Split, क्रोएशिया का पंचांग शुक्र 28 नवंबर 2025
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय CET में
28 नवंबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, शुक्र 28 नवंबर
- 05:06–06:05ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 07:04 से
- 08:13–09:23लाभ चौघड़ियागुलिक काल में
- 09:32–10:32अमृत चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 11:42–12:00अभिजीत मुहूर्तराहु काल छोड़कर
- 11:42–12:00शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 12:37–12:51शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
-
15:10–16:39अमृत कालयमगण्ड छोड़कर · शतभिषा में
- सूर्यास्त 16:20 के बाद
- 20:01–21:52लाभ चौघड़िया
- 23:42–01:33 शनिशुभ चौघड़िया
- 01:33–03:24 शनिअमृत चौघड़िया
- 05:07–06:06 शनिअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 07:04–08:13चरसामान्य
- 08:13–09:23लाभगुलिक काल में
- 09:23–10:32अमृतशुभ
- 10:32–11:42कालअशुभ
- 11:42–12:51शुभ
- 12:51–14:01रोगअशुभ
- 14:01–15:10उद्वेगअशुभ
- 15:10–16:20चरसामान्य
रात का चौघड़िया
- 16:20–18:10रोगअशुभ
- 18:10–20:01कालअशुभ
- 20:01–21:52लाभशुभ
- 21:52–23:42उद्वेगअशुभ
- 23:42–01:33 शनिशुभ
- 01:33–03:24 शनिअमृतशुभ
- 03:24–05:14 शनिचरसामान्य
- 05:14–07:05 शनिरोगअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, शुक्र 28 नवंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 05:06–06:05, शुभ
- चर, सामान्य, 07:04–08:13
- लाभ, शुभ, 08:13–09:23
- अमृत, शुभ, 09:23–10:32
- काल, अशुभ, 10:32–11:42
- शुभ, 11:42–12:51
- रोग, अशुभ, 12:51–14:01
- उद्वेग, अशुभ, 14:01–15:10
- चर, सामान्य, 15:10–16:20
- रोग, अशुभ, 16:20–18:10
- काल, अशुभ, 18:10–20:01
- लाभ, शुभ, 20:01–21:52
- उद्वेग, अशुभ, 21:52–23:42
- शुभ, 23:42–01:33 शनि
- अमृत, शुभ, 01:33–03:24 शनि
- चर, सामान्य, 03:24–05:14 शनि
- रोग, अशुभ, 05:14–07:05 शनि
- गुलिक काल, 08:13–09:23, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 08:55–09:32, अशुभ
- राहु काल, 10:32–11:42, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:23–12:00, शुभ
- दुर्मुहूर्त, 12:00–12:37, अशुभ
- यमगण्ड, 14:01–15:10, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:07–06:06 शनि
हर मान कैसे निकलता है
शुक्र 28 नवंबर को कौन सी तिथि है? शुक्ल अष्टमी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 89.5° आगे था: शुक्ल अष्टमी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 84°–96° आठवीं है, शुक्ल अष्टमी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 07:04। सप्तमी उससे पहले 20:00 गुरु पर समाप्त हुई। अष्टमी 19:45 को समाप्त होगी, जब बढ़त 96° होगी। बढ़त 20 नवंबर की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
शुक्र 28 नवंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:06–06:05
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:06–06:05।
गुरु 27 नवंबर की रात सूर्यास्त 16:20 गुरु से सूर्योदय 07:04 तक थी, 14 घं 44 मि। इसे 58 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
शुक्र 28 नवंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:23–12:00
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:23–12:00।
शुक्र 28 नवंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 08:55–09:32
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा और नौवाँ है: 08:55–09:32 और 12:00–12:37।
शुक्र 28 नवंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 12:00–12:37
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा और नौवाँ है: 08:55–09:32 और 12:00–12:37।
यहाँ दिन, 07:04 से 16:20, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 37 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शुक्रवार को दुर्मुहूर्त चौथा और नौवाँ है, 08:55–09:32 और 12:00–12:37।
शुक्र 28 नवंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
07:04–08:13 चर है, जिसके स्वामी शुक्र हैं, शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, सामान्य माना जाता है।
यहाँ दिन, 07:04 से 16:20, 1 घं 9 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 16:20 से 07:05 शनि, 1 घं 50 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
शुक्र 28 नवंबर को राहुकाल कब है? 10:32–11:42
राहु काल शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:32–11:42।
शुक्र 28 नवंबर को यमगंड कब है? 14:01–15:10
यमगण्ड शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 14:01–15:10।
शुक्र 28 नवंबर को गुलिक काल कब है? 08:13–09:23
गुलिक काल शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 08:13–09:23।
यहाँ दिन 07:04 से 16:20 तक है, 9 घं 16 मि। इसे 1 घं 9 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शुक्रवार को राहु काल चौथा भाग है, यमगण्ड सातवाँ और गुलिक काल दूसरा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
शुक्र 28 नवंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 07:04
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:04, सूर्यास्त 16:20, 9 घं 16 मि का दिन।
शुक्र 28 नवंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 16:20
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:04, सूर्यास्त 16:20, 9 घं 16 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 9 घं 16 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 14 घं 45 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 9 घं 16 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 14 घं 45 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
शुक्र 28 नवंबर को कौन सा नक्षत्र है? शतभिषा
सूर्योदय पर चंद्रमा 311.6° पर था: शतभिषा, पद 2।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। शतभिषा 306°40′–320°00′ तक है; चंद्रमा 310° पर उसके पद 2 में आया। वह 22:19 को निकलेगा, पूर्व भाद्रपद में।
शुक्र 28 नवंबर को कौन सा योग है? हर्षण
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 533.6° थे, एक चक्कर और 173.6°: हर्षण।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 222° + 311.6° = 533.6°, एक पूरा चक्कर और 173.6°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 173°20′–186°40′ चौदहवाँ है, हर्षण। यह 04:57 शनि को समाप्त होता है, फिर वज्र।
शुक्र 28 नवंबर को कौन सा करण है? विष्टि
सूर्योदय पर बढ़त 89.5° थी: अष्टमी का पहला आधा, विष्टि।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए अष्टमी का पहला आधा विष्टि है और दूसरा बव। विष्टि 07:58 तक है, जब बढ़त 90° होगी; बव 19:45 तक।
शुक्र 28 नवंबर को कौन सा वार है, और कब से? शुक्रवार
यह दिन शुक्रवार को सूर्योदय, 07:04, पर शुरू हुआ: शुक्रवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 07:04 से 07:05 शनि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शुक्रवार के हैं।
शुक्र 28 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? मार्गशीर्ष
यह मास 20 नवंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य वृश्चिक में था: मार्गशीर्ष।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: वृश्चिक से मार्गशीर्ष। सूर्य 15 दिसंबर को, मास के भीतर, धनु में जाता है। अगली अमावस्या, 20 दिसंबर, उसे धनु में पाती है और पौष शुरू करती है।
शुक्र 28 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? मार्गशीर्ष
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष मार्गशीर्ष का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 20 नवंबर की अमावस्या ने, सूर्य वृश्चिक में, मार्गशीर्ष शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में मार्गशीर्ष है।
शुक्र 28 नवंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2082 · शक 1947
विक्रम संवत 2082 29 मार्च 2025 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 29 मार्च 2025, 11:57 शनि। तब से सूर्य तारों के बीच 237.2° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2082 गिनता है; शक संवत 1947।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
शुक्र 28 नवंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 12:40
चंद्रमा यहाँ 12:40 पर उदय होता है।
शुक्र 28 नवंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 00:04 शनि
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 12:40 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 00:04 शनि पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 12:40 पर उदय हुआ; वह फिर 00:04 शनि पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।