सोफिया, बुल्गारिया का पंचांग गुरु 7 अप्रैल 2016
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय EEST में
व्रत
अमावस्या
अमावस्या गुरु 7 अप्रैल को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है। गुरु 7 अप्रैल क्यों?
अमावस्या: सोफिया में हर तारीख़7 अप्रैल का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, गुरु 7 अप्रैल
- 05:30–06:14ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:58 से
- 06:58–08:36शुभ चौघड़ियायमगण्ड में
- 13:03–13:55अभिजीत मुहूर्त
- 13:29–15:06लाभ चौघड़िया
- 15:06–16:44अमृत चौघड़ियाराहु काल में
- 18:22–20:00शुभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 20:00 के बाद
- 20:00–21:22अमृत चौघड़िया
-
21:45–23:09अमृत कालरेवती में
- 01:28–02:50 शुक्रलाभ चौघड़िया
- 04:12–05:34 शुक्रशुभ चौघड़िया
- 05:34–06:56 शुक्रअमृत चौघड़िया
- 05:29–06:12 शुक्रअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:58–08:36शुभयमगण्ड में
- 08:36–10:13रोगअशुभ
- 10:13–11:51उद्वेगअशुभ
- 11:51–13:29चरसामान्य
- 13:29–15:06लाभशुभ
- 15:06–16:44अमृतराहु काल में
- 16:44–18:22कालअशुभ
- 18:22–20:00शुभ
रात का चौघड़िया
- 20:00–21:22अमृतशुभ
- 21:22–22:44चरसामान्य
- 22:44–00:06 शुक्ररोगअशुभ
- 00:06–01:28 शुक्रकालअशुभ
- 01:28–02:50 शुक्रलाभशुभ
- 02:50–04:12 शुक्रउद्वेगअशुभ
- 04:12–05:34 शुक्रशुभ
- 05:34–06:56 शुक्रअमृतशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, गुरु 7 अप्रैल: ब्रह्म मुहूर्त, 05:30–06:14, शुभ
- शुभ, 06:58–08:36
- रोग, अशुभ, 08:36–10:13
- उद्वेग, अशुभ, 10:13–11:51
- चर, सामान्य, 11:51–13:29
- लाभ, शुभ, 13:29–15:06
- अमृत, शुभ, 15:06–16:44
- काल, अशुभ, 16:44–18:22
- शुभ, 18:22–20:00
- अमृत, शुभ, 20:00–21:22
- चर, सामान्य, 21:22–22:44
- रोग, अशुभ, 22:44–00:06 शुक्र
- काल, अशुभ, 00:06–01:28 शुक्र
- लाभ, शुभ, 01:28–02:50 शुक्र
- उद्वेग, अशुभ, 02:50–04:12 शुक्र
- शुभ, 04:12–05:34 शुक्र
- अमृत, शुभ, 05:34–06:56 शुक्र
- यमगण्ड, 06:58–08:36, अशुभ
- गुलिक काल, 10:13–11:51, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 11:18–12:11, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 13:03–13:55, शुभ
- राहु काल, 15:06–16:44, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 16:31–17:23, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:29–06:12 शुक्र
हर मान कैसे निकलता है
सोफिया में अमावस्या गुरु 7 अप्रैल को क्यों है?
अमावस्या गुरु 7 अप्रैल को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है।
अमावस्या सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। अमावस्या बुध 6 अप्रैल को 18:06 से गुरु 7 अप्रैल को 14:23 तक है, इसलिए वह केवल गुरु 7 अप्रैल के सूर्योदय (06:58) पर है। अमावस्या का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।
गुरु 7 अप्रैल को कौन सी तिथि है? कृष्ण अमावस्या
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 355.6° आगे था: कृष्ण अमावस्या।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 348°–360° तीसवीं है, कृष्ण अमावस्या। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:58। चतुर्दशी उससे पहले 18:06 बुध पर समाप्त हुई। अमावस्या 14:23 को समाप्त होगी, जब बढ़त 360° होगी। बढ़त 23 मार्च की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
गुरु 7 अप्रैल को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:30–06:14
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:30–06:14।
बुध 6 अप्रैल की रात सूर्यास्त 19:58 बुध से सूर्योदय 06:58 तक थी, 11 घं 0 मि। इसे 44 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
गुरु 7 अप्रैल को अभिजीत मुहूर्त कब है? 13:03–13:55
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 13:03–13:55।
गुरु 7 अप्रैल को दुर्मुहूर्त कब है? 11:18–12:11
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 11:18–12:11 और 16:31–17:23।
गुरु 7 अप्रैल को दुर्मुहूर्त कब है? 16:31–17:23
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 11:18–12:11 और 16:31–17:23।
यहाँ दिन, 06:58 से 20:00, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 52 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। गुरुवार को दुर्मुहूर्त छठा और बारहवाँ है, 11:18–12:11 और 16:31–17:23।
गुरु 7 अप्रैल का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:58–08:36 शुभ है, जिसके स्वामी गुरु (बृहस्पति) हैं, गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:58 से 20:00, 1 घं 37 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 20:00 से 06:56 शुक्र, 1 घं 22 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
गुरु 7 अप्रैल को राहुकाल कब है? 15:06–16:44
राहु काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 15:06–16:44।
गुरु 7 अप्रैल को यमगंड कब है? 06:58–08:36
यमगण्ड गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 06:58–08:36।
गुरु 7 अप्रैल को गुलिक काल कब है? 10:13–11:51
गुलिक काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 10:13–11:51।
यहाँ दिन 06:58 से 20:00 तक है, 13 घं 2 मि। इसे 1 घं 37 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: गुरुवार को राहु काल छठा भाग है, यमगण्ड पहला और गुलिक काल तीसरा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
गुरु 7 अप्रैल को सूर्योदय कितने बजे है? 06:58
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:58, सूर्यास्त 20:00, 13 घं 2 मि का दिन।
गुरु 7 अप्रैल को सूर्यास्त कितने बजे है? 20:00
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:58, सूर्यास्त 20:00, 13 घं 2 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 2 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 56 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 2 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 56 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
गुरु 7 अप्रैल को कौन सा नक्षत्र है? रेवती
सूर्योदय पर चंद्रमा 349.3° पर था: रेवती, पद 1।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। रेवती 346°40′–360°00′ तक है; चंद्रमा 346°40′ पर उसके पद 1 में आया। वह 23:51 को निकलेगा, अश्विनी में।
गुरु 7 अप्रैल को कौन सा योग है? इन्द्र
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 703° थे, एक चक्कर और 343°: इन्द्र।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 353.7° + 349.3° = 703°, एक पूरा चक्कर और 343°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 333°20′–346°40′ छब्बीसवाँ है, इन्द्र। यह 12:26 को समाप्त होता है, फिर वैधृति।
गुरु 7 अप्रैल को कौन सा करण है? नाग
सूर्योदय पर बढ़त 355.6° थी: अमावस्या का दूसरा आधा, नाग।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए अमावस्या का पहला आधा चतुष्पाद है और दूसरा नाग। चतुष्पाद 04:16 पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 354° हुई; नाग 14:23 तक है।
गुरु 7 अप्रैल को कौन सा वार है, और कब से? गुरुवार
यह दिन गुरुवार को सूर्योदय, 06:58, पर शुरू हुआ: गुरुवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:58 से 06:56 शुक्र तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी गुरुवार के हैं।
गुरु 7 अप्रैल को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? फाल्गुन
यह मास 9 मार्च की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कुंभ में था: फाल्गुन।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कुंभ से फाल्गुन। सूर्य 14 मार्च को, मास के भीतर, मीन में जाता है। अगली अमावस्या, 7 अप्रैल, उसे मीन में पाती है और चैत्र शुरू करती है।
गुरु 7 अप्रैल को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? चैत्र
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष चैत्र का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 7 अप्रैल की अमावस्या, सूर्य मीन में, चैत्र शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ चैत्र है, और अमान्त गणना में फाल्गुन।
गुरु 7 अप्रैल को कौन सा संवत है? विक्रम 2072 · शक 1937
विक्रम संवत 2072 20 मार्च 2015 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 20 मार्च 2015, 11:36 शुक्र। तब से सूर्य तारों के बीच 378.3° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2072 गिनता है; शक संवत 1937।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
गुरु 7 अप्रैल को चंद्रोदय कितने बजे है? 07:03
चंद्रमा यहाँ 07:03 पर उदय होता है।
गुरु 7 अप्रैल को चंद्रास्त कितने बजे है? 20:06
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 07:03 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 20:06 पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 07:03 पर उदय हुआ; वह फिर 20:06 पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।