Split, क्रोएशिया का पंचांग रवि 4 फ़रवरी 2024
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय CET में
4 फ़रवरी का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, रवि 4 फ़रवरी
- 05:15–06:11ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 07:07 से
- 09:38–10:53लाभ चौघड़िया
- 10:53–12:08अमृत चौघड़िया
- 11:48–12:08अभिजीत मुहूर्तयमगण्ड छोड़कर
- 13:23–14:38शुभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 17:09 के बाद
- 17:09–18:53शुभ चौघड़िया
-
17:09–18:23अमृत कालराहु काल छोड़कर · अनुराधा में
- 18:53–20:38अमृत चौघड़िया
- 01:52–03:37 सोमलाभ चौघड़िया
- 05:22–07:06 सोमशुभ चौघड़िया
- 05:15–06:10 सोमअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 07:07–08:23उद्वेगअशुभ
- 08:23–09:38चरसामान्य
- 09:38–10:53लाभशुभ
- 10:53–12:08अमृतशुभ
- 12:08–13:23कालअशुभ
- 13:23–14:38शुभ
- 14:38–15:53रोगअशुभ
- 15:53–17:09उद्वेगअशुभ
रात का चौघड़िया
- 17:09–18:53शुभ
- 18:53–20:38अमृतशुभ
- 20:38–22:23चरसामान्य
- 22:23–00:07 सोमरोगअशुभ
- 00:07–01:52 सोमकालअशुभ
- 01:52–03:37 सोमलाभशुभ
- 03:37–05:22 सोमउद्वेगअशुभ
- 05:22–07:06 सोमशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, रवि 4 फ़रवरी: ब्रह्म मुहूर्त, 05:15–06:11, शुभ
- उद्वेग, अशुभ, 07:07–08:23
- चर, सामान्य, 08:23–09:38
- लाभ, शुभ, 09:38–10:53
- अमृत, शुभ, 10:53–12:08
- काल, अशुभ, 12:08–13:23
- शुभ, 13:23–14:38
- रोग, अशुभ, 14:38–15:53
- उद्वेग, अशुभ, 15:53–17:09
- शुभ, 17:09–18:53
- अमृत, शुभ, 18:53–20:38
- चर, सामान्य, 20:38–22:23
- रोग, अशुभ, 22:23–00:07 सोम
- काल, अशुभ, 00:07–01:52 सोम
- लाभ, शुभ, 01:52–03:37 सोम
- उद्वेग, अशुभ, 03:37–05:22 सोम
- शुभ, 05:22–07:06 सोम
- अभिजीत मुहूर्त, 11:48–12:28, शुभ
- यमगण्ड, 12:08–13:23, अशुभ
- गुलिक काल, 14:38–15:53, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 15:48–16:28, अशुभ
- राहु काल, 15:53–17:09, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:15–06:10 सोम
हर मान कैसे निकलता है
रवि 4 फ़रवरी को कौन सी तिथि है? कृष्ण नवमी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 284.9° आगे था: कृष्ण नवमी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 276°–288° चौबीसवीं है, कृष्ण नवमी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 07:07। अष्टमी उससे पहले 12:51 शनि पर समाप्त हुई। नवमी 13:20 को समाप्त होगी, जब बढ़त 288° होगी। बढ़त 25 जनवरी की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
रवि 4 फ़रवरी को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:15–06:11
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:15–06:11।
शनि 3 फ़रवरी की रात सूर्यास्त 17:07 शनि से सूर्योदय 07:07 तक थी, 14 घं 0 मि। इसे 56 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
रवि 4 फ़रवरी को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:48–12:28
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:48–12:28।
रवि 4 फ़रवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 15:48–16:28
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 15:48–16:28।
यहाँ दिन, 07:07 से 17:09, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 40 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। रविवार को दुर्मुहूर्त चौदहवाँ है, 15:48–16:28।
रवि 4 फ़रवरी का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
07:07–08:23 उद्वेग है, जिसके स्वामी सूर्य हैं, रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 07:07 से 17:09, 1 घं 15 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 17:09 से 07:06 सोम, 1 घं 44 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
रवि 4 फ़रवरी को राहुकाल कब है? 15:53–17:09
राहु काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से आठवाँ है: 15:53–17:09।
रवि 4 फ़रवरी को यमगंड कब है? 12:08–13:23
यमगण्ड रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:08–13:23।
रवि 4 फ़रवरी को गुलिक काल कब है? 14:38–15:53
गुलिक काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 14:38–15:53।
यहाँ दिन 07:07 से 17:09 तक है, 10 घं 2 मि। इसे 1 घं 15 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: रविवार को राहु काल आठवाँ भाग है, यमगण्ड पाँचवाँ और गुलिक काल सातवाँ।
सूर्योदय और सूर्यास्त
रवि 4 फ़रवरी को सूर्योदय कितने बजे है? 07:07
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:07, सूर्यास्त 17:09, 10 घं 2 मि का दिन।
रवि 4 फ़रवरी को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:09
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:07, सूर्यास्त 17:09, 10 घं 2 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 10 घं 2 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 13 घं 57 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 10 घं 2 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 13 घं 57 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
रवि 4 फ़रवरी को कौन सा नक्षत्र है? अनुराधा
सूर्योदय पर चंद्रमा 215.6° पर था: अनुराधा, पद 1।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। अनुराधा 213°20′–226°40′ तक है; चंद्रमा 213°20′ पर उसके पद 1 में आया। वह 03:23 सोम को निकलेगा, ज्येष्ठा में।
रवि 4 फ़रवरी को कौन सा योग है? वृद्धि
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 506.3° थे, एक चक्कर और 146.3°: वृद्धि।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 290.7° + 215.6° = 506.3°, एक पूरा चक्कर और 146.3°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 133°20′–146°40′ ग्यारहवाँ है, वृद्धि। यह 07:42 को समाप्त होता है, फिर ध्रुव।
रवि 4 फ़रवरी को कौन सा करण है? गर
सूर्योदय पर बढ़त 284.9° थी: नवमी का दूसरा आधा, गर।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए नवमी का पहला आधा तैतिल है और दूसरा गर। तैतिल 01:12 पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 282° हुई; गर 13:20 तक है।
रवि 4 फ़रवरी को कौन सा वार है, और कब से? रविवार
यह दिन रविवार को सूर्योदय, 07:07, पर शुरू हुआ: रविवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 07:07 से 07:06 सोम तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी रविवार के हैं।
रवि 4 फ़रवरी को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? पौष
यह मास 11 जनवरी की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य धनु में था: पौष।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: धनु से पौष। सूर्य 14 जनवरी को, मास के भीतर, मकर में जाता है। अगली अमावस्या, 9 फ़रवरी, उसे मकर में पाती है और माघ शुरू करती है।
रवि 4 फ़रवरी को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? माघ
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष माघ का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 9 फ़रवरी की अमावस्या, सूर्य मकर में, माघ शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ माघ है, और अमान्त गणना में पौष।
रवि 4 फ़रवरी को कौन सा संवत है? विक्रम 2080 · शक 1945
विक्रम संवत 2080 21 मार्च 2023 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 21 मार्च 2023, 18:23 मंगल। तब से सूर्य तारों के बीच 314.1° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2080 गिनता है; शक संवत 1945।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
रवि 4 फ़रवरी को चंद्रोदय कितने बजे है? 03:21 सोम
चंद्रमा यहाँ 03:21 सोम पर उदय होता है।
रवि 4 फ़रवरी को चंद्रास्त कितने बजे है? 11:13
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 11:13 पर अस्त हुआ; वह फिर 03:21 सोम पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 11:13 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 03:21 सोम पर उदय होगा।