Split, क्रोएशिया का पंचांग रवि 25 अक्टूबर 2026
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय CET में
त्योहार
शरद पूर्णिमा
शरद पूर्णिमा रवि 25 अक्टूबर को है: उस रात पूरे निशीथ काल में पूर्णिमा है, और किसी रात नहीं। रवि 25 अक्टूबर क्यों?
शरद पूर्णिमा: Split में हर तारीख़व्रत
पूर्णिमा
पूर्णिमा रवि 25 अक्टूबर को है: पूर्णिमा किसी सूर्योदय पर नहीं है, और उसी दिन मानी जाती है जिस दिन वह चलती है। रवि 25 अक्टूबर क्यों?
पूर्णिमा: Split में हर तारीख़25 अक्टूबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, रवि 25 अक्टूबर
- 04:33–05:27ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:20 से
- 08:59–10:18लाभ चौघड़िया
- 10:18–11:38अमृत चौघड़िया
- 11:17–11:38अभिजीत मुहूर्तयमगण्ड छोड़कर
- 12:57–14:16शुभ चौघड़िया
-
12:57–14:06अमृत कालयमगण्ड छोड़कर · रेवती में
- सूर्यास्त 16:55 के बाद
- 16:55–18:36शुभ चौघड़िया
- 18:36–20:17अमृत चौघड़िया
- 01:19–03:00 सोमलाभ चौघड़िया
- 04:41–06:21 सोमशुभ चौघड़िया
- 04:34–05:28 सोमअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:20–07:40उद्वेगअशुभ
- 07:40–08:59चरसामान्य
- 08:59–10:18लाभशुभ
- 10:18–11:38अमृतशुभ
- 11:38–12:57कालअशुभ
- 12:57–14:16शुभ
- 14:16–15:36रोगअशुभ
- 15:36–16:55उद्वेगअशुभ
रात का चौघड़िया
- 16:55–18:36शुभ
- 18:36–20:17अमृतशुभ
- 20:17–21:58चरसामान्य
- 21:58–23:38रोगअशुभ
- 23:38–01:19 सोमकालअशुभ
- 01:19–03:00 सोमलाभशुभ
- 03:00–04:41 सोमउद्वेगअशुभ
- 04:41–06:21 सोमशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, रवि 25 अक्टूबर: ब्रह्म मुहूर्त, 04:33–05:27, शुभ
- उद्वेग, अशुभ, 06:20–07:40
- चर, सामान्य, 07:40–08:59
- लाभ, शुभ, 08:59–10:18
- अमृत, शुभ, 10:18–11:38
- काल, अशुभ, 11:38–12:57
- शुभ, 12:57–14:16
- रोग, अशुभ, 14:16–15:36
- उद्वेग, अशुभ, 15:36–16:55
- शुभ, 16:55–18:36
- अमृत, शुभ, 18:36–20:17
- चर, सामान्य, 20:17–21:58
- रोग, अशुभ, 21:58–23:38
- काल, अशुभ, 23:38–01:19 सोम
- लाभ, शुभ, 01:19–03:00 सोम
- उद्वेग, अशुभ, 03:00–04:41 सोम
- शुभ, 04:41–06:21 सोम
- अभिजीत मुहूर्त, 11:17–11:59, शुभ
- यमगण्ड, 11:38–12:57, अशुभ
- गुलिक काल, 14:16–15:36, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 15:31–16:13, अशुभ
- राहु काल, 15:36–16:55, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:34–05:28 सोम
हर मान कैसे निकलता है
Split में शरद पूर्णिमा रवि 25 अक्टूबर को क्यों है?
शरद पूर्णिमा रवि 25 अक्टूबर को है: उस रात पूरे निशीथ काल में पूर्णिमा है, और किसी रात नहीं।
शरद पूर्णिमा की रात की पूजा निशीथ काल में होती है, आधी रात का मुहूर्त। पूर्णिमा रवि 25 अक्टूबर को 07:26 से सोम 26 अक्टूबर को 05:11 तक है, इसलिए केवल रविवार की रात का निशीथ काल (23:11–00:05 सोम) उसके भीतर है। शरद पूर्णिमा का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; निशीथ काल Tithika की परिपाटी है।
Split में पूर्णिमा रवि 25 अक्टूबर को क्यों है?
पूर्णिमा रवि 25 अक्टूबर को है: पूर्णिमा किसी सूर्योदय पर नहीं है, और उसी दिन मानी जाती है जिस दिन वह चलती है।
पूर्णिमा सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। पूर्णिमा रवि 25 अक्टूबर को 07:26 पर, उस सूर्योदय के बाद, लगती है और सोम 26 अक्टूबर को 05:11 पर, अगले सूर्योदय से पहले, समाप्त होती है: वह किसी सूर्योदय पर नहीं है। ऐसी तिथि उसी दिन मानी जाती है जिस दिन वह चलती है: रवि 25 अक्टूबर। पूर्णिमा का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।
रवि 25 अक्टूबर को कौन सी तिथि है? शुक्ल चतुर्दशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 167.4° आगे था: शुक्ल चतुर्दशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 156°–168° चौदहवीं है, शुक्ल चतुर्दशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:20। त्रयोदशी उससे पहले 10:07 शनि पर समाप्त हुई। चतुर्दशी 07:26 को समाप्त होगी, जब बढ़त 168° होगी। बढ़त 10 अक्टूबर की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
पूर्णिमा क्षय क्यों है?
पूर्णिमा एक सूर्योदय के बाद शुरू हुई और अगले से पहले समाप्त, इसलिए यहाँ कोई दिन पूर्णिमा नहीं होता।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। पूर्णिमा 07:26 को शुरू हुई और 05:11 सोम को समाप्त, 06:20 और 06:21 सोम के सूर्योदयों के बीच। रविवार को चतुर्दशी है और सोमवार को प्रतिपदा: पूर्णिमा यहाँ क्षय तिथि है।
रवि 25 अक्टूबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:33–05:27
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:33–05:27।
शनि 24 अक्टूबर की रात सूर्यास्त 17:57 शनि से सूर्योदय 06:20 तक थी, 13 घं 23 मि। इसे 53 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
रवि 25 अक्टूबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:17–11:59
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:17–11:59।
रवि 25 अक्टूबर को दुर्मुहूर्त कब है? 15:31–16:13
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 15:31–16:13।
यहाँ दिन, 06:20 से 16:55, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 42 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। रविवार को दुर्मुहूर्त चौदहवाँ है, 15:31–16:13।
रवि 25 अक्टूबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:20–07:40 उद्वेग है, जिसके स्वामी सूर्य हैं, रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:20 से 16:55, 1 घं 19 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 16:55 से 06:21 सोम, 1 घं 40 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
रवि 25 अक्टूबर को राहुकाल कब है? 15:36–16:55
राहु काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से आठवाँ है: 15:36–16:55।
रवि 25 अक्टूबर को यमगंड कब है? 11:38–12:57
यमगण्ड रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 11:38–12:57।
रवि 25 अक्टूबर को गुलिक काल कब है? 14:16–15:36
गुलिक काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 14:16–15:36।
यहाँ दिन 06:20 से 16:55 तक है, 10 घं 35 मि। इसे 1 घं 19 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: रविवार को राहु काल आठवाँ भाग है, यमगण्ड पाँचवाँ और गुलिक काल सातवाँ।
सूर्योदय और सूर्यास्त
रवि 25 अक्टूबर को सूर्योदय कितने बजे है? 06:20
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:20, सूर्यास्त 16:55, 10 घं 35 मि का दिन।
रवि 25 अक्टूबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 16:55
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:20, सूर्यास्त 16:55, 10 घं 35 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 10 घं 35 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 13 घं 26 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 10 घं 35 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 13 घं 26 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
रवि 25 अक्टूबर को कौन सा नक्षत्र है? रेवती
सूर्योदय पर चंद्रमा 355° पर था: रेवती, पद 3।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। रेवती 346°40′–360°00′ तक है; चंद्रमा 353°20′ पर उसके पद 3 में आया। वह 14:52 को निकलेगा, अश्विनी में।
रवि 25 अक्टूबर को कौन सा योग है? हर्षण
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 542.6° थे, एक चक्कर और 182.6°: हर्षण।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 187.6° + 355° = 542.6°, एक पूरा चक्कर और 182.6°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 173°20′–186°40′ चौदहवाँ है, हर्षण। यह 12:52 को समाप्त होता है, फिर वज्र।
रवि 25 अक्टूबर को कौन सा करण है? वणिज
सूर्योदय पर बढ़त 167.4° थी: चतुर्दशी का दूसरा आधा, वणिज।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए चतुर्दशी का पहला आधा गर है और दूसरा वणिज। गर 21:21 शनि पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 162° हुई; वणिज 07:26 तक है।
रवि 25 अक्टूबर को कौन सा वार है, और कब से? रविवार
यह दिन रविवार को सूर्योदय, 06:20, पर शुरू हुआ: रविवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:20 से 06:21 सोम तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी रविवार के हैं।
रवि 25 अक्टूबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? आश्विन
यह मास 10 अक्टूबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कन्या में था: आश्विन।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कन्या से आश्विन। सूर्य 17 अक्टूबर को, मास के भीतर, तुला में जाता है। अगली अमावस्या, 9 नवंबर, उसे तुला में पाती है और कार्तिक शुरू करती है।
रवि 25 अक्टूबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? आश्विन
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष आश्विन का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 10 अक्टूबर की अमावस्या ने, सूर्य कन्या में, आश्विन शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में आश्विन है।
रवि 25 अक्टूबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2083 · शक 1948
विक्रम संवत 2083 19 मार्च 2026 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 19 मार्च 2026, 02:23 गुरु। तब से सूर्य तारों के बीच 213.4° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2083 गिनता है; शक संवत 1948।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
रवि 25 अक्टूबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 16:12
चंद्रमा यहाँ 16:12 पर उदय होता है।
चंद्रमा 16:12 पर, दिन में, उदय होता है और अगले सूर्योदय से पहले अस्त नहीं होता।
चंद्रमा इस सूर्योदय और अगले के बीच अस्त नहीं होता।