Split, क्रोएशिया का पंचांग मंगल 1 जून 2027
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय CEST में
व्रत
अपरा एकादशी
अपरा एकादशी मंगल 1 जून को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है। मंगल 1 जून क्यों?
अपरा एकादशी: Split में हर तारीख़1 जून का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, मंगल 1 जून
- 04:06–04:41ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 05:16 से
-
06:54–08:18अमृत कालदुर्मुहूर्त छोड़कर · रेवती में
- 10:58–12:52लाभ चौघड़िया
- 12:22–12:52अभिजीत मुहूर्तगुलिक काल छोड़कर
- 12:52–14:46अमृत चौघड़ियागुलिक काल में
- 16:40–18:34शुभ चौघड़ियाराहु काल में
- सूर्यास्त 20:28 के बाद
- 21:34–22:40लाभ चौघड़िया
- 23:46–23:59शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 00:34–00:52 बुधशुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 00:52–01:58 बुधअमृत चौघड़िया
-
01:44–03:18 बुधअमृत कालअश्विनी में
- 04:05–04:40 बुधअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 05:16–07:10रोगअशुभ
- 07:10–09:04उद्वेगअशुभ
- 09:04–10:58चरसामान्य
- 10:58–12:52लाभशुभ
- 12:52–14:46अमृतगुलिक काल में
- 14:46–16:40कालअशुभ
- 16:40–18:34शुभराहु काल में
- 18:34–20:28रोगअशुभ
रात का चौघड़िया
- 20:28–21:34कालअशुभ
- 21:34–22:40लाभशुभ
- 22:40–23:46उद्वेगअशुभ
- 23:46–00:52 बुधशुभ
- 00:52–01:58 बुधअमृतशुभ
- 01:58–03:04 बुधचरसामान्य
- 03:04–04:10 बुधरोगअशुभ
- 04:10–05:16 बुधकालअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, मंगल 1 जून: ब्रह्म मुहूर्त, 04:06–04:41, शुभ
- रोग, अशुभ, 05:16–07:10
- उद्वेग, अशुभ, 07:10–09:04
- चर, सामान्य, 09:04–10:58
- लाभ, शुभ, 10:58–12:52
- अमृत, शुभ, 12:52–14:46
- काल, अशुभ, 14:46–16:40
- शुभ, 16:40–18:34
- रोग, अशुभ, 18:34–20:28
- काल, अशुभ, 20:28–21:34
- लाभ, शुभ, 21:34–22:40
- उद्वेग, अशुभ, 22:40–23:46
- शुभ, 23:46–00:52 बुध
- अमृत, शुभ, 00:52–01:58 बुध
- चर, सामान्य, 01:58–03:04 बुध
- रोग, अशुभ, 03:04–04:10 बुध
- काल, अशुभ, 04:10–05:16 बुध
- दुर्मुहूर्त, 08:18–09:19, अशुभ
- यमगण्ड, 09:04–10:58, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 12:22–13:22, शुभ
- गुलिक काल, 12:52–14:46, अशुभ
- राहु काल, 16:40–18:34, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 23:59–00:34 बुध, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:05–04:40 बुध
हर मान कैसे निकलता है
Split में अपरा एकादशी मंगल 1 जून को क्यों है?
अपरा एकादशी मंगल 1 जून को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल मंगल 1 जून को सूर्योदय पर है, 05:16: मंगल 1 जून। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 06:32 सोम पर, उससे (03:40–05:16) पहले, समाप्त हुई।
मंगल 1 जून को कौन सी तिथि है? कृष्ण एकादशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 311.5° आगे था: कृष्ण एकादशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 300°–312° छब्बीसवीं है, कृष्ण एकादशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:16। दशमी उससे पहले 06:32 सोम पर समाप्त हुई। एकादशी 06:10 को समाप्त होगी, जब बढ़त 312° होगी। बढ़त 20 मई की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
द्वादशी क्षय क्यों है?
द्वादशी एक सूर्योदय के बाद शुरू हुई और अगले से पहले समाप्त, इसलिए यहाँ कोई दिन द्वादशी नहीं होता।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। द्वादशी 06:10 को शुरू हुई और 04:59 बुध को समाप्त, 05:16 और 05:16 बुध के सूर्योदयों के बीच। मंगलवार को एकादशी है और बुधवार को त्रयोदशी: द्वादशी यहाँ क्षय तिथि है।
मंगल 1 जून को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:06–04:41
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:06–04:41।
सोम 31 मई की रात सूर्यास्त 20:27 सोम से सूर्योदय 05:16 तक थी, 8 घं 49 मि। इसे 35 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
मंगल 1 जून को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:22–13:22
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:22–13:22।
मंगल 1 जून को दुर्मुहूर्त कब है? 08:18–09:19
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:18–09:19, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:59–00:34 बुध।
मंगल 1 जून को दुर्मुहूर्त कब है? 23:59–00:34 बुध
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:18–09:19, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:59–00:34 बुध।
यहाँ दिन, 05:16 से 20:28, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 1 घं 0 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 08:18–09:19 और 23:59–00:34 बुध।
मंगल 1 जून का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
05:16–07:10 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 05:16 से 20:28, 1 घं 54 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 20:28 से 05:16 बुध, 1 घं 6 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
मंगल 1 जून को राहुकाल कब है? 16:40–18:34
राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 16:40–18:34।
मंगल 1 जून को यमगंड कब है? 09:04–10:58
यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:04–10:58।
मंगल 1 जून को गुलिक काल कब है? 12:52–14:46
गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:52–14:46।
यहाँ दिन 05:16 से 20:28 तक है, 15 घं 12 मि। इसे 1 घं 54 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।
सूर्योदय और सूर्यास्त
मंगल 1 जून को सूर्योदय कितने बजे है? 05:16
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:16, सूर्यास्त 20:28, 15 घं 12 मि का दिन।
मंगल 1 जून को सूर्यास्त कितने बजे है? 20:28
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:16, सूर्यास्त 20:28, 15 घं 12 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 15 घं 12 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 8 घं 48 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 15 घं 12 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 8 घं 48 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
मंगल 1 जून को कौन सा नक्षत्र है? रेवती
सूर्योदय पर चंद्रमा 357.7° पर था: रेवती, पद 4।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। रेवती 346°40′–360°00′ तक है; चंद्रमा 356°40′ पर उसके पद 4 में आया। वह 09:20 को निकलेगा, अश्विनी में।
मंगल 1 जून को कौन सा योग है? सौभाग्य
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 403.9° थे, एक चक्कर और 43.9°: सौभाग्य।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 46.2° + 357.7° = 403.9°, एक पूरा चक्कर और 43.9°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 40°00′–53°20′ चौथा है, सौभाग्य। यह 20:52 को समाप्त होता है, फिर शोभन।
मंगल 1 जून को कौन सा करण है? बालव
सूर्योदय पर बढ़त 311.5° थी: एकादशी का दूसरा आधा, बालव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए एकादशी का पहला आधा बव है और दूसरा बालव। बव 18:27 सोम पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 306° हुई; बालव 06:10 तक है।
मंगल 1 जून को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार
यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 05:16, पर शुरू हुआ: मंगलवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:16 से 05:16 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।
मंगल 1 जून को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? वैशाख
यह मास 6 मई की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मेष में था: वैशाख।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मेष से वैशाख। सूर्य 15 मई को, मास के भीतर, वृषभ में जाता है। अगली अमावस्या, 4 जून, उसे वृषभ में पाती है और ज्येष्ठ शुरू करती है।
मंगल 1 जून को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? ज्येष्ठ
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष ज्येष्ठ का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 4 जून की अमावस्या, सूर्य वृषभ में, ज्येष्ठ शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ ज्येष्ठ है, और अमान्त गणना में वैशाख।
मंगल 1 जून को कौन सा संवत है? विक्रम 2084 · शक 1949
विक्रम संवत 2084 7 अप्रैल 2027 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 7 अप्रैल 2027, 01:51 बुध। तब से सूर्य तारों के बीच 53.5° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2084 गिनता है; शक संवत 1949।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
मंगल 1 जून को चंद्रोदय कितने बजे है? 03:04 बुध
चंद्रमा यहाँ 03:04 बुध पर उदय होता है।
मंगल 1 जून को चंद्रास्त कितने बजे है? 16:53
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 16:53 पर अस्त हुआ; वह फिर 03:04 बुध पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 16:53 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 03:04 बुध पर उदय होगा।