सोफिया, बुल्गारिया का पंचांग सोम 23 मई 2016
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय EEST में
23 मई का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, सोम 23 मई
- 04:44–05:20ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 05:57 से
- 05:57–07:48अमृत चौघड़िया
- 09:40–11:32शुभ चौघड़िया
- 11:33–13:18अमृत कालज्येष्ठा मेंयमगण्ड में
- 13:23–13:53अभिजीत मुहूर्तयमगण्ड छोड़कर
- 17:51–18:58लाभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 18:58–20:50अमृत चौघड़िया
- सूर्यास्त 20:50 के बाद
- 00:15–01:23 मंगललाभ चौघड़िया
- 02:31–03:39 मंगलशुभ चौघड़िया
- 03:39–04:48 मंगलअमृत चौघड़िया
- 04:43–05:19 मंगलअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 05:57–07:48अमृतशुभ
- 07:48–09:40कालअशुभ
- 09:40–11:32शुभ
- 11:32–13:23रोगअशुभ
- 13:23–15:15उद्वेगअशुभ
- 15:15–17:07चरसामान्य
- 17:07–18:58लाभशुभ
- 18:58–20:50अमृतशुभ
रात का चौघड़िया
- 20:50–21:58चरसामान्य
- 21:58–23:07रोगअशुभ
- 23:07–00:15 मंगलकालअशुभ
- 00:15–01:23 मंगललाभशुभ
- 01:23–02:31 मंगलउद्वेगअशुभ
- 02:31–03:39 मंगलशुभ
- 03:39–04:48 मंगलअमृतशुभ
- 04:48–05:56 मंगलचरसामान्य
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, सोम 23 मई: ब्रह्म मुहूर्त, 04:44–05:20, शुभ
- अमृत, शुभ, 05:57–07:48
- काल, अशुभ, 07:48–09:40
- शुभ, 09:40–11:32
- रोग, अशुभ, 11:32–13:23
- उद्वेग, अशुभ, 13:23–15:15
- चर, सामान्य, 15:15–17:07
- लाभ, शुभ, 17:07–18:58
- अमृत, शुभ, 18:58–20:50
- चर, सामान्य, 20:50–21:58
- रोग, अशुभ, 21:58–23:07
- काल, अशुभ, 23:07–00:15 मंगल
- लाभ, शुभ, 00:15–01:23 मंगल
- उद्वेग, अशुभ, 01:23–02:31 मंगल
- शुभ, 02:31–03:39 मंगल
- अमृत, शुभ, 03:39–04:48 मंगल
- चर, सामान्य, 04:48–05:56 मंगल
- राहु काल, 07:48–09:40, अशुभ
- यमगण्ड, 11:32–13:23, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 12:54–13:53, शुभ
- दुर्मुहूर्त, 13:53–14:53, अशुभ
- गुलिक काल, 15:15–17:07, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 16:52–17:51, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:43–05:19 मंगल
हर मान कैसे निकलता है
सोम 23 मई को कौन सी तिथि है? कृष्ण द्वितीया
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 193.9° आगे था: कृष्ण द्वितीया।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 192°–204° सत्रहवीं है, कृष्ण द्वितीया। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:57। प्रतिपदा उससे पहले 01:56 पर समाप्त हुई। द्वितीया 03:17 मंगल को समाप्त होगी, जब बढ़त 204° होगी। बढ़त 22 मई की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
सोम 23 मई को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:44–05:20
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:44–05:20।
रवि 22 मई की रात सूर्यास्त 20:49 रवि से सूर्योदय 05:57 तक थी, 9 घं 8 मि। इसे 36 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
सोम 23 मई को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:54–13:53
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:54–13:53।
सोम 23 मई को दुर्मुहूर्त कब है? 13:53–14:53
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 13:53–14:53 और 16:52–17:51।
सोम 23 मई को दुर्मुहूर्त कब है? 16:52–17:51
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 13:53–14:53 और 16:52–17:51।
यहाँ दिन, 05:57 से 20:50, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 59 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। सोमवार को दुर्मुहूर्त नौवाँ और बारहवाँ है, 13:53–14:53 और 16:52–17:51।
सोम 23 मई का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
05:57–07:48 अमृत है, जिसके स्वामी चंद्र हैं, सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 05:57 से 20:50, 1 घं 51 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 20:50 से 05:56 मंगल, 1 घं 8 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
सोम 23 मई को राहुकाल कब है? 07:48–09:40
राहु काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:48–09:40।
सोम 23 मई को यमगंड कब है? 11:32–13:23
यमगण्ड सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 11:32–13:23।
सोम 23 मई को गुलिक काल कब है? 15:15–17:07
गुलिक काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 15:15–17:07।
यहाँ दिन 05:57 से 20:50 तक है, 14 घं 53 मि। इसे 1 घं 51 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: सोमवार को राहु काल दूसरा भाग है, यमगण्ड चौथा और गुलिक काल छठा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
सोम 23 मई को सूर्योदय कितने बजे है? 05:57
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:57, सूर्यास्त 20:50, 14 घं 53 मि का दिन।
सोम 23 मई को सूर्यास्त कितने बजे है? 20:50
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:57, सूर्यास्त 20:50, 14 घं 53 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 53 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 6 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 14 घं 53 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 9 घं 6 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सोम 23 मई को कौन सा नक्षत्र है? ज्येष्ठा
सूर्योदय पर चंद्रमा 232.2° पर था: ज्येष्ठा, पद 2।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। ज्येष्ठा 226°40′–240°00′ तक है; चंद्रमा 230° पर उसके पद 2 में आया। वह 21:07 को निकलेगा, मूल में।
सोम 23 मई को कौन सा योग है? सिद्ध
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 270.5° थे: सिद्ध।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 38.3° + 232.2° = 270.5°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 266°40′–280°00′ इक्कीसवाँ है, सिद्ध। यह 23:01 को समाप्त होता है, फिर साध्य।
सोम 23 मई को कौन सा करण है? तैतिल
सूर्योदय पर बढ़त 193.9° थी: द्वितीया का पहला आधा, तैतिल।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए द्वितीया का पहला आधा तैतिल है और दूसरा गर। तैतिल 14:39 तक है, जब बढ़त 198° होगी; गर 03:17 मंगल तक।
सोम 23 मई को कौन सा वार है, और कब से? सोमवार
यह दिन सोमवार को सूर्योदय, 05:57, पर शुरू हुआ: सोमवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:57 से 05:56 मंगल तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी सोमवार के हैं।
सोम 23 मई को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? वैशाख
यह मास 6 मई की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मेष में था: वैशाख।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मेष से वैशाख। सूर्य 14 मई को, मास के भीतर, वृषभ में जाता है। अगली अमावस्या, 5 जून, उसे वृषभ में पाती है और ज्येष्ठ शुरू करती है।
सोम 23 मई को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? ज्येष्ठ
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष ज्येष्ठ का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 5 जून की अमावस्या, सूर्य वृषभ में, ज्येष्ठ शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ ज्येष्ठ है, और अमान्त गणना में वैशाख।
सोम 23 मई को कौन सा संवत है? विक्रम 2073 · शक 1938
विक्रम संवत 2073 7 अप्रैल 2016 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 7 अप्रैल 2016, 14:23 गुरु। तब से सूर्य तारों के बीच 44.3° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2073 गिनता है; शक संवत 1938।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
सोम 23 मई को चंद्रोदय कितने बजे है? 22:08
चंद्रमा यहाँ 22:08 पर उदय होता है।
सोम 23 मई को चंद्रास्त कितने बजे है? 07:17
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 07:17 पर अस्त हुआ; वह फिर 22:08 पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 07:17 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 22:08 पर उदय होगा।