Split, क्रोएशिया का पंचांग शनि 1 फ़रवरी 2025
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय CET में
1 फ़रवरी का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, शनि 1 फ़रवरी
- 05:17–06:14ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 07:10 से
- 08:29–09:39शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 11:48–12:28अभिजीत मुहूर्त
- 13:22–14:37लाभ चौघड़ियायमगण्ड में
- 14:37–15:51अमृत चौघड़िया
-
14:37–16:06अमृत कालयमगण्ड छोड़कर · पूर्व भाद्रपद में
- सूर्यास्त 17:05 के बाद
- 17:05–18:51लाभ चौघड़िया
- 20:36–22:22शुभ चौघड़िया
- 22:22–00:07 रविअमृत चौघड़िया
- 05:23–07:09 रविलाभ चौघड़िया
- 05:16–06:13 रविअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 07:10–08:24कालअशुभ
- 08:24–09:39शुभ
- 09:39–10:53रोगअशुभ
- 10:53–12:08उद्वेगअशुभ
- 12:08–13:22चरसामान्य
- 13:22–14:37लाभयमगण्ड में
- 14:37–15:51अमृतशुभ
- 15:51–17:05कालअशुभ
रात का चौघड़िया
- 17:05–18:51लाभशुभ
- 18:51–20:36उद्वेगअशुभ
- 20:36–22:22शुभ
- 22:22–00:07 रविअमृतशुभ
- 00:07–01:53 रविचरसामान्य
- 01:53–03:38 रविरोगअशुभ
- 03:38–05:23 रविकालअशुभ
- 05:23–07:09 रविलाभशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, शनि 1 फ़रवरी: ब्रह्म मुहूर्त, 05:17–06:14, शुभ
- काल, अशुभ, 07:10–08:24
- शुभ, 08:24–09:39
- रोग, अशुभ, 09:39–10:53
- उद्वेग, अशुभ, 10:53–12:08
- चर, सामान्य, 12:08–13:22
- लाभ, शुभ, 13:22–14:37
- अमृत, शुभ, 14:37–15:51
- काल, अशुभ, 15:51–17:05
- लाभ, शुभ, 17:05–18:51
- उद्वेग, अशुभ, 18:51–20:36
- शुभ, 20:36–22:22
- अमृत, शुभ, 22:22–00:07 रवि
- चर, सामान्य, 00:07–01:53 रवि
- रोग, अशुभ, 01:53–03:38 रवि
- काल, अशुभ, 03:38–05:23 रवि
- लाभ, शुभ, 05:23–07:09 रवि
- गुलिक काल, 07:10–08:24, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 07:10–07:50, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 07:50–08:29, अशुभ
- राहु काल, 09:39–10:53, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:48–12:28, शुभ
- यमगण्ड, 13:22–14:37, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:16–06:13 रवि
हर मान कैसे निकलता है
शनि 1 फ़रवरी को कौन सी तिथि है? शुक्ल चतुर्थी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 36° आगे था: शुक्ल चतुर्थी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 36°–48° चौथी है, शुक्ल चतुर्थी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 07:10। तृतीया उससे पहले 07:08 पर समाप्त हुई। चतुर्थी 04:44 रवि को समाप्त होगी, जब बढ़त 48° होगी। बढ़त 29 जनवरी की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
नई दिल्ली में तृतीया क्यों है?
नई दिल्ली में तृतीया है, Split में चतुर्थी।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।
नई दिल्ली · IST
यहाँ सूर्योदय, 07:09, तृतीया की समाप्ति 11:38 से पहले हुआ: यह दिन तृतीया है।
Split · UTC+1
यहाँ सूर्योदय, 07:10, तृतीया की समाप्ति 07:08 के बाद हुआ: यह दिन चतुर्थी है।
शनि 1 फ़रवरी को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:17–06:14
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:17–06:14।
शुक्र 31 जनवरी की रात सूर्यास्त 17:04 शुक्र से सूर्योदय 07:10 तक थी, 14 घं 6 मि। इसे 56 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
शनि 1 फ़रवरी को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:48–12:28
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:48–12:28।
शनि 1 फ़रवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 07:10–07:50
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 07:10–07:50 और 07:50–08:29।
शनि 1 फ़रवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 07:50–08:29
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 07:10–07:50 और 07:50–08:29।
यहाँ दिन, 07:10 से 17:05, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 39 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शनिवार को दुर्मुहूर्त पहला और दूसरा है, 07:10–07:50 और 07:50–08:29।
शनि 1 फ़रवरी का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
07:10–08:24 काल है, जिसके स्वामी शनि हैं, शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 07:10 से 17:05, 1 घं 14 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 17:05 से 07:09 रवि, 1 घं 45 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
शनि 1 फ़रवरी को राहुकाल कब है? 09:39–10:53
राहु काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:39–10:53।
शनि 1 फ़रवरी को यमगंड कब है? 13:22–14:37
यमगण्ड शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:22–14:37।
शनि 1 फ़रवरी को गुलिक काल कब है? 07:10–08:24
गुलिक काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 07:10–08:24।
यहाँ दिन 07:10 से 17:05 तक है, 9 घं 55 मि। इसे 1 घं 14 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शनिवार को राहु काल तीसरा भाग है, यमगण्ड छठा और गुलिक काल पहला।
सूर्योदय और सूर्यास्त
शनि 1 फ़रवरी को सूर्योदय कितने बजे है? 07:10
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:10, सूर्यास्त 17:05, 9 घं 55 मि का दिन।
शनि 1 फ़रवरी को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:05
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:10, सूर्यास्त 17:05, 9 घं 55 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 9 घं 55 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 14 घं 4 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 9 घं 55 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 14 घं 4 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
शनि 1 फ़रवरी को कौन सा नक्षत्र है? पूर्व भाद्रपद
सूर्योदय पर चंद्रमा 324.4° पर था: पूर्व भाद्रपद, पद 2।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। पूर्व भाद्रपद 320°00′–333°20′ तक है; चंद्रमा 323°20′ पर उसके पद 2 में आया। वह 22:03 को निकलेगा, उत्तर भाद्रपद में।
शनि 1 फ़रवरी को कौन सा योग है? परिघ
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 612.8° थे, एक चक्कर और 252.8°: परिघ।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 288.4° + 324.4° = 612.8°, एक पूरा चक्कर और 252.8°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 240°00′–253°20′ उन्नीसवाँ है, परिघ। यह 07:54 को समाप्त होता है, फिर शिव।
शनि 1 फ़रवरी को कौन सा करण है? वणिज
सूर्योदय पर बढ़त 36° थी: चतुर्थी का पहला आधा, वणिज।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए चतुर्थी का पहला आधा वणिज है और दूसरा विष्टि। वणिज 17:56 तक है, जब बढ़त 42° होगी; विष्टि 04:44 रवि तक।
शनि 1 फ़रवरी को कौन सा वार है, और कब से? शनिवार
यह दिन शनिवार को सूर्योदय, 07:10, पर शुरू हुआ: शनिवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 07:10 से 07:09 रवि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शनिवार के हैं।
शनि 1 फ़रवरी को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? माघ
यह मास 29 जनवरी की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मकर में था: माघ।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मकर से माघ। सूर्य 12 फ़रवरी को, मास के भीतर, कुंभ में जाता है। अगली अमावस्या, 28 फ़रवरी, उसे कुंभ में पाती है और फाल्गुन शुरू करती है।
शनि 1 फ़रवरी को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? माघ
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष माघ का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 29 जनवरी की अमावस्या ने, सूर्य मकर में, माघ शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में माघ है।
शनि 1 फ़रवरी को कौन सा संवत है? विक्रम 2081 · शक 1946
विक्रम संवत 2081 8 अप्रैल 2024 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 8 अप्रैल 2024, 20:20 सोम। तब से सूर्य तारों के बीच 293.2° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2081 गिनता है; शक संवत 1946।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
शनि 1 फ़रवरी को चंद्रोदय कितने बजे है? 08:49
चंद्रमा यहाँ 08:49 पर उदय होता है।
शनि 1 फ़रवरी को चंद्रास्त कितने बजे है? 20:47
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 08:49 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 20:47 पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 08:49 पर उदय हुआ; वह फिर 20:47 पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।