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Split, क्रोएशिया का पंचांग बुध 18 अक्टूबर 2028

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय CEST में

प्रतिपदा

शुक्ल पक्ष · 01:31 गुरु तक

फिर द्वितीया · 22:29 गुरु तक

नई दिल्ली से अलग तिथि कारण जानें

त्योहार

गोवर्धन पूजा

गोवर्धन पूजा मुहूर्त
07:12⁠–⁠09:23
प्रातःकाल 07:12⁠–⁠09:23

गोवर्धन पूजा बुध 18 अक्टूबर को है: उस सुबह पूरे प्रातःकाल में प्रतिपदा है, और किसी सुबह नहीं। बुध 18 अक्टूबर क्यों?

गोवर्धन पूजा: Split में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

05:27 07:12 18:05अगला सूर्योदय 07:13 गुरु

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 07:12–08:34लाभशुभ
  • 08:34–09:55अमृतयमगण्ड में
  • 09:55–11:17कालअशुभ
  • 11:17–12:39शुभगुलिक काल में
  • 12:39–14:00रोगअशुभ
  • 14:00–15:22उद्वेगअशुभ
  • 15:22–16:44चरसामान्य
  • 16:44–18:05लाभशुभ

रात का चौघड़िया

  • 18:05–19:44उद्वेगअशुभ
  • 19:44–21:22शुभ
  • 21:22–23:01अमृतशुभ
  • 23:01–00:39 गुरुचरसामान्य
  • 00:39–02:18 गुरुरोगअशुभ
  • 02:18–03:56 गुरुकालअशुभ
  • 03:56–05:35 गुरुलाभशुभ
  • 05:35–07:13 गुरुउद्वेगअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, बुध 18 अक्टूबर: ब्रह्म मुहूर्त, 05:27–06:20, शुभ
  • लाभ, शुभ, 07:12–08:34
  • अमृत, शुभ, 08:34–09:55
  • काल, अशुभ, 09:55–11:17
  • शुभ, 11:17–12:39
  • रोग, अशुभ, 12:39–14:00
  • उद्वेग, अशुभ, 14:00–15:22
  • चर, सामान्य, 15:22–16:44
  • लाभ, शुभ, 16:44–18:05
  • उद्वेग, अशुभ, 18:05–19:44
  • शुभ, 19:44–21:22
  • अमृत, शुभ, 21:22–23:01
  • चर, सामान्य, 23:01–00:39 गुरु
  • रोग, अशुभ, 00:39–02:18 गुरु
  • काल, अशुभ, 02:18–03:56 गुरु
  • लाभ, शुभ, 03:56–05:35 गुरु
  • उद्वेग, अशुभ, 05:35–07:13 गुरु
  • यमगण्ड, 08:34–09:55, अशुभ
  • गुलिक काल, 11:17–12:39, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 12:17–13:00, अशुभ
  • राहु काल, 12:39–14:00, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:28–06:21 गुरु

हर मान कैसे निकलता है

Split में गोवर्धन पूजा बुध 18 अक्टूबर को क्यों है?

गोवर्धन पूजा बुध 18 अक्टूबर को है: उस सुबह पूरे प्रातःकाल में प्रतिपदा है, और किसी सुबह नहीं।

प्रतिपदा 07:12 06:00 07:00 08:00 09:00 10:00 11:00 बुध 18 अक्टूबर स्मार्त · वैष्णव प्रातःकाल 07:12–09:23
प्रतिपदा 07:12 06:00 08:00 10:00 बुध 18 अक्टूबर स्मार्त · वैष्णव प्रातःकाल 07:12–09:23
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+2)। पट्टी: तिथि। खाना: प्रातःकाल। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।

गोवर्धन पूजा प्रातःकाल में होती है, दिन का पहला पाँचवाँ भाग। प्रतिपदा बुध 18 अक्टूबर को 04:56 से गुरु 19 अक्टूबर को 01:31 तक है, इसलिए केवल बुधवार का प्रातःकाल (07:12–09:23) उसके भीतर है। गोवर्धन पूजा का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रातःकाल Tithika की परिपाटी है।

गोवर्धन पूजा: Split में हर तारीख़

बुध 18 अक्टूबर को कौन सी तिथि है? शुक्ल प्रतिपदा

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 1.3° आगे था: शुक्ल प्रतिपदा।

सूर्य अमावस्या 0° 1.3° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण प्रतिपदा 0°–12° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 1.3° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण प्रतिपदा 0°–12° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 0°–12° पहली है, शुक्ल प्रतिपदा। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 07:12। अमावस्या उससे पहले 04:56 पर समाप्त हुई। प्रतिपदा 01:31 गुरु को समाप्त होगी, जब बढ़त 12° होगी। बढ़त 18 अक्टूबर की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

नई दिल्ली में अमावस्या क्यों है?

नई दिल्ली में अमावस्या है, Split में प्रतिपदा।

अमावस्या प्रतिपदा प्रतिपदा द्वितीया बुध 18 अक्टूबर सुबह गुरु 19 अक्टूबर सुबह नई दिल्ली IST Split UTC+2 08:26 04:56 05:01 01:31 06:23 अमावस्या 06:24 द्वितीया 07:12 प्रतिपदा 07:13 द्वितीया
अमावस्या प्रतिपदा प्रतिपदा द्वितीया बुध 18 अक्टूबर सुबह गुरु 19 अक्टूबर सुबह नई दिल्ली IST Split UTC+2 08:26 04:56 05:01 01:31 06:23 अमावस्या 06:24 द्वितीया 07:12 प्रतिपदा 07:13 द्वितीया
समय नीचे की ओर, दोनों स्तंभों में एक ही क्षण · हर स्थान अपनी घड़ी में · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।

नई दिल्ली · IST

यहाँ सूर्योदय, 06:23, अमावस्या की समाप्ति 08:26 से पहले हुआ: यह दिन अमावस्या है। प्रतिपदा अगले सूर्योदय से पहले, 05:01 गुरु को, समाप्त होती है, इसलिए यहाँ कोई दिन प्रतिपदा नहीं होता: वह क्षय है।

Split · UTC+2

यहाँ सूर्योदय, 07:12, अमावस्या की समाप्ति 04:56 के बाद हुआ: यह दिन प्रतिपदा है।

बुध 18 अक्टूबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:27–06:20

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:27–06:20।

सूर्यास्त 18:07 मंगल सूर्योदय 07:12 बुध समय, ऊँचाई नहीं मंगल 17 अक्टूबर का दिन 14 1
सूर्यास्त 18:07 मंगल सूर्योदय 07:12 बुध समय, ऊँचाई नहीं मंगल 17 अक्टूबर का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · मंगलवार का दिन धुँधला

मंगल 17 अक्टूबर की रात सूर्यास्त 18:07 मंगल से सूर्योदय 07:12 तक थी, 13 घं 5 मि। इसे 52 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

बुध 18 अक्टूबर को दुर्मुहूर्त कब है? 12:17–13:00

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है: 12:17–13:00।

सूर्योदय 07:12 सूर्यास्त 18:05 सूर्योदय 07:13 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 8 1
सूर्योदय 07:12 सूर्यास्त 18:05 सूर्योदय 07:13 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 8 1
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 07:12 से 18:05, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 43 मि का। बुधवार को दुर्मुहूर्त आठवाँ है, 12:17–13:00: वह आठवाँ, बीच वाला, मुहूर्त लेता है, इसलिए बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं होता।

बुध 18 अक्टूबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

07:12–08:34 लाभ है, जिसके स्वामी बुध हैं, बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 07:12 सूर्यास्त 18:05 सूर्योदय 07:13 गुरु समय, ऊँचाई नहीं लाभ
सूर्योदय 07:12 सूर्यास्त 18:05 सूर्योदय 07:13 गुरु समय, ऊँचाई नहीं लाभ
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 07:12 से 18:05, 1 घं 21 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 18:05 से 07:13 गुरु, 1 घं 38 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

बुध 18 अक्टूबर को राहुकाल कब है? 12:39–14:00

राहु काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:39–14:00।

बुध 18 अक्टूबर को यमगंड कब है? 08:34–09:55

यमगण्ड बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 08:34–09:55।

बुध 18 अक्टूबर को गुलिक काल कब है? 11:17–12:39

गुलिक काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 11:17–12:39।

सूर्योदय 07:12 सूर्यास्त 18:05 सूर्योदय 07:13 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 07:12 सूर्यास्त 18:05 सूर्योदय 07:13 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 2, गुलिक काल 4

यहाँ दिन 07:12 से 18:05 तक है, 10 घं 53 मि। इसे 1 घं 21 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: बुधवार को राहु काल पाँचवाँ भाग है, यमगण्ड दूसरा और गुलिक काल चौथा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

बुध 18 अक्टूबर को सूर्योदय कितने बजे है? 07:12

यहाँ दिन: सूर्योदय 07:12, सूर्यास्त 18:05, 10 घं 53 मि का दिन।

बुध 18 अक्टूबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:05

यहाँ दिन: सूर्योदय 07:12, सूर्यास्त 18:05, 10 घं 53 मि का दिन।

सूर्योदय 07:12 सूर्यास्त 18:05 सूर्योदय 07:13 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 17:52 चंद्रोदय 07:37
सूर्योदय 07:12 सूर्यास्त 18:05 सूर्योदय 07:13 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 17:52 चंद्रोदय 07:37
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 10 घं 53 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 13 घं 8 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 10 घं 53 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 13 घं 8 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

बुध 18 अक्टूबर को कौन सा नक्षत्र है? चित्रा

सूर्योदय पर चंद्रमा 182.4° पर था: चित्रा, पद 3।

चंद्रमा सूर्य 0° चित्रा चंद्रमा 182.4° अगला: स्वाती पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° चित्रा चंद्रमा 182.4° अगला: स्वाती पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। चित्रा 173°20′–186°40′ तक है; चंद्रमा 180° पर उसके पद 3 में आया। वह 13:58 को निकलेगा, स्वाती में।

बुध 18 अक्टूबर को कौन सा योग है? विष्कम्भ

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 363.5° थे, एक चक्कर और 3.5°: विष्कम्भ।

सूर्य 181.1° + चंद्रमा 182.4° = 363.5° एक चक्कर + 3.5° विष्कम्भ 0°00′–13°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 181.1° + चंद्रमा 182.4° = 363.5° एक चक्कर + 3.5° विष्कम्भ 0°00′–13°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 181.1° + 182.4° = 363.5°, एक पूरा चक्कर और 3.5°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 0°00′–13°20′ पहला है, विष्कम्भ। यह 21:56 को समाप्त होता है, फिर प्रीति।

बुध 18 अक्टूबर को कौन सा करण है? किंस्तुघ्न

सूर्योदय पर बढ़त 1.3° थी: प्रतिपदा का पहला आधा, किंस्तुघ्न।

सूर्य अमावस्या 0° 1.3° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण प्रतिपदा 0°–12° किंस्तुघ्न 0°–6° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 1.3° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण प्रतिपदा 0°–12° किंस्तुघ्न 0°–6° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए प्रतिपदा का पहला आधा किंस्तुघ्न है और दूसरा बव। किंस्तुघ्न 15:11 तक है, जब बढ़त 6° होगी; बव 01:31 गुरु तक।

बुध 18 अक्टूबर को कौन सा वार है, और कब से? बुधवार

यह दिन बुधवार को सूर्योदय, 07:12, पर शुरू हुआ: बुधवार।

बुधवार सूर्योदय 07:12 सूर्यास्त 18:05 सूर्योदय 07:13 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 00:00 गुरु अब भी बुधवार
बुधवार सूर्योदय 07:12 सूर्यास्त 18:05 सूर्योदय 07:13 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 00:00 गुरु अब भी बुधवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 07:12 से 07:13 गुरु तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी बुधवार के हैं।

बुध 18 अक्टूबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? कार्तिक

यह मास 18 अक्टूबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य तुला में था: कार्तिक।

1 2 3 4 5 6 तुला वृश्चिक 9 10 11 12 0° पृथ्वी
1 2 3 4 5 6 तुला वृश्चिक 9 10 11 12 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: तुला से कार्तिक। सूर्य 16 नवंबर को, मास के भीतर, वृश्चिक में जाता है। अगली अमावस्या, 16 नवंबर, उसे वृश्चिक में पाती है और मार्गशीर्ष शुरू करती है।

बुध 18 अक्टूबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? कार्तिक

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष कार्तिक का है।

अमान्त पूर्णिमान्त कार्तिक कार्तिक कृष्ण शुक्ल बुध 18 अक्टूबर पूर्णिमा 3 अक्टू॰ अमावस्या 18 अक्टू॰ पूर्णिमा 2 नव॰ अमावस्या 16 नव॰
अमान्त पूर्णिमान्त कार्तिक कार्तिक कृष्ण शुक्ल बुध 18 अक्टूबर पूर्णिमा 3 अक्टू॰ अमावस्या 18 अक्टू॰ पूर्णिमा 2 नव॰ अमावस्या 16 नव॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 18 अक्टूबर की अमावस्या ने, सूर्य तुला में, कार्तिक शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में कार्तिक है।

बुध 18 अक्टूबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2085 · शक 1950

विक्रम संवत 2085 26 मार्च 2028 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 26 मार्च 2028 06:31 · सूर्य मीन में सूर्योदय, बुध 18 अक्टूबर सूर्य 181.1° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 26 मार्च 2028 06:31 · सूर्य मीन में सूर्योदय, बुध 18 अक्टूबर सूर्य 181.1° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 26 मार्च 2028, 06:31 रवि। तब से सूर्य तारों के बीच 199.3° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2085 गिनता है; शक संवत 1950।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

बुध 18 अक्टूबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 07:37

चंद्रमा यहाँ 07:37 पर उदय होता है।

बुध 18 अक्टूबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 17:52

सूर्योदय 07:12 सूर्यास्त 18:05 सूर्योदय 07:13 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 17:52 चंद्रोदय 07:37
सूर्योदय 07:12 सूर्यास्त 18:05 सूर्योदय 07:13 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 17:52 चंद्रोदय 07:37
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 07:37 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 17:52 पर अस्त होगा।

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 07:37 पर उदय हुआ; वह फिर 17:52 पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त दिन में पड़ता है।