tithika
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सोफिया, बुल्गारिया का पंचांग शनि 22 सितंबर 2018

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय EEST में

त्रयोदशी

शुक्ल पक्ष · 03:13 रवि तक

फिर चतुर्दशी · 04:48 सोम तक

व्रत

प्रदोष व्रत

प्रदोष पूजा मुहूर्त
19:24⁠–⁠21:46
प्रदोष काल 19:24⁠–⁠21:46

प्रदोष व्रत शनि 22 सितंबर को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं। शनि 22 सितंबर क्यों?

प्रदोष व्रत: सोफिया में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

05:39 07:13 19:24अगला सूर्योदय 07:14 रवि

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 07:13–08:45कालअशुभ
  • 08:45–10:16शुभ
  • 10:16–11:47रोगअशुभ
  • 11:47–13:19उद्वेगअशुभ
  • 13:19–14:50चरसामान्य
  • 14:50–16:21लाभयमगण्ड में
  • 16:21–17:53अमृतशुभ
  • 17:53–19:24कालअशुभ

रात का चौघड़िया

  • 19:24–20:53लाभशुभ
  • 20:53–22:22उद्वेगअशुभ
  • 22:22–23:50शुभ
  • 23:50–01:19 रविअमृतशुभ
  • 01:19–02:48 रविचरसामान्य
  • 02:48–04:17 रविरोगअशुभ
  • 04:17–05:46 रविकालअशुभ
  • 05:46–07:14 रविलाभशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, शनि 22 सितंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 05:39–06:26, शुभ
  • काल, अशुभ, 07:13–08:45
  • शुभ, 08:45–10:16
  • रोग, अशुभ, 10:16–11:47
  • उद्वेग, अशुभ, 11:47–13:19
  • चर, सामान्य, 13:19–14:50
  • लाभ, शुभ, 14:50–16:21
  • अमृत, शुभ, 16:21–17:53
  • काल, अशुभ, 17:53–19:24
  • लाभ, शुभ, 19:24–20:53
  • उद्वेग, अशुभ, 20:53–22:22
  • शुभ, 22:22–23:50
  • अमृत, शुभ, 23:50–01:19 रवि
  • चर, सामान्य, 01:19–02:48 रवि
  • रोग, अशुभ, 02:48–04:17 रवि
  • काल, अशुभ, 04:17–05:46 रवि
  • लाभ, शुभ, 05:46–07:14 रवि
  • गुलिक काल, 07:13–08:45, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 07:13–08:02, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 08:02–08:51, अशुभ
  • राहु काल, 10:16–11:47, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 12:54–13:43, शुभ
  • यमगण्ड, 14:50–16:21, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:40–06:27 रवि

हर मान कैसे निकलता है

सोफिया में प्रदोष व्रत शनि 22 सितंबर को क्यों है?

प्रदोष व्रत शनि 22 सितंबर को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं।

द्वादशी 18:00 19:00 20:00 21:00 22:00 23:00 शुक्र 21 सितंबर प्रदोष काल 19:26–21:47
द्वादशी 18:00 20:00 22:00 शुक्र 21 सितंबर प्रदोष काल 19:26–21:47
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+3)। पट्टी: तिथि। खाना: प्रदोष काल। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

प्रदोष की शिव पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। त्रयोदशी शनि 22 सितंबर को 01:11 से रवि 23 सितंबर को 03:13 तक है, इसलिए केवल शनिवार का प्रदोष काल (19:24–21:46) उसके भीतर है। प्रदोष व्रत का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रदोष काल Tithika की परिपाटी है।

प्रदोष व्रत: सोफिया में हर तारीख़

शनि 22 सितंबर को कौन सी तिथि है? शुक्ल त्रयोदशी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 146.8° आगे था: शुक्ल त्रयोदशी।

सूर्य अमावस्या 0° 146.8° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण त्रयोदशी 144°–156° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 146.8° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण त्रयोदशी 144°–156° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 144°–156° तेरहवीं है, शुक्ल त्रयोदशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 07:13। द्वादशी उससे पहले 01:11 पर समाप्त हुई। त्रयोदशी 03:13 रवि को समाप्त होगी, जब बढ़त 156° होगी। बढ़त 9 सितंबर की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

शनि 22 सितंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:39–06:26

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:39–06:26।

सूर्यास्त 19:26 शुक्र सूर्योदय 07:13 शनि समय, ऊँचाई नहीं शुक्र 21 सितंबर का दिन 14 1
सूर्यास्त 19:26 शुक्र सूर्योदय 07:13 शनि समय, ऊँचाई नहीं शुक्र 21 सितंबर का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · शुक्रवार का दिन धुँधला

शुक्र 21 सितंबर की रात सूर्यास्त 19:26 शुक्र से सूर्योदय 07:13 तक थी, 11 घं 47 मि। इसे 47 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

शनि 22 सितंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:54–13:43

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:54–13:43।

शनि 22 सितंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 07:13–08:02

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 07:13–08:02 और 08:02–08:51।

शनि 22 सितंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 08:02–08:51

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 07:13–08:02 और 08:02–08:51।

सूर्योदय 07:13 सूर्यास्त 19:24 सूर्योदय 07:14 रवि समय, ऊँचाई नहीं 8 1 2
सूर्योदय 07:13 सूर्यास्त 19:24 सूर्योदय 07:14 रवि समय, ऊँचाई नहीं 8 1 2
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 1, 2

यहाँ दिन, 07:13 से 19:24, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 48 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शनिवार को दुर्मुहूर्त पहला और दूसरा है, 07:13–08:02 और 08:02–08:51।

शनि 22 सितंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

07:13–08:45 काल है, जिसके स्वामी शनि हैं, शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।

सूर्योदय 07:13 सूर्यास्त 19:24 सूर्योदय 07:14 रवि समय, ऊँचाई नहीं काल
सूर्योदय 07:13 सूर्यास्त 19:24 सूर्योदय 07:14 रवि समय, ऊँचाई नहीं काल
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 07:13 से 19:24, 1 घं 31 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 19:24 से 07:14 रवि, 1 घं 28 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

शनि 22 सितंबर को राहुकाल कब है? 10:16–11:47

राहु काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 10:16–11:47।

शनि 22 सितंबर को यमगंड कब है? 14:50–16:21

यमगण्ड शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 14:50–16:21।

शनि 22 सितंबर को गुलिक काल कब है? 07:13–08:45

गुलिक काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 07:13–08:45।

सूर्योदय 07:13 सूर्यास्त 19:24 सूर्योदय 07:14 रवि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 07:13 सूर्यास्त 19:24 सूर्योदय 07:14 रवि समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: गुलिक काल 1, यमगण्ड 6

यहाँ दिन 07:13 से 19:24 तक है, 12 घं 11 मि। इसे 1 घं 31 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शनिवार को राहु काल तीसरा भाग है, यमगण्ड छठा और गुलिक काल पहला।

सूर्योदय और सूर्यास्त

शनि 22 सितंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 07:13

यहाँ दिन: सूर्योदय 07:13, सूर्यास्त 19:24, 12 घं 11 मि का दिन।

शनि 22 सितंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 19:24

यहाँ दिन: सूर्योदय 07:13, सूर्यास्त 19:24, 12 घं 11 मि का दिन।

सूर्योदय 07:13 सूर्यास्त 19:24 सूर्योदय 07:14 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 05:14 रवि चंद्रोदय 18:28
सूर्योदय 07:13 सूर्यास्त 19:24 सूर्योदय 07:14 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 05:14 रवि चंद्रोदय 18:28
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 11 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 50 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 11 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 50 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

शनि 22 सितंबर को कौन सा नक्षत्र है? धनिष्ठा

सूर्योदय पर चंद्रमा 301.8° पर था: धनिष्ठा, पद 3।

चंद्रमा सूर्य 0° धनिष्ठा चंद्रमा 301.8° अगला: शतभिषा पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° धनिष्ठा चंद्रमा 301.8° अगला: शतभिषा पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। धनिष्ठा 293°20′–306°40′ तक है; चंद्रमा 300° पर उसके पद 3 में आया। वह 17:00 को निकलेगा, शतभिषा में।

शनि 22 सितंबर को कौन सा योग है? धृति

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 456.8° थे, एक चक्कर और 96.8°: धृति।

सूर्य 155.0° + चंद्रमा 301.8° = 456.8° एक चक्कर + 96.8° धृति 93°20′–106°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 155.0° + चंद्रमा 301.8° = 456.8° एक चक्कर + 96.8° धृति 93°20′–106°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 155° + 301.8° = 456.8°, एक पूरा चक्कर और 96.8°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 93°20′–106°40′ आठवाँ है, धृति। यह 01:27 रवि को समाप्त होता है, फिर शूल।

शनि 22 सितंबर को कौन सा करण है? कौलव

सूर्योदय पर बढ़त 146.8° थी: त्रयोदशी का पहला आधा, कौलव।

सूर्य अमावस्या 0° 146.8° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण त्रयोदशी 144°–156° कौलव 144°–150° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 146.8° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण त्रयोदशी 144°–156° कौलव 144°–150° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए त्रयोदशी का पहला आधा कौलव है और दूसरा तैतिल। कौलव 14:15 तक है, जब बढ़त 150° होगी; तैतिल 03:13 रवि तक।

शनि 22 सितंबर को कौन सा वार है, और कब से? शनिवार

यह दिन शनिवार को सूर्योदय, 07:13, पर शुरू हुआ: शनिवार।

शनिवार सूर्योदय 07:13 सूर्यास्त 19:24 सूर्योदय 07:14 रवि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 रवि अब भी शनिवार
शनिवार सूर्योदय 07:13 सूर्यास्त 19:24 सूर्योदय 07:14 रवि समय, ऊँचाई नहीं 00:00 रवि अब भी शनिवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 07:13 से 07:14 रवि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शनिवार के हैं।

शनि 22 सितंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? भाद्रपद

यह मास 9 सितंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य सिंह में था: भाद्रपद।

1 2 3 4 सिंह कन्या 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
1 2 3 4 सिंह कन्या 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: सिंह से भाद्रपद। सूर्य 17 सितंबर को, मास के भीतर, कन्या में जाता है। अगली अमावस्या, 9 अक्टूबर, उसे कन्या में पाती है और आश्विन शुरू करती है।

शनि 22 सितंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? भाद्रपद

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष भाद्रपद का है।

अमान्त भाद्रपद पूर्णिमान्त भाद्रपद कृष्ण शुक्ल शनि 22 सितंबर पूर्णिमा 26 अग॰ अमावस्या 9 सित॰ पूर्णिमा 25 सित॰ अमावस्या 9 अक्टू॰
अमान्त भाद्रपद पूर्णिमान्त भाद्रपद कृष्ण शुक्ल शनि 22 सितंबर पूर्णिमा 26 अग॰ अमावस्या 9 सित॰ पूर्णिमा 25 सित॰ अमावस्या 9 अक्टू॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 9 सितंबर की अमावस्या ने, सूर्य सिंह में, भाद्रपद शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में भाद्रपद है।

शनि 22 सितंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2075 · शक 1940

विक्रम संवत 2075 17 मार्च 2018 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 17 मार्च 2018 15:11 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शनि 22 सितंबर सूर्य 155.0° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 17 मार्च 2018 15:11 · सूर्य मीन में सूर्योदय, शनि 22 सितंबर सूर्य 155.0° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 17 मार्च 2018, 15:11 शनि। तब से सूर्य तारों के बीच 182.2° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2075 गिनता है; शक संवत 1940।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

शनि 22 सितंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 18:28

चंद्रमा यहाँ 18:28 पर उदय होता है।

शनि 22 सितंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 05:14 रवि

सूर्योदय 07:13 सूर्यास्त 19:24 सूर्योदय 07:14 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 05:14 रवि चंद्रोदय 18:28
सूर्योदय 07:13 सूर्यास्त 19:24 सूर्योदय 07:14 रवि समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 05:14 रवि चंद्रोदय 18:28
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 18:28 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 05:14 रवि पर अस्त होगा।

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 18:28 पर उदय हुआ; वह फिर 05:14 रवि पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।