Split, क्रोएशिया का पंचांग सोम 26 नवंबर 2018
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय CET में
व्रत
संकष्टी चतुर्थी
संकष्टी चतुर्थी सोम 26 नवंबर को है: उस रात चंद्रोदय पर चतुर्थी है। सोम 26 नवंबर क्यों?
संकष्टी चतुर्थी: Split में हर तारीख़26 नवंबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, सोम 26 नवंबर
- 05:04–06:02ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 07:01 से
- 07:01–08:11अमृत चौघड़िया
- 09:21–10:31शुभ चौघड़िया
- 11:41–12:00अभिजीत मुहूर्तयमगण्ड छोड़कर
- 14:29–15:11लाभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 15:11–16:21अमृत चौघड़िया
- सूर्यास्त 16:21 के बाद
- 21:51–23:42लाभ चौघड़िया
- 01:32–03:22 मंगलशुभ चौघड़िया
-
03:06–04:35 मंगलअमृत कालपुनर्वसु में
- 03:22–05:12 मंगलअमृत चौघड़िया
- 05:05–06:03 मंगलअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 07:01–08:11अमृतशुभ
- 08:11–09:21कालअशुभ
- 09:21–10:31शुभ
- 10:31–11:41रोगअशुभ
- 11:41–12:51उद्वेगअशुभ
- 12:51–14:01चरसामान्य
- 14:01–15:11लाभशुभ
- 15:11–16:21अमृतशुभ
रात का चौघड़िया
- 16:21–18:11चरसामान्य
- 18:11–20:01रोगअशुभ
- 20:01–21:51कालअशुभ
- 21:51–23:42लाभशुभ
- 23:42–01:32 मंगलउद्वेगअशुभ
- 01:32–03:22 मंगलशुभ
- 03:22–05:12 मंगलअमृतशुभ
- 05:12–07:02 मंगलचरसामान्य
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, सोम 26 नवंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 05:04–06:02, शुभ
- अमृत, शुभ, 07:01–08:11
- काल, अशुभ, 08:11–09:21
- शुभ, 09:21–10:31
- रोग, अशुभ, 10:31–11:41
- उद्वेग, अशुभ, 11:41–12:51
- चर, सामान्य, 12:51–14:01
- लाभ, शुभ, 14:01–15:11
- अमृत, शुभ, 15:11–16:21
- चर, सामान्य, 16:21–18:11
- रोग, अशुभ, 18:11–20:01
- काल, अशुभ, 20:01–21:51
- लाभ, शुभ, 21:51–23:42
- उद्वेग, अशुभ, 23:42–01:32 मंगल
- शुभ, 01:32–03:22 मंगल
- अमृत, शुभ, 03:22–05:12 मंगल
- चर, सामान्य, 05:12–07:02 मंगल
- राहु काल, 08:11–09:21, अशुभ
- यमगण्ड, 10:31–11:41, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:22–12:00, शुभ
- दुर्मुहूर्त, 12:00–12:37, अशुभ
- गुलिक काल, 12:51–14:01, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 13:52–14:29, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:05–06:03 मंगल
हर मान कैसे निकलता है
Split में संकष्टी चतुर्थी सोम 26 नवंबर को क्यों है?
संकष्टी चतुर्थी सोम 26 नवंबर को है: उस रात चंद्रोदय पर चतुर्थी है।
संकष्टी का व्रत चंद्रोदय पर खोला जाता है। चतुर्थी रवि 25 नवंबर को 23:36 से सोम 26 नवंबर को 21:05 तक है, इसलिए चंद्रोदय पर वह केवल सोम 26 नवंबर को है, 19:40 पर। संकष्टी चतुर्थी का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; चंद्रोदय Tithika की परिपाटी है।
सोम 26 नवंबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण चतुर्थी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 220.1° आगे था: कृष्ण चतुर्थी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 216°–228° उन्नीसवीं है, कृष्ण चतुर्थी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 07:01। तृतीया उससे पहले 23:36 रवि पर समाप्त हुई। चतुर्थी 21:05 को समाप्त होगी, जब बढ़त 228° होगी। बढ़त 23 नवंबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
सोम 26 नवंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:04–06:02
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:04–06:02।
रवि 25 नवंबर की रात सूर्यास्त 16:22 रवि से सूर्योदय 07:01 तक थी, 14 घं 39 मि। इसे 58 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
सोम 26 नवंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:22–12:00
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:22–12:00।
सोम 26 नवंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 12:00–12:37
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 12:00–12:37 और 13:52–14:29।
सोम 26 नवंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 13:52–14:29
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 12:00–12:37 और 13:52–14:29।
यहाँ दिन, 07:01 से 16:21, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 37 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। सोमवार को दुर्मुहूर्त नौवाँ और बारहवाँ है, 12:00–12:37 और 13:52–14:29।
सोम 26 नवंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
07:01–08:11 अमृत है, जिसके स्वामी चंद्र हैं, सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 07:01 से 16:21, 1 घं 10 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 16:21 से 07:02 मंगल, 1 घं 50 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
सोम 26 नवंबर को राहुकाल कब है? 08:11–09:21
राहु काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 08:11–09:21।
सोम 26 नवंबर को यमगंड कब है? 10:31–11:41
यमगण्ड सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:31–11:41।
सोम 26 नवंबर को गुलिक काल कब है? 12:51–14:01
गुलिक काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 12:51–14:01।
यहाँ दिन 07:01 से 16:21 तक है, 9 घं 20 मि। इसे 1 घं 10 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: सोमवार को राहु काल दूसरा भाग है, यमगण्ड चौथा और गुलिक काल छठा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
सोम 26 नवंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 07:01
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:01, सूर्यास्त 16:21, 9 घं 20 मि का दिन।
सोम 26 नवंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 16:21
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:01, सूर्यास्त 16:21, 9 घं 20 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 9 घं 20 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 14 घं 41 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 9 घं 20 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 14 घं 41 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सोम 26 नवंबर को कौन सा नक्षत्र है? आर्द्रा
सूर्योदय पर चंद्रमा 79.9° पर था: आर्द्रा, पद 4।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। आर्द्रा 66°40′–80°00′ तक है; चंद्रमा 76°40′ पर उसके पद 4 में आया। वह 07:07 को निकलेगा, पुनर्वसु में।
सोम 26 नवंबर को कौन सा योग है? शुभ
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 299.7° थे: शुभ।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 219.8° + 79.9° = 299.7°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 293°20′–306°40′ तेईसवाँ है, शुभ। यह 17:47 को समाप्त होता है, फिर शुक्ल।
सोम 26 नवंबर को कौन सा करण है? बव
सूर्योदय पर बढ़त 220.1° थी: चतुर्थी का पहला आधा, बव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए चतुर्थी का पहला आधा बव है और दूसरा बालव। बव 10:20 तक है, जब बढ़त 222° होगी; बालव 21:05 तक।
सोम 26 नवंबर को कौन सा वार है, और कब से? सोमवार
यह दिन सोमवार को सूर्योदय, 07:01, पर शुरू हुआ: सोमवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 07:01 से 07:02 मंगल तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी सोमवार के हैं।
सोम 26 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? कार्तिक
यह मास 7 नवंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य तुला में था: कार्तिक।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: तुला से कार्तिक। सूर्य 16 नवंबर को, मास के भीतर, वृश्चिक में जाता है। अगली अमावस्या, 7 दिसंबर, उसे वृश्चिक में पाती है और मार्गशीर्ष शुरू करती है।
सोम 26 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? मार्गशीर्ष
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष मार्गशीर्ष का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 7 दिसंबर की अमावस्या, सूर्य वृश्चिक में, मार्गशीर्ष शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ मार्गशीर्ष है, और अमान्त गणना में कार्तिक।
सोम 26 नवंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2075 · शक 1940
विक्रम संवत 2075 17 मार्च 2018 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 17 मार्च 2018, 14:11 शनि। तब से सूर्य तारों के बीच 247° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2075 गिनता है; शक संवत 1940।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
सोम 26 नवंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 19:40
चंद्रमा यहाँ 19:40 पर उदय होता है।
सोम 26 नवंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 10:08
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 10:08 पर अस्त हुआ; वह फिर 19:40 पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 10:08 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 19:40 पर उदय होगा।