Split, क्रोएशिया का पंचांग मंगल 13 फ़रवरी 2024
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय CET में
त्योहार
वसंत पंचमी
वसंत पंचमी मंगल 13 फ़रवरी को है: उस सुबह पञ्चमी पूर्वाह्न का बुध 14 फ़रवरी से अधिक भाग घेरती है। मंगल 13 फ़रवरी क्यों?
वसंत पंचमी: Split में हर तारीख़13 फ़रवरी का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, मंगल 13 फ़रवरी
- 05:07–06:02ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:56 से
- 10:50–12:08लाभ चौघड़िया
- 11:48–12:08अभिजीत मुहूर्तगुलिक काल छोड़कर
- 12:08–13:26अमृत चौघड़ियागुलिक काल में
- 14:45–16:03शुभ चौघड़ियाराहु काल में
- सूर्यास्त 17:21 के बाद
- 19:03–20:44लाभ चौघड़िया
- 22:26–22:46शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 23:41–00:08 बुधशुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 00:08–01:49 बुधअमृत चौघड़िया
-
04:00–05:29 बुधअमृत कालरेवती में
- 05:06–06:00 बुधअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:56–08:14रोगअशुभ
- 08:14–09:32उद्वेगअशुभ
- 09:32–10:50चरसामान्य
- 10:50–12:08लाभशुभ
- 12:08–13:26अमृतगुलिक काल में
- 13:26–14:45कालअशुभ
- 14:45–16:03शुभराहु काल में
- 16:03–17:21रोगअशुभ
रात का चौघड़िया
- 17:21–19:03कालअशुभ
- 19:03–20:44लाभशुभ
- 20:44–22:26उद्वेगअशुभ
- 22:26–00:08 बुधशुभ
- 00:08–01:49 बुधअमृतशुभ
- 01:49–03:31 बुधचरसामान्य
- 03:31–05:13 बुधरोगअशुभ
- 05:13–06:55 बुधकालअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, मंगल 13 फ़रवरी: ब्रह्म मुहूर्त, 05:07–06:02, शुभ
- रोग, अशुभ, 06:56–08:14
- उद्वेग, अशुभ, 08:14–09:32
- चर, सामान्य, 09:32–10:50
- लाभ, शुभ, 10:50–12:08
- अमृत, शुभ, 12:08–13:26
- काल, अशुभ, 13:26–14:45
- शुभ, 14:45–16:03
- रोग, अशुभ, 16:03–17:21
- काल, अशुभ, 17:21–19:03
- लाभ, शुभ, 19:03–20:44
- उद्वेग, अशुभ, 20:44–22:26
- शुभ, 22:26–00:08 बुध
- अमृत, शुभ, 00:08–01:49 बुध
- चर, सामान्य, 01:49–03:31 बुध
- रोग, अशुभ, 03:31–05:13 बुध
- काल, अशुभ, 05:13–06:55 बुध
- दुर्मुहूर्त, 09:01–09:43, अशुभ
- यमगण्ड, 09:32–10:50, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:48–12:29, शुभ
- गुलिक काल, 12:08–13:26, अशुभ
- राहु काल, 14:45–16:03, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 22:46–23:41, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:06–06:00 बुध
हर मान कैसे निकलता है
Split में वसंत पंचमी मंगल 13 फ़रवरी को क्यों है?
वसंत पंचमी मंगल 13 फ़रवरी को है: उस सुबह पञ्चमी पूर्वाह्न का बुध 14 फ़रवरी से अधिक भाग घेरती है।
सरस्वती पूजा पूर्वाह्न में होती है, दिन का पहला आधा भाग। पञ्चमी मंगल 13 फ़रवरी को 10:12 से बुध 14 फ़रवरी को 07:40 तक है, और दोनों सुबह पूर्वाह्न को छूती है। निर्णयसिंधु वह सुबह लेता है जिसका पूर्वाह्न उसमें अधिक है: मंगल 13 फ़रवरी। वसंत पंचमी का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; पूर्वाह्न Tithika की परिपाटी है।
मंगल 13 फ़रवरी को कौन सी तिथि है? शुक्ल चतुर्थी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 46.1° आगे था: शुक्ल चतुर्थी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 36°–48° चौथी है, शुक्ल चतुर्थी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:56। तृतीया उससे पहले 13:14 सोम पर समाप्त हुई। चतुर्थी 10:12 को समाप्त होगी, जब बढ़त 48° होगी। बढ़त 9 फ़रवरी की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
मंगल 13 फ़रवरी को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:07–06:02
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:07–06:02।
सोम 12 फ़रवरी की रात सूर्यास्त 17:19 सोम से सूर्योदय 06:56 तक थी, 13 घं 37 मि। इसे 54 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
मंगल 13 फ़रवरी को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:48–12:29
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:48–12:29।
मंगल 13 फ़रवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 09:01–09:43
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 09:01–09:43, और रात के 15 में से सातवाँ, 22:46–23:41।
मंगल 13 फ़रवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 22:46–23:41
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 09:01–09:43, और रात के 15 में से सातवाँ, 22:46–23:41।
यहाँ दिन, 06:56 से 17:21, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 41 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 09:01–09:43 और 22:46–23:41।
मंगल 13 फ़रवरी का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:56–08:14 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:56 से 17:21, 1 घं 18 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 17:21 से 06:55 बुध, 1 घं 41 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
मंगल 13 फ़रवरी को राहुकाल कब है? 14:45–16:03
राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 14:45–16:03।
मंगल 13 फ़रवरी को यमगंड कब है? 09:32–10:50
यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:32–10:50।
मंगल 13 फ़रवरी को गुलिक काल कब है? 12:08–13:26
गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:08–13:26।
यहाँ दिन 06:56 से 17:21 तक है, 10 घं 25 मि। इसे 1 घं 18 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।
सूर्योदय और सूर्यास्त
मंगल 13 फ़रवरी को सूर्योदय कितने बजे है? 06:56
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:56, सूर्यास्त 17:21, 10 घं 25 मि का दिन।
मंगल 13 फ़रवरी को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:21
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:56, सूर्यास्त 17:21, 10 घं 25 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 10 घं 25 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 13 घं 34 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 10 घं 25 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 13 घं 34 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
मंगल 13 फ़रवरी को कौन सा नक्षत्र है? उत्तर भाद्रपद
सूर्योदय पर चंद्रमा 346° पर था: उत्तर भाद्रपद, पद 4।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। उत्तर भाद्रपद 333°20′–346°40′ तक है; चंद्रमा 343°20′ पर उसके पद 4 में आया। वह 08:05 को निकलेगा, रेवती में।
मंगल 13 फ़रवरी को कौन सा योग है? साध्य
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 645.8° थे, एक चक्कर और 285.8°: साध्य।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 299.8° + 346° = 645.8°, एक पूरा चक्कर और 285.8°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 280°00′–293°20′ बाईसवाँ है, साध्य। यह 18:34 को समाप्त होता है, फिर शुभ।
मंगल 13 फ़रवरी को कौन सा करण है? विष्टि
सूर्योदय पर बढ़त 46.1° थी: चतुर्थी का दूसरा आधा, विष्टि।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए चतुर्थी का पहला आधा वणिज है और दूसरा विष्टि। वणिज 23:40 सोम पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 42° हुई; विष्टि 10:12 तक है।
मंगल 13 फ़रवरी को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार
यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 06:56, पर शुरू हुआ: मंगलवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:56 से 06:55 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।
मंगल 13 फ़रवरी को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? माघ
यह मास 9 फ़रवरी की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मकर में था: माघ।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मकर से माघ। सूर्य 13 फ़रवरी को, मास के भीतर, कुंभ में जाता है। अगली अमावस्या, 10 मार्च, उसे कुंभ में पाती है और फाल्गुन शुरू करती है।
मंगल 13 फ़रवरी को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? माघ
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष माघ का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 9 फ़रवरी की अमावस्या ने, सूर्य मकर में, माघ शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में माघ है।
मंगल 13 फ़रवरी को कौन सा संवत है? विक्रम 2080 · शक 1945
विक्रम संवत 2080 21 मार्च 2023 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 21 मार्च 2023, 18:23 मंगल। तब से सूर्य तारों के बीच 323.2° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2080 गिनता है; शक संवत 1945।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
मंगल 13 फ़रवरी को चंद्रोदय कितने बजे है? 08:51
चंद्रमा यहाँ 08:51 पर उदय होता है।
मंगल 13 फ़रवरी को चंद्रास्त कितने बजे है? 22:00
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 08:51 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 22:00 पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 08:51 पर उदय हुआ; वह फिर 22:00 पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।