सोफिया, बुल्गारिया का पंचांग शुक्र 15 जनवरी 2016
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय EET में
त्योहार
मकर संक्रांति
मकर संक्रांति शुक्र 15 जनवरी को है: सूर्य रात में, 21:56 गुरु पर, मकर में प्रवेश करता है। शुक्र 15 जनवरी क्यों?
मकर संक्रांति: सोफिया में हर तारीख़15 जनवरी का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, शुक्र 15 जनवरी
- 05:57–06:56ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 07:54 से
- 09:05–10:15लाभ चौघड़ियागुलिक काल में
- 10:24–11:25अमृत चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 12:36–12:54अभिजीत मुहूर्तराहु काल छोड़कर
- 12:36–12:54शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 13:32–13:46शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- सूर्यास्त 17:17 के बाद
-
18:31–20:01अमृत कालउत्तर भाद्रपद में
- 20:56–22:46लाभ चौघड़िया
- 00:35–02:25 शनिशुभ चौघड़िया
- 02:25–04:15 शनिअमृत चौघड़िया
- 05:57–06:55 शनिअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 07:54–09:05चरसामान्य
- 09:05–10:15लाभगुलिक काल में
- 10:15–11:25अमृतशुभ
- 11:25–12:36कालअशुभ
- 12:36–13:46शुभ
- 13:46–14:56रोगअशुभ
- 14:56–16:07उद्वेगअशुभ
- 16:07–17:17चरसामान्य
रात का चौघड़िया
- 17:17–19:07रोगअशुभ
- 19:07–20:56कालअशुभ
- 20:56–22:46लाभशुभ
- 22:46–00:35 शनिउद्वेगअशुभ
- 00:35–02:25 शनिशुभ
- 02:25–04:15 शनिअमृतशुभ
- 04:15–06:04 शनिचरसामान्य
- 06:04–07:54 शनिरोगअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, शुक्र 15 जनवरी: ब्रह्म मुहूर्त, 05:57–06:56, शुभ
- चर, सामान्य, 07:54–09:05
- लाभ, शुभ, 09:05–10:15
- अमृत, शुभ, 10:15–11:25
- काल, अशुभ, 11:25–12:36
- शुभ, 12:36–13:46
- रोग, अशुभ, 13:46–14:56
- उद्वेग, अशुभ, 14:56–16:07
- चर, सामान्य, 16:07–17:17
- रोग, अशुभ, 17:17–19:07
- काल, अशुभ, 19:07–20:56
- लाभ, शुभ, 20:56–22:46
- उद्वेग, अशुभ, 22:46–00:35 शनि
- शुभ, 00:35–02:25 शनि
- अमृत, शुभ, 02:25–04:15 शनि
- चर, सामान्य, 04:15–06:04 शनि
- रोग, अशुभ, 06:04–07:54 शनि
- गुलिक काल, 09:05–10:15, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 09:47–10:24, अशुभ
- राहु काल, 11:25–12:36, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 12:17–12:54, शुभ
- दुर्मुहूर्त, 12:54–13:32, अशुभ
- यमगण्ड, 14:56–16:07, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:57–06:55 शनि
हर मान कैसे निकलता है
सोफिया में मकर संक्रांति शुक्र 15 जनवरी को क्यों है?
मकर संक्रांति शुक्र 15 जनवरी को है: सूर्य रात में, 21:56 गुरु पर, मकर में प्रवेश करता है।
सूर्य 21:56 गुरु पर, सूर्यास्त (17:16 गुरु) के बाद रात में, मकर में प्रवेश करता है। तब धर्मसिंधु पुण्य काल अगले दिन रखता है: शुक्र 15 जनवरी।
शुक्र 15 जनवरी को कौन सी तिथि है? शुक्ल षष्ठी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 67.3° आगे था: शुक्ल षष्ठी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 60°–72° छठी है, शुक्ल षष्ठी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 07:54। पञ्चमी उससे पहले 18:31 गुरु पर समाप्त हुई। षष्ठी 16:27 को समाप्त होगी, जब बढ़त 72° होगी। बढ़त 10 जनवरी की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
शुक्र 15 जनवरी को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:57–06:56
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:57–06:56।
गुरु 14 जनवरी की रात सूर्यास्त 17:16 गुरु से सूर्योदय 07:54 तक थी, 14 घं 38 मि। इसे 58 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
शुक्र 15 जनवरी को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:17–12:54
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:17–12:54।
शुक्र 15 जनवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 09:47–10:24
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा और नौवाँ है: 09:47–10:24 और 12:54–13:32।
शुक्र 15 जनवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 12:54–13:32
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा और नौवाँ है: 09:47–10:24 और 12:54–13:32।
यहाँ दिन, 07:54 से 17:17, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 37 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शुक्रवार को दुर्मुहूर्त चौथा और नौवाँ है, 09:47–10:24 और 12:54–13:32।
शुक्र 15 जनवरी का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
07:54–09:05 चर है, जिसके स्वामी शुक्र हैं, शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, सामान्य माना जाता है।
यहाँ दिन, 07:54 से 17:17, 1 घं 10 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 17:17 से 07:54 शनि, 1 घं 49 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
शुक्र 15 जनवरी को राहुकाल कब है? 11:25–12:36
राहु काल शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 11:25–12:36।
शुक्र 15 जनवरी को यमगंड कब है? 14:56–16:07
यमगण्ड शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 14:56–16:07।
शुक्र 15 जनवरी को गुलिक काल कब है? 09:05–10:15
गुलिक काल शुक्रवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 09:05–10:15।
यहाँ दिन 07:54 से 17:17 तक है, 9 घं 23 मि। इसे 1 घं 10 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शुक्रवार को राहु काल चौथा भाग है, यमगण्ड सातवाँ और गुलिक काल दूसरा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
शुक्र 15 जनवरी को सूर्योदय कितने बजे है? 07:54
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:54, सूर्यास्त 17:17, 9 घं 23 मि का दिन।
शुक्र 15 जनवरी को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:17
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:54, सूर्यास्त 17:17, 9 घं 23 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 9 घं 23 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 14 घं 37 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 9 घं 23 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 14 घं 37 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
शुक्र 15 जनवरी को कौन सा नक्षत्र है? उत्तर भाद्रपद
सूर्योदय पर चंद्रमा 337.8° पर था: उत्तर भाद्रपद, पद 2।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। उत्तर भाद्रपद 333°20′–346°40′ तक है; चंद्रमा 336°40′ पर उसके पद 2 में आया। वह 23:02 को निकलेगा, रेवती में।
शुक्र 15 जनवरी को कौन सा योग है? परिघ
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 608.2° थे, एक चक्कर और 248.2°: परिघ।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 270.4° + 337.8° = 608.2°, एक पूरा चक्कर और 248.2°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 240°00′–253°20′ उन्नीसवाँ है, परिघ। यह 16:04 को समाप्त होता है, फिर शिव।
शुक्र 15 जनवरी को कौन सा करण है? तैतिल
सूर्योदय पर बढ़त 67.3° थी: षष्ठी का दूसरा आधा, तैतिल।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए षष्ठी का पहला आधा कौलव है और दूसरा तैतिल। कौलव 05:29 पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 66° हुई; तैतिल 16:27 तक है।
शुक्र 15 जनवरी को कौन सा वार है, और कब से? शुक्रवार
यह दिन शुक्रवार को सूर्योदय, 07:54, पर शुरू हुआ: शुक्रवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 07:54 से 07:54 शनि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शुक्रवार के हैं।
शुक्र 15 जनवरी को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? पौष
यह मास 10 जनवरी की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य धनु में था: पौष।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: धनु से पौष। सूर्य 14 जनवरी को, मास के भीतर, मकर में जाता है। अगली अमावस्या, 8 फ़रवरी, उसे मकर में पाती है और माघ शुरू करती है।
शुक्र 15 जनवरी को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? पौष
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष पौष का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 10 जनवरी की अमावस्या ने, सूर्य धनु में, पौष शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में पौष है।
शुक्र 15 जनवरी को कौन सा संवत है? विक्रम 2072 · शक 1937
विक्रम संवत 2072 20 मार्च 2015 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 20 मार्च 2015, 11:36 शुक्र। तब से सूर्य तारों के बीच 295° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2072 गिनता है; शक संवत 1937।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
शुक्र 15 जनवरी को चंद्रोदय कितने बजे है? 11:03
चंद्रमा यहाँ 11:03 पर उदय होता है।
शुक्र 15 जनवरी को चंद्रास्त कितने बजे है? 23:41
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 11:03 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 23:41 पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 11:03 पर उदय हुआ; वह फिर 23:41 पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।