Simrishamn, स्कॉने लैन, स्वीडन का पंचांग सोम 23 जून 2025
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय CEST में
व्रत
मासिक शिवरात्रि
मासिक शिवरात्रि सोम 23 जून को है: उस रात पूरे निशीथ काल में चतुर्दशी है, और किसी रात नहीं। सोम 23 जून क्यों?
मासिक शिवरात्रि: Simrishamn में हर तारीख़23 जून का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, सोम 23 जून
- 03:27–03:53ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 04:19 से
- 04:19–06:30अमृत चौघड़िया
- 08:41–10:53शुभ चौघड़िया
-
09:37–10:53अमृत कालयमगण्ड छोड़कर · कृत्तिका में
- 13:04–13:39अभिजीत मुहूर्तयमगण्ड छोड़कर
- 18:19–19:38लाभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 19:38–21:50अमृत चौघड़िया
- सूर्यास्त 21:50 के बाद
- 00:16–01:04 मंगललाभ चौघड़िया
- 01:53–02:42 मंगलशुभ चौघड़िया
- 02:42–03:30 मंगलअमृत चौघड़िया
- 03:27–03:53 मंगलअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 04:19–06:30अमृतशुभ
- 06:30–08:41कालअशुभ
- 08:41–10:53शुभ
- 10:53–13:04रोगअशुभ
- 13:04–15:16उद्वेगअशुभ
- 15:16–17:27चरसामान्य
- 17:27–19:38लाभशुभ
- 19:38–21:50अमृतशुभ
रात का चौघड़िया
- 21:50–22:38चरसामान्य
- 22:38–23:27रोगअशुभ
- 23:27–00:16 मंगलकालअशुभ
- 00:16–01:04 मंगललाभशुभ
- 01:04–01:53 मंगलउद्वेगअशुभ
- 01:53–02:42 मंगलशुभ
- 02:42–03:30 मंगलअमृतशुभ
- 03:30–04:19 मंगलचरसामान्य
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, सोम 23 जून: ब्रह्म मुहूर्त, 03:27–03:53, शुभ
- अमृत, शुभ, 04:19–06:30
- काल, अशुभ, 06:30–08:41
- शुभ, 08:41–10:53
- रोग, अशुभ, 10:53–13:04
- उद्वेग, अशुभ, 13:04–15:16
- चर, सामान्य, 15:16–17:27
- लाभ, शुभ, 17:27–19:38
- अमृत, शुभ, 19:38–21:50
- चर, सामान्य, 21:50–22:38
- रोग, अशुभ, 22:38–23:27
- काल, अशुभ, 23:27–00:16 मंगल
- लाभ, शुभ, 00:16–01:04 मंगल
- उद्वेग, अशुभ, 01:04–01:53 मंगल
- शुभ, 01:53–02:42 मंगल
- अमृत, शुभ, 02:42–03:30 मंगल
- चर, सामान्य, 03:30–04:19 मंगल
- राहु काल, 06:30–08:41, अशुभ
- यमगण्ड, 10:53–13:04, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 12:29–13:39, शुभ
- दुर्मुहूर्त, 13:39–14:49, अशुभ
- गुलिक काल, 15:16–17:27, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 17:09–18:19, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 03:27–03:53 मंगल
हर मान कैसे निकलता है
Simrishamn में मासिक शिवरात्रि सोम 23 जून को क्यों है?
मासिक शिवरात्रि सोम 23 जून को है: उस रात पूरे निशीथ काल में चतुर्दशी है, और किसी रात नहीं।
शिव पूजा निशीथ काल में होती है, आधी रात का मुहूर्त। चतुर्दशी सोम 23 जून को 18:40 से मंगल 24 जून को 15:30 तक है, इसलिए केवल सोमवार की रात का निशीथ काल (00:51 मंगल–01:17 मंगल) उसके भीतर है। मासिक शिवरात्रि का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; निशीथ काल Tithika की परिपाटी है।
सोम 23 जून को कौन सी तिथि है? कृष्ण त्रयोदशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 327.7° आगे था: कृष्ण त्रयोदशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 324°–336° अट्ठाईसवीं है, कृष्ण त्रयोदशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 04:19। द्वादशी उससे पहले 21:52 रवि पर समाप्त हुई। त्रयोदशी 18:40 को समाप्त होगी, जब बढ़त 336° होगी। बढ़त 11 जून की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
सोम 23 जून को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 03:27–03:53
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 03:27–03:53।
रवि 22 जून की रात सूर्यास्त 21:50 रवि से सूर्योदय 04:19 तक थी, 6 घं 29 मि। इसे 25 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
सोम 23 जून को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:29–13:39
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:29–13:39।
सोम 23 जून को दुर्मुहूर्त कब है? 13:39–14:49
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 13:39–14:49 और 17:09–18:19।
सोम 23 जून को दुर्मुहूर्त कब है? 17:09–18:19
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 13:39–14:49 और 17:09–18:19।
यहाँ दिन, 04:19 से 21:50, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 1 घं 10 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। सोमवार को दुर्मुहूर्त नौवाँ और बारहवाँ है, 13:39–14:49 और 17:09–18:19।
सोम 23 जून का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
04:19–06:30 अमृत है, जिसके स्वामी चंद्र हैं, सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 04:19 से 21:50, 2 घं 11 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 21:50 से 04:19 मंगल, 48 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
सोम 23 जून को राहुकाल कब है? 06:30–08:41
राहु काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 06:30–08:41।
सोम 23 जून को यमगंड कब है? 10:53–13:04
यमगण्ड सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:53–13:04।
सोम 23 जून को गुलिक काल कब है? 15:16–17:27
गुलिक काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 15:16–17:27।
यहाँ दिन 04:19 से 21:50 तक है, 17 घं 31 मि। इसे 2 घं 11 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: सोमवार को राहु काल दूसरा भाग है, यमगण्ड चौथा और गुलिक काल छठा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
सोम 23 जून को सूर्योदय कितने बजे है? 04:19
यहाँ दिन: सूर्योदय 04:19, सूर्यास्त 21:50, 17 घं 31 मि का दिन।
सोम 23 जून को सूर्यास्त कितने बजे है? 21:50
यहाँ दिन: सूर्योदय 04:19, सूर्यास्त 21:50, 17 घं 31 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 17 घं 31 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 6 घं 29 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 17 घं 31 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 6 घं 29 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सोम 23 जून को कौन सा नक्षत्र है? कृत्तिका
सूर्योदय पर चंद्रमा 35.4° पर था: कृत्तिका, पद 3।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। कृत्तिका 26°40′–40°00′ तक है; चंद्रमा 33°20′ पर उसके पद 3 में आया। वह 11:46 को निकलेगा, रोहिणी में।
सोम 23 जून को कौन सा योग है? धृति
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 103.1° थे: धृति।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 67.7° + 35.4° = 103.1°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 93°20′–106°40′ आठवाँ है, धृति। यह 09:47 को समाप्त होता है, फिर शूल।
सोम 23 जून को कौन सा करण है? गर
सूर्योदय पर बढ़त 327.7° थी: त्रयोदशी का पहला आधा, गर।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए त्रयोदशी का पहला आधा गर है और दूसरा वणिज। गर 08:16 तक है, जब बढ़त 330° होगी; वणिज 18:40 तक।
सोम 23 जून को कौन सा वार है, और कब से? सोमवार
यह दिन सोमवार को सूर्योदय, 04:19, पर शुरू हुआ: सोमवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 04:19 से 04:19 मंगल तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी सोमवार के हैं।
सोम 23 जून को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? ज्येष्ठ
यह मास 27 मई की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य वृषभ में था: ज्येष्ठ।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: वृषभ से ज्येष्ठ। सूर्य 15 जून को, मास के भीतर, मिथुन में जाता है। अगली अमावस्या, 25 जून, उसे मिथुन में पाती है और आषाढ़ शुरू करती है।
सोम 23 जून को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? आषाढ़
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष आषाढ़ का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 25 जून की अमावस्या, सूर्य मिथुन में, आषाढ़ शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ आषाढ़ है, और अमान्त गणना में ज्येष्ठ।
सोम 23 जून को कौन सा संवत है? विक्रम 2082 · शक 1947
विक्रम संवत 2082 29 मार्च 2025 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 29 मार्च 2025, 11:57 शनि। तब से सूर्य तारों के बीच 82.9° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2082 गिनता है; शक संवत 1947।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
सोम 23 जून को चंद्रोदय कितने बजे है? 02:23 मंगल
चंद्रमा यहाँ 02:23 मंगल पर उदय होता है।
सोम 23 जून को चंद्रास्त कितने बजे है? 20:29
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 20:29 पर अस्त हुआ; वह फिर 02:23 मंगल पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 20:29 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 02:23 मंगल पर उदय होगा।