Split, क्रोएशिया का पंचांग बुध 24 मई 2028
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय CEST में
त्योहार
वट सावित्री व्रत
वट सावित्री व्रत बुध 24 मई को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है। बुध 24 मई क्यों?
वट सावित्री व्रत: Split में हर तारीख़व्रत
अमावस्या
अमावस्या बुध 24 मई को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है। बुध 24 मई क्यों?
अमावस्या: Split में हर तारीख़24 मई का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, बुध 24 मई
- 04:09–04:45ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 05:21 से
- 05:21–07:13लाभ चौघड़िया
- 07:13–09:06अमृत चौघड़ियायमगण्ड में
-
09:06–10:29अमृत कालयमगण्ड छोड़कर · कृत्तिका में
- 10:58–12:51शुभ चौघड़ियागुलिक काल में
- 18:29–20:21लाभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 20:21 के बाद
- 21:29–22:36शुभ चौघड़िया
- 22:36–23:43अमृत चौघड़िया
- 03:05–04:13 गुरुलाभ चौघड़िया
- 04:08–04:44 गुरुअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 05:21–07:13लाभशुभ
- 07:13–09:06अमृतयमगण्ड में
- 09:06–10:58कालअशुभ
- 10:58–12:51शुभगुलिक काल में
- 12:51–14:44रोगअशुभ
- 14:44–16:36उद्वेगअशुभ
- 16:36–18:29चरसामान्य
- 18:29–20:21लाभशुभ
रात का चौघड़िया
- 20:21–21:29उद्वेगअशुभ
- 21:29–22:36शुभ
- 22:36–23:43अमृतशुभ
- 23:43–00:51 गुरुचरसामान्य
- 00:51–01:58 गुरुरोगअशुभ
- 01:58–03:05 गुरुकालअशुभ
- 03:05–04:13 गुरुलाभशुभ
- 04:13–05:20 गुरुउद्वेगअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, बुध 24 मई: ब्रह्म मुहूर्त, 04:09–04:45, शुभ
- लाभ, शुभ, 05:21–07:13
- अमृत, शुभ, 07:13–09:06
- काल, अशुभ, 09:06–10:58
- शुभ, 10:58–12:51
- रोग, अशुभ, 12:51–14:44
- उद्वेग, अशुभ, 14:44–16:36
- चर, सामान्य, 16:36–18:29
- लाभ, शुभ, 18:29–20:21
- उद्वेग, अशुभ, 20:21–21:29
- शुभ, 21:29–22:36
- अमृत, शुभ, 22:36–23:43
- चर, सामान्य, 23:43–00:51 गुरु
- रोग, अशुभ, 00:51–01:58 गुरु
- काल, अशुभ, 01:58–03:05 गुरु
- लाभ, शुभ, 03:05–04:13 गुरु
- उद्वेग, अशुभ, 04:13–05:20 गुरु
- यमगण्ड, 07:13–09:06, अशुभ
- गुलिक काल, 10:58–12:51, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 12:21–13:21, अशुभ
- राहु काल, 12:51–14:44, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:08–04:44 गुरु
हर मान कैसे निकलता है
Split में वट सावित्री व्रत बुध 24 मई को क्यों है?
वट सावित्री व्रत बुध 24 मई को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है।
वट सावित्री व्रत सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। अमावस्या मंगल 23 मई को 10:40 से बुध 24 मई को 10:16 तक है, इसलिए वह केवल बुध 24 मई के सूर्योदय (05:21) पर है। वट सावित्री व्रत का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।
Split में अमावस्या बुध 24 मई को क्यों है?
अमावस्या बुध 24 मई को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है।
अमावस्या सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। अमावस्या मंगल 23 मई को 10:40 से बुध 24 मई को 10:16 तक है, इसलिए वह केवल बुध 24 मई के सूर्योदय (05:21) पर है। अमावस्या का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।
बुध 24 मई को कौन सी तिथि है? कृष्ण अमावस्या
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 357.5° आगे था: कृष्ण अमावस्या।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 348°–360° तीसवीं है, कृष्ण अमावस्या। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:21। चतुर्दशी उससे पहले 10:40 मंगल पर समाप्त हुई। अमावस्या 10:16 को समाप्त होगी, जब बढ़त 360° होगी। बढ़त 8 मई की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
बुध 24 मई को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:09–04:45
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:09–04:45।
मंगल 23 मई की रात सूर्यास्त 20:20 मंगल से सूर्योदय 05:21 तक थी, 9 घं 1 मि। इसे 36 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
बुध 24 मई को दुर्मुहूर्त कब है? 12:21–13:21
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है: 12:21–13:21।
यहाँ दिन, 05:21 से 20:21, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 1 घं 0 मि का। बुधवार को दुर्मुहूर्त आठवाँ है, 12:21–13:21: वह आठवाँ, बीच वाला, मुहूर्त लेता है, इसलिए बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं होता।
बुध 24 मई का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
05:21–07:13 लाभ है, जिसके स्वामी बुध हैं, बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 05:21 से 20:21, 1 घं 52 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 20:21 से 05:20 गुरु, 1 घं 7 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
बुध 24 मई को राहुकाल कब है? 12:51–14:44
राहु काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:51–14:44।
बुध 24 मई को यमगंड कब है? 07:13–09:06
यमगण्ड बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:13–09:06।
बुध 24 मई को गुलिक काल कब है? 10:58–12:51
गुलिक काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:58–12:51।
यहाँ दिन 05:21 से 20:21 तक है, 15 घं 0 मि। इसे 1 घं 52 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: बुधवार को राहु काल पाँचवाँ भाग है, यमगण्ड दूसरा और गुलिक काल चौथा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
बुध 24 मई को सूर्योदय कितने बजे है? 05:21
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:21, सूर्यास्त 20:21, 15 घं 0 मि का दिन।
बुध 24 मई को सूर्यास्त कितने बजे है? 20:21
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:21, सूर्यास्त 20:21, 15 घं 0 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 15 घं 0 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 8 घं 59 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 15 घं 0 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 8 घं 59 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
बुध 24 मई को कौन सा नक्षत्र है? कृत्तिका
सूर्योदय पर चंद्रमा 36.7° पर था: कृत्तिका, पद 4।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। कृत्तिका 26°40′–40°00′ तक है; चंद्रमा 36°40′ पर उसके पद 4 में आया। वह 11:17 को निकलेगा, रोहिणी में।
बुध 24 मई को कौन सा योग है? अतिगण्ड
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 75.9° थे: अतिगण्ड।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 39.2° + 36.7° = 75.9°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 66°40′–80°00′ छठा है, अतिगण्ड। यह 12:10 को समाप्त होता है, फिर सुकर्मा।
बुध 24 मई को कौन सा करण है? नाग
सूर्योदय पर बढ़त 357.5° थी: अमावस्या का दूसरा आधा, नाग।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए अमावस्या का पहला आधा चतुष्पाद है और दूसरा नाग। चतुष्पाद 22:32 मंगल पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 354° हुई; नाग 10:16 तक है।
बुध 24 मई को कौन सा वार है, और कब से? बुधवार
यह दिन बुधवार को सूर्योदय, 05:21, पर शुरू हुआ: बुधवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:21 से 05:20 गुरु तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी बुधवार के हैं।
बुध 24 मई को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? वैशाख
यह मास 24 अप्रैल की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मेष में था: वैशाख।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मेष से वैशाख। सूर्य 14 मई को, मास के भीतर, वृषभ में जाता है। अगली अमावस्या, 24 मई, उसे वृषभ में पाती है और ज्येष्ठ शुरू करती है।
बुध 24 मई को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? ज्येष्ठ
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष ज्येष्ठ का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 24 मई की अमावस्या, सूर्य वृषभ में, ज्येष्ठ शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ ज्येष्ठ है, और अमान्त गणना में वैशाख।
बुध 24 मई को कौन सा संवत है? विक्रम 2085 · शक 1950
विक्रम संवत 2085 26 मार्च 2028 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 26 मार्च 2028, 06:31 रवि। तब से सूर्य तारों के बीच 57.4° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2085 गिनता है; शक संवत 1950।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
बुध 24 मई को चंद्रास्त कितने बजे है? 20:58
चंद्रमा यहाँ 20:58 पर अस्त होता है।
चंद्रमा इस सूर्योदय और अगले के बीच उदय नहीं होता।
चंद्रमा 20:58 पर, रात में, अस्त होता है और अगले सूर्योदय से पहले उदय नहीं होता।