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Simrishamn, स्कॉने लैन, स्वीडन का पंचांग सोम 19 अक्टूबर 2026

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय CEST में

त्योहार

महानवमी

महानवमी सोम 19 अक्टूबर को है: नवमी दो सूर्योदयों पर है, और पहला लिया जाता है। सोम 19 अक्टूबर क्यों?

महानवमी: Simrishamn में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

05:50 07:40 17:52अगला सूर्योदय 07:42 मंगल

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 07:40–08:57अमृतशुभ
  • 08:57–10:13कालअशुभ
  • 10:13–11:30शुभ
  • 11:30–12:46रोगअशुभ
  • 12:46–14:03उद्वेगअशुभ
  • 14:03–15:19चरसामान्य
  • 15:19–16:36लाभशुभ
  • 16:36–17:52अमृतशुभ

रात का चौघड़िया

  • 17:52–19:36चरसामान्य
  • 19:36–21:20रोगअशुभ
  • 21:20–23:04कालअशुभ
  • 23:04–00:47 मंगललाभशुभ
  • 00:47–02:31 मंगलउद्वेगअशुभ
  • 02:31–04:15 मंगलशुभ
  • 04:15–05:59 मंगलअमृतशुभ
  • 05:59–07:42 मंगलचरसामान्य

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, सोम 19 अक्टूबर: ब्रह्म मुहूर्त, 05:50–06:45, शुभ
  • अमृत, शुभ, 07:40–08:57
  • काल, अशुभ, 08:57–10:13
  • शुभ, 10:13–11:30
  • रोग, अशुभ, 11:30–12:46
  • उद्वेग, अशुभ, 12:46–14:03
  • चर, सामान्य, 14:03–15:19
  • लाभ, शुभ, 15:19–16:36
  • अमृत, शुभ, 16:36–17:52
  • चर, सामान्य, 17:52–19:36
  • रोग, अशुभ, 19:36–21:20
  • काल, अशुभ, 21:20–23:04
  • लाभ, शुभ, 23:04–00:47 मंगल
  • उद्वेग, अशुभ, 00:47–02:31 मंगल
  • शुभ, 02:31–04:15 मंगल
  • अमृत, शुभ, 04:15–05:59 मंगल
  • चर, सामान्य, 05:59–07:42 मंगल
  • राहु काल, 08:57–10:13, अशुभ
  • यमगण्ड, 11:30–12:46, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 12:26–13:07, शुभ
  • दुर्मुहूर्त, 13:07–13:48, अशुभ
  • गुलिक काल, 14:03–15:19, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 15:09–15:50, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:52–06:47 मंगल

हर मान कैसे निकलता है

Simrishamn में महानवमी सोम 19 अक्टूबर को क्यों है?

महानवमी सोम 19 अक्टूबर को है: नवमी दो सूर्योदयों पर है, और पहला लिया जाता है।

अष्टमी नवमी 07:22 06:00 08:00 09:00 10:00 सोम 19 अक्टूबर स्मार्त · वैष्णव सूर्योदय 07:40
अष्टमी नवमी 07:22 06:00 08:00 09:00 10:00 सोम 19 अक्टूबर स्मार्त · वैष्णव सूर्योदय 07:40
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+2)। पट्टी: तिथि। रेखा: सूर्योदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

महानवमी सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। नवमी दोनों सूर्योदयों पर है, सोम 19 अक्टूबर को 07:40 और मंगल 20 अक्टूबर को 07:42। दो सूर्योदयों पर हो तो निर्णयसिंधु पहला दिन लेता है: सोम 19 अक्टूबर। महानवमी का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।

महानवमी: Simrishamn में हर तारीख़

सोम 19 अक्टूबर को कौन सी तिथि है? शुक्ल नवमी

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 96.1° आगे था: शुक्ल नवमी।

सूर्य अमावस्या 0° 96.1° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण नवमी 96°–108° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 96.1° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण नवमी 96°–108° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 96°–108° नौवीं है, शुक्ल नवमी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 07:40। अष्टमी उससे पहले 07:22 पर समाप्त हुई। नवमी 09:20 मंगल को समाप्त होगी, जब बढ़त 108° होगी। बढ़त 10 अक्टूबर की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

नवमी दो सूर्योदयों पर क्यों है?

नवमी यहाँ सोम 19 और मंगल 20 अक्टूबर दोनों के सूर्योदय पर है।

अष्टमी नवमी नवमी दशमी सोम 19 अक्टूबर सुबह मंगल 20 अक्टूबर सुबह Simrishamn UTC+2 07:22 09:20 07:40 नवमी 07:42 नवमी नवमी इस सूर्योदय पर है और इस पर भी
अष्टमी नवमी नवमी दशमी सोम 19 अक्टूबर सुबह मंगल 20 अक्टूबर सुबह Simrishamn UTC+2 07:22 09:20 07:40 नवमी 07:42 नवमी नवमी इस सूर्योदय पर है और इस पर भी
समय नीचे की ओर · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। नवमी 07:22 को, सूर्योदय 07:40 से पहले, शुरू हुई और 09:20 मंगल को, अगले सूर्योदय 07:42 मंगल के बाद, समाप्त होगी। दोनों दिन नवमी है: यह यहाँ वृद्धि तिथि है।

नई दिल्ली में अष्टमी क्यों है?

नई दिल्ली में अष्टमी है, Simrishamn में नवमी।

अष्टमी नवमी नवमी दशमी सोम 19 अक्टूबर सुबह मंगल 20 अक्टूबर सुबह नई दिल्ली IST Simrishamn UTC+2 10:52 07:22 12:50 09:20 06:24 अष्टमी 06:24 नवमी 07:40 नवमी 07:42 नवमी
अष्टमी नवमी नवमी दशमी सोम 19 अक्टूबर सुबह मंगल 20 अक्टूबर सुबह नई दिल्ली IST Simrishamn UTC+2 10:52 07:22 12:50 09:20 06:24 अष्टमी 06:24 नवमी 07:40 नवमी 07:42 नवमी
समय नीचे की ओर, दोनों स्तंभों में एक ही क्षण · हर स्थान अपनी घड़ी में · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।

नई दिल्ली · IST

यहाँ सूर्योदय, 06:24, अष्टमी की समाप्ति 10:52 से पहले हुआ: यह दिन अष्टमी है।

Simrishamn · UTC+2

यहाँ सूर्योदय, 07:40, अष्टमी की समाप्ति 07:22 के बाद हुआ: यह दिन नवमी है।

सोम 19 अक्टूबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:50–06:45

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:50–06:45।

सूर्यास्त 17:55 रवि सूर्योदय 07:40 सोम समय, ऊँचाई नहीं रवि 18 अक्टूबर का दिन 14 1
सूर्यास्त 17:55 रवि सूर्योदय 07:40 सोम समय, ऊँचाई नहीं रवि 18 अक्टूबर का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · रविवार का दिन धुँधला

रवि 18 अक्टूबर की रात सूर्यास्त 17:55 रवि से सूर्योदय 07:40 तक थी, 13 घं 45 मि। इसे 55 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

सोम 19 अक्टूबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:26–13:07

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:26–13:07।

सोम 19 अक्टूबर को दुर्मुहूर्त कब है? 13:07–13:48

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 13:07–13:48 और 15:09–15:50।

सोम 19 अक्टूबर को दुर्मुहूर्त कब है? 15:09–15:50

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 13:07–13:48 और 15:09–15:50।

सूर्योदय 07:40 सूर्यास्त 17:52 सूर्योदय 07:42 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 8 9 12 1
सूर्योदय 07:40 सूर्यास्त 17:52 सूर्योदय 07:42 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 8 9 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 9, 12

यहाँ दिन, 07:40 से 17:52, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 40 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। सोमवार को दुर्मुहूर्त नौवाँ और बारहवाँ है, 13:07–13:48 और 15:09–15:50।

सोम 19 अक्टूबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

07:40–08:57 अमृत है, जिसके स्वामी चंद्र हैं, सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 07:40 सूर्यास्त 17:52 सूर्योदय 07:42 मंगल समय, ऊँचाई नहीं अमृत
सूर्योदय 07:40 सूर्यास्त 17:52 सूर्योदय 07:42 मंगल समय, ऊँचाई नहीं अमृत
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 07:40 से 17:52, 1 घं 16 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 17:52 से 07:42 मंगल, 1 घं 43 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

सोम 19 अक्टूबर को राहुकाल कब है? 08:57–10:13

राहु काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 08:57–10:13।

सोम 19 अक्टूबर को यमगंड कब है? 11:30–12:46

यमगण्ड सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 11:30–12:46।

सोम 19 अक्टूबर को गुलिक काल कब है? 14:03–15:19

गुलिक काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 14:03–15:19।

सूर्योदय 07:40 सूर्यास्त 17:52 सूर्योदय 07:42 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 07:40 सूर्यास्त 17:52 सूर्योदय 07:42 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 4, गुलिक काल 6

यहाँ दिन 07:40 से 17:52 तक है, 10 घं 12 मि। इसे 1 घं 16 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: सोमवार को राहु काल दूसरा भाग है, यमगण्ड चौथा और गुलिक काल छठा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

सोम 19 अक्टूबर को सूर्योदय कितने बजे है? 07:40

यहाँ दिन: सूर्योदय 07:40, सूर्यास्त 17:52, 10 घं 12 मि का दिन।

सोम 19 अक्टूबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 17:52

यहाँ दिन: सूर्योदय 07:40, सूर्यास्त 17:52, 10 घं 12 मि का दिन।

सूर्योदय 07:40 सूर्यास्त 17:52 सूर्योदय 07:42 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 23:57 चंद्रोदय 16:00
सूर्योदय 07:40 सूर्यास्त 17:52 सूर्योदय 07:42 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 23:57 चंद्रोदय 16:00
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 10 घं 12 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 13 घं 50 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 10 घं 12 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 13 घं 50 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सोम 19 अक्टूबर को कौन सा नक्षत्र है? उत्तराषाढा

सूर्योदय पर चंद्रमा 277.8° पर था: उत्तराषाढा, पद 4।

चंद्रमा सूर्य 0° उत्तराषाढा चंद्रमा 277.8° अगला: श्रवण पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° उत्तराषाढा चंद्रमा 277.8° अगला: श्रवण पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। उत्तराषाढा 266°40′–280°00′ तक है; चंद्रमा 276°40′ पर उसके पद 4 में आया। वह 12:08 को निकलेगा, श्रवण में।

सोम 19 अक्टूबर को कौन सा योग है? धृति

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 459.4° थे, एक चक्कर और 99.4°: धृति।

सूर्य 181.6° + चंद्रमा 277.8° = 459.4° एक चक्कर + 99.4° धृति 93°20′–106°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 181.6° + चंद्रमा 277.8° = 459.4° एक चक्कर + 99.4° धृति 93°20′–106°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 181.6° + 277.8° = 459.4°, एक पूरा चक्कर और 99.4°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 93°20′–106°40′ आठवाँ है, धृति। यह 21:05 को समाप्त होता है, फिर शूल।

सोम 19 अक्टूबर को कौन सा करण है? बालव

सूर्योदय पर बढ़त 96.1° थी: नवमी का पहला आधा, बालव।

सूर्य अमावस्या 0° 96.1° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण नवमी 96°–108° बालव 96°–102° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 96.1° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण नवमी 96°–108° बालव 96°–102° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए नवमी का पहला आधा बालव है और दूसरा कौलव। बालव 20:25 तक है, जब बढ़त 102° होगी; कौलव 09:20 मंगल तक।

सोम 19 अक्टूबर को कौन सा वार है, और कब से? सोमवार

यह दिन सोमवार को सूर्योदय, 07:40, पर शुरू हुआ: सोमवार।

सोमवार सूर्योदय 07:40 सूर्यास्त 17:52 सूर्योदय 07:42 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 00:00 मंगल अब भी सोमवार
सोमवार सूर्योदय 07:40 सूर्यास्त 17:52 सूर्योदय 07:42 मंगल समय, ऊँचाई नहीं 00:00 मंगल अब भी सोमवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 07:40 से 07:42 मंगल तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी सोमवार के हैं।

सोम 19 अक्टूबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? आश्विन

यह मास 10 अक्टूबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य कन्या में था: आश्विन।

1 2 3 4 5 कन्या तुला 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
1 2 3 4 5 कन्या तुला 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ

अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: कन्या से आश्विन। सूर्य 17 अक्टूबर को, मास के भीतर, तुला में जाता है। अगली अमावस्या, 9 नवंबर, उसे तुला में पाती है और कार्तिक शुरू करती है।

सोम 19 अक्टूबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? आश्विन

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष आश्विन का है।

अमान्त आश्विन पूर्णिमान्त आश्विन कृष्ण शुक्ल सोम 19 अक्टूबर पूर्णिमा 26 सित॰ अमावस्या 10 अक्टू॰ पूर्णिमा 26 अक्टू॰ अमावस्या 9 नव॰
अमान्त आश्विन पूर्णिमान्त आश्विन कृष्ण शुक्ल सोम 19 अक्टूबर पूर्णिमा 26 सित॰ अमावस्या 10 अक्टू॰ पूर्णिमा 26 अक्टू॰ अमावस्या 9 नव॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 10 अक्टूबर की अमावस्या ने, सूर्य कन्या में, आश्विन शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में आश्विन है।

सोम 19 अक्टूबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2083 · शक 1948

विक्रम संवत 2083 19 मार्च 2026 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 19 मार्च 2026 02:23 · सूर्य मीन में सूर्योदय, सोम 19 अक्टूबर सूर्य 181.6° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 19 मार्च 2026 02:23 · सूर्य मीन में सूर्योदय, सोम 19 अक्टूबर सूर्य 181.6° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 19 मार्च 2026, 02:23 गुरु। तब से सूर्य तारों के बीच 207.4° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2083 गिनता है; शक संवत 1948।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

सोम 19 अक्टूबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 16:00

चंद्रमा यहाँ 16:00 पर उदय होता है।

सोम 19 अक्टूबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 23:57

सूर्योदय 07:40 सूर्यास्त 17:52 सूर्योदय 07:42 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 23:57 चंद्रोदय 16:00
सूर्योदय 07:40 सूर्यास्त 17:52 सूर्योदय 07:42 मंगल समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 23:57 चंद्रोदय 16:00
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 16:00 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 23:57 पर अस्त होगा।

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 16:00 पर उदय हुआ; वह फिर 23:57 पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।