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Split, क्रोएशिया का पंचांग मंगल 23 अप्रैल 2030

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय CEST में

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:37 05:59 19:46अगला सूर्योदय 05:57 बुध

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 05:59–07:42रोगअशुभ
  • 07:42–09:26उद्वेगअशुभ
  • 09:26–11:09चरसामान्य
  • 11:09–12:53लाभशुभ
  • 12:53–14:36अमृतगुलिक काल में
  • 14:36–16:20कालअशुभ
  • 16:20–18:03शुभराहु काल में
  • 18:03–19:46रोगअशुभ

रात का चौघड़िया

  • 19:46–21:03कालअशुभ
  • 21:03–22:19लाभशुभ
  • 22:19–23:36उद्वेगअशुभ
  • 23:36–00:52 बुधशुभ
  • 00:52–02:08 बुधअमृतशुभ
  • 02:08–03:25 बुधचरसामान्य
  • 03:25–04:41 बुधरोगअशुभ
  • 04:41–05:57 बुधकालअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, मंगल 23 अप्रैल: ब्रह्म मुहूर्त, 04:37–05:18, शुभ
  • रोग, अशुभ, 05:59–07:42
  • उद्वेग, अशुभ, 07:42–09:26
  • चर, सामान्य, 09:26–11:09
  • लाभ, शुभ, 11:09–12:53
  • अमृत, शुभ, 12:53–14:36
  • काल, अशुभ, 14:36–16:20
  • शुभ, 16:20–18:03
  • रोग, अशुभ, 18:03–19:46
  • काल, अशुभ, 19:46–21:03
  • लाभ, शुभ, 21:03–22:19
  • उद्वेग, अशुभ, 22:19–23:36
  • शुभ, 23:36–00:52 बुध
  • अमृत, शुभ, 00:52–02:08 बुध
  • चर, सामान्य, 02:08–03:25 बुध
  • रोग, अशुभ, 03:25–04:41 बुध
  • काल, अशुभ, 04:41–05:57 बुध
  • दुर्मुहूर्त, 08:44–09:39, अशुभ
  • यमगण्ड, 09:26–11:09, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 12:25–13:20, शुभ
  • गुलिक काल, 12:53–14:36, अशुभ
  • राहु काल, 16:20–18:03, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 23:51–00:31 बुध, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:36–05:16 बुध

हर मान कैसे निकलता है

मंगल 23 अप्रैल को कौन सी तिथि है? कृष्ण षष्ठी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 249.4° आगे था: कृष्ण षष्ठी।

सूर्य अमावस्या 0° 249.4° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल षष्ठी 240°–252° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 249.4° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल षष्ठी 240°–252° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 240°–252° इक्कीसवीं है, कृष्ण षष्ठी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:59। पञ्चमी उससे पहले 12:53 सोम पर समाप्त हुई। षष्ठी 10:44 को समाप्त होगी, जब बढ़त 252° होगी। बढ़त 18 अप्रैल की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

मंगल 23 अप्रैल को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:37–05:18

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:37–05:18।

सूर्यास्त 19:45 सोम सूर्योदय 05:59 मंगल समय, ऊँचाई नहीं सोम 22 अप्रैल का दिन 14 1
सूर्यास्त 19:45 सोम सूर्योदय 05:59 मंगल समय, ऊँचाई नहीं सोम 22 अप्रैल का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · सोमवार का दिन धुँधला

सोम 22 अप्रैल की रात सूर्यास्त 19:45 सोम से सूर्योदय 05:59 तक थी, 10 घं 14 मि। इसे 40 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

मंगल 23 अप्रैल को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:25–13:20

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:25–13:20।

मंगल 23 अप्रैल को दुर्मुहूर्त कब है? 08:44–09:39

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:44–09:39, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:51–00:31 बुध।

मंगल 23 अप्रैल को दुर्मुहूर्त कब है? 23:51–00:31 बुध

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:44–09:39, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:51–00:31 बुध।

सूर्योदय 05:59 सूर्यास्त 19:46 सूर्योदय 05:57 बुध समय, ऊँचाई नहीं 8 4 7 1 1
सूर्योदय 05:59 सूर्यास्त 19:46 सूर्योदय 05:57 बुध समय, ऊँचाई नहीं 8 4 7 1 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 4, 7

यहाँ दिन, 05:59 से 19:46, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 55 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 08:44–09:39 और 23:51–00:31 बुध।

मंगल 23 अप्रैल का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

05:59–07:42 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।

सूर्योदय 05:59 सूर्यास्त 19:46 सूर्योदय 05:57 बुध समय, ऊँचाई नहीं रोग
सूर्योदय 05:59 सूर्यास्त 19:46 सूर्योदय 05:57 बुध समय, ऊँचाई नहीं रोग
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 05:59 से 19:46, 1 घं 43 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 19:46 से 05:57 बुध, 1 घं 16 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

मंगल 23 अप्रैल को राहुकाल कब है? 16:20–18:03

राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 16:20–18:03।

मंगल 23 अप्रैल को यमगंड कब है? 09:26–11:09

यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:26–11:09।

मंगल 23 अप्रैल को गुलिक काल कब है? 12:53–14:36

गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:53–14:36।

सूर्योदय 05:59 सूर्यास्त 19:46 सूर्योदय 05:57 बुध समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 05:59 सूर्यास्त 19:46 सूर्योदय 05:57 बुध समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 3, गुलिक काल 5

यहाँ दिन 05:59 से 19:46 तक है, 13 घं 47 मि। इसे 1 घं 43 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।

सूर्योदय और सूर्यास्त

मंगल 23 अप्रैल को सूर्योदय कितने बजे है? 05:59

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:59, सूर्यास्त 19:46, 13 घं 47 मि का दिन।

मंगल 23 अप्रैल को सूर्यास्त कितने बजे है? 19:46

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:59, सूर्यास्त 19:46, 13 घं 47 मि का दिन।

सूर्योदय 05:59 सूर्यास्त 19:46 सूर्योदय 05:57 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 10:30 चंद्रोदय 01:40 बुध
सूर्योदय 05:59 सूर्यास्त 19:46 सूर्योदय 05:57 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 10:30 चंद्रोदय 01:40 बुध
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 47 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 11 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 47 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 11 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

मंगल 23 अप्रैल को कौन सा नक्षत्र है? पूर्वाषाढा

सूर्योदय पर चंद्रमा 258.2° पर था: पूर्वाषाढा, पद 2।

चंद्रमा सूर्य 0° पूर्वाषाढा चंद्रमा 258.2° अगला: उत्तराषाढा पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° पूर्वाषाढा चंद्रमा 258.2° अगला: उत्तराषाढा पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। पूर्वाषाढा 253°20′–266°40′ तक है; चंद्रमा 256°40′ पर उसके पद 2 में आया। वह 20:35 को निकलेगा, उत्तराषाढा में।

मंगल 23 अप्रैल को कौन सा योग है? सिद्ध

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 267° थे: सिद्ध।

सूर्य 8.8° + चंद्रमा 258.2° = 267.0° सिद्ध 266°40′–280°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 8.8° + चंद्रमा 258.2° = 267.0° सिद्ध 266°40′–280°00′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 8.8° + 258.2° = 267°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 266°40′–280°00′ इक्कीसवाँ है, सिद्ध। यह 03:02 बुध को समाप्त होता है, फिर साध्य।

मंगल 23 अप्रैल को कौन सा करण है? वणिज

सूर्योदय पर बढ़त 249.4° थी: षष्ठी का दूसरा आधा, वणिज।

सूर्य अमावस्या 0° 249.4° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल षष्ठी 240°–252° वणिज 246°–252° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 249.4° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल षष्ठी 240°–252° वणिज 246°–252° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए षष्ठी का पहला आधा गर है और दूसरा वणिज। गर 23:44 सोम पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 246° हुई; वणिज 10:44 तक है।

मंगल 23 अप्रैल को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार

यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 05:59, पर शुरू हुआ: मंगलवार।

मंगलवार सूर्योदय 05:59 सूर्यास्त 19:46 सूर्योदय 05:57 बुध समय, ऊँचाई नहीं 00:00 बुध अब भी मंगलवार
मंगलवार सूर्योदय 05:59 सूर्यास्त 19:46 सूर्योदय 05:57 बुध समय, ऊँचाई नहीं 00:00 बुध अब भी मंगलवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:59 से 05:57 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।

मंगल 23 अप्रैल को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? चैत्र

यह मास 3 अप्रैल की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मीन में था: चैत्र।

मेष 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी
मेष 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मीन से चैत्र। सूर्य 14 अप्रैल को, मास के भीतर, मेष में जाता है। अगली अमावस्या, 2 मई, उसे मेष में पाती है और वैशाख शुरू करती है।

मंगल 23 अप्रैल को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? वैशाख

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष वैशाख का है।

अमान्त वैशाख पूर्णिमान्त चैत्र कृष्ण शुक्ल मंगल 23 अप्रैल अमावस्या 3 अप्रैल पूर्णिमा 18 अप्रैल अमावस्या 2 मई पूर्णिमा 17 मई
अमान्त वैशाख पूर्णिमान्त चैत्र कृष्ण शुक्ल मंगल 23 अप्रैल अमावस्या 3 अप्रैल पूर्णिमा 18 अप्रैल अमावस्या 2 मई पूर्णिमा 17 मई
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 2 मई की अमावस्या, सूर्य मेष में, वैशाख शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ वैशाख है, और अमान्त गणना में चैत्र।

मंगल 23 अप्रैल को कौन सा संवत है? विक्रम 2087 · शक 1952

विक्रम संवत 2087 3 अप्रैल 2030 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 3 अप्रैल 2030 00:02 · सूर्य मीन में सूर्योदय, मंगल 23 अप्रैल सूर्य 8.8° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 3 अप्रैल 2030 00:02 · सूर्य मीन में सूर्योदय, मंगल 23 अप्रैल सूर्य 8.8° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 3 अप्रैल 2030, 00:02 बुध। तब से सूर्य तारों के बीच 19.9° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2087 गिनता है; शक संवत 1952।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

मंगल 23 अप्रैल को चंद्रोदय कितने बजे है? 01:40 बुध

चंद्रमा यहाँ 01:40 बुध पर उदय होता है।

मंगल 23 अप्रैल को चंद्रास्त कितने बजे है? 10:30

सूर्योदय 05:59 सूर्यास्त 19:46 सूर्योदय 05:57 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 10:30 चंद्रोदय 01:40 बुध
सूर्योदय 05:59 सूर्यास्त 19:46 सूर्योदय 05:57 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 10:30 चंद्रोदय 01:40 बुध
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा, दो बार

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 10:30 पर अस्त हुआ; वह फिर 01:40 बुध पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।

चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 10:30 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 01:40 बुध पर उदय होगा।