सोफिया, बुल्गारिया का पंचांग सोम 10 सितंबर 2029
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय EEST में
त्योहार
हरतालिका तीज
हरतालिका तीज सोम 10 सितंबर को है: उस सुबह तृतीया प्रातःकाल को छूती है, और किसी सुबह नहीं। सोम 10 सितंबर क्यों?
हरतालिका तीज: सोफिया में हर तारीख़10 सितंबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, सोम 10 सितंबर
- 05:31–06:16ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 07:01 से
- 07:01–08:36अमृत चौघड़िया
- 10:12–11:47शुभ चौघड़िया
-
11:06–11:47अमृत कालयमगण्ड छोड़कर · हस्त में
- 13:23–13:48अभिजीत मुहूर्तयमगण्ड छोड़कर
- 17:12–18:09लाभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 18:09–19:45अमृत चौघड़िया
- सूर्यास्त 19:45 के बाद
- 23:59–01:23 मंगललाभ चौघड़िया
- 02:48–04:13 मंगलशुभ चौघड़िया
- 04:13–05:37 मंगलअमृत चौघड़िया
- 05:32–06:17 मंगलअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 07:01–08:36अमृतशुभ
- 08:36–10:12कालअशुभ
- 10:12–11:47शुभ
- 11:47–13:23रोगअशुभ
- 13:23–14:58उद्वेगअशुभ
- 14:58–16:34चरसामान्य
- 16:34–18:09लाभशुभ
- 18:09–19:45अमृतशुभ
रात का चौघड़िया
- 19:45–21:09चरसामान्य
- 21:09–22:34रोगअशुभ
- 22:34–23:59कालअशुभ
- 23:59–01:23 मंगललाभशुभ
- 01:23–02:48 मंगलउद्वेगअशुभ
- 02:48–04:13 मंगलशुभ
- 04:13–05:37 मंगलअमृतशुभ
- 05:37–07:02 मंगलचरसामान्य
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, सोम 10 सितंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 05:31–06:16, शुभ
- अमृत, शुभ, 07:01–08:36
- काल, अशुभ, 08:36–10:12
- शुभ, 10:12–11:47
- रोग, अशुभ, 11:47–13:23
- उद्वेग, अशुभ, 13:23–14:58
- चर, सामान्य, 14:58–16:34
- लाभ, शुभ, 16:34–18:09
- अमृत, शुभ, 18:09–19:45
- चर, सामान्य, 19:45–21:09
- रोग, अशुभ, 21:09–22:34
- काल, अशुभ, 22:34–23:59
- लाभ, शुभ, 23:59–01:23 मंगल
- उद्वेग, अशुभ, 01:23–02:48 मंगल
- शुभ, 02:48–04:13 मंगल
- अमृत, शुभ, 04:13–05:37 मंगल
- चर, सामान्य, 05:37–07:02 मंगल
- राहु काल, 08:36–10:12, अशुभ
- यमगण्ड, 11:47–13:23, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 12:57–13:48, शुभ
- दुर्मुहूर्त, 13:48–14:39, अशुभ
- गुलिक काल, 14:58–16:34, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 16:21–17:12, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:32–06:17 मंगल
हर मान कैसे निकलता है
सोफिया में हरतालिका तीज सोम 10 सितंबर को क्यों है?
हरतालिका तीज सोम 10 सितंबर को है: उस सुबह तृतीया प्रातःकाल को छूती है, और किसी सुबह नहीं।
हरतालिका तीज की पूजा प्रातःकाल में होती है, दिन का पहला पाँचवाँ भाग। तृतीया सोम 10 सितंबर को 07:02 से मंगल 11 सितंबर को 03:39 तक है, इसलिए वह केवल सोमवार के प्रातःकाल (07:01–09:34) को छूती है। हरतालिका तीज का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रातःकाल Tithika की परिपाटी है।
सोम 10 सितंबर को कौन सी तिथि है? शुक्ल द्वितीया
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 23.9° आगे था: शुक्ल द्वितीया।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 12°–24° दूसरी है, शुक्ल द्वितीया। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 07:01। प्रतिपदा उससे पहले 10:27 रवि पर समाप्त हुई। द्वितीया 07:02 को समाप्त होगी, जब बढ़त 24° होगी। बढ़त 8 सितंबर की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
तृतीया क्षय क्यों है?
तृतीया एक सूर्योदय के बाद शुरू हुई और अगले से पहले समाप्त, इसलिए यहाँ कोई दिन तृतीया नहीं होता।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। तृतीया 07:02 को शुरू हुई और 03:39 मंगल को समाप्त, 07:01 और 07:02 मंगल के सूर्योदयों के बीच। सोमवार को द्वितीया है और मंगलवार को चतुर्थी: तृतीया यहाँ क्षय तिथि है।
सोम 10 सितंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:31–06:16
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:31–06:16।
रवि 9 सितंबर की रात सूर्यास्त 19:47 रवि से सूर्योदय 07:01 तक थी, 11 घं 14 मि। इसे 44 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
सोम 10 सितंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:57–13:48
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:57–13:48।
सोम 10 सितंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 13:48–14:39
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 13:48–14:39 और 16:21–17:12।
सोम 10 सितंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 16:21–17:12
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 13:48–14:39 और 16:21–17:12।
यहाँ दिन, 07:01 से 19:45, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 50 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। सोमवार को दुर्मुहूर्त नौवाँ और बारहवाँ है, 13:48–14:39 और 16:21–17:12।
सोम 10 सितंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
07:01–08:36 अमृत है, जिसके स्वामी चंद्र हैं, सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 07:01 से 19:45, 1 घं 35 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 19:45 से 07:02 मंगल, 1 घं 24 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
सोम 10 सितंबर को राहुकाल कब है? 08:36–10:12
राहु काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 08:36–10:12।
सोम 10 सितंबर को यमगंड कब है? 11:47–13:23
यमगण्ड सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 11:47–13:23।
सोम 10 सितंबर को गुलिक काल कब है? 14:58–16:34
गुलिक काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 14:58–16:34।
यहाँ दिन 07:01 से 19:45 तक है, 12 घं 44 मि। इसे 1 घं 35 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: सोमवार को राहु काल दूसरा भाग है, यमगण्ड चौथा और गुलिक काल छठा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
सोम 10 सितंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 07:01
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:01, सूर्यास्त 19:45, 12 घं 44 मि का दिन।
सोम 10 सितंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 19:45
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:01, सूर्यास्त 19:45, 12 घं 44 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 44 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 17 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 44 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 17 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सोम 10 सितंबर को कौन सा नक्षत्र है? हस्त
सूर्योदय पर चंद्रमा 167.5° पर था: हस्त, पद 3।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। हस्त 160°00′–173°20′ तक है; चंद्रमा 166°40′ पर उसके पद 3 में आया। वह 16:26 को निकलेगा, चित्रा में।
सोम 10 सितंबर को कौन सा योग है? शुक्ल
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 311° थे: शुक्ल।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 143.5° + 167.5° = 311°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 306°40′–320°00′ चौबीसवाँ है, शुक्ल। यह 20:41 को समाप्त होता है, फिर ब्रह्म।
सोम 10 सितंबर को कौन सा करण है? कौलव
सूर्योदय पर बढ़त 23.9° थी: द्वितीया का दूसरा आधा, कौलव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए द्वितीया का पहला आधा बालव है और दूसरा कौलव। बालव 20:45 रवि पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 18° हुई; कौलव 07:02 तक है।
सोम 10 सितंबर को कौन सा वार है, और कब से? सोमवार
यह दिन सोमवार को सूर्योदय, 07:01, पर शुरू हुआ: सोमवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 07:01 से 07:02 मंगल तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी सोमवार के हैं।
सोम 10 सितंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? भाद्रपद
यह मास 8 सितंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य सिंह में था: भाद्रपद।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: सिंह से भाद्रपद। सूर्य 16 सितंबर को, मास के भीतर, कन्या में जाता है। अगली अमावस्या, 7 अक्टूबर, उसे कन्या में पाती है और आश्विन शुरू करती है।
सोम 10 सितंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? भाद्रपद
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष भाद्रपद का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 8 सितंबर की अमावस्या ने, सूर्य सिंह में, भाद्रपद शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में भाद्रपद है।
सोम 10 सितंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2086 · शक 1951
विक्रम संवत 2086 15 मार्च 2029 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 15 मार्च 2029, 06:19 गुरु। तब से सूर्य तारों के बीच 172.9° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2086 गिनता है; शक संवत 1951।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
सोम 10 सितंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 09:26
चंद्रमा यहाँ 09:26 पर उदय होता है।
सोम 10 सितंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 20:26
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 09:26 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 20:26 पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 09:26 पर उदय हुआ; वह फिर 20:26 पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।