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सोफिया, बुल्गारिया का पंचांग सोम 14 दिसंबर 2026

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय EET में

पञ्चमी

शुक्ल पक्ष · 15:46 तक

फिर षष्ठी · 17:49 मंगल तक

त्योहार

विवाह पंचमी

विवाह पंचमी सोम 14 दिसंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर पञ्चमी है। सोम 14 दिसंबर क्यों?

विवाह पंचमी: सोफिया में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

05:49 07:49 16:53अगला सूर्योदय 07:49 मंगल

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 07:49–08:57अमृतशुभ
  • 08:57–10:05कालअशुभ
  • 10:05–11:13शुभ
  • 11:13–12:21रोगअशुभ
  • 12:21–13:29उद्वेगअशुभ
  • 13:29–14:37चरसामान्य
  • 14:37–15:45लाभशुभ
  • 15:45–16:53अमृतशुभ

रात का चौघड़िया

  • 16:53–18:45चरसामान्य
  • 18:45–20:37रोगअशुभ
  • 20:37–22:29कालअशुभ
  • 22:29–00:21 मंगललाभशुभ
  • 00:21–02:13 मंगलउद्वेगअशुभ
  • 02:13–04:05 मंगलशुभ
  • 04:05–05:57 मंगलअमृतशुभ
  • 05:57–07:49 मंगलचरसामान्य

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, सोम 14 दिसंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 05:49–06:49, शुभ
  • अमृत, शुभ, 07:49–08:57
  • काल, अशुभ, 08:57–10:05
  • शुभ, 10:05–11:13
  • रोग, अशुभ, 11:13–12:21
  • उद्वेग, अशुभ, 12:21–13:29
  • चर, सामान्य, 13:29–14:37
  • लाभ, शुभ, 14:37–15:45
  • अमृत, शुभ, 15:45–16:53
  • चर, सामान्य, 16:53–18:45
  • रोग, अशुभ, 18:45–20:37
  • काल, अशुभ, 20:37–22:29
  • लाभ, शुभ, 22:29–00:21 मंगल
  • उद्वेग, अशुभ, 00:21–02:13 मंगल
  • शुभ, 02:13–04:05 मंगल
  • अमृत, शुभ, 04:05–05:57 मंगल
  • चर, सामान्य, 05:57–07:49 मंगल
  • राहु काल, 08:57–10:05, अशुभ
  • यमगण्ड, 11:13–12:21, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 12:03–12:39, शुभ
  • दुर्मुहूर्त, 12:39–13:15, अशुभ
  • गुलिक काल, 13:29–14:37, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 14:28–15:04, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:50–06:50 मंगल

हर मान कैसे निकलता है

सोफिया में विवाह पंचमी सोम 14 दिसंबर को क्यों है?

विवाह पंचमी सोम 14 दिसंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर पञ्चमी है।

चतुर्थी 06:00 07:00 08:00 09:00 रवि 13 दिसंबर सूर्योदय 07:48
चतुर्थी 06:00 07:00 08:00 09:00 रवि 13 दिसंबर सूर्योदय 07:48
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+2)। पट्टी: तिथि। रेखा: सूर्योदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

विवाह पंचमी सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। पञ्चमी रवि 13 दिसंबर को 13:18 से सोम 14 दिसंबर को 15:46 तक है, इसलिए वह केवल सोम 14 दिसंबर के सूर्योदय (07:49) पर है। विवाह पंचमी का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।

विवाह पंचमी: सोफिया में हर तारीख़

सोम 14 दिसंबर को कौन सी तिथि है? शुक्ल पञ्चमी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 56.4° आगे था: शुक्ल पञ्चमी।

सूर्य अमावस्या 0° 56.4° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण पञ्चमी 48°–60° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 56.4° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण पञ्चमी 48°–60° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 48°–60° पाँचवीं है, शुक्ल पञ्चमी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 07:49। चतुर्थी उससे पहले 13:18 रवि पर समाप्त हुई। पञ्चमी 15:46 को समाप्त होगी, जब बढ़त 60° होगी। बढ़त 9 दिसंबर की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

सोम 14 दिसंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:49–06:49

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:49–06:49।

सूर्यास्त 16:53 रवि सूर्योदय 07:49 सोम समय, ऊँचाई नहीं रवि 13 दिसंबर का दिन 14 1
सूर्यास्त 16:53 रवि सूर्योदय 07:49 सोम समय, ऊँचाई नहीं रवि 13 दिसंबर का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · रविवार का दिन धुँधला

रवि 13 दिसंबर की रात सूर्यास्त 16:53 रवि से सूर्योदय 07:49 तक थी, 14 घं 56 मि। इसे 59 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

सोम 14 दिसंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:03–12:39

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:03–12:39।

सोम 14 दिसंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 12:39–13:15

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 12:39–13:15 और 14:28–15:04।

सोम 14 दिसंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 14:28–15:04

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 12:39–13:15 और 14:28–15:04।

सूर्योदय 07:49 सूर्यास्त 16:53 सूर्योदय 07:49 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 8 9 12 1
सूर्योदय 07:49 सूर्यास्त 16:53 सूर्योदय 07:49 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 8 9 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 9, 12

यहाँ दिन, 07:49 से 16:53, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 36 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। सोमवार को दुर्मुहूर्त नौवाँ और बारहवाँ है, 12:39–13:15 और 14:28–15:04।

सोम 14 दिसंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

07:49–08:57 अमृत है, जिसके स्वामी चंद्र हैं, सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 07:49 सूर्यास्त 16:53 सूर्योदय 07:49 मंगल समय, ऊँचाई नहीं अमृत
सूर्योदय 07:49 सूर्यास्त 16:53 सूर्योदय 07:49 मंगल समय, ऊँचाई नहीं अमृत
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 07:49 से 16:53, 1 घं 8 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 16:53 से 07:49 मंगल, 1 घं 52 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

सोम 14 दिसंबर को राहुकाल कब है? 08:57–10:05

राहु काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 08:57–10:05।

सोम 14 दिसंबर को यमगंड कब है? 11:13–12:21

यमगण्ड सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 11:13–12:21।

सोम 14 दिसंबर को गुलिक काल कब है? 13:29–14:37

गुलिक काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:29–14:37।

सूर्योदय 07:49 सूर्यास्त 16:53 सूर्योदय 07:49 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 07:49 सूर्यास्त 16:53 सूर्योदय 07:49 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 4, गुलिक काल 6

यहाँ दिन 07:49 से 16:53 तक है, 9 घं 4 मि। इसे 1 घं 8 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: सोमवार को राहु काल दूसरा भाग है, यमगण्ड चौथा और गुलिक काल छठा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

सोम 14 दिसंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 07:49

यहाँ दिन: सूर्योदय 07:49, सूर्यास्त 16:53, 9 घं 4 मि का दिन।

सोम 14 दिसंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 16:53

यहाँ दिन: सूर्योदय 07:49, सूर्यास्त 16:53, 9 घं 4 मि का दिन।

सूर्योदय 07:49 सूर्यास्त 16:53 सूर्योदय 07:49 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 21:55 चंद्रोदय 11:23
सूर्योदय 07:49 सूर्यास्त 16:53 सूर्योदय 07:49 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 21:55 चंद्रोदय 11:23
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 9 घं 4 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 14 घं 56 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 9 घं 4 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 14 घं 56 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सोम 14 दिसंबर को कौन सा नक्षत्र है? धनिष्ठा

सूर्योदय पर चंद्रमा 294.4° पर था: धनिष्ठा, पद 1।

चंद्रमा सूर्य 0° धनिष्ठा चंद्रमा 294.4° अगला: शतभिषा पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° धनिष्ठा चंद्रमा 294.4° अगला: शतभिषा पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। धनिष्ठा 293°20′–306°40′ तक है; चंद्रमा 293°20′ पर उसके पद 1 में आया। वह 08:23 मंगल को निकलेगा, शतभिषा में।

सोम 14 दिसंबर को कौन सा योग है? व्याघात

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 532.4° थे, एक चक्कर और 172.4°: व्याघात।

सूर्य 238.0° + चंद्रमा 294.4° = 532.4° एक चक्कर + 172.4° व्याघात 160°00′–173°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 238.0° + चंद्रमा 294.4° = 532.4° एक चक्कर + 172.4° व्याघात 160°00′–173°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 238° + 294.4° = 532.4°, एक पूरा चक्कर और 172.4°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 160°00′–173°20′ तेरहवाँ है, व्याघात। यह 09:34 को समाप्त होता है, फिर हर्षण।

सोम 14 दिसंबर को कौन सा करण है? बालव

सूर्योदय पर बढ़त 56.4° थी: पञ्चमी का दूसरा आधा, बालव।

सूर्य अमावस्या 0° 56.4° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण पञ्चमी 48°–60° बालव 54°–60° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 56.4° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण पञ्चमी 48°–60° बालव 54°–60° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए पञ्चमी का पहला आधा बव है और दूसरा बालव। बव 02:34 पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 54° हुई; बालव 15:46 तक है।

सोम 14 दिसंबर को कौन सा वार है, और कब से? सोमवार

यह दिन सोमवार को सूर्योदय, 07:49, पर शुरू हुआ: सोमवार।

सोमवार सूर्योदय 07:49 सूर्यास्त 16:53 सूर्योदय 07:49 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 00:00 मंगल अब भी सोमवार
सोमवार सूर्योदय 07:49 सूर्यास्त 16:53 सूर्योदय 07:49 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 00:00 मंगल अब भी सोमवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 07:49 से 07:49 मंगल तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी सोमवार के हैं।

सोम 14 दिसंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? मार्गशीर्ष

यह मास 9 दिसंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य वृश्चिक में था: मार्गशीर्ष।

1 2 3 4 5 6 7 वृश्चिक 10 11 12 0° पृथ्वी धनु
1 2 3 4 5 6 7 वृश्चिक 10 11 12 0° पृथ्वी धनु
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: वृश्चिक से मार्गशीर्ष। सूर्य 16 दिसंबर को, मास के भीतर, धनु में जाता है। अगली अमावस्या, 7 जनवरी, उसे धनु में पाती है और पौष शुरू करती है।

सोम 14 दिसंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? मार्गशीर्ष

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष मार्गशीर्ष का है।

अमान्त मार्गशीर्ष पूर्णिमान्त मार्गशीर्ष कृष्ण शुक्ल सोम 14 दिसंबर पूर्णिमा 24 नव॰ अमावस्या 9 दिस॰ पूर्णिमा 24 दिस॰ अमावस्या 7 जन॰
अमान्त मार्गशीर्ष पूर्णिमान्त मार्गशीर्ष कृष्ण शुक्ल सोम 14 दिसंबर पूर्णिमा 24 नव॰ अमावस्या 9 दिस॰ पूर्णिमा 24 दिस॰ अमावस्या 7 जन॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 9 दिसंबर की अमावस्या ने, सूर्य वृश्चिक में, मार्गशीर्ष शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में मार्गशीर्ष है।

सोम 14 दिसंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2083 · शक 1948

विक्रम संवत 2083 19 मार्च 2026 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 19 मार्च 2026 03:23 · सूर्य मीन में सूर्योदय, सोम 14 दिसंबर सूर्य 238.0° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 19 मार्च 2026 03:23 · सूर्य मीन में सूर्योदय, सोम 14 दिसंबर सूर्य 238.0° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 19 मार्च 2026, 03:23 गुरु। तब से सूर्य तारों के बीच 263.8° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2083 गिनता है; शक संवत 1948।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

सोम 14 दिसंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 11:23

चंद्रमा यहाँ 11:23 पर उदय होता है।

सोम 14 दिसंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 21:55

सूर्योदय 07:49 सूर्यास्त 16:53 सूर्योदय 07:49 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 21:55 चंद्रोदय 11:23
सूर्योदय 07:49 सूर्यास्त 16:53 सूर्योदय 07:49 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 21:55 चंद्रोदय 11:23
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 11:23 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 21:55 पर अस्त होगा।

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 11:23 पर उदय हुआ; वह फिर 21:55 पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।