सोफिया, बुल्गारिया का पंचांग रवि 27 जुलाई 2025
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय EEST में
त्योहार
हरियाली तीज
हरियाली तीज रवि 27 जुलाई को है: उस दिन सूर्योदय पर तृतीया है। रवि 27 जुलाई क्यों?
हरियाली तीज: सोफिया में हर तारीख़27 जुलाई का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, रवि 27 जुलाई
- 04:58–05:36ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:13 से
- 09:53–11:43लाभ चौघड़िया
-
11:26–13:04अमृत कालमघा में
- 11:43–13:33अमृत चौघड़िया
- 13:03–13:33अभिजीत मुहूर्तयमगण्ड छोड़कर
- 15:22–17:12शुभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 20:52 के बाद
- 20:52–22:02शुभ चौघड़िया
- 22:02–23:13अमृत चौघड़िया
- 02:43–03:54 सोमलाभ चौघड़िया
- 05:04–06:14 सोमशुभ चौघड़िया
- 04:59–05:36 सोमअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:13–08:03उद्वेगअशुभ
- 08:03–09:53चरसामान्य
- 09:53–11:43लाभशुभ
- 11:43–13:33अमृतशुभ
- 13:33–15:22कालअशुभ
- 15:22–17:12शुभ
- 17:12–19:02रोगअशुभ
- 19:02–20:52उद्वेगअशुभ
रात का चौघड़िया
- 20:52–22:02शुभ
- 22:02–23:13अमृतशुभ
- 23:13–00:23 सोमचरसामान्य
- 00:23–01:33 सोमरोगअशुभ
- 01:33–02:43 सोमकालअशुभ
- 02:43–03:54 सोमलाभशुभ
- 03:54–05:04 सोमउद्वेगअशुभ
- 05:04–06:14 सोमशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, रवि 27 जुलाई: ब्रह्म मुहूर्त, 04:58–05:36, शुभ
- उद्वेग, अशुभ, 06:13–08:03
- चर, सामान्य, 08:03–09:53
- लाभ, शुभ, 09:53–11:43
- अमृत, शुभ, 11:43–13:33
- काल, अशुभ, 13:33–15:22
- शुभ, 15:22–17:12
- रोग, अशुभ, 17:12–19:02
- उद्वेग, अशुभ, 19:02–20:52
- शुभ, 20:52–22:02
- अमृत, शुभ, 22:02–23:13
- चर, सामान्य, 23:13–00:23 सोम
- रोग, अशुभ, 00:23–01:33 सोम
- काल, अशुभ, 01:33–02:43 सोम
- लाभ, शुभ, 02:43–03:54 सोम
- उद्वेग, अशुभ, 03:54–05:04 सोम
- शुभ, 05:04–06:14 सोम
- अभिजीत मुहूर्त, 13:03–14:02, शुभ
- यमगण्ड, 13:33–15:22, अशुभ
- गुलिक काल, 17:12–19:02, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 18:55–19:54, अशुभ
- राहु काल, 19:02–20:52, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:59–05:36 सोम
हर मान कैसे निकलता है
सोफिया में हरियाली तीज रवि 27 जुलाई को क्यों है?
हरियाली तीज रवि 27 जुलाई को है: उस दिन सूर्योदय पर तृतीया है।
हरियाली तीज सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। तृतीया शनि 26 जुलाई को 20:12 से रवि 27 जुलाई को 20:12 तक है, इसलिए वह केवल रवि 27 जुलाई के सूर्योदय (06:13) पर है। हरियाली तीज का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।
रवि 27 जुलाई को कौन सी तिथि है? शुक्ल तृतीया
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 29.1° आगे था: शुक्ल तृतीया।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 24°–36° तीसरी है, शुक्ल तृतीया। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:13। द्वितीया उससे पहले 20:12 शनि पर समाप्त हुई। तृतीया 20:12 को समाप्त होगी, जब बढ़त 36° होगी। बढ़त 24 जुलाई की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
रवि 27 जुलाई को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:58–05:36
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:58–05:36।
शनि 26 जुलाई की रात सूर्यास्त 20:53 शनि से सूर्योदय 06:13 तक थी, 9 घं 20 मि। इसे 37 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
रवि 27 जुलाई को अभिजीत मुहूर्त कब है? 13:03–14:02
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 13:03–14:02।
रवि 27 जुलाई को दुर्मुहूर्त कब है? 18:55–19:54
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 18:55–19:54।
यहाँ दिन, 06:13 से 20:52, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 58 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। रविवार को दुर्मुहूर्त चौदहवाँ है, 18:55–19:54।
रवि 27 जुलाई का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:13–08:03 उद्वेग है, जिसके स्वामी सूर्य हैं, रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:13 से 20:52, 1 घं 49 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 20:52 से 06:14 सोम, 1 घं 10 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
रवि 27 जुलाई को राहुकाल कब है? 19:02–20:52
राहु काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से आठवाँ है: 19:02–20:52।
रवि 27 जुलाई को यमगंड कब है? 13:33–15:22
यमगण्ड रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 13:33–15:22।
रवि 27 जुलाई को गुलिक काल कब है? 17:12–19:02
गुलिक काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 17:12–19:02।
यहाँ दिन 06:13 से 20:52 तक है, 14 घं 39 मि। इसे 1 घं 49 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: रविवार को राहु काल आठवाँ भाग है, यमगण्ड पाँचवाँ और गुलिक काल सातवाँ।
सूर्योदय और सूर्यास्त
रवि 27 जुलाई को सूर्योदय कितने बजे है? 06:13
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:13, सूर्यास्त 20:52, 14 घं 39 मि का दिन।
रवि 27 जुलाई को सूर्यास्त कितने बजे है? 20:52
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:13, सूर्यास्त 20:52, 14 घं 39 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 39 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 22 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 39 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 22 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
रवि 27 जुलाई को कौन सा नक्षत्र है? मघा
सूर्योदय पर चंद्रमा 129.2° पर था: मघा, पद 3।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। मघा 120°00′–133°20′ तक है; चंद्रमा 126°40′ पर उसके पद 3 में आया। वह 13:53 को निकलेगा, पूर्वाफाल्गुनी में।
रवि 27 जुलाई को कौन सा योग है? वरीयान्
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 229.4° थे: वरीयान्।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 100.2° + 129.2° = 229.4°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 226°40′–240°00′ अठारहवाँ है, वरीयान्। यह 00:43 सोम को समाप्त होता है, फिर परिघ।
रवि 27 जुलाई को कौन सा करण है? तैतिल
सूर्योदय पर बढ़त 29.1° थी: तृतीया का पहला आधा, तैतिल।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए तृतीया का पहला आधा तैतिल है और दूसरा गर। तैतिल 08:07 तक है, जब बढ़त 30° होगी; गर 20:12 तक।
रवि 27 जुलाई को कौन सा वार है, और कब से? रविवार
यह दिन रविवार को सूर्योदय, 06:13, पर शुरू हुआ: रविवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:13 से 06:14 सोम तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी रविवार के हैं।
रवि 27 जुलाई को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? श्रावण
यह मास 24 जुलाई की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कर्क में था: श्रावण।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कर्क से श्रावण। सूर्य 16 अगस्त को, मास के भीतर, सिंह में जाता है। अगली अमावस्या, 23 अगस्त, उसे सिंह में पाती है और भाद्रपद शुरू करती है।
रवि 27 जुलाई को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? श्रावण
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष श्रावण का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 24 जुलाई की अमावस्या ने, सूर्य कर्क में, श्रावण शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में श्रावण है।
रवि 27 जुलाई को कौन सा संवत है? विक्रम 2082 · शक 1947
विक्रम संवत 2082 29 मार्च 2025 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 29 मार्च 2025, 12:57 शनि। तब से सूर्य तारों के बीच 115.4° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2082 गिनता है; शक संवत 1947।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
रवि 27 जुलाई को चंद्रोदय कितने बजे है? 08:54
चंद्रमा यहाँ 08:54 पर उदय होता है।
रवि 27 जुलाई को चंद्रास्त कितने बजे है? 22:26
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 08:54 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 22:26 पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 08:54 पर उदय हुआ; वह फिर 22:26 पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।