सोफिया, बुल्गारिया का पंचांग रवि 23 जुलाई 2017
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय EEST में
व्रत
अमावस्या
अमावस्या रवि 23 जुलाई को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है। रवि 23 जुलाई क्यों?
अमावस्या: सोफिया में हर तारीख़23 जुलाई का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, रवि 23 जुलाई
- 04:55–05:32ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:09 से
- 09:51–11:42लाभ चौघड़िया
- 11:42–13:33अमृत चौघड़िया
- 13:03–13:33अभिजीत मुहूर्तयमगण्ड छोड़कर
- 15:23–17:14शुभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 20:56 के बाद
- 20:56–22:05शुभ चौघड़िया
- 22:05–23:15अमृत चौघड़िया
-
23:23–00:51 सोमअमृत कालपुष्य में
- 02:42–03:51 सोमलाभ चौघड़िया
- 05:01–06:10 सोमशुभ चौघड़िया
- 04:56–05:33 सोमअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:09–08:00उद्वेगअशुभ
- 08:00–09:51चरसामान्य
- 09:51–11:42लाभशुभ
- 11:42–13:33अमृतशुभ
- 13:33–15:23कालअशुभ
- 15:23–17:14शुभ
- 17:14–19:05रोगअशुभ
- 19:05–20:56उद्वेगअशुभ
रात का चौघड़िया
- 20:56–22:05शुभ
- 22:05–23:15अमृतशुभ
- 23:15–00:24 सोमचरसामान्य
- 00:24–01:33 सोमरोगअशुभ
- 01:33–02:42 सोमकालअशुभ
- 02:42–03:51 सोमलाभशुभ
- 03:51–05:01 सोमउद्वेगअशुभ
- 05:01–06:10 सोमशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, रवि 23 जुलाई: ब्रह्म मुहूर्त, 04:55–05:32, शुभ
- उद्वेग, अशुभ, 06:09–08:00
- चर, सामान्य, 08:00–09:51
- लाभ, शुभ, 09:51–11:42
- अमृत, शुभ, 11:42–13:33
- काल, अशुभ, 13:33–15:23
- शुभ, 15:23–17:14
- रोग, अशुभ, 17:14–19:05
- उद्वेग, अशुभ, 19:05–20:56
- शुभ, 20:56–22:05
- अमृत, शुभ, 22:05–23:15
- चर, सामान्य, 23:15–00:24 सोम
- रोग, अशुभ, 00:24–01:33 सोम
- काल, अशुभ, 01:33–02:42 सोम
- लाभ, शुभ, 02:42–03:51 सोम
- उद्वेग, अशुभ, 03:51–05:01 सोम
- शुभ, 05:01–06:10 सोम
- अभिजीत मुहूर्त, 13:03–14:02, शुभ
- यमगण्ड, 13:33–15:23, अशुभ
- गुलिक काल, 17:14–19:05, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 18:58–19:57, अशुभ
- राहु काल, 19:05–20:56, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:56–05:33 सोम
हर मान कैसे निकलता है
सोफिया में अमावस्या रवि 23 जुलाई को क्यों है?
अमावस्या रवि 23 जुलाई को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है।
अमावस्या सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। अमावस्या शनि 22 जुलाई को 15:57 से रवि 23 जुलाई को 12:45 तक है, इसलिए वह केवल रवि 23 जुलाई के सूर्योदय (06:09) पर है। अमावस्या का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।
रवि 23 जुलाई को कौन सी तिथि है? कृष्ण अमावस्या
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 356.2° आगे था: कृष्ण अमावस्या।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 348°–360° तीसवीं है, कृष्ण अमावस्या। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:09। चतुर्दशी उससे पहले 15:57 शनि पर समाप्त हुई। अमावस्या 12:45 को समाप्त होगी, जब बढ़त 360° होगी। बढ़त 9 जुलाई की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
रवि 23 जुलाई को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:55–05:32
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:55–05:32।
शनि 22 जुलाई की रात सूर्यास्त 20:57 शनि से सूर्योदय 06:09 तक थी, 9 घं 12 मि। इसे 36 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
रवि 23 जुलाई को अभिजीत मुहूर्त कब है? 13:03–14:02
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 13:03–14:02।
रवि 23 जुलाई को दुर्मुहूर्त कब है? 18:58–19:57
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 18:58–19:57।
यहाँ दिन, 06:09 से 20:56, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 59 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। रविवार को दुर्मुहूर्त चौदहवाँ है, 18:58–19:57।
रवि 23 जुलाई का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:09–08:00 उद्वेग है, जिसके स्वामी सूर्य हैं, रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:09 से 20:56, 1 घं 50 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 20:56 से 06:10 सोम, 1 घं 9 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
रवि 23 जुलाई को राहुकाल कब है? 19:05–20:56
राहु काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से आठवाँ है: 19:05–20:56।
रवि 23 जुलाई को यमगंड कब है? 13:33–15:23
यमगण्ड रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 13:33–15:23।
रवि 23 जुलाई को गुलिक काल कब है? 17:14–19:05
गुलिक काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 17:14–19:05।
यहाँ दिन 06:09 से 20:56 तक है, 14 घं 47 मि। इसे 1 घं 50 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: रविवार को राहु काल आठवाँ भाग है, यमगण्ड पाँचवाँ और गुलिक काल सातवाँ।
सूर्योदय और सूर्यास्त
रवि 23 जुलाई को सूर्योदय कितने बजे है? 06:09
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:09, सूर्यास्त 20:56, 14 घं 47 मि का दिन।
रवि 23 जुलाई को सूर्यास्त कितने बजे है? 20:56
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:09, सूर्यास्त 20:56, 14 घं 47 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 47 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 14 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 47 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 14 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
रवि 23 जुलाई को कौन सा नक्षत्र है? पुनर्वसु
सूर्योदय पर चंद्रमा 92.6° पर था: पुनर्वसु, पद 4।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। पुनर्वसु 80°00′–93°20′ तक है; चंद्रमा 90° पर उसके पद 4 में आया। वह 07:22 को निकलेगा, पुष्य में।
रवि 23 जुलाई को कौन सा योग है? वज्र
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 189° थे: वज्र।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 96.4° + 92.6° = 189°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 186°40′–200°00′ पंद्रहवाँ है, वज्र। यह 23:06 को समाप्त होता है, फिर सिद्धि।
रवि 23 जुलाई को कौन सा करण है? नाग
सूर्योदय पर बढ़त 356.2° थी: अमावस्या का दूसरा आधा, नाग।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए अमावस्या का पहला आधा चतुष्पाद है और दूसरा नाग। चतुष्पाद 02:19 पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 354° हुई; नाग 12:45 तक है।
रवि 23 जुलाई को कौन सा वार है, और कब से? रविवार
यह दिन रविवार को सूर्योदय, 06:09, पर शुरू हुआ: रविवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:09 से 06:10 सोम तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी रविवार के हैं।
रवि 23 जुलाई को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? आषाढ़
यह मास 24 जून की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मिथुन में था: आषाढ़।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मिथुन से आषाढ़। सूर्य 16 जुलाई को, मास के भीतर, कर्क में जाता है। अगली अमावस्या, 23 जुलाई, उसे कर्क में पाती है और श्रावण शुरू करती है।
रवि 23 जुलाई को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? श्रावण
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष श्रावण का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 23 जुलाई की अमावस्या, सूर्य कर्क में, श्रावण शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ श्रावण है, और अमान्त गणना में आषाढ़।
रवि 23 जुलाई को कौन सा संवत है? विक्रम 2074 · शक 1939
विक्रम संवत 2074 28 मार्च 2017 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 28 मार्च 2017, 05:57 मंगल। तब से सूर्य तारों के बीच 112.9° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2074 गिनता है; शक संवत 1939।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
रवि 23 जुलाई को चंद्रास्त कितने बजे है? 20:56
चंद्रमा यहाँ 20:56 पर अस्त होता है।
चंद्रमा इस सूर्योदय और अगले के बीच उदय नहीं होता।
चंद्रमा 20:56 पर, दिन में, अस्त होता है और अगले सूर्योदय से पहले उदय नहीं होता।