सोफिया, बुल्गारिया का पंचांग मंगल 23 फ़रवरी 2027
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय EET में
व्रत
संकष्टी चतुर्थी
संकष्टी चतुर्थी मंगल 23 फ़रवरी को है: उस रात चंद्रोदय पर चतुर्थी है। मंगल 23 फ़रवरी क्यों?
संकष्टी चतुर्थी: सोफिया में हर तारीख़23 फ़रवरी का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, मंगल 23 फ़रवरी
- 05:27–06:20ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 07:12 से
- 11:18–12:40लाभ चौघड़िया
- 12:18–12:40अभिजीत मुहूर्तगुलिक काल छोड़कर
- 12:40–14:02अमृत चौघड़ियागुलिक काल में
- 15:24–16:46शुभ चौघड़ियाराहु काल में
- सूर्यास्त 18:08 के बाद
- 19:46–21:24लाभ चौघड़िया
- 23:01–23:21शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 00:13–00:39 बुधशुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
-
00:21–01:54 बुधअमृत कालहस्त में
- 00:39–02:17 बुधअमृत चौघड़िया
- 05:26–06:18 बुधअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 07:12–08:34रोगअशुभ
- 08:34–09:56उद्वेगअशुभ
- 09:56–11:18चरसामान्य
- 11:18–12:40लाभशुभ
- 12:40–14:02अमृतगुलिक काल में
- 14:02–15:24कालअशुभ
- 15:24–16:46शुभराहु काल में
- 16:46–18:08रोगअशुभ
रात का चौघड़िया
- 18:08–19:46कालअशुभ
- 19:46–21:24लाभशुभ
- 21:24–23:01उद्वेगअशुभ
- 23:01–00:39 बुधशुभ
- 00:39–02:17 बुधअमृतशुभ
- 02:17–03:55 बुधचरसामान्य
- 03:55–05:33 बुधरोगअशुभ
- 05:33–07:11 बुधकालअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, मंगल 23 फ़रवरी: ब्रह्म मुहूर्त, 05:27–06:20, शुभ
- रोग, अशुभ, 07:12–08:34
- उद्वेग, अशुभ, 08:34–09:56
- चर, सामान्य, 09:56–11:18
- लाभ, शुभ, 11:18–12:40
- अमृत, शुभ, 12:40–14:02
- काल, अशुभ, 14:02–15:24
- शुभ, 15:24–16:46
- रोग, अशुभ, 16:46–18:08
- काल, अशुभ, 18:08–19:46
- लाभ, शुभ, 19:46–21:24
- उद्वेग, अशुभ, 21:24–23:01
- शुभ, 23:01–00:39 बुध
- अमृत, शुभ, 00:39–02:17 बुध
- चर, सामान्य, 02:17–03:55 बुध
- रोग, अशुभ, 03:55–05:33 बुध
- काल, अशुभ, 05:33–07:11 बुध
- दुर्मुहूर्त, 09:23–10:07, अशुभ
- यमगण्ड, 09:56–11:18, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 12:18–13:02, शुभ
- गुलिक काल, 12:40–14:02, अशुभ
- राहु काल, 15:24–16:46, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 23:21–00:13 बुध, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:26–06:18 बुध
हर मान कैसे निकलता है
सोफिया में संकष्टी चतुर्थी मंगल 23 फ़रवरी को क्यों है?
संकष्टी चतुर्थी मंगल 23 फ़रवरी को है: उस रात चंद्रोदय पर चतुर्थी है।
संकष्टी का व्रत चंद्रोदय पर खोला जाता है। चतुर्थी मंगल 23 फ़रवरी को 18:19 से बुध 24 फ़रवरी को 17:10 तक है, इसलिए चंद्रोदय पर वह केवल मंगल 23 फ़रवरी को है, 21:26 पर। संकष्टी चतुर्थी का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; चंद्रोदय Tithika की परिपाटी है।
मंगल 23 फ़रवरी को कौन सी तिथि है? कृष्ण तृतीया
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 210° आगे था: कृष्ण तृतीया।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 204°–216° अठारहवीं है, कृष्ण तृतीया। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 07:12। द्वितीया उससे पहले 20:09 सोम पर समाप्त हुई। तृतीया 18:19 को समाप्त होगी, जब बढ़त 216° होगी। बढ़त 21 फ़रवरी की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
मंगल 23 फ़रवरी को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:27–06:20
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:27–06:20।
सोम 22 फ़रवरी की रात सूर्यास्त 18:07 सोम से सूर्योदय 07:12 तक थी, 13 घं 5 मि। इसे 52 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
मंगल 23 फ़रवरी को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:18–13:02
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:18–13:02।
मंगल 23 फ़रवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 09:23–10:07
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 09:23–10:07, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:21–00:13 बुध।
मंगल 23 फ़रवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 23:21–00:13 बुध
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 09:23–10:07, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:21–00:13 बुध।
यहाँ दिन, 07:12 से 18:08, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 43 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 09:23–10:07 और 23:21–00:13 बुध।
मंगल 23 फ़रवरी का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
07:12–08:34 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 07:12 से 18:08, 1 घं 22 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:08 से 07:11 बुध, 1 घं 37 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
मंगल 23 फ़रवरी को राहुकाल कब है? 15:24–16:46
राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:24–16:46।
मंगल 23 फ़रवरी को यमगंड कब है? 09:56–11:18
यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:56–11:18।
मंगल 23 फ़रवरी को गुलिक काल कब है? 12:40–14:02
गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:40–14:02।
यहाँ दिन 07:12 से 18:08 तक है, 10 घं 56 मि। इसे 1 घं 22 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।
सूर्योदय और सूर्यास्त
मंगल 23 फ़रवरी को सूर्योदय कितने बजे है? 07:12
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:12, सूर्यास्त 18:08, 10 घं 56 मि का दिन।
मंगल 23 फ़रवरी को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:08
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:12, सूर्यास्त 18:08, 10 घं 56 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 10 घं 56 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 13 घं 3 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 10 घं 56 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 13 घं 3 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
मंगल 23 फ़रवरी को कौन सा नक्षत्र है? हस्त
सूर्योदय पर चंद्रमा 160.1° पर था: हस्त, पद 1।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। हस्त 160°00′–173°20′ तक है; चंद्रमा 160° पर उसके पद 1 में आया। वह 06:09 बुध को निकलेगा, चित्रा में।
मंगल 23 फ़रवरी को कौन सा योग है? शूल
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 470.2° थे, एक चक्कर और 110.2°: शूल।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 310.1° + 160.1° = 470.2°, एक पूरा चक्कर और 110.2°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 106°40′–120°00′ नौवाँ है, शूल। यह 22:56 को समाप्त होता है, फिर गण्ड।
मंगल 23 फ़रवरी को कौन सा करण है? विष्टि
सूर्योदय पर बढ़त 210° थी: तृतीया का दूसरा आधा, विष्टि।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए तृतीया का पहला आधा वणिज है और दूसरा विष्टि। वणिज 07:09 पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 210° हुई; विष्टि 18:19 तक है।
मंगल 23 फ़रवरी को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार
यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 07:12, पर शुरू हुआ: मंगलवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 07:12 से 07:11 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।
मंगल 23 फ़रवरी को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? माघ
यह मास 6 फ़रवरी की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मकर में था: माघ।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मकर से माघ। सूर्य 13 फ़रवरी को, मास के भीतर, कुंभ में जाता है। अगली अमावस्या, 8 मार्च, उसे कुंभ में पाती है और फाल्गुन शुरू करती है।
मंगल 23 फ़रवरी को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? फाल्गुन
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष फाल्गुन का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 8 मार्च की अमावस्या, सूर्य कुंभ में, फाल्गुन शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ फाल्गुन है, और अमान्त गणना में माघ।
मंगल 23 फ़रवरी को कौन सा संवत है? विक्रम 2083 · शक 1948
विक्रम संवत 2083 19 मार्च 2026 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 19 मार्च 2026, 03:23 गुरु। तब से सूर्य तारों के बीच 335.9° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2083 गिनता है; शक संवत 1948।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
मंगल 23 फ़रवरी को चंद्रोदय कितने बजे है? 21:26
चंद्रमा यहाँ 21:26 पर उदय होता है।
मंगल 23 फ़रवरी को चंद्रास्त कितने बजे है? 08:06
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 08:06 पर अस्त हुआ; वह फिर 21:26 पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 08:06 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 21:26 पर उदय होगा।