सोफिया, बुल्गारिया का पंचांग मंगल 2 जुलाई 2024
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय EEST में
व्रत
योगिनी एकादशी
योगिनी एकादशी मंगल 2 जुलाई को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है। मंगल 2 जुलाई क्यों?
योगिनी एकादशी: सोफिया में हर तारीख़2 जुलाई का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, मंगल 2 जुलाई
- 04:43–05:18ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 05:53 से
- 11:36–13:30लाभ चौघड़िया
- 13:00–13:30अभिजीत मुहूर्तगुलिक काल छोड़कर
- 13:30–15:25अमृत चौघड़ियागुलिक काल में
- 17:19–19:14शुभ चौघड़ियाराहु काल में
- सूर्यास्त 21:08 के बाद
- 22:14–23:19लाभ चौघड़िया
-
23:50–00:38 बुधअमृत कालदुर्मुहूर्त छोड़कर · कृत्तिका में
- 00:25–00:38 बुधशुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 01:13–01:31 बुधशुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 01:31–02:36 बुधअमृत चौघड़िया
- 04:43–05:18 बुधअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 05:53–07:47रोगअशुभ
- 07:47–09:42उद्वेगअशुभ
- 09:42–11:36चरसामान्य
- 11:36–13:30लाभशुभ
- 13:30–15:25अमृतगुलिक काल में
- 15:25–17:19कालअशुभ
- 17:19–19:14शुभराहु काल में
- 19:14–21:08रोगअशुभ
रात का चौघड़िया
- 21:08–22:14कालअशुभ
- 22:14–23:19लाभशुभ
- 23:19–00:25 बुधउद्वेगअशुभ
- 00:25–01:31 बुधशुभ
- 01:31–02:36 बुधअमृतशुभ
- 02:36–03:42 बुधचरसामान्य
- 03:42–04:48 बुधरोगअशुभ
- 04:48–05:53 बुधकालअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, मंगल 2 जुलाई: ब्रह्म मुहूर्त, 04:43–05:18, शुभ
- रोग, अशुभ, 05:53–07:47
- उद्वेग, अशुभ, 07:47–09:42
- चर, सामान्य, 09:42–11:36
- लाभ, शुभ, 11:36–13:30
- अमृत, शुभ, 13:30–15:25
- काल, अशुभ, 15:25–17:19
- शुभ, 17:19–19:14
- रोग, अशुभ, 19:14–21:08
- काल, अशुभ, 21:08–22:14
- लाभ, शुभ, 22:14–23:19
- उद्वेग, अशुभ, 23:19–00:25 बुध
- शुभ, 00:25–01:31 बुध
- अमृत, शुभ, 01:31–02:36 बुध
- चर, सामान्य, 02:36–03:42 बुध
- रोग, अशुभ, 03:42–04:48 बुध
- काल, अशुभ, 04:48–05:53 बुध
- दुर्मुहूर्त, 08:56–09:57, अशुभ
- यमगण्ड, 09:42–11:36, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 13:00–14:01, शुभ
- गुलिक काल, 13:30–15:25, अशुभ
- राहु काल, 17:19–19:14, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 00:38–01:13 बुध, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:43–05:18 बुध
हर मान कैसे निकलता है
सोफिया में योगिनी एकादशी मंगल 2 जुलाई को क्यों है?
योगिनी एकादशी मंगल 2 जुलाई को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल मंगल 2 जुलाई को सूर्योदय पर है, 05:53: मंगल 2 जुलाई। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 07:56 सोम पर, उससे (04:17–05:53) पहले, समाप्त हुई।
मंगल 2 जुलाई को कौन सी तिथि है? कृष्ण एकादशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 311.8° आगे था: कृष्ण एकादशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 300°–312° छब्बीसवीं है, कृष्ण एकादशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:53। दशमी उससे पहले 07:56 सोम पर समाप्त हुई। एकादशी 06:12 को समाप्त होगी, जब बढ़त 312° होगी। बढ़त 22 जून की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
द्वादशी क्षय क्यों है?
द्वादशी एक सूर्योदय के बाद शुरू हुई और अगले से पहले समाप्त, इसलिए यहाँ कोई दिन द्वादशी नहीं होता।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। द्वादशी 06:12 को शुरू हुई और 04:40 बुध को समाप्त, 05:53 और 05:53 बुध के सूर्योदयों के बीच। मंगलवार को एकादशी है और बुधवार को त्रयोदशी: द्वादशी यहाँ क्षय तिथि है।
मंगल 2 जुलाई को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:43–05:18
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:43–05:18।
सोम 1 जुलाई की रात सूर्यास्त 21:08 सोम से सूर्योदय 05:53 तक थी, 8 घं 45 मि। इसे 35 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
मंगल 2 जुलाई को अभिजीत मुहूर्त कब है? 13:00–14:01
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 13:00–14:01।
मंगल 2 जुलाई को दुर्मुहूर्त कब है? 08:56–09:57
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:56–09:57, और रात के 15 में से सातवाँ, 00:38 बुध–01:13 बुध।
मंगल 2 जुलाई को दुर्मुहूर्त कब है? 00:38–01:13 बुध
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:56–09:57, और रात के 15 में से सातवाँ, 00:38 बुध–01:13 बुध।
यहाँ दिन, 05:53 से 21:08, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 1 घं 1 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 08:56–09:57 और 00:38 बुध–01:13 बुध।
मंगल 2 जुलाई का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
05:53–07:47 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 05:53 से 21:08, 1 घं 54 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 21:08 से 05:53 बुध, 1 घं 5 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
मंगल 2 जुलाई को राहुकाल कब है? 17:19–19:14
राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 17:19–19:14।
मंगल 2 जुलाई को यमगंड कब है? 09:42–11:36
यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:42–11:36।
मंगल 2 जुलाई को गुलिक काल कब है? 13:30–15:25
गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 13:30–15:25।
यहाँ दिन 05:53 से 21:08 तक है, 15 घं 15 मि। इसे 1 घं 54 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।
सूर्योदय और सूर्यास्त
मंगल 2 जुलाई को सूर्योदय कितने बजे है? 05:53
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:53, सूर्यास्त 21:08, 15 घं 15 मि का दिन।
मंगल 2 जुलाई को सूर्यास्त कितने बजे है? 21:08
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:53, सूर्यास्त 21:08, 15 घं 15 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 15 घं 15 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 8 घं 45 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 15 घं 15 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 8 घं 45 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
मंगल 2 जुलाई को कौन सा नक्षत्र है? कृत्तिका
सूर्योदय पर चंद्रमा 28.4° पर था: कृत्तिका, पद 1।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। कृत्तिका 26°40′–40°00′ तक है; चंद्रमा 26°40′ पर उसके पद 1 में आया। वह 02:10 बुध को निकलेगा, रोहिणी में।
मंगल 2 जुलाई को कौन सा योग है? धृति
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 104.9° थे: धृति।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 76.5° + 28.4° = 104.9°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 93°20′–106°40′ आठवाँ है, धृति। यह 08:46 को समाप्त होता है, फिर शूल।
मंगल 2 जुलाई को कौन सा करण है? बालव
सूर्योदय पर बढ़त 311.8° थी: एकादशी का दूसरा आधा, बालव।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए एकादशी का पहला आधा बव है और दूसरा बालव। बव 19:03 सोम पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 306° हुई; बालव 06:12 तक है।
मंगल 2 जुलाई को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार
यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 05:53, पर शुरू हुआ: मंगलवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:53 से 05:53 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।
मंगल 2 जुलाई को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? ज्येष्ठ
यह मास 6 जून की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य वृषभ में था: ज्येष्ठ।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: वृषभ से ज्येष्ठ। सूर्य 14 जून को, मास के भीतर, मिथुन में जाता है। अगली अमावस्या, 6 जुलाई, उसे मिथुन में पाती है और आषाढ़ शुरू करती है।
मंगल 2 जुलाई को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? आषाढ़
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष आषाढ़ का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 6 जुलाई की अमावस्या, सूर्य मिथुन में, आषाढ़ शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ आषाढ़ है, और अमान्त गणना में ज्येष्ठ।
मंगल 2 जुलाई को कौन सा संवत है? विक्रम 2081 · शक 1946
विक्रम संवत 2081 8 अप्रैल 2024 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 8 अप्रैल 2024, 21:20 सोम। तब से सूर्य तारों के बीच 81.3° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2081 गिनता है; शक संवत 1946।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
मंगल 2 जुलाई को चंद्रोदय कितने बजे है? 03:07 बुध
चंद्रमा यहाँ 03:07 बुध पर उदय होता है।
मंगल 2 जुलाई को चंद्रास्त कितने बजे है? 18:02
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 18:02 पर अस्त हुआ; वह फिर 03:07 बुध पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 18:02 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 03:07 बुध पर उदय होगा।