Split, क्रोएशिया का पंचांग बुध 27 सितंबर 2028
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय CEST में
त्योहार
दशहरा
दशहरा बुध 27 सितंबर को है: उस दिन पूरे अपराह्न में दशमी है, और किसी दिन नहीं। बुध 27 सितंबर क्यों?
दशहरा: Split में हर तारीख़27 सितंबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, बुध 27 सितंबर
- 05:11–05:59ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:47 से
- 06:47–08:16लाभ चौघड़िया
- 08:16–09:46अमृत चौघड़ियायमगण्ड में
- 11:15–12:44शुभ चौघड़ियागुलिक काल में
- 17:12–18:42लाभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 18:42 के बाद
- 20:12–21:43शुभ चौघड़िया
-
20:48–22:33अमृत कालउत्तराषाढा में
- 21:43–23:14अमृत चौघड़िया
- 03:47–05:17 गुरुलाभ चौघड़िया
- 05:11–06:00 गुरुअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:47–08:16लाभशुभ
- 08:16–09:46अमृतयमगण्ड में
- 09:46–11:15कालअशुभ
- 11:15–12:44शुभगुलिक काल में
- 12:44–14:14रोगअशुभ
- 14:14–15:43उद्वेगअशुभ
- 15:43–17:12चरसामान्य
- 17:12–18:42लाभशुभ
रात का चौघड़िया
- 18:42–20:12उद्वेगअशुभ
- 20:12–21:43शुभ
- 21:43–23:14अमृतशुभ
- 23:14–00:45 गुरुचरसामान्य
- 00:45–02:16 गुरुरोगअशुभ
- 02:16–03:47 गुरुकालअशुभ
- 03:47–05:17 गुरुलाभशुभ
- 05:17–06:48 गुरुउद्वेगअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, बुध 27 सितंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 05:11–05:59, शुभ
- लाभ, शुभ, 06:47–08:16
- अमृत, शुभ, 08:16–09:46
- काल, अशुभ, 09:46–11:15
- शुभ, 11:15–12:44
- रोग, अशुभ, 12:44–14:14
- उद्वेग, अशुभ, 14:14–15:43
- चर, सामान्य, 15:43–17:12
- लाभ, शुभ, 17:12–18:42
- उद्वेग, अशुभ, 18:42–20:12
- शुभ, 20:12–21:43
- अमृत, शुभ, 21:43–23:14
- चर, सामान्य, 23:14–00:45 गुरु
- रोग, अशुभ, 00:45–02:16 गुरु
- काल, अशुभ, 02:16–03:47 गुरु
- लाभ, शुभ, 03:47–05:17 गुरु
- उद्वेग, अशुभ, 05:17–06:48 गुरु
- यमगण्ड, 08:16–09:46, अशुभ
- गुलिक काल, 11:15–12:44, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 12:21–13:08, अशुभ
- राहु काल, 12:44–14:14, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:11–06:00 गुरु
हर मान कैसे निकलता है
Split में दशहरा बुध 27 सितंबर को क्यों है?
दशहरा बुध 27 सितंबर को है: उस दिन पूरे अपराह्न में दशमी है, और किसी दिन नहीं।
दशहरे का पूजन अपराह्न में होता है, दिन का चौथा पाँचवाँ भाग। दशमी बुध 27 सितंबर को 04:39 से गुरु 28 सितंबर को 06:25 तक है, इसलिए केवल बुधवार का अपराह्न (13:56–16:19) उसके भीतर है।
बुध 27 सितंबर को कौन सी तिथि है? शुक्ल दशमी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 109° आगे था: शुक्ल दशमी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 108°–120° दसवीं है, शुक्ल दशमी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:47। नवमी उससे पहले 04:39 पर समाप्त हुई। दशमी 06:25 गुरु को समाप्त होगी, जब बढ़त 120° होगी। बढ़त 18 सितंबर की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
नई दिल्ली में नवमी क्यों है?
नई दिल्ली में नवमी है, Split में दशमी।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।
नई दिल्ली · IST
यहाँ सूर्योदय, 06:12, नवमी की समाप्ति 08:09 से पहले हुआ: यह दिन नवमी है।
Split · UTC+2
यहाँ सूर्योदय, 06:47, नवमी की समाप्ति 04:39 के बाद हुआ: यह दिन दशमी है।
बुध 27 सितंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:11–05:59
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:11–05:59।
मंगल 26 सितंबर की रात सूर्यास्त 18:43 मंगल से सूर्योदय 06:47 तक थी, 12 घं 4 मि। इसे 48 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
बुध 27 सितंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 12:21–13:08
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है: 12:21–13:08।
यहाँ दिन, 06:47 से 18:42, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 47 मि का। बुधवार को दुर्मुहूर्त आठवाँ है, 12:21–13:08: वह आठवाँ, बीच वाला, मुहूर्त लेता है, इसलिए बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं होता।
बुध 27 सितंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:47–08:16 लाभ है, जिसके स्वामी बुध हैं, बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:47 से 18:42, 1 घं 29 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:42 से 06:48 गुरु, 1 घं 30 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
बुध 27 सितंबर को राहुकाल कब है? 12:44–14:14
राहु काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:44–14:14।
बुध 27 सितंबर को यमगंड कब है? 08:16–09:46
यमगण्ड बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 08:16–09:46।
बुध 27 सितंबर को गुलिक काल कब है? 11:15–12:44
गुलिक काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 11:15–12:44।
यहाँ दिन 06:47 से 18:42 तक है, 11 घं 55 मि। इसे 1 घं 29 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: बुधवार को राहु काल पाँचवाँ भाग है, यमगण्ड दूसरा और गुलिक काल चौथा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
बुध 27 सितंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 06:47
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:47, सूर्यास्त 18:42, 11 घं 55 मि का दिन।
बुध 27 सितंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:42
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:47, सूर्यास्त 18:42, 11 घं 55 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 55 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 6 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 55 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 6 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
बुध 27 सितंबर को कौन सा नक्षत्र है? उत्तराषाढा
सूर्योदय पर चंद्रमा 269.4° पर था: उत्तराषाढा, पद 1।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। उत्तराषाढा 266°40′–280°00′ तक है; चंद्रमा 266°40′ पर उसके पद 1 में आया। वह 03:48 गुरु को निकलेगा, श्रवण में।
बुध 27 सितंबर को कौन सा योग है? अतिगण्ड
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 429.8° थे, एक चक्कर और 69.8°: अतिगण्ड।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 160.4° + 269.4° = 429.8°, एक पूरा चक्कर और 69.8°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 66°40′–80°00′ छठा है, अतिगण्ड। यह 01:34 गुरु को समाप्त होता है, फिर सुकर्मा।
बुध 27 सितंबर को कौन सा करण है? तैतिल
सूर्योदय पर बढ़त 109° थी: दशमी का पहला आधा, तैतिल।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए दशमी का पहला आधा तैतिल है और दूसरा गर। तैतिल 17:28 तक है, जब बढ़त 114° होगी; गर 06:25 गुरु तक।
बुध 27 सितंबर को कौन सा वार है, और कब से? बुधवार
यह दिन बुधवार को सूर्योदय, 06:47, पर शुरू हुआ: बुधवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:47 से 06:48 गुरु तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी बुधवार के हैं।
बुध 27 सितंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? आश्विन
यह मास 18 सितंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कन्या में था: आश्विन।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कन्या से आश्विन। सूर्य 17 अक्टूबर को, मास के भीतर, तुला में जाता है। अगली अमावस्या, 18 अक्टूबर, उसे तुला में पाती है और कार्तिक शुरू करती है।
बुध 27 सितंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? आश्विन
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष आश्विन का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 18 सितंबर की अमावस्या ने, सूर्य कन्या में, आश्विन शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में आश्विन है।
बुध 27 सितंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2085 · शक 1950
विक्रम संवत 2085 26 मार्च 2028 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 26 मार्च 2028, 06:31 रवि। तब से सूर्य तारों के बीच 178.6° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2085 गिनता है; शक संवत 1950।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
बुध 27 सितंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 15:48
चंद्रमा यहाँ 15:48 पर उदय होता है।
बुध 27 सितंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 01:31 गुरु
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 15:48 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 01:31 गुरु पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 15:48 पर उदय हुआ; वह फिर 01:31 गुरु पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।