सोफिया, बुल्गारिया का पंचांग मंगल 4 अप्रैल 2023
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय EEST में
4 अप्रैल का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, मंगल 4 अप्रैल
- 05:35–06:20ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 07:04 से
- 11:53–13:30लाभ चौघड़िया
- 13:04–13:30अभिजीत मुहूर्तगुलिक काल छोड़कर
- 13:30–15:06अमृत चौघड़ियागुलिक काल में
- 16:43–18:19शुभ चौघड़ियाराहु काल में
- सूर्यास्त 19:55 के बाद
- 21:19–22:42लाभ चौघड़िया
- 00:06–00:22 बुधशुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 01:07–01:29 बुधशुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
-
01:08–02:52 बुधअमृत कालउत्तराफाल्गुनी में
- 01:29–02:52 बुधअमृत चौघड़िया
- 05:34–06:18 बुधअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 07:04–08:41रोगअशुभ
- 08:41–10:17उद्वेगअशुभ
- 10:17–11:53चरसामान्य
- 11:53–13:30लाभशुभ
- 13:30–15:06अमृतगुलिक काल में
- 15:06–16:43कालअशुभ
- 16:43–18:19शुभराहु काल में
- 18:19–19:55रोगअशुभ
रात का चौघड़िया
- 19:55–21:19कालअशुभ
- 21:19–22:42लाभशुभ
- 22:42–00:06 बुधउद्वेगअशुभ
- 00:06–01:29 बुधशुभ
- 01:29–02:52 बुधअमृतशुभ
- 02:52–04:16 बुधचरसामान्य
- 04:16–05:39 बुधरोगअशुभ
- 05:39–07:02 बुधकालअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, मंगल 4 अप्रैल: ब्रह्म मुहूर्त, 05:35–06:20, शुभ
- रोग, अशुभ, 07:04–08:41
- उद्वेग, अशुभ, 08:41–10:17
- चर, सामान्य, 10:17–11:53
- लाभ, शुभ, 11:53–13:30
- अमृत, शुभ, 13:30–15:06
- काल, अशुभ, 15:06–16:43
- शुभ, 16:43–18:19
- रोग, अशुभ, 18:19–19:55
- काल, अशुभ, 19:55–21:19
- लाभ, शुभ, 21:19–22:42
- उद्वेग, अशुभ, 22:42–00:06 बुध
- शुभ, 00:06–01:29 बुध
- अमृत, शुभ, 01:29–02:52 बुध
- चर, सामान्य, 02:52–04:16 बुध
- रोग, अशुभ, 04:16–05:39 बुध
- काल, अशुभ, 05:39–07:02 बुध
- दुर्मुहूर्त, 09:38–10:30, अशुभ
- यमगण्ड, 10:17–11:53, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 13:04–13:55, शुभ
- गुलिक काल, 13:30–15:06, अशुभ
- राहु काल, 16:43–18:19, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 00:22–01:07 बुध, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:34–06:18 बुध
हर मान कैसे निकलता है
मंगल 4 अप्रैल को कौन सी तिथि है? शुक्ल चतुर्दशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 156.7° आगे था: शुक्ल चतुर्दशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 156°–168° चौदहवीं है, शुक्ल चतुर्दशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 07:04। त्रयोदशी उससे पहले 05:35 पर समाप्त हुई। चतुर्दशी 06:49 बुध को समाप्त होगी, जब बढ़त 168° होगी। बढ़त 21 मार्च की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
नई दिल्ली में त्रयोदशी क्यों है?
नई दिल्ली में त्रयोदशी है, सोफिया में चतुर्दशी।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।
नई दिल्ली · IST
यहाँ सूर्योदय, 06:08, त्रयोदशी की समाप्ति 08:05 से पहले हुआ: यह दिन त्रयोदशी है।
सोफिया · UTC+3
यहाँ सूर्योदय, 07:04, त्रयोदशी की समाप्ति 05:35 के बाद हुआ: यह दिन चतुर्दशी है।
मंगल 4 अप्रैल को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:35–06:20
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:35–06:20।
सोम 3 अप्रैल की रात सूर्यास्त 19:54 सोम से सूर्योदय 07:04 तक थी, 11 घं 10 मि। इसे 44 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
मंगल 4 अप्रैल को अभिजीत मुहूर्त कब है? 13:04–13:55
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 13:04–13:55।
मंगल 4 अप्रैल को दुर्मुहूर्त कब है? 09:38–10:30
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 09:38–10:30, और रात के 15 में से सातवाँ, 00:22 बुध–01:07 बुध।
मंगल 4 अप्रैल को दुर्मुहूर्त कब है? 00:22–01:07 बुध
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 09:38–10:30, और रात के 15 में से सातवाँ, 00:22 बुध–01:07 बुध।
यहाँ दिन, 07:04 से 19:55, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 51 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 09:38–10:30 और 00:22 बुध–01:07 बुध।
मंगल 4 अप्रैल का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
07:04–08:41 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 07:04 से 19:55, 1 घं 36 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 19:55 से 07:02 बुध, 1 घं 23 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
मंगल 4 अप्रैल को राहुकाल कब है? 16:43–18:19
राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 16:43–18:19।
मंगल 4 अप्रैल को यमगंड कब है? 10:17–11:53
यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 10:17–11:53।
मंगल 4 अप्रैल को गुलिक काल कब है? 13:30–15:06
गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 13:30–15:06।
यहाँ दिन 07:04 से 19:55 तक है, 12 घं 51 मि। इसे 1 घं 36 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।
सूर्योदय और सूर्यास्त
मंगल 4 अप्रैल को सूर्योदय कितने बजे है? 07:04
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:04, सूर्यास्त 19:55, 12 घं 51 मि का दिन।
मंगल 4 अप्रैल को सूर्यास्त कितने बजे है? 19:55
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:04, सूर्यास्त 19:55, 12 घं 51 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 51 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 7 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 51 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 7 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
मंगल 4 अप्रैल को कौन सा नक्षत्र है? पूर्वाफाल्गुनी
सूर्योदय पर चंद्रमा 146.6° पर था: पूर्वाफाल्गुनी, पद 4।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। पूर्वाफाल्गुनी 133°20′–146°40′ तक है; चंद्रमा 143°20′ पर उसके पद 4 में आया। वह 07:06 को निकलेगा, उत्तराफाल्गुनी में।
मंगल 4 अप्रैल को कौन सा योग है? वृद्धि
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 496.6° थे, एक चक्कर और 136.6°: वृद्धि।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 350° + 146.6° = 496.6°, एक पूरा चक्कर और 136.6°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 133°20′–146°40′ ग्यारहवाँ है, वृद्धि। यह 01:08 बुध को समाप्त होता है, फिर ध्रुव।
मंगल 4 अप्रैल को कौन सा करण है? गर
सूर्योदय पर बढ़त 156.7° थी: चतुर्दशी का पहला आधा, गर।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए चतुर्दशी का पहला आधा गर है और दूसरा वणिज। गर 18:16 तक है, जब बढ़त 162° होगी; वणिज 06:49 बुध तक।
मंगल 4 अप्रैल को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार
यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 07:04, पर शुरू हुआ: मंगलवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 07:04 से 07:02 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।
मंगल 4 अप्रैल को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? चैत्र
यह मास 21 मार्च की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मीन में था: चैत्र।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मीन से चैत्र। सूर्य 14 अप्रैल को, मास के भीतर, मेष में जाता है। अगली अमावस्या, 20 अप्रैल, उसे मेष में पाती है और वैशाख शुरू करती है।
मंगल 4 अप्रैल को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? चैत्र
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष चैत्र का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 21 मार्च की अमावस्या ने, सूर्य मीन में, चैत्र शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में चैत्र है।
मंगल 4 अप्रैल को कौन सा संवत है? विक्रम 2080 · शक 1945
विक्रम संवत 2080 21 मार्च 2023 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 21 मार्च 2023, 19:23 मंगल। तब से सूर्य तारों के बीच 13.4° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2080 गिनता है; शक संवत 1945।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
मंगल 4 अप्रैल को चंद्रोदय कितने बजे है? 18:13
चंद्रमा यहाँ 18:13 पर उदय होता है।
मंगल 4 अप्रैल को चंद्रास्त कितने बजे है? 06:53 बुध
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 18:13 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 06:53 बुध पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 18:13 पर उदय हुआ; वह फिर 06:53 बुध पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।