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Split, क्रोएशिया का पंचांग सोम 15 मार्च 2027

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय CET में

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:30 06:07 18:00अगला सूर्योदय 06:05 मंगल

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 06:07–07:36अमृतशुभ
  • 07:36–09:05कालअशुभ
  • 09:05–10:34शुभ
  • 10:34–12:03रोगअशुभ
  • 12:03–13:32उद्वेगअशुभ
  • 13:32–15:01चरसामान्य
  • 15:01–16:31लाभशुभ
  • 16:31–18:00अमृतशुभ

रात का चौघड़िया

  • 18:00–19:30चरसामान्य
  • 19:30–21:01रोगअशुभ
  • 21:01–22:32कालअशुभ
  • 22:32–00:02 मंगललाभशुभ
  • 00:02–01:33 मंगलउद्वेगअशुभ
  • 01:33–03:04 मंगलशुभ
  • 03:04–04:34 मंगलअमृतशुभ
  • 04:34–06:05 मंगलचरसामान्य

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, सोम 15 मार्च: ब्रह्म मुहूर्त, 04:30–05:18, शुभ
  • अमृत, शुभ, 06:07–07:36
  • काल, अशुभ, 07:36–09:05
  • शुभ, 09:05–10:34
  • रोग, अशुभ, 10:34–12:03
  • उद्वेग, अशुभ, 12:03–13:32
  • चर, सामान्य, 13:32–15:01
  • लाभ, शुभ, 15:01–16:31
  • अमृत, शुभ, 16:31–18:00
  • चर, सामान्य, 18:00–19:30
  • रोग, अशुभ, 19:30–21:01
  • काल, अशुभ, 21:01–22:32
  • लाभ, शुभ, 22:32–00:02 मंगल
  • उद्वेग, अशुभ, 00:02–01:33 मंगल
  • शुभ, 01:33–03:04 मंगल
  • अमृत, शुभ, 03:04–04:34 मंगल
  • चर, सामान्य, 04:34–06:05 मंगल
  • राहु काल, 07:36–09:05, अशुभ
  • यमगण्ड, 10:34–12:03, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 11:40–12:27, शुभ
  • दुर्मुहूर्त, 12:27–13:15, अशुभ
  • गुलिक काल, 13:32–15:01, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 14:50–15:37, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:28–05:17 मंगल

हर मान कैसे निकलता है

सोम 15 मार्च को कौन सी तिथि है? शुक्ल सप्तमी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 83.9° आगे था: शुक्ल सप्तमी।

सूर्य अमावस्या 0° 83.9° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण सप्तमी 72°–84° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 83.9° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण सप्तमी 72°–84° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 72°–84° सातवीं है, शुक्ल सप्तमी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:07। षष्ठी उससे पहले 08:02 रवि पर समाप्त हुई। सप्तमी 06:21 को समाप्त होगी, जब बढ़त 84° होगी। बढ़त 8 मार्च की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

अष्टमी क्षय क्यों है?

अष्टमी एक सूर्योदय के बाद शुरू हुई और अगले से पहले समाप्त, इसलिए यहाँ कोई दिन अष्टमी नहीं होता।

सप्तमी अष्टमी अष्टमी नवमी सोम 15 मार्च सुबह मंगल 16 मार्च सुबह Split UTC+1 06:21 04:24 06:07 सप्तमी 06:05 नवमी अष्टमी इस सूर्योदय के बाद शुरू और इससे पहले समाप्त
सप्तमी अष्टमी अष्टमी नवमी सोम 15 मार्च सुबह मंगल 16 मार्च सुबह Split UTC+1 06:21 04:24 06:07 सप्तमी 06:05 नवमी अष्टमी इस सूर्योदय के बाद शुरू और इससे पहले समाप्त
समय नीचे की ओर · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। अष्टमी 06:21 को शुरू हुई और 04:24 मंगल को समाप्त, 06:07 और 06:05 मंगल के सूर्योदयों के बीच। सोमवार को सप्तमी है और मंगलवार को नवमी: अष्टमी यहाँ क्षय तिथि है।

सोम 15 मार्च को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:30–05:18

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:30–05:18।

सूर्यास्त 17:58 रवि सूर्योदय 06:07 सोम समय, ऊँचाई नहीं रवि 14 मार्च का दिन 14 1
सूर्यास्त 17:58 रवि सूर्योदय 06:07 सोम समय, ऊँचाई नहीं रवि 14 मार्च का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · रविवार का दिन धुँधला

रवि 14 मार्च की रात सूर्यास्त 17:58 रवि से सूर्योदय 06:07 तक थी, 12 घं 9 मि। इसे 48 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

सोम 15 मार्च को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:40–12:27

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:40–12:27।

सोम 15 मार्च को दुर्मुहूर्त कब है? 12:27–13:15

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 12:27–13:15 और 14:50–15:37।

सोम 15 मार्च को दुर्मुहूर्त कब है? 14:50–15:37

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 12:27–13:15 और 14:50–15:37।

सूर्योदय 06:07 सूर्यास्त 18:00 सूर्योदय 06:05 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 8 9 12 1
सूर्योदय 06:07 सूर्यास्त 18:00 सूर्योदय 06:05 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 8 9 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 9, 12

यहाँ दिन, 06:07 से 18:00, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 47 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। सोमवार को दुर्मुहूर्त नौवाँ और बारहवाँ है, 12:27–13:15 और 14:50–15:37।

सोम 15 मार्च का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

06:07–07:36 अमृत है, जिसके स्वामी चंद्र हैं, सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 06:07 सूर्यास्त 18:00 सूर्योदय 06:05 मंगल समय, ऊँचाई नहीं अमृत
सूर्योदय 06:07 सूर्यास्त 18:00 सूर्योदय 06:05 मंगल समय, ऊँचाई नहीं अमृत
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:07 से 18:00, 1 घं 29 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 18:00 से 06:05 मंगल, 1 घं 30 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

सोम 15 मार्च को राहुकाल कब है? 07:36–09:05

राहु काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:36–09:05।

सोम 15 मार्च को यमगंड कब है? 10:34–12:03

यमगण्ड सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:34–12:03।

सोम 15 मार्च को गुलिक काल कब है? 13:32–15:01

गुलिक काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:32–15:01।

सूर्योदय 06:07 सूर्यास्त 18:00 सूर्योदय 06:05 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 06:07 सूर्यास्त 18:00 सूर्योदय 06:05 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 4, गुलिक काल 6

यहाँ दिन 06:07 से 18:00 तक है, 11 घं 53 मि। इसे 1 घं 29 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: सोमवार को राहु काल दूसरा भाग है, यमगण्ड चौथा और गुलिक काल छठा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

सोम 15 मार्च को सूर्योदय कितने बजे है? 06:07

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:07, सूर्यास्त 18:00, 11 घं 53 मि का दिन।

सोम 15 मार्च को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:00

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:07, सूर्यास्त 18:00, 11 घं 53 मि का दिन।

सूर्योदय 06:07 सूर्यास्त 18:00 सूर्योदय 06:05 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 02:18 मंगल चंद्रोदय 09:42
सूर्योदय 06:07 सूर्यास्त 18:00 सूर्योदय 06:05 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 02:18 मंगल चंद्रोदय 09:42
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 53 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 5 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 53 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 5 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सोम 15 मार्च को कौन सा नक्षत्र है? मृगशिरा

सूर्योदय पर चंद्रमा 54° पर था: मृगशिरा, पद 1।

चंद्रमा सूर्य 0° मृगशिरा चंद्रमा 54.0° अगला: आर्द्रा पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° मृगशिरा चंद्रमा 54.0° अगला: आर्द्रा पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। मृगशिरा 53°20′–66°40′ तक है; चंद्रमा 53°20′ पर उसके पद 1 में आया। वह 03:43 मंगल को निकलेगा, आर्द्रा में।

सोम 15 मार्च को कौन सा योग है? प्रीति

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 384.2° थे, एक चक्कर और 24.2°: प्रीति।

सूर्य 330.2° + चंद्रमा 54.0° = 384.2° एक चक्कर + 24.2° प्रीति 13°20′–26°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 330.2° + चंद्रमा 54.0° = 384.2° एक चक्कर + 24.2° प्रीति 13°20′–26°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 330.2° + 54° = 384.2°, एक पूरा चक्कर और 24.2°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 13°20′–26°40′ दूसरा है, प्रीति। यह 10:07 को समाप्त होता है, फिर आयुष्मान्।

सोम 15 मार्च को कौन सा करण है? वणिज

सूर्योदय पर बढ़त 83.9° थी: सप्तमी का दूसरा आधा, वणिज।

सूर्य अमावस्या 0° 83.9° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण सप्तमी 72°–84° वणिज 78°–84° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 83.9° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण सप्तमी 72°–84° वणिज 78°–84° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए सप्तमी का पहला आधा गर है और दूसरा वणिज। गर 19:14 रवि पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 78° हुई; वणिज 06:21 तक है।

सोम 15 मार्च को कौन सा वार है, और कब से? सोमवार

यह दिन सोमवार को सूर्योदय, 06:07, पर शुरू हुआ: सोमवार।

सोमवार सूर्योदय 06:07 सूर्यास्त 18:00 सूर्योदय 06:05 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 00:00 मंगल अब भी सोमवार
सोमवार सूर्योदय 06:07 सूर्यास्त 18:00 सूर्योदय 06:05 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 00:00 मंगल अब भी सोमवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:07 से 06:05 मंगल तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी सोमवार के हैं।

सोम 15 मार्च को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? फाल्गुन

यह मास 8 मार्च की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कुंभ में था: फाल्गुन।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 कुंभ मीन 0° पृथ्वी
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 कुंभ मीन 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कुंभ से फाल्गुन। सूर्य 15 मार्च को, मास के भीतर, मीन में जाता है। अगली अमावस्या, 7 अप्रैल, उसे मीन में पाती है और चैत्र शुरू करती है।

सोम 15 मार्च को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? फाल्गुन

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष फाल्गुन का है।

अमान्त फाल्गुन पूर्णिमान्त फाल्गुन कृष्ण शुक्ल सोम 15 मार्च पूर्णिमा 21 फ़र॰ अमावस्या 8 मार्च पूर्णिमा 22 मार्च अमावस्या 7 अप्रैल
अमान्त फाल्गुन पूर्णिमान्त फाल्गुन कृष्ण शुक्ल सोम 15 मार्च पूर्णिमा 21 फ़र॰ अमावस्या 8 मार्च पूर्णिमा 22 मार्च अमावस्या 7 अप्रैल
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 8 मार्च की अमावस्या ने, सूर्य कुंभ में, फाल्गुन शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में फाल्गुन है।

सोम 15 मार्च को कौन सा संवत है? विक्रम 2083 · शक 1948

विक्रम संवत 2083 19 मार्च 2026 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 19 मार्च 2026 02:23 · सूर्य मीन में सूर्योदय, सोम 15 मार्च सूर्य 330.2° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 19 मार्च 2026 02:23 · सूर्य मीन में सूर्योदय, सोम 15 मार्च सूर्य 330.2° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 19 मार्च 2026, 02:23 गुरु। तब से सूर्य तारों के बीच 356° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2083 गिनता है; शक संवत 1948।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

सोम 15 मार्च को चंद्रोदय कितने बजे है? 09:42

चंद्रमा यहाँ 09:42 पर उदय होता है।

सोम 15 मार्च को चंद्रास्त कितने बजे है? 02:18 मंगल

सूर्योदय 06:07 सूर्यास्त 18:00 सूर्योदय 06:05 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 02:18 मंगल चंद्रोदय 09:42
सूर्योदय 06:07 सूर्यास्त 18:00 सूर्योदय 06:05 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 02:18 मंगल चंद्रोदय 09:42
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 09:42 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 02:18 मंगल पर अस्त होगा।

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 09:42 पर उदय हुआ; वह फिर 02:18 मंगल पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।