Split, क्रोएशिया का पंचांग सोम 4 नवंबर 2024
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय CET में
4 नवंबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, सोम 4 नवंबर
- 04:43–05:38ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:34 से
- 06:34–07:50अमृत चौघड़िया
- 09:05–10:21शुभ चौघड़िया
- 11:37–11:57अभिजीत मुहूर्तयमगण्ड छोड़कर
- 14:39–15:25लाभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 15:25–16:41अमृत चौघड़िया
- सूर्यास्त 16:41 के बाद
-
19:50–21:32अमृत कालज्येष्ठा में
- 21:54–23:38लाभ चौघड़िया
- 01:22–03:06 मंगलशुभ चौघड़िया
- 03:06–04:51 मंगलअमृत चौघड़िया
- 04:44–05:39 मंगलअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:34–07:50अमृतशुभ
- 07:50–09:05कालअशुभ
- 09:05–10:21शुभ
- 10:21–11:37रोगअशुभ
- 11:37–12:53उद्वेगअशुभ
- 12:53–14:09चरसामान्य
- 14:09–15:25लाभशुभ
- 15:25–16:41अमृतशुभ
रात का चौघड़िया
- 16:41–18:25चरसामान्य
- 18:25–20:09रोगअशुभ
- 20:09–21:54कालअशुभ
- 21:54–23:38लाभशुभ
- 23:38–01:22 मंगलउद्वेगअशुभ
- 01:22–03:06 मंगलशुभ
- 03:06–04:51 मंगलअमृतशुभ
- 04:51–06:35 मंगलचरसामान्य
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, सोम 4 नवंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 04:43–05:38, शुभ
- अमृत, शुभ, 06:34–07:50
- काल, अशुभ, 07:50–09:05
- शुभ, 09:05–10:21
- रोग, अशुभ, 10:21–11:37
- उद्वेग, अशुभ, 11:37–12:53
- चर, सामान्य, 12:53–14:09
- लाभ, शुभ, 14:09–15:25
- अमृत, शुभ, 15:25–16:41
- चर, सामान्य, 16:41–18:25
- रोग, अशुभ, 18:25–20:09
- काल, अशुभ, 20:09–21:54
- लाभ, शुभ, 21:54–23:38
- उद्वेग, अशुभ, 23:38–01:22 मंगल
- शुभ, 01:22–03:06 मंगल
- अमृत, शुभ, 03:06–04:51 मंगल
- चर, सामान्य, 04:51–06:35 मंगल
- राहु काल, 07:50–09:05, अशुभ
- यमगण्ड, 10:21–11:37, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:17–11:57, शुभ
- दुर्मुहूर्त, 11:57–12:38, अशुभ
- गुलिक काल, 12:53–14:09, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 13:59–14:39, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:44–05:39 मंगल
हर मान कैसे निकलता है
सोम 4 नवंबर को कौन सी तिथि है? शुक्ल तृतीया
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 30.1° आगे था: शुक्ल तृतीया।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 24°–36° तीसरी है, शुक्ल तृतीया। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:34। द्वितीया उससे पहले 17:35 रवि पर समाप्त हुई। तृतीया 18:54 को समाप्त होगी, जब बढ़त 36° होगी। बढ़त 1 नवंबर की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
सोम 4 नवंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:43–05:38
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:43–05:38।
रवि 3 नवंबर की रात सूर्यास्त 16:42 रवि से सूर्योदय 06:34 तक थी, 13 घं 52 मि। इसे 55 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
सोम 4 नवंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:17–11:57
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:17–11:57।
सोम 4 नवंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 11:57–12:38
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 11:57–12:38 और 13:59–14:39।
सोम 4 नवंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 13:59–14:39
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 11:57–12:38 और 13:59–14:39।
यहाँ दिन, 06:34 से 16:41, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 40 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। सोमवार को दुर्मुहूर्त नौवाँ और बारहवाँ है, 11:57–12:38 और 13:59–14:39।
सोम 4 नवंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:34–07:50 अमृत है, जिसके स्वामी चंद्र हैं, सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:34 से 16:41, 1 घं 15 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 16:41 से 06:35 मंगल, 1 घं 44 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
सोम 4 नवंबर को राहुकाल कब है? 07:50–09:05
राहु काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:50–09:05।
सोम 4 नवंबर को यमगंड कब है? 10:21–11:37
यमगण्ड सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:21–11:37।
सोम 4 नवंबर को गुलिक काल कब है? 12:53–14:09
गुलिक काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 12:53–14:09।
यहाँ दिन 06:34 से 16:41 तक है, 10 घं 7 मि। इसे 1 घं 15 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: सोमवार को राहु काल दूसरा भाग है, यमगण्ड चौथा और गुलिक काल छठा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
सोम 4 नवंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 06:34
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:34, सूर्यास्त 16:41, 10 घं 7 मि का दिन।
सोम 4 नवंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 16:41
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:34, सूर्यास्त 16:41, 10 घं 7 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 10 घं 7 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 13 घं 54 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 10 घं 7 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 13 घं 54 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सोम 4 नवंबर को कौन सा नक्षत्र है? ज्येष्ठा
सूर्योदय पर चंद्रमा 228.2° पर था: ज्येष्ठा, पद 1।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। ज्येष्ठा 226°40′–240°00′ तक है; चंद्रमा 226°40′ पर उसके पद 1 में आया। वह 05:15 मंगल को निकलेगा, मूल में।
सोम 4 नवंबर को कौन सा योग है? शोभन
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 426.3° थे, एक चक्कर और 66.3°: शोभन।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 198.1° + 228.2° = 426.3°, एक पूरा चक्कर और 66.3°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 53°20′–66°40′ पाँचवाँ है, शोभन। यह 07:13 को समाप्त होता है, फिर अतिगण्ड।
सोम 4 नवंबर को कौन सा करण है? गर
सूर्योदय पर बढ़त 30.1° थी: तृतीया का दूसरा आधा, गर।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए तृतीया का पहला आधा तैतिल है और दूसरा गर। तैतिल 06:18 पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 30° हुई; गर 18:54 तक है।
सोम 4 नवंबर को कौन सा वार है, और कब से? सोमवार
यह दिन सोमवार को सूर्योदय, 06:34, पर शुरू हुआ: सोमवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:34 से 06:35 मंगल तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी सोमवार के हैं।
सोम 4 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? कार्तिक
यह मास 1 नवंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य तुला में था: कार्तिक।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: तुला से कार्तिक। सूर्य 16 नवंबर को, मास के भीतर, वृश्चिक में जाता है। अगली अमावस्या, 1 दिसंबर, उसे वृश्चिक में पाती है और मार्गशीर्ष शुरू करती है।
सोम 4 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? कार्तिक
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष कार्तिक का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 1 नवंबर की अमावस्या ने, सूर्य तुला में, कार्तिक शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में कार्तिक है।
सोम 4 नवंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2081 · शक 1946
विक्रम संवत 2081 8 अप्रैल 2024 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 8 अप्रैल 2024, 20:20 सोम। तब से सूर्य तारों के बीच 202.9° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2081 गिनता है; शक संवत 1946।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
सोम 4 नवंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 09:44
चंद्रमा यहाँ 09:44 पर उदय होता है।
सोम 4 नवंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 18:03
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 09:44 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 18:03 पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 09:44 पर उदय हुआ; वह फिर 18:03 पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।