सोफिया, बुल्गारिया का पंचांग सोम 13 जनवरी 2025
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय EET में
त्योहार
लोहड़ी
लोहड़ी सोम 13 जनवरी को है, मंगल 14 जनवरी की मकर संक्रांति से पहले की शाम। सोम 13 जनवरी क्यों?
लोहड़ी: सोफिया में हर तारीख़व्रत
पूर्णिमा
पूर्णिमा सोम 13 जनवरी को है: उस दिन सूर्योदय पर पूर्णिमा है। सोम 13 जनवरी क्यों?
पूर्णिमा: सोफिया में हर तारीख़13 जनवरी का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, सोम 13 जनवरी
- 05:57–06:56ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 07:55 से
- 07:55–09:05अमृत चौघड़िया
- 10:15–11:25शुभ चौघड़िया
- 12:35–12:54अभिजीत मुहूर्तयमगण्ड छोड़कर
- 15:24–16:06लाभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 16:06–17:16अमृत चौघड़िया
- सूर्यास्त 17:16 के बाद
- 22:45–00:35 मंगललाभ चौघड़िया
- 02:25–04:15 मंगलशुभ चौघड़िया
- 04:15–06:04 मंगलअमृत चौघड़िया
-
04:25–05:59 मंगलअमृत कालपुनर्वसु में
- 05:57–06:56 मंगलअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 07:55–09:05अमृतशुभ
- 09:05–10:15कालअशुभ
- 10:15–11:25शुभ
- 11:25–12:35रोगअशुभ
- 12:35–13:45उद्वेगअशुभ
- 13:45–14:55चरसामान्य
- 14:55–16:06लाभशुभ
- 16:06–17:16अमृतशुभ
रात का चौघड़िया
- 17:16–19:06चरसामान्य
- 19:06–20:55रोगअशुभ
- 20:55–22:45कालअशुभ
- 22:45–00:35 मंगललाभशुभ
- 00:35–02:25 मंगलउद्वेगअशुभ
- 02:25–04:15 मंगलशुभ
- 04:15–06:04 मंगलअमृतशुभ
- 06:04–07:54 मंगलचरसामान्य
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, सोम 13 जनवरी: ब्रह्म मुहूर्त, 05:57–06:56, शुभ
- अमृत, शुभ, 07:55–09:05
- काल, अशुभ, 09:05–10:15
- शुभ, 10:15–11:25
- रोग, अशुभ, 11:25–12:35
- उद्वेग, अशुभ, 12:35–13:45
- चर, सामान्य, 13:45–14:55
- लाभ, शुभ, 14:55–16:06
- अमृत, शुभ, 16:06–17:16
- चर, सामान्य, 17:16–19:06
- रोग, अशुभ, 19:06–20:55
- काल, अशुभ, 20:55–22:45
- लाभ, शुभ, 22:45–00:35 मंगल
- उद्वेग, अशुभ, 00:35–02:25 मंगल
- शुभ, 02:25–04:15 मंगल
- अमृत, शुभ, 04:15–06:04 मंगल
- चर, सामान्य, 06:04–07:54 मंगल
- राहु काल, 09:05–10:15, अशुभ
- यमगण्ड, 11:25–12:35, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 12:17–12:54, शुभ
- दुर्मुहूर्त, 12:54–13:31, अशुभ
- गुलिक काल, 13:45–14:55, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 14:46–15:24, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:57–06:56 मंगल
हर मान कैसे निकलता है
सोफिया में लोहड़ी सोम 13 जनवरी को क्यों है?
लोहड़ी सोम 13 जनवरी को है, मंगल 14 जनवरी की मकर संक्रांति से पहले की शाम।
लोहड़ी की आग मकर संक्रांति से पहले की शाम जलाई जाती है। सूर्य 05:25 मंगल पर मकर में प्रवेश करता है, और मकर संक्रांति मंगल 14 जनवरी को है: सोम 13 जनवरी। लोहड़ी का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रदोष काल Tithika की परिपाटी है।
सोफिया में पूर्णिमा सोम 13 जनवरी को क्यों है?
पूर्णिमा सोम 13 जनवरी को है: उस दिन सूर्योदय पर पूर्णिमा है।
पूर्णिमा सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। पूर्णिमा सोम 13 जनवरी को 01:33 से मंगल 14 जनवरी को 00:26 तक है, इसलिए वह केवल सोम 13 जनवरी के सूर्योदय (07:55) पर है। पूर्णिमा का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।
सोम 13 जनवरी को कौन सी तिथि है? शुक्ल पूर्णिमा
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 171.4° आगे था: शुक्ल पूर्णिमा।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 168°–180° पंद्रहवीं है, शुक्ल पूर्णिमा। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 07:55। चतुर्दशी उससे पहले 01:33 पर समाप्त हुई। पूर्णिमा 00:26 मंगल को समाप्त होगी, जब बढ़त 180° होगी। बढ़त 31 दिसंबर की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
सोम 13 जनवरी को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:57–06:56
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:57–06:56।
रवि 12 जनवरी की रात सूर्यास्त 17:15 रवि से सूर्योदय 07:55 तक थी, 14 घं 40 मि। इसे 58 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
सोम 13 जनवरी को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:17–12:54
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:17–12:54।
सोम 13 जनवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 12:54–13:31
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 12:54–13:31 और 14:46–15:24।
सोम 13 जनवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 14:46–15:24
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 12:54–13:31 और 14:46–15:24।
यहाँ दिन, 07:55 से 17:16, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 37 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। सोमवार को दुर्मुहूर्त नौवाँ और बारहवाँ है, 12:54–13:31 और 14:46–15:24।
सोम 13 जनवरी का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
07:55–09:05 अमृत है, जिसके स्वामी चंद्र हैं, सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 07:55 से 17:16, 1 घं 10 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 17:16 से 07:54 मंगल, 1 घं 49 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
सोम 13 जनवरी को राहुकाल कब है? 09:05–10:15
राहु काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 09:05–10:15।
सोम 13 जनवरी को यमगंड कब है? 11:25–12:35
यमगण्ड सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 11:25–12:35।
सोम 13 जनवरी को गुलिक काल कब है? 13:45–14:55
गुलिक काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:45–14:55।
यहाँ दिन 07:55 से 17:16 तक है, 9 घं 21 मि। इसे 1 घं 10 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: सोमवार को राहु काल दूसरा भाग है, यमगण्ड चौथा और गुलिक काल छठा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
सोम 13 जनवरी को सूर्योदय कितने बजे है? 07:55
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:55, सूर्यास्त 17:16, 9 घं 21 मि का दिन।
सोम 13 जनवरी को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:16
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:55, सूर्यास्त 17:16, 9 घं 21 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 9 घं 21 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 14 घं 38 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 9 घं 21 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 14 घं 38 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सोम 13 जनवरी को कौन सा नक्षत्र है? पुनर्वसु
सूर्योदय पर चंद्रमा 80.4° पर था: पुनर्वसु, पद 1।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। पुनर्वसु 80°00′–93°20′ तक है; चंद्रमा 80° पर उसके पद 1 में आया। वह 06:47 मंगल को निकलेगा, पुष्य में।
सोम 13 जनवरी को कौन सा योग है? वैधृति
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 349.5° थे: वैधृति।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 269.1° + 80.4° = 349.5°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 346°40′–360°00′ सत्ताईसवाँ है, वैधृति। यह 01:08 मंगल को समाप्त होता है, फिर विष्कम्भ।
सोम 13 जनवरी को कौन सा करण है? विष्टि
सूर्योदय पर बढ़त 171.4° थी: पूर्णिमा का पहला आधा, विष्टि।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए पूर्णिमा का पहला आधा विष्टि है और दूसरा बव। विष्टि 12:56 तक है, जब बढ़त 174° होगी; बव 00:26 मंगल तक।
सोम 13 जनवरी को कौन सा वार है, और कब से? सोमवार
यह दिन सोमवार को सूर्योदय, 07:55, पर शुरू हुआ: सोमवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 07:55 से 07:54 मंगल तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी सोमवार के हैं।
सोम 13 जनवरी को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? पौष
यह मास 31 दिसंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य धनु में था: पौष।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: धनु से पौष। सूर्य 14 जनवरी को, मास के भीतर, मकर में जाता है। अगली अमावस्या, 29 जनवरी, उसे मकर में पाती है और माघ शुरू करती है।
सोम 13 जनवरी को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? पौष
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष पौष का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 31 दिसंबर की अमावस्या ने, सूर्य धनु में, पौष शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में पौष है।
सोम 13 जनवरी को कौन सा संवत है? विक्रम 2081 · शक 1946
विक्रम संवत 2081 8 अप्रैल 2024 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 8 अप्रैल 2024, 21:20 सोम। तब से सूर्य तारों के बीच 273.9° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2081 गिनता है; शक संवत 1946।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
सोम 13 जनवरी को चंद्रोदय कितने बजे है? 16:31
चंद्रमा यहाँ 16:31 पर उदय होता है।
चंद्रमा 16:31 पर, दिन में, उदय होता है और अगले सूर्योदय से पहले अस्त नहीं होता।
चंद्रमा इस सूर्योदय और अगले के बीच अस्त नहीं होता।