सोफिया, बुल्गारिया का पंचांग मंगल 1 अगस्त 2023
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय EEST में
व्रत
पूर्णिमा
पूर्णिमा मंगल 1 अगस्त को है: उस दिन सूर्योदय पर पूर्णिमा है। मंगल 1 अगस्त क्यों?
पूर्णिमा: सोफिया में हर तारीख़1 अगस्त का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, मंगल 1 अगस्त
- 05:02–05:40ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:17 से
-
07:55–09:11अमृत कालदुर्मुहूर्त छोड़कर · उत्तराषाढा में
- 11:44–13:32लाभ चौघड़िया
- 13:03–13:32अभिजीत मुहूर्तगुलिक काल छोड़कर
- 13:32–15:21अमृत चौघड़ियागुलिक काल में
- 17:10–18:59शुभ चौघड़ियाराहु काल में
- सूर्यास्त 20:47 के बाद
- 21:59–23:10लाभ चौघड़िया
- 00:21–00:36 बुधशुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 01:14–01:33 बुधशुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
-
01:24–02:48 बुधअमृत कालश्रवण में
- 01:33–02:44 बुधअमृत चौघड़िया
- 05:02–05:40 बुधअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:17–08:06रोगअशुभ
- 08:06–09:55उद्वेगअशुभ
- 09:55–11:44चरसामान्य
- 11:44–13:32लाभशुभ
- 13:32–15:21अमृतगुलिक काल में
- 15:21–17:10कालअशुभ
- 17:10–18:59शुभराहु काल में
- 18:59–20:47रोगअशुभ
रात का चौघड़िया
- 20:47–21:59कालअशुभ
- 21:59–23:10लाभशुभ
- 23:10–00:21 बुधउद्वेगअशुभ
- 00:21–01:33 बुधशुभ
- 01:33–02:44 बुधअमृतशुभ
- 02:44–03:56 बुधचरसामान्य
- 03:56–05:07 बुधरोगअशुभ
- 05:07–06:19 बुधकालअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, मंगल 1 अगस्त: ब्रह्म मुहूर्त, 05:02–05:40, शुभ
- रोग, अशुभ, 06:17–08:06
- उद्वेग, अशुभ, 08:06–09:55
- चर, सामान्य, 09:55–11:44
- लाभ, शुभ, 11:44–13:32
- अमृत, शुभ, 13:32–15:21
- काल, अशुभ, 15:21–17:10
- शुभ, 17:10–18:59
- रोग, अशुभ, 18:59–20:47
- काल, अशुभ, 20:47–21:59
- लाभ, शुभ, 21:59–23:10
- उद्वेग, अशुभ, 23:10–00:21 बुध
- शुभ, 00:21–01:33 बुध
- अमृत, शुभ, 01:33–02:44 बुध
- चर, सामान्य, 02:44–03:56 बुध
- रोग, अशुभ, 03:56–05:07 बुध
- काल, अशुभ, 05:07–06:19 बुध
- दुर्मुहूर्त, 09:11–10:09, अशुभ
- यमगण्ड, 09:55–11:44, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 13:03–14:01, शुभ
- गुलिक काल, 13:32–15:21, अशुभ
- राहु काल, 17:10–18:59, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 00:36–01:14 बुध, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:02–05:40 बुध
हर मान कैसे निकलता है
सोफिया में पूर्णिमा मंगल 1 अगस्त को क्यों है?
पूर्णिमा मंगल 1 अगस्त को है: उस दिन सूर्योदय पर पूर्णिमा है।
पूर्णिमा सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। पूर्णिमा मंगल 1 अगस्त को 01:22 से मंगल 1 अगस्त को 21:31 तक है, इसलिए वह केवल मंगल 1 अगस्त के सूर्योदय (06:17) पर है। पूर्णिमा का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।
मंगल 1 अगस्त को कौन सी तिथि है? शुक्ल पूर्णिमा
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 170.9° आगे था: शुक्ल पूर्णिमा।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 168°–180° पंद्रहवीं है, शुक्ल पूर्णिमा। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:17। चतुर्दशी उससे पहले 01:22 पर समाप्त हुई। पूर्णिमा 21:31 को समाप्त होगी, जब बढ़त 180° होगी। बढ़त 17 जुलाई की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
मंगल 1 अगस्त को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:02–05:40
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:02–05:40।
सोम 31 जुलाई की रात सूर्यास्त 20:48 सोम से सूर्योदय 06:17 तक थी, 9 घं 29 मि। इसे 37 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
मंगल 1 अगस्त को अभिजीत मुहूर्त कब है? 13:03–14:01
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 13:03–14:01।
मंगल 1 अगस्त को दुर्मुहूर्त कब है? 09:11–10:09
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 09:11–10:09, और रात के 15 में से सातवाँ, 00:36 बुध–01:14 बुध।
मंगल 1 अगस्त को दुर्मुहूर्त कब है? 00:36–01:14 बुध
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 09:11–10:09, और रात के 15 में से सातवाँ, 00:36 बुध–01:14 बुध।
यहाँ दिन, 06:17 से 20:47, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 58 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 09:11–10:09 और 00:36 बुध–01:14 बुध।
मंगल 1 अगस्त का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:17–08:06 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:17 से 20:47, 1 घं 48 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 20:47 से 06:19 बुध, 1 घं 11 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
मंगल 1 अगस्त को राहुकाल कब है? 17:10–18:59
राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 17:10–18:59।
मंगल 1 अगस्त को यमगंड कब है? 09:55–11:44
यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:55–11:44।
मंगल 1 अगस्त को गुलिक काल कब है? 13:32–15:21
गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 13:32–15:21।
यहाँ दिन 06:17 से 20:47 तक है, 14 घं 30 मि। इसे 1 घं 48 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।
सूर्योदय और सूर्यास्त
मंगल 1 अगस्त को सूर्योदय कितने बजे है? 06:17
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:17, सूर्यास्त 20:47, 14 घं 30 मि का दिन।
मंगल 1 अगस्त को सूर्यास्त कितने बजे है? 20:47
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:17, सूर्यास्त 20:47, 14 घं 30 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 30 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 32 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 30 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 32 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
मंगल 1 अगस्त को कौन सा नक्षत्र है? उत्तराषाढा
सूर्योदय पर चंद्रमा 275.4° पर था: उत्तराषाढा, पद 3।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। उत्तराषाढा 266°40′–280°00′ तक है; चंद्रमा 273°20′ पर उसके पद 3 में आया। वह 13:33 को निकलेगा, श्रवण में।
मंगल 1 अगस्त को कौन सा योग है? प्रीति
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 379.9° थे, एक चक्कर और 19.9°: प्रीति।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 104.5° + 275.4° = 379.9°, एक पूरा चक्कर और 19.9°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 13°20′–26°40′ दूसरा है, प्रीति। यह 16:22 को समाप्त होता है, फिर आयुष्मान्।
मंगल 1 अगस्त को कौन सा करण है? विष्टि
सूर्योदय पर बढ़त 170.9° थी: पूर्णिमा का पहला आधा, विष्टि।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए पूर्णिमा का पहला आधा विष्टि है और दूसरा बव। विष्टि 11:28 तक है, जब बढ़त 174° होगी; बव 21:31 तक।
मंगल 1 अगस्त को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार
यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 06:17, पर शुरू हुआ: मंगलवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:17 से 06:19 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।
मंगल 1 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? श्रावण (अधिक)
17 जुलाई और 16 अगस्त की अमावस्याओं के बीच कोई संक्रांति नहीं: अधिक श्रावण।
सामान्यतः एक मास में एक संक्रांति होती है, सूर्य का नई राशि में प्रवेश। 17 जुलाई 21:31 सोम से 16 अगस्त 12:38 बुध तक सूर्य कर्क में रहा; सिंह में वह अमावस्या के बाद 17 अगस्त 11:02 गुरु को गया। बिना संक्रांति का मास अधिक श्रावण है, जो श्रावण से पहले आता है।
मंगल 1 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? श्रावण (अधिक)
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष श्रावण (अधिक) का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 17 जुलाई की अमावस्या ने, सूर्य कर्क में, श्रावण (अधिक) शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में श्रावण (अधिक) है।
मंगल 1 अगस्त को कौन सा संवत है? विक्रम 2080 · शक 1945
विक्रम संवत 2080 21 मार्च 2023 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 21 मार्च 2023, 19:23 मंगल। तब से सूर्य तारों के बीच 127.9° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2080 गिनता है; शक संवत 1945।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
मंगल 1 अगस्त को चंद्रोदय कितने बजे है? 21:10
चंद्रमा यहाँ 21:10 पर उदय होता है।
चंद्रमा 21:10 पर, रात में, उदय होता है और अगले सूर्योदय से पहले अस्त नहीं होता।
चंद्रमा इस सूर्योदय और अगले के बीच अस्त नहीं होता।