरी का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · गुरुवार का दिन धुँधला

गुरु 13 जनवरी की रात सूर्यास्त 16:41 गुरु से सूर्योदय 07:24 तक थी, 14 घं 43 मि। इसे 58 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

शुक्र 14 जनवरी को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:45–12:22

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:45–12:22।

शुक्र 14 जनवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 09:16–09:53

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा और नौवाँ है: 09:16–09:53 और 12:22–12:59।

शुक्र 14 जनवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 12:22–12:59

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा और नौवाँ है: 09:16–09:53 और 12:22–12:59।

सूर्योदय 07:24 सूर्यास्त 16:42 सूर्योदय 07:24 शनि समय, ऊँचाई नहीं 8 4 9 1
सूर्योदय 07:24 सूर्यास्त 16:42 सूर्योदय 07:24 शनि समय, ऊँचाई नहीं 8 4 9 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 4, 9

यहाँ दिन, 07:24 से 16:42, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 37 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शुक्रवार को दुर्मुहूर्त चौथा और नौवाँ है, 09:16–09:53 और 12:22–12:59।

शुक्र 14 जनवरी का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

07:24–08:34 चर है, जिसके स्वामी शुक्र हैं, शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, सामान्य माना जाता है।

सूर्योदय 07:24 सूर्यास्त 16:42 सूर्योदय 07:24 शनि समय, ऊँचाई नहीं चर
सूर्योदय 07:24 सूर्यास्त 16:42 सूर्योदय 07:24 शनि समय, ऊँचाई नहीं चर
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 07:24 से 16:42, 1 घं 9 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 16:42 से 07:24 शनि, 1 घं 50 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

शुक्र 14 जनवरी को राहुकाल कब है? 10:53–12:03

राहु काल शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:53–12:03।

शुक्र 14 जनवरी को यमगंड कब है? 14:23–15:32

यमगण्ड शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 14:23–15:32।

शुक्र 14 जनवरी को गुलिक काल कब है? 08:34–09:44

गुलिक काल शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 08:34–09:44।

सूर्योदय 07:24 सूर्यास्त 16:42 सूर्योदय 07:24 शनि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 07:24 सूर्यास्त 16:42 सूर्योदय 07:24 शनि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: गुलिक काल 2, यमगण्ड 7

यहाँ दिन 07:24 से 16:42 तक है, 9 घं 18 मि। इसे 1 घं 9 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शुक्रवार को राहु काल चौथा भाग है, यमगण्ड सातवाँ और गुलिक काल दूसरा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

शुक्र 14 जनवरी को सूर्योदय कितने बजे है? 07:24

यहाँ दिन: सूर्योदय 07:24, सूर्यास्त 16:42, 9 घं 18 मि का दिन।

शुक्र 14 जनवरी को सूर्यास्त कितने बजे है? 16:42

यहाँ दिन: सूर्योदय 07:24, सूर्यास्त 16:42, 9 घं 18 मि का दिन।

सूर्योदय 07:24 सूर्यास्त 16:42 सूर्योदय 07:24 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 06:51 शनि चंद्रोदय 16:05
सूर्योदय 07:24 सूर्यास्त 16:42 सूर्योदय 07:24 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 06:51 शनि चंद्रोदय 16:05
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 9 घं 18 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 14 घं 42 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 9 घं 18 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 14 घं 42 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

शुक्र 14 जनवरी को कौन सा नक्षत्र है? आर्द्रा

सूर्योदय पर चंद्रमा 75.2° पर था: आर्द्रा, पद 3।

चंद्रमा सूर्य 0° आर्द्रा चंद्रमा 75.2° अगला: पुनर्वसु पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° आर्द्रा चंद्रमा 75.2° अगला: पुनर्वसु पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। आर्द्रा 66°40′–80°00′ तक है; चंद्रमा 73°20′ पर उसके पद 3 में आया। वह 16:25 को निकलेगा, पुनर्वसु में।

शुक्र 14 जनवरी को कौन सा योग है? इन्द्र

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 345.3° थे: इन्द्र।

सूर्य 270.1° + चंद्रमा 75.2° = 345.3° इन्द्र 333°20′–346°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 270.1° + चंद्रमा 75.2° = 345.3° इन्द्र 333°20′–346°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 270.1° + 75.2° = 345.3°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 333°20′–346°40′ छब्बीसवाँ है, इन्द्र। यह 09:47 को समाप्त होता है, फिर वैधृति।

शुक्र 14 जनवरी को कौन सा करण है? वणिज

सूर्योदय पर बढ़त 165.2° थी: चतुर्दशी का दूसरा आधा, वणिज।

सूर्य अमावस्या 0° 165.2° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण चतुर्दशी 156°–168° वणिज 162°–168° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 165.2° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण चतुर्दशी 156°–168° वणिज 162°–168° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए चतुर्दशी का पहला आधा गर है और दूसरा वणिज। गर 00:57 पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 162° हुई; वणिज 13:14 तक है।

शुक्र 14 जनवरी को कौन सा वार है, और कब से? शुक्रवार

यह दिन शुक्रवार को सूर्योदय, 07:24, पर शुरू हुआ: शुक्रवार।

शुक्रवार सूर्योदय 07:24 सूर्यास्त 16:42 सूर्योदय 07:24 शनि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शनि अब भी शुक्रवार
शुक्रवार सूर्योदय 07:24 सूर्यास्त 16:42 सूर्योदय 07:24 शनि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 शनि अब भी शुक्रवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 07:24 से 07:24 शनि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शुक्रवार के हैं।

शुक्र 14 जनवरी को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? पौष

यह मास 1 जनवरी की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य धनु में था: पौष।

1 2 3 4 5 6 7 8 11 12 0° पृथ्वी धनु मकर
1 2 3 4 5 6 7 8 11 12 0° पृथ्वी धनु मकर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: धनु से पौष। सूर्य 14 जनवरी को, मास के भीतर, मकर में जाता है। अगली अमावस्या, 30 जनवरी, उसे मकर में पाती है और माघ शुरू करती है।

शुक्र 14 जनवरी को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? पौष

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष पौष का है।

अमान्त पौष पूर्णिमान्त पौष कृष्ण शुक्ल शुक्र 14 जनवरी पूर्णिमा 16 दिस॰ अमावस्या 1 जन॰ पूर्णिमा 15 जन॰ अमावस्या 30 जन॰
अमान्त पौष पूर्णिमान्त पौष कृष्ण शुक्ल शुक्र 14 जनवरी पूर्णिमा 16 दिस॰ अमावस्या 1 जन॰ पूर्णिमा 15 जन॰ अमावस्या 30 जन॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 1 जनवरी की अमावस्या ने, सूर्य धनु में, पौष शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में पौष है।

शुक्र 14 जनवरी को कौन सा संवत है? विक्रम 2089 · शक 1954

विक्रम संवत 2089 10 अप्रैल 2032 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 10 अप्रैल 2032 04:39 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शुक्र 14 जनवरी सूर्य 270.1° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 10 अप्रैल 2032 04:39 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शुक्र 14 जनवरी सूर्य 270.1° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 10 अप्रैल 2032, 04:39 शनि। तब से सूर्य तारों के बीच 273.6° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2089 गिनता है; शक संवत 1954।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

शुक्र 14 जनवरी को चंद्रोदय कितने बजे है? 16:05

चंद्रमा यहाँ 16:05 पर उदय होता है।

शुक्र 14 जनवरी को चंद्रास्त कितने बजे है? 06:51 शनि

सूर्योदय 07:24 सूर्यास्त 16:42 सूर्योदय 07:24 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 06:51 शनि चंद्रोदय 16:05
सूर्योदय 07:24 सूर्यास्त 16:42 सूर्योदय 07:24 शनि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 06:51 शनि चंद्रोदय 16:05
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 16:05 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 06:51 शनि पर अस्त होगा।

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 16:05 पर उदय हुआ; वह फिर 06:51 शनि पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।