सोफिया, बुल्गारिया का पंचांग गुरु 30 सितंबर 2027
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय EEST में
त्योहार
शारदीय नवरात्रि · घटस्थापना
शारदीय नवरात्रि · घटस्थापना गुरु 30 सितंबर को है: उस सुबह पूरे प्रातःकाल में प्रतिपदा है, और किसी सुबह नहीं। गुरु 30 सितंबर क्यों?
शारदीय नवरात्रि: सोफिया में हर तारीख़30 सितंबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, गुरु 30 सितंबर
- 05:45–06:33ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 07:22 से
- 07:22–08:50शुभ चौघड़ियायमगण्ड में
- 12:52–13:40अभिजीत मुहूर्त
- 13:16–14:45लाभ चौघड़िया
- 14:45–16:13अमृत चौघड़ियाराहु काल में
- 17:42–19:10शुभ चौघड़िया
-
18:08–19:37अमृत कालहस्त में
- सूर्यास्त 19:10 के बाद
- 19:10–20:42अमृत चौघड़िया
- 01:17–02:48 शुक्रलाभ चौघड़िया
- 04:20–05:51 शुक्रशुभ चौघड़िया
- 05:51–07:23 शुक्रअमृत चौघड़िया
- 05:45–06:34 शुक्रअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 07:22–08:50शुभयमगण्ड में
- 08:50–10:19रोगअशुभ
- 10:19–11:48उद्वेगअशुभ
- 11:48–13:16चरसामान्य
- 13:16–14:45लाभशुभ
- 14:45–16:13अमृतराहु काल में
- 16:13–17:42कालअशुभ
- 17:42–19:10शुभ
रात का चौघड़िया
- 19:10–20:42अमृतशुभ
- 20:42–22:13चरसामान्य
- 22:13–23:45रोगअशुभ
- 23:45–01:17 शुक्रकालअशुभ
- 01:17–02:48 शुक्रलाभशुभ
- 02:48–04:20 शुक्रउद्वेगअशुभ
- 04:20–05:51 शुक्रशुभ
- 05:51–07:23 शुक्रअमृतशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, गुरु 30 सितंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 05:45–06:33, शुभ
- शुभ, 07:22–08:50
- रोग, अशुभ, 08:50–10:19
- उद्वेग, अशुभ, 10:19–11:48
- चर, सामान्य, 11:48–13:16
- लाभ, शुभ, 13:16–14:45
- अमृत, शुभ, 14:45–16:13
- काल, अशुभ, 16:13–17:42
- शुभ, 17:42–19:10
- अमृत, शुभ, 19:10–20:42
- चर, सामान्य, 20:42–22:13
- रोग, अशुभ, 22:13–23:45
- काल, अशुभ, 23:45–01:17 शुक्र
- लाभ, शुभ, 01:17–02:48 शुक्र
- उद्वेग, अशुभ, 02:48–04:20 शुक्र
- शुभ, 04:20–05:51 शुक्र
- अमृत, शुभ, 05:51–07:23 शुक्र
- यमगण्ड, 07:22–08:50, अशुभ
- गुलिक काल, 10:19–11:48, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 11:18–12:05, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 12:52–13:40, शुभ
- राहु काल, 14:45–16:13, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 16:01–16:49, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:45–06:34 शुक्र
हर मान कैसे निकलता है
सोफिया में शारदीय नवरात्रि गुरु 30 सितंबर को क्यों है?
शारदीय नवरात्रि · घटस्थापना गुरु 30 सितंबर को है: उस सुबह पूरे प्रातःकाल में प्रतिपदा है, और किसी सुबह नहीं।
घटस्थापना प्रातःकाल में होती है, दिन का पहला पाँचवाँ भाग। प्रतिपदा गुरु 30 सितंबर को 05:36 से शुक्र 1 अक्टूबर को 03:05 तक है, इसलिए केवल गुरुवार का प्रातःकाल (07:22–09:44) उसके भीतर है।
गुरु 30 सितंबर को कौन सी तिथि है? शुक्ल प्रतिपदा
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 1° आगे था: शुक्ल प्रतिपदा।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 0°–12° पहली है, शुक्ल प्रतिपदा। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 07:22। अमावस्या उससे पहले 05:36 पर समाप्त हुई। प्रतिपदा 03:05 शुक्र को समाप्त होगी, जब बढ़त 12° होगी। बढ़त 30 सितंबर की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
नई दिल्ली में अमावस्या क्यों है?
नई दिल्ली में अमावस्या है, सोफिया में प्रतिपदा।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।
नई दिल्ली · IST
यहाँ सूर्योदय, 06:13, अमावस्या की समाप्ति 08:06 से पहले हुआ: यह दिन अमावस्या है। प्रतिपदा अगले सूर्योदय से पहले, 05:35 शुक्र को, समाप्त होती है, इसलिए यहाँ कोई दिन प्रतिपदा नहीं होता: वह क्षय है।
सोफिया · UTC+3
यहाँ सूर्योदय, 07:22, अमावस्या की समाप्ति 05:36 के बाद हुआ: यह दिन प्रतिपदा है।
गुरु 30 सितंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:45–06:33
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:45–06:33।
बुध 29 सितंबर की रात सूर्यास्त 19:12 बुध से सूर्योदय 07:22 तक थी, 12 घं 10 मि। इसे 48 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
गुरु 30 सितंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:52–13:40
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:52–13:40।
गुरु 30 सितंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 11:18–12:05
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 11:18–12:05 और 16:01–16:49।
गुरु 30 सितंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 16:01–16:49
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 11:18–12:05 और 16:01–16:49।
यहाँ दिन, 07:22 से 19:10, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 47 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। गुरुवार को दुर्मुहूर्त छठा और बारहवाँ है, 11:18–12:05 और 16:01–16:49।
गुरु 30 सितंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
07:22–08:50 शुभ है, जिसके स्वामी गुरु (बृहस्पति) हैं, गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 07:22 से 19:10, 1 घं 28 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 19:10 से 07:23 शुक्र, 1 घं 31 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
गुरु 30 सितंबर को राहुकाल कब है? 14:45–16:13
राहु काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 14:45–16:13।
गुरु 30 सितंबर को यमगंड कब है? 07:22–08:50
यमगण्ड गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 07:22–08:50।
गुरु 30 सितंबर को गुलिक काल कब है? 10:19–11:48
गुलिक काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 10:19–11:48।
यहाँ दिन 07:22 से 19:10 तक है, 11 घं 48 मि। इसे 1 घं 28 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: गुरुवार को राहु काल छठा भाग है, यमगण्ड पहला और गुलिक काल तीसरा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
गुरु 30 सितंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 07:22
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:22, सूर्यास्त 19:10, 11 घं 48 मि का दिन।
गुरु 30 सितंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 19:10
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:22, सूर्यास्त 19:10, 11 घं 48 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 48 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 13 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 48 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 13 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
गुरु 30 सितंबर को कौन सा नक्षत्र है? हस्त
सूर्योदय पर चंद्रमा 163.5° पर था: हस्त, पद 2।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। हस्त 160°00′–173°20′ तक है; चंद्रमा 163°20′ पर उसके पद 2 में आया। वह 23:41 को निकलेगा, चित्रा में।
गुरु 30 सितंबर को कौन सा योग है? ब्रह्म
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 326° थे: ब्रह्म।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 162.5° + 163.5° = 326°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 320°00′–333°20′ पच्चीसवाँ है, ब्रह्म। यह 18:39 को समाप्त होता है, फिर इन्द्र।
गुरु 30 सितंबर को कौन सा करण है? किंस्तुघ्न
सूर्योदय पर बढ़त 1° थी: प्रतिपदा का पहला आधा, किंस्तुघ्न।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए प्रतिपदा का पहला आधा किंस्तुघ्न है और दूसरा बव। किंस्तुघ्न 16:17 तक है, जब बढ़त 6° होगी; बव 03:05 शुक्र तक।
गुरु 30 सितंबर को कौन सा वार है, और कब से? गुरुवार
यह दिन गुरुवार को सूर्योदय, 07:22, पर शुरू हुआ: गुरुवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 07:22 से 07:23 शुक्र तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी गुरुवार के हैं।
गुरु 30 सितंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? आश्विन
यह मास 30 सितंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कन्या में था: आश्विन।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कन्या से आश्विन। सूर्य 17 अक्टूबर को, मास के भीतर, तुला में जाता है। अगली अमावस्या, 29 अक्टूबर, उसे तुला में पाती है और कार्तिक शुरू करती है।
गुरु 30 सितंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? आश्विन
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष आश्विन का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 30 सितंबर की अमावस्या ने, सूर्य कन्या में, आश्विन शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में आश्विन है।
गुरु 30 सितंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2084 · शक 1949
विक्रम संवत 2084 7 अप्रैल 2027 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 7 अप्रैल 2027, 02:51 बुध। तब से सूर्य तारों के बीच 169.8° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2084 गिनता है; शक संवत 1949।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
गुरु 30 सितंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 07:41
चंद्रमा यहाँ 07:41 पर उदय होता है।
गुरु 30 सितंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 18:58
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 07:41 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 18:58 पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 07:41 पर उदय हुआ; वह फिर 18:58 पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त दिन में पड़ता है।